लंड चिकना कर गांड मे डाला

Antarvasna, hindi sex story: मैं संजना को पिछले 10 वर्ष से जानता हूं संजना से मेरी दोस्ती हमारे कॉलेज के दौरान हुई थी। मैं अपने घर पर बैठा हुआ था तो संजना का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि रोहन मुझे तुमसे अभी मिलना है। मैंने संजना को कहा ठीक है मैं तुमसे मिलता हूं और हम लोग एक ही रेस्टोरेंट में मिले जब संजना मुझे मिली तो उसके चेहरे का रंग उड़ा हुआ था और वह मुझे कहने लगी कि रोहन मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं। मैंने संजना को कहा लेकिन तुम्हारी परेशानी का कारण क्या है वह मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हें कैसे बताऊं कि मेरे पति और मेरे बीच में बिल्कुल भी कुछ ठीक नहीं चल रहा है हम लोगों की शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं लेकिन मेरे पति और मेरे बीच हर रोज झगड़े होने लगे हैं। मैंने संजना को कहा लेकिन संजना झगड़े की कोई वजह तो होगी तो वह मुझे कहने लगी कि मेरे पति चाहते हैं कि वह मुझसे डिवोर्स ले ले। मैंने जब संजना से इसका कारण पूछा तो उसने मुझे बताया कि मेरे पति का किसी और ही महिला के साथ अफेयर चल रहा है वह चाहते हैं कि वह मुझसे डिवोर्स ले ले लेकिन मैं उन्हें डिवोर्स नहीं देना चाहती।

मैंने संजना को कहा लेकिन तुम लोगों को आपस में बैठकर इस बारे में बात करनी चाहिए। संजना ने मुझे कहा कि मैंने ना जाने अपने पति से कितनी बार इस बारे में बात की है लेकिन वह तो जैसे किसी भी बात को समझने को तैयार नहीं है और हमेशा ही मुझे कहते हैं कि संजना मुझे तुमसे डिवोर्स चाहिए। संजना बहुत ज्यादा दुखी थी मैंने संजना को समझाया और कहा देखो संजना तुम्हें दुखी होने की जरूरत नहीं है इसमें तुम्हारी कोई भी गलती नहीं है। संजना ने मुझे कहा कि रोहन मुझे मालूम है कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है मैंने तो हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है लेकिन मेरे पति और मेरे बीच काफी समय से कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है और मुझे लगता है कि हम दोनों के बीच शायद डिवोर्स हो ही जाएगा। मैंने संजना को कहा लेकिन संजना मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूं तो वह मुझसे कहने लगी कि रोहन मैं चाहती हूं कि डिवोर्स के बाद मैं अपना ही कोई बिजनेस शुरू करुं उसके लिए मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत है।

मैंने संजना को कहा संजना मैं तो हमेशा ही तुम्हारी मदद करने के लिए तैयार हूं लेकिन तुम अभी भी इस बारे में सोच लो कि क्या तुम्हें तुम्हारे पति से डिवोर्स लेना चाहिए या नहीं। संजना ने मुझे कहा कि रोहन मैंने बहुत सोच लिया कि मुझे क्या करना है लेकिन अब मुझे लगता है कि मुझे मेरे पति को डिवोर्स दे ही देना चाहिए क्योंकि हम दोनों एक दूसरे के साथ रिश्ते में बिल्कुल भी खुश नहीं है शायद मेरे अंदर ही कोई कमी रह गई कि मैं अपने पति को खुशियां नहीं दे पाई। मैंने संजना को कहा तुम अपना दिल छोटा ना करो संजना मुझे कहने लगी कि मुझे तुमसे मदद की जरूरत है क्या तुम मेरी मदद करोगे। मैंने संजना को कहा संजना हम लोग एक दूसरे को पिछले 10 वर्षों से जानते हैं और मैं जानता हूं कि इसमें तुम्हारी कोई भी गलती नहीं है और मैं तुम्हारी मदद क्यों नहीं करूंगा। संजना भी अब मुस्कुराने लगी और कहने लगी कि रोहन एक तुम ही तो जो हमेशा मेरी मदद करने के लिए आगे रहते हो। मैंने संजना को कहा देखो संजना अब तुम इस बारे में बात ना करो तो ही ठीक रहेगा लेकिन तुम इस बारे में एक बार जरूर सोच लेना संजना कहने लगी ठीक है। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे मैंने रेस्टोरेंट का बिल दिया और उसके बाद मैं अपने घर चला गया संजना भी अब अपने घर जा चुकी थी उस दिन के बाद उसका मुझे दोबारा से फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि मैंने और मेरे पति ने अब डिवोर्स लेना का फैसला कर लिया है। मैंने संजना को कहा ठीक है यह सब तुम सोच लो तुम्हें क्या करना है। वह दोनों अब डिवोर्स ले चुके थे मैं संजना को जब मिला तो संजना चाहती थी कि मैं उसकी मदद करूं मैंने संजना की मदद की और संजना ने अपना एक शोरूम खोल लिया। संजना ने अपना एक शोरूम खोल लिया था जिसके बाद वह पूरी मेहनत उस शोरूम में करने लगी थी संजना का काम धीरे-धीरे ठीक चलने लगा था और वह बहुत ज्यादा खुश थी।

