क्या दोगे मुझे बोलो ना

Antarvasna, hindi sex kahani मेरे भैया और मेरे बीच में 2 साल का अंतर है लेकिन हम दोनों के बीच में  बहुत प्यार है मेरे भैया का नेचर बड़ा ही शांत स्वभाव का है और वह दिल के बहुत अच्छे हैं इसीलिए उनकी मैं बहुत इज्जत करता हूं। मेरे पिताजी हमेशा मुझे कहते हैं कि तुम अपने बड़े भैया आकाश से कुछ सीख लो लेकिन मैं तो जैसे कभी सुधारना ही नहीं चाहता था। आकाश भैया जॉब भी करने लगे थे और मैं दिन भर आवारा गिरती किया करता मेरे पापा को इस बात से बहुत नफरत थी लेकिन हमेशा आकाश भैया और मेरी मम्मी मुझे बचा लिया करते थे। मुझे भी अब लगने लगा था कि मुझे कुछ कर लेना चाहिए इसलिए मैंने एक कंपनी में मार्केटिंग की जॉब करनी शुरू कर दी।

 जॉब करते हुए मुझे करीब 5 महीने हो चुके थे इन पांच महीनों में सब कुछ वैसा ही था बस मैं ही बदल चुका था मेरी शरारतें अब कम हो चुकी थी और मैं अपने काम पर ज्यादा ध्यान दिया करता। एक दिन मैं और भैया रात के वक्त छत में बैठे हुए थे आकाश भैया मुझे कहने लगे अमन मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी मैंने आकाश भैया से कहा हां कहिए क्या बात करनी थी। उन्होंने मुझे बताया कि वह किसी लड़की से प्यार करने लगे हैं और उससे शादी करना चाहते हैं मैंने आकाश भैया से कहा भैया आप मुझे भाभी की फोटो तो दिखाइए। वह शर्माने लगे और कहने लगे नहीं मेरे पास फोटो नहीं है लेकिन मैंने उन्हें कहा कि आपको मुझे फोटो तो दिखानी ही पड़ेगी। आखिरकार वह मेरी बात मान गए और उन्होंने मुझे फोटो दिखा दी जब उन्होंने मुझे तस्वीर दिखाई तो मैंने उनसे पूछा भाभी का क्या नाम है वह कहने लगे उसका नाम शोभिता है। मैंने उनसे कहा तो क्या आपने शादी करने का फैसला कर लिया है वह कहने लगे हां मैंने शादी करने का फैसला कर लिया है मैं चाहता हूं कि मैं तुम्हें पहले शोभिता से मिलवाऊ। जब मुझे भैया ने शोभिता से मिलवाया तो मैंने भैया से कहा आप की पसंद तो बहुत अच्छी है लेकिन मुझे दाल में कुछ काला दिख रहा था इसलिए मैंने पहले शोभिता के बारे में पता करवाया।

