कमसिन गांड की चुदाई

kamukta हेल्लो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग ? आशा है की मस्त ही होंगे | दोस्तों, मैं इस कहानी में आप लोगों को बताऊंगा की कैसे मैंने अपनी भतीजी की कमसिन गांड को चोदा | मेरा नाम विमल है और मैं 40 साल का आदमी हूँ |  इस उम्र में भी मैंने खुद को तंदरुस्त रखा है | चलिए अब मैं उसकी बात बता दूँ जिसको मैंने चोदा | मेरी भतीजी यानि की बड़े भाई की बेटी जिसका नाम शीला है, वो बहुत ही मस्त लड़की है | उसकी उम्र अठारह है और उसका फिगर मस्त है | उसकी गांड क्या मस्त है दोस्तों | हालाँकि मैंने कभी उसके बारे में कोई गलत ख्याल नहीं रखा लेकिन कहते हैं न की वक़्त का कोई भरोसा नहीं।

खैर, चलिए अब असल बात पर आता हूँ।   बात है।  उसके पापा यानि की मेटे बड़े भाई और उनकी पत्नी को कहीं शादी में जाना था।  मुझे घर पर कुछ काम था इसीलिए मई घर पर ही रुका था।  शीला को भी उस दिन बुखार था इसीलिए वो भी घर पर थी।  मेरे भैया भाभी को २ दिन बाद ही आना था।  वो लोग चले गए।  अब मैं और शीला अकेले थे।  मैंने सोचा की उसको दवा दिला दूँ।  उसके कमरे में गया तो वो लेती हुई थी एक तरफ करके लेटी हुई थी।  उसकी गांड की गोलाई मुझे साफ़ दिख रही थी।  उस दिन पहली बार मैंने उसको ऐसी नज़रों से देखा। मेरे आवाज़ देने पर वो उठ गयी।  मैंने बोला – लेटी रहो।  फिर मैंने पूछा तबियत कैसी है ? वो बोली – बुखार है अभी भी।  मैंने कहा – चलो डॉक्टर को दिखा लाता हूँ।  वो बोली – नहीं, आप बता कर ले आओ दवा, अभी कमजोरी की वजह से मुझसे चला नहीं जाएगा।  मैंने बोला ठीक है।  फिर मैं चला गया।

दोस्तों, मुझे थोड़ा बहुत मेडिकल का काम आता है जैसे की इंजेक्शन लगाना वगैरह।  मैंने डॉक्टर से दवा ली और जान बुझ कर एक इंजेक्शन खरीद लिया और घर की तरफ चल दिया।  घर पहुँच कर मैंने शीला से बोला – लो, दवा खा लो और फिर इंजेक्शन भी लगाना पड़ेगा। वो दर गयी।  बोली – इंजेक्शन नहीं लगवाना मुझे।  मैंने कहा ठीक होना है न, ऐसे बच्चों जैसी ज़िद न करो।  वो बोली – ठीक है, हाथ पर लगा दो।  मैंने कहा – नहीं बेटा, ये इंजेक्शन हार्ड है, कमर पर ही लगाना पड़ेगा।  वो सोच में पड़ गयी।  मैंने कहा – टेंशन न लो, मुझे आता है लगाना।  वो मान गयी।  मैंने पहले उसको दवा खिलाई और फिर बोला – चलो अब लेट जाओ, इंजेक्शन लगा दूँ।  वो झिझक रही थी।  मैंने बोला – अरे डरो मत।  अब उसने अपनी सलवार थोड़ी निचे खिसका दी।  मैंने इंजेक्शन में पानी भरा और उसको अपनी पैंटी भी निचे करने के लिए कहने लगा।  उसने शरमाते हुए थोड़ी सी निचे की।  उसके गोरे गोरे चूतड़ देख कर मेरा लंड  खड़ा हो गया।  मैंने उसकी पैंटी थोड़ी से और निचे कर दी और इंजेक्शन उसके चूतड़ में घुसा दिया।  वो चीख पड़ी।  मैंने हलके से ही लगाया ताकि उसको ज्यादा दर्द न हो।  इंजेक्शन लगाने के बाद मैंने रुई लगा कर मालिश करने के बहाने उसके चूतड़ सहलाना शुरू कर दिए।

