लंड भाभी की चूत मे खुश हो गया

Antarvasna, hindi sex kahani: मेरी शादीशुदा जिंदगी अच्छे से चल रही थी मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ही ज्यादा खुश था लेकिन मेरी जिंदगी में उस वक्त बदलाव आया जब मैंने अपनी कंपनी से रिजाइन दे दिया। कंपनी से रिजाइन देने के बाद मेरे परिवार पर आर्थिक रूप से दबाव बनने लगा और मैं काफी ज्यादा परेशान रहने लगा था। मेरे पास अब पैसे भी खत्म होने लगे थे मेरे पास जितने भी जमा पैसे थे वह सब खत्म हो चुके थे और मैं बहुत परेशान होने लगा था लेकिन उस वक्त मेरे दोस्त सुरेश ने मेरी बहुत मदद की। मैं उसके एहसान को कभी जिंदगी भर भूल नहीं सकता यदि वह मेरी मदद नहीं करता तो शायद कभी भी मैं दोबारा से अपनी जिंदगी को अच्छे से जी नहीं पाता। मेरी नौकरी छोड़ने की वजह से मेरे परिवार पर कई समस्याएं आन पड़ी थी मैंने अपनी नौकरी छोड़ने के बाद अपना बिजनेस शुरू किया लेकिन मेरा बिजनेस ज्यादा समय तक चल ही नहीं पाया और मुझे बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। मेरे नुकसान की वजह से मेरे परिवार पर आर्थिक रूप से बोझ बढ़ गया था जिससे कि मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गया था लेकिन धीरे धीरे सब कुछ ठीक होने लगा और मेरे परिवार में अब सब कुछ ठीक था।

मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी को अच्छे से जी पा रहा था। एक दिन कविता मुझे कहती है कि राजेश हम लोगों को आज मौसी के घर जाना है मैंने कविता से कहा मुझे तो याद ही नहीं था मैं उसी वक्त अपने काम से घर लौटा था। मैंने सुरेश की मदद से अपना एक नया काम शुरू कर लिया था जो कि अच्छा चलने लगा था। मैंने कविता को कहा बस मैं अभी तैयार हो जाता हूं मुझे बिल्कुल भी याद नहीं रहा कि आज हम लोगों को मौसी के घर जाना है। कविता कहने लगी कोई बात नहीं आप जल्दी से तैयार हो जाइए। मैं जल्दी से तैयार हो गया और जब मैं तैयार हुआ तो उसके बाद मैं और कविता हम दोनों मौसी के घर चले गए हमारे साथ बच्चे भी थे। हम लोग जब मौसी के घर गए तो मौसी कहने लगी राजेश बेटा तुम बहुत देर से आ रहे हो तो मैंने उन्हें कहा कि हां मौसी मुझे आने में देर हो गई क्योंकि मैं अपने काम से देर से घर लौटा था।

मैंने मौसी को कहा मौसी आज अंकिता कहीं नजर नहीं आ रही तो मौसी कहने लगी कि वह अपने दोस्तों के साथ आज घूमने के लिए गई है वह देर रात से घर लौटेगी। मैंने मौसी को कहा कि मौसी अब आप अंकिता पर ध्यान दीजिए वह बड़ी होने लगी है मौसी कहने लगी कि राजेश बेटा मैं तो उसे कितना समझा चुकी हूं लेकिन एक वह है कि कुछ समझने को तैयार ही नहीं है। मेरे पापा मम्मी के देहांत के बाद मौसी ने हीं मेरी देखभाल की थी और यदि वह मेरी देखभाल नहीं करती तो शायद मेरी जिंदगी में कुछ भी ठीक नहीं होता। हम लोगों उस दिन मौसी के घर पर ही रुकने वाले थे और हम लोग देर रात तक उठे हुए थे लेकिन अंकिता अभी तक नहीं आई थी। मौसा जी का ट्रांसफर तो कोलकाता हो चुका था इसलिए वह बच्चों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पा रहे थे अंकिता उनकी इकलौती लड़की है और वह अंकिता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रख पा रहे थे। मौसी के ऊपर भी ना जाने कितने ही प्रकार के दबाव थे क्योंकि घर की जिम्मेदारी उनके ऊपर ही थी। जब उस रात अंकिता घर पहुंची तो वह मुझे कहने लगी कि राजेश भैया आप कब आए। मैंने उसे बताया कि हम लोगों को आए हुए तो काफी समय हो गया है लेकिन तुम घर पर नहीं थी तो वह कहने लगी कि मैं अपने दोस्तों के साथ आज घूमने के लिए चली गई थी इसलिए मुझे आने में देर हो गई। उसके बाद अंकिता ने खाना खाया और वह सोने के लिए चली गई। अंकिता मुझसे उम्र में छोटी है अगले दिन हम लोग अपने घर लौट आए थे जब हम लोग अपने घर लौटे तो कविता मुझे कहने लगी कि राजेश आज आप घर पर ही रुक जाइए। मैंने कविता को कहा नहीं आज मैं घर पर नहीं रुक पाऊंगा क्योंकि मुझे जरूरी काम है तो कविता कहने लगी कि फिर भी राजेश आप देख लीजिए यदि आप घर पर रुक पाए तो मेरे लिए बहुत ही अच्छा होगा। मैंने उसे कहा ठीक है मैं कोशिश करता हूं कि मैं आज घर पर ही रुक जाऊं लेकिन मैं घर पर रुक नहीं पाया था मुझे कुछ जरूरी काम था इसलिए मुझे उस दिन जाना पड़ा।

