कमर तोड चुदाई पलंग पर

Antarvasna, hindi sex kahani: काफी समय बाद अपने पुराने दोस्तों से मिलने का मौका मिला मेरे दोस्त निखिल ने ही यह सब व्यवस्था की थी। निखिल हमारे कॉलेज में सबका चहेता हुआ करता था इतने सालों बाद मैं निखिल को मिला तो निखिल बिल्कुल भी नहीं बदला था वह पहले जैसा ही था। उसके बात करने का तरीका और वह जिस प्रकार की शरारते कॉलेज के समय में किया करता था अभी भी वह बिल्कुल वैसा ही था लेकिन उसी दौरान मुझे जब शगुन मिली तो वह काफी बदल चुकी थी शगुन अब पहले की तरह बिल्कुल भी बात नहीं कर रही थी और वह पता नही अपनी किस परेशानी में थी। मैंने शगुन से इस बारे में पूछा तो उसने मुझे कुछ नहीं बताया लेकिन जब मुझे निखिल ने शगुन के बारे में बताया कि उसके पति और उसके बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है इस वजह से वह काफी ज्यादा परेशान है। हालांकि शगुन भी एक अच्छी कंपनी में जॉब करती है और उसके जीवन में शायद किसी भी चीज की कमी नहीं है लेकिन उसके पति से उसे वह प्यार मिल नहीं पाया और ना ही उसे वह सम्मान अपने पति से मिल पाया इसी वजह से तो वह काफी ज्यादा परेशान थी।

मैंने जब शगुन को समझाया और उसे कहा कि देखो शगुन तुम परेशान मत हो सब कुछ ठीक हो जाएगा। वह मुझे कहने लगी रोहित जब से मेरी शादी हुई है तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी है और मेरे जीवन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है मैं बहुत ही ज्यादा परेशान हूं। मैंने शगुन से उसकी परेशानी का कारण पूछा तो उसने मुझे बताया कि उसके पति का किसी अन्य महिला के साथ अफेयर चल रहा है। जब शगुन ने अपने पति को उस महिला से बात करते हुए पकड़ लिया तो उसके पति ने उससे ना जाने कितने ही बहाने बनाने लगे लेकिन शगुन के पति और शगुन के बीच अब वह प्यार है ही नहीं जो पहले था। मैंने शगुन को कहा तुम्हारी शादी को कितने वर्ष हो चुके हैं तो शगुन मुझे कहने लगी कि मेरी शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं और इन 4 वर्षों में मुझे अपने पति से कभी वह प्यार मिला ही नहीं जो मैं चाहती थी। मैं और शगुन साथ में बैठे हुए थे तो मुझे शगुन के बारे में काफी कुछ जानने का मौका मिला।

