जीजाजी मेरी चूत से खून निकल रहा है

Antarvasna sex stories, desi kahani: कावेरी का पैर सीढ़ियों से फिसल गया और वह नीचे गिर गई कावेरी को बहुत चोट आई और मैं कावेरी को तुरंत अस्पताल ले गया। डॉक्टर ने कहा कि कावेरी के पैर की हड्डी टूट चुकी है जिस वजह से उसके पैर पर प्लास्टर कर दिया गया। कावेरी घर का कोई भी काम नहीं कर पा रही थी और बच्चों की देखभाल के लिए भी कोई ना कोई तो घर पर चाहिए ही था इसलिए मैंने घर पर एक मेड रखने का फैसला किया। हालांकि कावेरी ने मुझे मना किया था लेकिन अब मुझे कोई ना कोई तो घर पर रखना ही था जो कि काम संभाल सके। मैंने घर पर नौकरानी रख ली थी और वह कावेरी की देखभाल भी करती और बच्चों की भी देखभाल करती घर का सारा काम वह अच्छे से कर रही थी। मैंने कावेरी से कहा कावेरी क्या तुम पहले से ठीक हो तो कावेरी कहने लगी कि हां मैं अब पहले से ठीक महसूस कर रही हूं। सब कुछ अब ठीक होने लगा था मैं कावेरी को उसके इलाज के लिए अस्पताल भी ले गया डॉक्टर ने कावेरी को आराम करने के लिए कहा था। कावेरी के पैर का प्लास्टर तो हटा दिया गया था लेकिन फिर भी वह घर पर आराम कर रही थी कावेरी की देखभाल हमारे घर की नौकरानी अच्छे से करती है।

कावेरी अब थोड़ा बहुत ठीक होने लगी थी तो कावेरी मुझे कहने लगी कि संजय मुझे आपसे कुछ बात करनी थी मैं उस वक्त ऑफिस से लौटा ही था तो मैंने कावेरी को कहा कावेरी मैं नहा लेता हूं उसके बाद हम लोग बात करते हैं। कावेरी कहने लगी ठीक है आप नहा लीजिए मैं नहाने के लिए बाथरूम में गया और नहाकर जब मैं वापस लौटा तो कावेरी के साथ मैं बैठा हुआ था। कावेरी मुझे कहने लगी कि संजय मैं आपसे यह कहना चाहती हूं कि मेरी छोटी बहन सरिता अपने कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए हमारे साथ आना चाहती है यदि आपको कोई आपत्ति ना हो तो मैं उसे अपने साथ रख सकती हूं। मैंने कावेरी को कहा कावेरी तुम कैसी बात कर रही हो सरिता की जिम्मेदारी यदि हम लोग उठाएंगे तो इससे बढ़कर क्या होगा। मुझे इस बात से कोई भी आपत्ति नहीं थी सरिता अपने कॉलेज की पढ़ाई हम लोगों के साथ रहते हुए ही करना चाहती थी सरिता का स्कूल अभी कुछ समय पहले ही खत्म हुआ था और सरिता जब घर पर आई तो मैंने सरिता से कहा कि सरिता तुम्हें अपनी बहन की देखभाल भी करनी होगी सरिता कहने लगी हां जीजा जी मैं दीदी की देखभाल भी करूंगी।

सरिता घर को अच्छे से सम्भालने लगी थी वह अपने कॉलेज की पढ़ाई भी करती और घर भी संभालती थी। घर में खाना बनाने के लिए मैंने नौकरानी को अभी भी रखा हुआ था परंतु मैं चाहता था कि कावेरी को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। कावेरी और मेरी शादी को काफी वर्ष हो चुके हैं हम दोनों के बीच आज भी वही प्यार है, कावेरी अब काफी ठीक हो चुकी थी और सरिता भी अपने कॉलेज की पढ़ाई अच्छे से कर रही थी। सरिता को हमारे साथ रहते हुए एक वर्ष बीत चुका था और पता ही नहीं चला कि कब एक वर्ष सरिता को हमारे साथ रहते हुए हो गया। इस बीच मैंने भी फैसला किया कि मैं अपना ही कोई बिजनेस शुरू कर लूंगा और मैंने भी अपना बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच लिया था आखिरकार मैंने यह फैसला ले ही लिया। जब मैंने यह फैसला लिया तो मैं इस फैसले से बहुत खुश था लेकिन मेरे सामने मुसीबतें भी बहुत ज्यादा थी मेरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी और यह फैसला मुझे आखिरकार लेना ही था। मैंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और अब मैं बिजनेस करना चाहता था उसके लिए मैंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक कंपनी शुरू की हम लोग अपनी कंपनी को आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन मार्केट में काफी सारे प्रोडक्ट थे जो कि बिल्कुल हमारी तरह ही थे। हम लोग सोचने लगे कि हम लोगों का ऐसा क्या करना चाहिए जिससे कि हमारे प्रोडक्ट की डिमांड मार्केट में लगातार बढ़ती ही जाए। हम लोगों ने मसाले का व्यापार शुरू किया था और उसको बढ़ाने के लिए हम लोग अब दिन-रात एक करने लगे आखिरकार हम लोगों की मेहनत रंग लाई और हमारा बिजनेस अच्छा चल पड़ा। हमारे सामान की डिमांड अब काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी जिस वजह से मुझे अपने पास कुछ और लड़के काम पर रखने पड़े। मेरे पास अब काफी लड़के काम पर हो चुके थे जो कि मार्केटिंग का काम किया करते थे सब कुछ बड़े ही अच्छा से चल रहा था और यह सब कुछ नया ही तो था। मैं और मेरा बिजनेस पार्टनर बड़े ही खुश थे मैं घर पर भी अब कावेरी को पूरा समय दिया करता हूं।