एक दिन संजना मुझे मिली उस दिन उसका जन्मदिन था मैं संजना का जन्मदिन भूल चुका था लेकिन जब मुझे ध्यान आया कि संजना का जन्मदिन है तो मैंने संजना के जन्मदिन कि उसे पार्टी दी और कहा कि मेरे दिमाग से बात निकल चुकी थी कि तुम्हारा आज जन्मदिन है। संजना मुझे कहने लगी कि कोई बात नहीं। मैं और संजना साथ में बैठे हुए थे और काफी समय हम दोनों ने साथ में बिताया मैंने अभी तक शादी नहीं की थी क्योंकि कॉलेज में मेरी गर्लफ्रेंड थी उसे मैं प्यार किया करता था लेकिन उससे मेरी शादी हो ना सकी और उसके बाद मैंने शादी का ख्याल ही अपने दिमाग से उतार दिया। उस दिन संजना ने जब मुझसे आकांक्षा के बारे में बात की तो मैंने उसे कहा आकांक्षा के बारे में अब मैं भूल चुका हूं और अब मैं अपने जीवन में आगे बढ़ चुका हूं। संजना ने मुझे कहा कि लेकिन रोहन तुम्हें भी अब शादी कर लेनी चाहिए तो मैंने जब संजना को कहा मैंने इस बारे में कभी कुछ सोचा ही नहीं है और तुम्हें तो मालूम ही है ना की शादी कर के क्या पता मेरी पत्नी मुझसे खुश ना रहे या मैं उसे कोई खुशियां ना दे सकूं। मेरे दिल में आज भी आकांक्षा बसी हुई है और कहीं ना कहीं आज तक मैं आकांक्षा को भूल नहीं पाया हूं संजना और मै काफी देर तक साथ में रहे उसके बाद हम दोनों घर चले गए मैंने उस दिन संजना को उसके घर तक छोड़ा।