शगुन मुझे कहने लगी कि यह तो बहुत ही अच्छा हुआ कि निखिल ने हम सब लोगों को मिलने का मौका दिया इतने सालों बाद हम सब लोग मिले है। शगुन कहने लगी कि मुझे इस बात की खुशी है कि सब लोग बहुत ही खुश हैं। हमारे कॉलेज के सभी लोग आए हुए थे जो कि हमारे साथ पढ़ा करते थे और सब लोग काफी खुश थे लेकिन शगुन की परेशानी सुनकर मैं काफी दुखी था मैंने शगुन को समझाया और कहा कि तुम अब इस बारे में भूलकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करो। शगुन कहने लगी कि यह सब कहना तो बड़ा आसान है लेकिन मेरी जिंदगी में अब कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी है मेरे पति और मैं एक दूसरे से प्यार तो बिल्कुल भी नहीं करते और ना ही हम लोग एक दूसरे से बात करना पसंद करते हैं मैं तो उनके साथ समय बिताना भी पसंद नहीं करती। मेरे पास अब शगुन की बातों का कोई जवाब नहीं था लेकिन उस पार्टी के दौरान मैं शगुन को काफी अच्छे से जान पाया। शगुन के चेहरे पर मुस्कुराहट कुछ ही समय के लिए सही लेकिन वापिस तो लौट आई थी हम लोगों के साथ खूब इंजॉय कर रहे थे और वह अपनी परेशानी को भूल कर अब हम लोगों के साथ डांस कर रही थी। उस दिन सब लोग बड़े ही खुश थे और अगले दिन हम लोग वहां से वापस अपने-अपने शहरों को लौट आये। मैं वापस मुंबई लौट आया था शगुन दिल्ली में रहती है तो उसके बाद शगुन से मेरा काफी समय तक कोई संपर्क नहीं हुआ। एक दिन शगुन से मैं व्हाट्सएप पर बात कर रहा था तो वह काफी ज्यादा परेशान थी मैंने शगुन को फोन किया और उससे पूछा कि तुम कुछ समय के लिए कहीं घूमने के लिए क्यों नहीं चली जाती। शगुन मुझे कहने लगी कि रोहित मैं भी यही सोच रही थी मेरे पति के साथ तो मेरी बिल्कुल भी नहीं बनती है मैं अपने पति के साथ बिल्कुल भी खुश नहीं हूं अब तुम ही बताओ की क्या यह सब ठीक होगा। मैंने शगुन को कहा कि मैं तुम्हें ट्रैवल एजेंट का नंबर दे देता हूं उससे तुम बात कर लो और कुछ दिनों के लिए ही सही लेकिन तुम कहीं बाहर घूम आओ तुम्हें भी अच्छा लगेगा और तुम्हें काफी चेंज महसूस होगा। शगुन कहने लगी कि हां रोहित यह तो तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो और शगुन कुछ दिनों के लिए अकेले घूमने के लिए जयपुर चली गई।

दिल्ली से जयपुर की दूरी ज्यादा नहीं थी और शगुन ने भी कुछ दिनों की छुट्टी ले ली थी शगुन और मैं उसके बाद एक दूसरे से बातें करने लगे थे मुझे नहीं मालूम था कि शगुन और मेरे बीच भी अब नजदीकियां बढ़ती चली जाएंगी। हालांकि मैं अपने आप को रोकने की कोशिश कर रहा था कि मैं शगुन के ज्यादा नजदीक ना जाऊं क्योंकि शगुन पहले से ही शादीशुदा है और शायद मेरे शगुन के जीवन में जाने से कहीं शगुन के जीवन में और भी ज्यादा परेशानी ना आ जाए। हमारी इतनी ज्यादा नजदीकियां बढ़ जाएंगी मुझे ऐसा बिल्कुल भी पता नहीं था शगुन को मुझसे बात करना अच्छा लगता है और वह मेरे साथ ही बातें किया करती। हम लोग ज्यादा से ज्यादा एक दूसरे से बातें करते तो हमे बहुत ही अच्छा लगता था। जब मैं शगुन से बातें किया करता तो उसकी सारी परेशानी जैसे दूर हो जाया करती थी और वह मुझे कहती कि मैं जब भी तुमसे बातें करती हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और मैं बहुत ही खुश हो जाती हूं। मैं और शगुन एक दूसरे के काफी नजदीक आ चुके थे और हम लोगों की फोन पर ही अधिक बातें हुआ करती थी। मुझे शगुन ने इस बारे में नहीं बताया कि वह अपने पति को डिवोर्स देने वाली है लेकिन उसने यह बात मुझे तब बताई जब उन लोगों का डिवोर्स हो चुका था।