मुझे मालूम पड़ा कि उनका नेचर कुछ ठीक नहीं है और इससे पहले भी वह एक दो लड़कों के साथ रिलेशन में थी मैं भैया को उससे बचाना चाहता था क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि भैया किसी भी तरीके से उनके जाल में फंसे। एक दिन मैं सुबह ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था तो उस दिन मैंने अपने टेबल पर एक बिल पड़ा हुआ देखा जब मैंने वह बिल खोल कर देखा तो उसमें भैया ने कोई घड़ी ली हुई थी। मैंने भैया से पूछा भैया आपने क्या अपने लिए कोई घड़ी खरीदी है वह कहने लगे नहीं मैंने अपने लिए तो कोई घड़ी नहीं खरीदी लेकिन मैंने शोभिता को वॉच गिफ्ट की थी। मैं इस बात से दंग रह गया क्योंकि उस घड़ी की कीमत भी काफी ज्यादा थी मैंने भैया से कहा भैया आप इतनी महंगी चीजें मत दिया कीजिए। शोभिता भैया के साथ सिर्फ पैसे के लिए ही प्यार करती थी और वह भैया से जब चाहे तब अपनी पसंद का सामान खरीदवाया करती थी भैया के पास पैसे भी नहीं बचते थे जिससे कि वह काफी परेशान रहने लगे थे। मैंने भैया से कहा भी था कि आप इतना महंगा सामान मत खरीदा कीजिए लेकिन मैं यह नहीं कह सकता था कि आप शोभिता छोड़ दीजिए यदि मैं उनसे यह बात कह देता तो शायद उन्हें इस बात का बहुत बुरा लगता। इस वजह से मैंने उनसे यह बात नहीं की परंतु मुझे इस बात का बहुत बुरा लग रहा था कि शोभिता उनके साथ बहुत बड़ा धोखा कर रही है। वह सिर्फ उनके साथ पैसे के लिए ही जुड़ी हुई है वह उनसे प्यार नहीं करती लेकिन भैया तो उनके जाल में पूरी तरीके से फंस चुके थे और उन्होंने इस बारे में पापा मम्मी को भी बता दिया। पापा मम्मी को भी लगा कि भैया ने शोभिता को पसंद किया है तो वह अच्छी ही लड़की होगी लेकिन उन्हें कुछ नहीं मालूम था कि शोभिता का नेचर कैसा है। वह सिर्फ पैसे के लिए ही भैया से प्यार करती थी क्योंकि उसकी कई जरूरते थी जिसे कि भैया पूरी कर दिया करते थे। मैं उसे भाभी के रूप में बिल्कुल भी स्वीकार करने को तैयार नहीं था मुझे मालूम था कि यदि भैया ने उससे शादी कर ली तो भैया की पूरी जिंदगी वह बर्बाद कर देगी इसलिए मैं इस शादी के खिलाफ था। मैंने एक दिन अपनी मम्मी से भी कहा कि भैया के लिए आप कोई और लड़की देख लीजिए लेकिन मम्मी मुझे कहने लगी शोभिता अच्छी तो है।

शोभिता ने मेरे सारे परिवार वालों पर पता नहीं क्या जादू कर दिया था कि वह सिर्फ उसके ही गुणगान गाये जाते थे उन्हें कुछ भी नजर नही आ रहा था। मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि भैया की शादी शोभिता से हो शायद इस बात का पता शोभिता को भी चल चुका था इसलिए वह बड़ी ही तेजी से अब भैया से जो भी सामान खरीदवाती उसे वह मुझे पता ही नहीं चलने देती। भैया भी अब मुझसे कई सारी चीजें छुपाने लगे थे जबकि पहले ऐसा नहीं होता था पहले जब भी वह कुछ भी चीजें खरीदते या कुछ किया करते तो वह मुझसे जरूर कहा करते थे। कुछ समय से उनके नेचर में भी बदलाव आने लगा था और यह सब शोभिता की वजह से ही हुआ था वह भैया का बहुत गलत फायदा उठा रही थी और उसने अपना मतलब निकालने के लिए भैया से सगाई भी कर ली। अब भैया और शोभिता की सगाई हो चुकी थी सारे लोग खुश थे सिर्फ मैं ही था जो दुखी था मैं नहीं चाहता था कि शोभिता की शादी भैया से हो लेकिन मैं कुछ कर भी नहीं पा रहा था। यदि मैं भैया से इस बारे में कहता तो शायद भैया मेरे बारे में गलत सोच लेते हो और मैंने मम्मी को भी इस बारे में कहा तो मम्मी भी कहने लगी कि जब तुम्हारा भाई आकाश इस रिश्ते से खुश है तो तुम्हें इसमें क्या तकलीफ है।