अगले दिन मैं अपने बिजनेस टूर के सिलसिले में कोलकाता जाने वाला था तो मैं कोलकाता के लिए निकल चुका था संजना ने मुझे फोन किया उस वक्त मैं कोलकाता पहुंच चुका था। मैंने उसे कहा कि मैं कोलकाता पहुंच चुका हूं तो संजना ने मुझे कहा हां मुझे मालूम है कि तुम कोलकाता में हो मैंने संजना को कहा मुझे यहां से आने में थोड़ा समय लग जाएगा। संजना कहने लगी कि ठीक है जब तुम वापस लौटो तो मुझसे मुलाकात करना मैंने संजना को कहा ठीक है मैं तुमसे जरूर मुलाकात करूंगा। मुझे नहीं मालूम था कि मेरी मुलाकात आकांक्षा से कोलकाता में हो जाएगी जब मैं आकांक्षा को मिला तो मैं पहले आकांक्षा से बात नहीं करना चाहता था लेकिन आकांक्षा से जब मैंने बात की तो मुझे भी अच्छा लगा और आकांक्षा के साथ उस दिन मैंने काफी अच्छा समय बिताया। मुझे पता चला कि आकांक्षा के पति और वह कोलकाता में ही रहते हैं मैंने आकांशा को कहा आकांक्षा हम लोग मिलते रहेंगे। आकांक्षा का नंबर मेरे पास आ चुका था और मैंने यह बात संजना को फोन कर के बताई तो संजाना मुझे कहने लगी कि आखिरकार तुम्हारी मुलाकात आकांक्षा से हो ही गई। मैंने और संजना ने उस दिन काफी देर तक बात की।  मैंने और संजना ने उस दिन काफी देर तक फोन पर बात की और उसके बाद आकांक्षा जब मुझसे मिलने के लिए आई तो मुझे नहीं मालूम था कि आकांक्षा के मेरे साथ सेक्स संबंध बन जाएंगे। आकांक्षा के साथ मैंने शारीरिक संबंध बनाए मुझे बहुत अच्छा लगा मेरे दिल में कहीं ना कहीं इस बात को लेकर खुशी थी कि मैं आकांक्षा के साथ सेक्स कर पाया और आकांक्षा को कुछ देर के लिए ही सही लेकिन अपना बना पाया। आकांक्षा की चूत मारने मै मुझे इतन मजा आया की उसका नशा मेरे सर पर चढ़ा हुआ था। जब मैं वापस लौटा तो संजना को मैंने इस बारे में बताया कहीं ना कहीं संजना भी सेक्स के लिए तड़प रही थी और वह उस रात मेरे साथ ही रुकना चाहती थी। हम दोनों साथ में रुके संजना ने जब मेरे होंठों को चूमना शुरू किया तो उसने बहुत देर मुझे किस किया। उसने जिस प्रकार से मेरे लंड को बाहर निकाल कर अपने मुंह में लिया उस से मुझे और भी मज़ा आने लगा।

वह मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी तो मुझे और भी ज्यादा आनंद आ रहा था मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था कि कम से कम मैं संजना के साथ सेक्स कर पा रहा हूं हालांकि मैंने इस बारे में कभी भी नहीं सोचा था लेकिन उसने मेरे लंड को बहुत देर तक अपने मुंह के अंदर बाहर किया। उसने जिस तरीके से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर किया उससे मैं इतना ज्यादा उत्तेजित हो गया कि मैंने भी संजना के कपड़े उतार फेंका और उसके बदन को मैंने अच्छे से महसूस करना शुरू किया। मैंने संजना के बदन की गर्मी को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था कि वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नाही पाई और मुझे कहने लगी कि मुझे अपनी चूत में लंड लेना है। मैंने संजना की चूत के अंदर डाला वह बड़ी तेज आवाज में चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारो। वह अपने मुंह से मादक आवज मे सिसकिया ले रही थी और अपने पैरों को चौड़ा कर रही थी। जिस गति से मैं उसे चोद रहा था उससे मुझे उसे चोदने में बड़ा आनंद आ रहा था और मैंने उसे बहुत देर तक चोदा। जब उसने मुझे कहा कि मुझे तुम घोड़ी बनाकर चोदा तो मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें अपनी घोडी बना कर चोदता हूं।

मैंने जैसे ही उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू किया वह भी अपनी चूतडो को मुझसे टकरा रही थी। उसकी बड़ी चूतडे जब मेरे लंड से टकरा रही थी तो मुझे भी मजा आ रहा था वह भी बड़ी खुश थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो। मैंने उसकी चूतडो को कस कर पकड़ लिया था और जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालना तो मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश करते हुए अपने लंड को पूरी तरीके से चिकना बना दिया। मेरे लंड चिकना होते ही मैंने जैसे ही अपने लंड को संजना की गांड के अंदर डालना शुरू किया तो धीरे-धीरे उसकी गांड के अंदर मेरा लंड घुस चुका था वह चिल्ला रही थी। वह मुझे कहने लगी मैं तो बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूं। मैंने उसकी गांड से खून भी निकाल दिया और उसकी गांड के छेद को चौडा कर दिया था। वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी और मैंने उसकी गांड के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया। मैं शादी नहीं करना चाहता था और संजना मेरा साथ पूरी तरीके से दे रही थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से देते और मैं भी इस बात से बहुत खुश था कि संजना मेरा साथ दे रही है।