कबाड़ी वाले से चुदाई

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नमस्ते मेरे प्यारे साथियों, कैसे हैं आप सभी ? मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | आप सभी को प्रीति की चूत की तरफ से प्यार भरा नमस्कार | मेरा नाम प्रीति देसाई है और मैं तिलेहरी में रहती हूँ | मेरी उम्र चौबीस साल है और मैंने हाल ही में कॉलेज की पढाई कम्प्लीट की हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट पाँच फुट सात इंच है और मेरा फिगर काफी सेक्सी है | मेरे दूध बड़े हैं और मेरे चूतड़ भी बड़े हैं | दोस्तों मैं इस साईट की दैनिक पाठक हूँ और मैं रोज इस साईट को ओपन कर के अपनी मनपसन्द कहानियां पढ़ती हूँ | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी लिखने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी जरुर अच्छी लगेगी और आप लोगो को मेरी कहानी पढ़ कर मजा भी आएगा | तो अब मैं आप लोग का ज्यादा समय नहीं लूंगी और अपनी कहानी लिखना चालू करती हूँ |

ये घटना कुछ हफ्ते पहले की है | मेरे घर में, मम्मी, पापा, छोटा भाई और मैं रहते हैं | मेरे पापा सरकारी नौकरी करते हैं और मम्मी गृहणी है और मेरा छोटा भाई अभी स्कूल में पढाई करता है | एक दिन की बात है मैं सो कर उठी और तो मुझे रोने की आवाज़ आने लगी | मैंने सोचा कि यार इतनी सुबह क्या हो गया ? कौन रो रहा है ? जब मैंने नीचे जा कर देखा तो मम्मी रो रही थी और पापा मम्मी को चुप करा रहे थे | मैंने पुछा कि क्या हुआ है तो पापा ने कहा कि तुम्हारे मामा जी अब नहीं रहे | ये सुन कर मुझे कुछ खास फर्क नहीं पड़ा क्यूंकि वो मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं थे | मेरे मम्मी पापा ने कहा कि हम मामा के घर जा रेहे हैं और हो सकता है कि शाम हो जाये तो तुम रौनक ( मेरा छोटा भाई ) को स्कूल से ले आना और इतना कह कर वो चले गए | जब वो गए तब मेरी आँखे चमक गई |

उस समय मेरे घर के सभी सदस्य किसी के मामा के घर में गए थे और मैं उस दिन को किसी भी हालत में खोना नहीं चाहती थी क्यूंकि मैं बहुत समय से चुदाई के लिए मैंने बहुत इन्तेजार किया था और मैं लंड के लिए बहुत ज्यादा तड़प रही थी | इसलिए मैंने सोचा कि आज जो मुझे मौका मिला है वो मैं किसी भी कीमत में नहीं छोडूंगी | मैंने अपने बॉयफ्रेंड को कॉल किया और पुछा कि कहाँ हो ? तो उसने कहा कि यार मैं तो भेडाघाट घुमने आया हूँ अपने दोस्तों के साथ | तो मैंने कहा यार आज मेरे घर में कोई नहीं है और मैं बहुत चुदासी हो रही हूँ आ जाओ न प्लीज | तो उसने कहा कि यार मुझे तुम्हारे घर पंहुचने में काफी समय लग जायेगा | मैं बहुत निराश हो गई और मैंने फ़ोन काट दी | उसने मुझे दो बार कॉल फिर से किया लेकिन मैंने उसके कॉल को नहीं उठाया और मोबाइल साइलेंट कर दी | मैंने सोचा कि अब कोई और रास्ता नहीं है खुद ही अपनी चूत को चोद कर शांत करना पड़ेगा रोज की तरह | मैं अपने टॉप को निकाल ही  रही थी कि किसी ने दरवाजे पर दस्तक दी | मैंने सोचा कि शायद मेरे घर वाले आ गए होंगे | जब मैंने दरवाजा खोल कर देखा तो सामने कबाड़ी वाला था | मैंने गुस्से में पुछा क्या है ? क्या चाहिए ? उसने कहा कि दीदी कल साहब ने कहा था कि घर आ कर कबाड़ ले जाना | मैंने कहा कि यहाँ कोई कबाड़ नहीं है तुम जाओ | इतना सुन कर वो चला गया और तब मुझे लगा कि अगर मैं इससे चुदवा लूं तो | मैंने बाहर निकल कर उसको आवाज़ दी तो तुरंत ही अपनी साइकिल को मोड़ कर मेरे घर आया | मैंने उससे कहा कि अन्दर आओ | जब वो अन्दर आया तो मैंने अपने दरवाजा बंद कर दी | उसने कहा अरे दीदी आप ये क्या कर रहे हो ? तो मैंने तुरंत ही अपनी ओर खींच ली और उसके होंठ में उसके होंठ रख दी और उसके होंठ को चूसने लगी |

उसको भी मेरा ऐसा करना अच्छा लगा तो वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को चूसने लगा | मैं उसके होंठ को चूसते हुए पेंट के ऊपर से उसके लंड को भी सहला रही थी और वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे चूतड को सहला रहा था | मैंने उसके होंठ को करीब दस मिनट तक चूसी | फिर मैंने अपने टॉप को उतार कर अलग कर दी और वो मेरे दूध को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | उसके बाद उसने मेरे ब्रा को भी उतार कर मुझे ऊपर से पूरी नंगी कर दिया और मेरे एक दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मजे लेने लगी | फिर उसने मेरे दूसरे दूध को मुंह में ले कर चूसना लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसके सिर पर हाँथ फेरने लगी | उसके उसने मेरे दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा मसलते हुए और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी |

उसके बाद मैंने अपने घुटने जमीन पर टेक कर उसके पेंट को उतार दी और उसने चड्डी तो पहना नहीं था इसलिए मुझे ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी और उसका लंड मरे सामने आ गया तो मैंने उसके लंड को अपने हाँथ में ले कर सहलाने लगी और फिर उसके लंड को चाटने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगा | मैं उसके लंड को हर तरफ से चाट कर गीला कर रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे बालो से खेल रहा था | उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरी पीठ को सहला रहा था | फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से उसके लंड को आगे पीछे करते हुए चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे मुंह को पेल रहा था | फिर मैंने उसके गोटों को अपने मुंह में डाल कर बारी बारी चूसी और उसके मुंह से लगातार आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिसकियाँ निकल रही थी | फिर मैंने अपनी जीन्स को उतारी और पेंटी भी उतार कर साइड में रख दी और उसके सामने जमीन पर ही अपनी टांगे खोल कर लेट गई तो वो मेरी चूत पर अपनी जीभ रख कर चाटने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मदहोश होने लगी |

वो मेरी चूत को एक दम अपनी जीभ अन्दर तक डाल कर चाट रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसके सिर को अपनी चूत पर दबा रही थी | कुछ देर तक उसने मेरी चूत को चाटा और फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत में टिका कर अन्दर डाल दिया और चोदने लगा धक्के मारते हुए तो मैं भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदाई के मजे लेने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दिया और जोर जोर से मेरी चोट को चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी कमर उठा उठा कर चुदवा रही थी | उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया मेरे पीछे आ कर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और मेरे दूध को मसलते हुए चोदने लगा और मैं भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चूत चुदाई के मजे ले रही थी | करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद उसने अपना वीर्य मेरी गांड के ऊपर ही निकाल दिया | उसके बाद मैंने उसे फ्री में 50 रूपए दिए और वो चला गया | चुदाई के बाद मेरी चूत को असली जन्नत का मजा मिला |