 उसके बाद मैंने भी कुछ नहीं कहा और उन दोनों की शादी तय हो गई जब शादी तय हुई तो उसके बाद भैया शोभिता के ऊपर और भी ज्यादा भरोसा करने लगे थे। उनके लिए तो शोभिता ही सब कुछ थी उसके सिवा उनके जीवन में कुछ भी नहीं था लेकिन मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हो गया था। भैया ने मुझसे पूछा क्या तुम्हें मेरे और शोभिता के बीच के रिश्ते बिल्कुल पसंद नहीं है, मैं भैया से यह नहीं कह सकता था कि वह आपके साथ इतना बड़ा धोखा कर रही है। मुझे हर बात पता होते हुए भी मैं उनसे कुछ भी नहीं कह सकता था मैंने उनसे कुछ नहीं कहा और फिर भैया ने शोभिता से शादी करने का पूरा फैसला कर लिया था। कुछ ही समय बाद दोनों की शादी होने वाली थी सब कुछ बड़े ही धूम धाम से हुआ और उन दोनों की शादी भी हो गई। मैंने कभी भी शोभिता को अपनी भाभी के रूप में स्वीकार नहीं किया मैं नहीं चाहता था कि शोभिता और मेरे भैया की शादी हो लेकिन भैया ने उससे शादी कर के बहुत बड़ी गलती की। भैया को इस बात का पछतावा धीरे धीरे होने लगा था लेकिन वह किसी से भी इस बारे में नहीं बोल सकते थे और उन्हें अंदर ही अंदर घुटन होने लगी थी मैं कई बार उनसे इस बारे में पूछने की कोशिश किया करता लेकिन मुझे कोई जवाब ही नहीं मिलता था। मैं भैया को इस प्रकार देख नहीं सकता था इसलिए मुझे बहुत दुख होने लगा और उन्हें देखकर कई बार मुझे ऐसा लगता कि उनके साथ शोभिता ने बहुत गलत किया। मैंने कई बार सोचा कि मैं भैया को बताऊं लेकिन मेरी हिम्मत ही नहीं हुई इसलिए मैंने भैया को शोभिता के बारे में कभी कुछ नहीं बताया उसका नेचर कैसा है और वह किस प्रकार की है। उसका चरित्र बिल्कुल भी ठीक नहीं था वह ना जाने किस-किस से बात करती रहती थी।

 एक दिन मैं ऑफिस से जल्दी घर चला गया तो मैंने देखा शोभिता अपने कमरे में ही है और वह किसी से फोन पर बात कर रही थी। मैं यह देखकर जैसे ही रूम मे गया तो मैंने देखा वह अपनी सलवार के अंदर उंगली डाल रही है और अपनी चूत की खुजली को शांत कर रही है। मेरा पूरा मूड खराब हो गया मैं उसके पास गया तो मैंने उसे समझाया तुम यह क्या कर रही हो क्या तुम्हें यह सब शोभा देता है। उसने कोई जवाब नहीं दिया मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाला और उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो मैं तुम्हें आज कोई ना कोई गिफ्ट जरूर दिलवा दूंगा। वह पैसों की लालची है और उसे कुछ भी नहीं चाहिए उसने झट से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे चूसने लगी। उसने मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक ले लिया जब वह उसे सकिंग करती तो मुझे बड़ा मजा आता काफी देर तक ऐसा ही चलता रहा। जब उसने मेरे लंड को अपनी योनि पर रगडना शुरू किया तो मुझे बहुत मजा आने लगा उसकी योनि से लगातार पानी का बहाव बाहर की तरफ को निकल रहा था।

मैंने जैसे ही उसकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया तो वह चिल्लाने लगी मैंने उसके दोनों पैरों को खोल कर बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए और काफी देर तक मैं उसको चोदता रहा वह पूरे मूड में आ गई थी। जैसे ही उसकी योनि मे मेरा वीर्य गिरा तो वह कहने लगी मुझे मजा आ गया। जब मैने उसकी गांड के अंदर अपने लंड को डाला तो वह मचलने लगी और कहने लगी मुझे दर्द हो रहा है लेकिन मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मारता रहा जिससे कि उसकी गांड से लगातार गर्मी बाहर की तरफ को निकल रही थी। मैं बड़ी तेज गति से धक्के दिए जाता काफी देर तक उसकी गांड के मैंने मजे लिए जब मेरा वीर्य पतन उसकी गांड में होने वाला था तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल कर उसकी गांड के ऊपर अपना वीर्य को गिरा दिया। वह खुश हो गई और कहने लगे आज तो मजा आ गया अब तुम यह बताओ तुम मुझे क्या गिफ्ट दे रहे हो। मैने उसे कहा तुम्हें थोड़ी देर बाद में गिफ्ट देता हूं थोड़ी देर बाद मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और दोबारा उसकी गांड के मजे लिए।