शगुन का डिवोर्स हो जाने के बाद वह बड़ी खुश थी वह चाहती थी कि हम दोनों साथ में जिंदगी बिताएं लेकिन मैं अभी भी दुविधा में था कि मुझे क्या करना चाहिए। मैं शगुन से सिर्फ इसलिए बात कर रहा था कि वह मेरी कॉलेज की अच्छी दोस्ती और इसी वजह से मैं उससे बात कर रहा था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि हम दोनों के बीच में इतनी ज्यादा नजदीकियां बढ़ जाएंगी। मुझे अगर इस बारे में मालूम होता कि शगुन और मेरे बीच में इतनी नजदीकियां बढ़ जाएंगी तो शायद मैं कभी शगुन से इतनी बात ही नहीं किया करता। शगुन चाहती थी वह मेरे साथ ही रहे वह दिल्ली से रिजाइन दे देने के बाद वह मुंबई में आ गई और जॉब करने लगी। शगुन मेरे नजदीक आ चुकी थी शगुन मुझसे हर रोज मिलने लगी थी और हम दोनों के बीच प्यार तो पूरे तरीके से परवान चढ़ चुका था। मेरे पास अब और कोई रास्ता नहीं था कि मैं शगुन को छोड़कर कहीं जाऊं क्योंकि वह मुझ पर भरोसा करती थी। एक दिन उसने मुझे अपने फ्लैट पर बुलाया और वह कहने लगी आज मुझे काफी अकेला महसूस हो रहा है। मैं और शगुन साथ मे बैठे हुए थे हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो हम दोनों को ही अच्छा लग रहा था। शगुन बड़ी खुश थी उसने मेरा हाथ पकड़ते हुए मुझे अपनी और खींचा। जब उसने मेरा हाथ पकड़ते हुए मुझे अपनी और खींचा तो मुझे बड़ा मजा आने लगा शगुन को भी अच्छा लगने लगा मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया था। जब मैं उसके नर्म होठों को किस कर रहा था तो वह मेरी बाहों में चली आई और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। हम दोनो ने एक दूसरे को करीब 2 मिनट तक किस किया उसके बाद जब मैंने उनको बिस्तर पर लेटाया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है।

मैंने उसके बदन से उसके कपड़े उतार दिए और उसका नंगा बदन मेरे सामने था। उसका नंगा बदन देख मैं अपने अंदर की आग को बिल्कुल भी रोक ना सका और मेरे अंदर की आग इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था। मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा अधिक हो चुकी थी। मैंने शगुन को कहा मेरे अंदर की आग बढी हुई है उसे मैं तुम्हारी चूत में उतार कर शांत करना चाहता हूं। शगुन ने अपने पैरों को खोल लिया जब उसने अपने पैरों को खोला तो मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया तो उसकी चूत पर मेरा लंड लगते ही मुझे गर्मी का एहसास हुआ। मैंने उसकी चूत के अंदर एक जोरदार झटके के साथ मोटे लंड को प्रवेश करवा दिया। जब मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह बड़ी जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

अब मैं उसे बड़ी जोरदार तरीके से धक्के मार रहा था मेरे गर्मी कै वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे और भी तेजी से चोदते जाओ मैंने उसे कहा मुझे तुम्हें चोदने मे बड़ा मजा आ रहा है। उसकी सिसकारियां और लगातार बढ़ती जा रही थी उसकी सिसकारियां इतनी अधिक हो चुकी थी कि वह मुझे कहने लगी मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही हूं। मैंने उसको कहा रोक तो मैं भी अपने आपको नहीं पा रहा हूं अब तुम्हें चोदने में मुझे बड़ा मजा आ रहा है। शगुन बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी वह अपनी चूत मरवा कर इतनी ज्यादा खुश थी कि उसके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था कि उसने इतने दिनों से किसी के लंड को लिया नहीं है इसलिए वह बहुत तड़प रही थी मेरा माल शगुन की चूत मे गिरा। उसके बाद जब मैंने उसकी चूतड़ों को अपनी ओर किया और उसकी चूत पर बडी तेजी से प्रहार करना शुरू किया तो उसको मजा आने लगा और मुझे भी बड़ा आनंद आने लगा था। वह खुश हो गई थी वह मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ गया जब मेरे वीर्य की पिचकारी को उसकी योनि में गिराया तो वह खुश हो गई।