मैं अपने काम से घर जल्दी लौट आया था जब मैं घर लौटा तो कविता मेरा इंतजार कर रही थी मैंने कविता को कहा कि क्या तुम मेरा इंतजार कर रही थी तो वह कहने लगी हां राजेश। मैंने उससे कहा कि चलो आज हम लोग कहीं बाहर चलते हैं हम लोग अपने घर के पास ही एक मॉल में चले गए। हमारे घर के पास ही एक मॉल है हम लोग जब वहां पर पहुंचे तो मैं और कविता एक दूसरे से बात कर रहे थे मुझे कविता से बात करना बहुत ही अच्छा लग रहा था। काफी समय बाद हम दोनों साथ में थे मैंने कविता को कहा कितना समय हो गया हैं हम लोगों ने साथ में समय भी नहीं बिताया था। हमारे साथ बच्चे भी थे मैंने बच्चों के लिए आइसक्रीम ली और फिर बच्चे आइसक्रीम खाने लगे मैं और कविता एक दूसरे से अपने कुछ पुराने दिनों की बातों को ताजा कर रहे थे। मुझे कविता से बात कर के बहुत ही अच्छा लग रहा था थोड़ी देर बात करने के बाद हम लोग अपने घर लौट आए थे।

अगले दिन मुझे अपने काम पर जल्दी जाना था तो मैं उस दिन जल्दी ही काम पर निकल गया था। मैं जब अपने घर लौटा तो मैंने देखा हमारी कॉलोनी में एक नया परिवार रहने के लिए आया है मेरा उनसे परिचय हो गया था। वह लोग हमारे पड़ोस में ही रहने के लिए आए थे मैं जब सरिता भाभी से मिला तो मुझे उनसे बात करने मे अच्छा लगता उनसे मैंने काफी देर तक बात की लेकिन मुझे नहीं पता था कि सरिता भाभी की नियत कुछ ठीक नहीं है वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार हो जाएंगी अब वह हमारे घर पर आने लगी थी। एक दिन उन्होंने मुझे कहा आज कहीं साथ में घूमने चलते हैं मैंने उन्हें कहा आज नही क्योंकि कविता उस दिन घर पर नहीं थी वह बच्चों को लेकर मायके गई हुई थी। सरिता भाभी को बहुत अच्छा मौका मिल गया था वह मेरे साथ बैठी हुई थी जब उन्होंने अपने हाथ को मेरे कंधे पर रखा तो मैं समझ गया वह क्या चाहती है वह अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी। मैंने उनको प्यार करना शुरू कर दिया सरिता भाभी को मैने अपनी बाहों में समा लिया मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उनके  होठों को चूम रहा था जिस से उनके अंदर की गर्मी बाहर की तरफ आने लगी थी मुझे एहसास होने लगा था वह भी अब तड़पने लगी है मैंने जब उनको अपनी बाहों में लिया तो वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था मैंने उनके नरम होंठों को दोबारा से चूमना शुरू किया जब मै उनके होठों को चूम रहा था तो वह अब तड़पने लगी थी। वह मेरे होंठो को काटने लगी अब वह बिस्तर पर लेट चुकी थी मैं उनके ऊपर से लेटा हुआ था। मैंने अब कावेरी भाभी के कपड़ों को धीरे धीरे उतारना शुरू किया उनके गोरे बदन से मैंने कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे। जब मैने उनके कपडे उतारे तो वह मेरे सामने नग्न अवस्था में थी उनके नंगे गोरे बदन को देखकर मेरा लंड तन कर खड़ा होने लगा था। जब मैंने उनको नंगा देखा तो मै उनके गोरे बदन को महसूस करना चाहता था। मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया अब मुझे अच्छा लगने लगा वह खुश हो गई थी। मैं जब उनके स्तनों को दबाता तो उनको मजा आता और मै उनके स्तनो को अपने मुंह में लेकर चूसता वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो जाती अब वह मुझे कहती मुझे बहुत मजा आ रहा है।

उनके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढने लगी थी और मेरे अंदर की आग भी कहीं ना कहीं अब पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने अपने लंड को बाहर निकालाते हुए उसे हिलना शुरू कर दिया उन्होने मेरे लंड को हाथो मे लिया और अब वह जिस प्रकार से मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मेरे लंड को उनको अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आ रहा था अब हम दोनों पूरे तरीके से उत्तेजित हो चुके थे। हम दोनों की उत्तेजना बढ़ने लगी थी मैंने उनको कहा मैं आपकी चूत को चाटकर अपना बनाना चाहता हूं। वह अब अपने पैरों को खोलने लगी मैंने देखा उनकी चूत से बहुत पानी बाहर निकल रहा है मैं अब उनकी चूत को बड़े अच्छे से चाटने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

मैं जब उनकी चूत को चाट रहा था तो मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी मैंने अपने लंड पर थूक लगाकर भाभी की चूत मै मैंने अपने लंड को घुसाया तो वह चिल्लाई मैंने अब भाभी को बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे मुझे बहुत मज़ा आने लगा था वह बहुत ही उत्तेजित हो गई थी और मेरे अंदर की आग अब बढ चुकी थी। भाभी के अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी उनकी चूत से पानी बाहर आने लगा था मेरे अंदर की गर्मी को वह अब बढ़ाने लगी थी। मेरे लंड और उनकी चूत की चिकनाई बढने लगी मै अब मजे मे था और हम दोनो की रगडन से जो गर्मी पैदा हो रही थी वह एक अलग ही माहौल बना रही थी जिससे कि हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत तड़पने लगे थे। मेरा लंड अब उनकी चूत की गर्मी को ज्यादा देर तक झेल नहीं पाया और मैंने अपने माल को उनकी चूत में गिराने के बारे मे सोच लिया था। जैसे ही मैंने अपने माल को उनकी चूत के अंदर गिराया तो वह खुश हो गई। मुझे भाभी को चोदकर मजा आ गया था और वह भी बडी खुश थी।