वो मेरा इशारा समझ गयी थी शायद।  उसने झट से अपनी सलवार ऊपर कर दी।  मैंने बोलै – अरे डरो मत, मैं कोई अनजान नहीं हूँ।  थोड़ी देर बाद जाकर वो मानी।  फिर वो बोली – मेरी कमर में इंजेक्शन वाली जगह पर अभी भी दर्द ही रहा है।  मैंने बोला – रुको, मैं थोड़ी मालिश कर देता हूँ।  वो मान गयी।  मैंने उसकी सलवार निचे कर दी और इस बार कुछ ज्यादा ही नीचे।  उसने मना नहीं किया तो मैं भी समझ गया की लगभग तैयार है वो भी।  मैंने अब उसकी पैंटी नीचे की।  पैंटी इतनी ज्यादा निचे कर दी की उसके दोनों चूतड़ अच्छे से दिखने लगे और उसकी गांड का छेद  भी।  मुझसे रहा नहीं गया।  मैंने झट से उसके चूतड़ सहलाना शुरु कर दिए।  वो थोड़ा हिचकिचाई लेकिन कुछ बोली नहीं।  मैं अब समझ गया की वो मना नहीं करेगी।  मैं अब सीधा उसके साथ लेट गया और उसको अपनी बाँहों में ले लिया।  दवा की वजह से उसका बुखार भी जा चूका था।  वो डर रही थी लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।  मैंने उसको अपने सीने से लगा लिए।  अब जाकर वो नार्मल हुई।  मैंने फिर उसको  कर दिया।  वो भी मेरा साथ देने लगी।  मैंने अब उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए।  वो आह हह ह हह ह हह हूँ उउउ उउउ ू उउउउउउ उउउउउ उउउउ उउइइइ ी ीी ईईईई करने लगी।  मैंने अब उसका सूट और सलवार दोनों एक साथ उतार दिया। अब मैंने अपने कपडे भी उतार दिए।  मेरा बड़ा लंड उसके सामने था।  वो उससे खेलने लगी।

मैंने फिर उसकी पैंटी निकाली तो उसके पेरियड्स थे और उसने पैड लगा रखे थे।  मैं बोलै – यार, अब तो मामला गड़बड़ हो गया।  वो बोली – हाँ।  मैंने कहा – बस २ दिन का टाइम है, फिर तुम्हारा पापा मम्मी आ जाएंगे।  वो बोली – आप बताओ क्या कर सकते हैं।  मैंने उसके चूतड़ दबाने शुरू कर दिए।  वो समझ गयी लेकिन दर गयी।  मैंने कहा – डरो नहीं, धीरे से करूंगा।  बहुत कहने पर वो मान गयी।

अब मैंने उसको घोड़ी बनने के लिए कहा और उसकी गांड के छेद में तेल लगा दिया थोड़ा सा।  फिर मैंने उसकी गांड पर अपना लण्ड टिकाया और घुसा दिए. उसकी कुंवारी गांड का हाल बेहाल हो गया।  उसकी गांड से खून आने लगा।  वो रोने लगी।  मैंने अपना लैंड बाहर निकाल कर फिर से डाला।  अब उसको थोड़ा सही लग रहा था।  अब मैंने धक्के लगाने तेज कर दिए।  ऐसे ही लगभग आधे घंटे अलग अलग पोजीशन में चुदाई के बाद मैं उसकी गांड में ही झाड़ गया।

उस दिन के बाद हम दोनों आज भी चुदाई करते हैं जब कोई घर नहीं होता।