कावेरी एक दिन मुझे कहने लगी कि आज हम लोग बाहर डिनर करेंगे तो मैंने कावेरी से कहा ठीक है लेकिन सरिता कब तक आएगी। उस दिन हम लोग घर पर ही थे कावेरी ने कहा कि सरिता को आने में आज थोड़ा देर हो जाएगी तो मैंने कावेरी से कहा उसकी पढ़ाई तो ठीक चल रही है ना, कावेरी कहने लगी कि हां सरिता की पढ़ाई अच्छे से चल रही है। सरिता से काफी दिनों से मेरी बात नहीं हो पाई थी क्योंकि सरिता अपने कॉलेज के लिए सुबह ही निकल जाया करती थी और जब वह लौटती तो उस वक्त मैं घर पर नहीं होता और जब मैं अपने काम से घर लौटता तो उस वक्त काफी देर हो जाया करती थी इसलिए मैं सरिता से मिल नहीं पाता था। कावेरी के कहने पर मैंने भी फैसला किया कि आज हम लोग बाहर ही डिनर करेंगे हम लोग सरिता का इंतजार कर रहे थे सरिता अब घर पर आ चुकी थी। कावेरी ने सरिता को कहा कि तुम जल्दी से तैयार हो जाओ सरिता ने कहा कि दीदी लेकिन हम लोग कहां जा रहे हैं तो सरिता को कावेरी ने कहा कि तुम पहले तैयार तो हो जाओ। सरिता कहने लगी कि ठीक है मैं अभी तैयार हो जाती हूं और सरिता थोड़ी देर बाद ही तैयार हो गई।

हम लोग डिनर के लिए निकल चुके थे उस वक्त करीब रात के 9:00 बज रहे थे और हम लोग हमारे घर से कुछ दूरी पर ही एक रेस्टोरेंट है वहां पर चले गए। वहां पर हम लोगों ने साथ में डिनर किया काफी समय बाद हम लोग कहीं बाहर आए थे कावेरी भी अब पूरी तरीके से ठीक हो चुकी थी। कावेरी और मैं आपस में बात कर रहे थे सरिता से मैंने पूछा सरिता तुम्हारा कॉलेज कैसा चल रहा है? सरिता कहने लगी जीजाजी मेरे कॉलेज की पढ़ाई अच्छे से चल रही है उस दिन हम लोगों ने डिनर किया और उसके बाद हम लोग घर लौट आए। जब हम लोग घर लौटे तो काफी समय से मैं कावेरी के साथ सेक्स भी नहीं कर पाया था जब मैंने कावेरी की पतली कमर की तरफ देखा तो मैंने उसकी कमर को पकड़ते हुए अपनी और खींचा और उसे अपनी गोद में बैठा लिया। कावेरी के बदन से मैंने कपड़े उतारे और उसे चोदना शुरू किया मैं उसे चोद ही रहा था लेकिन मैं दरवाजे की कुंडी लगाना भूल गया। जब सरिता कमरे मे आई तो उसने हम दोनों को देख लिया वह वहां से चली गई। वह अपने कमरे में चली गई लेकिन मैं अब भी कावेरी की चूत के मजे ले रहा था मैंने कावेरी की चूत के मजे बहुत देर तक लिया। अगले दिन जब सरिता मुझे दिखी तो मैंने सरिता को कहा कल तुमने क्या मेरे और तुम्हारी दीदी के बीच हुए सेक्स संबंध को देख लिया था? सरिता मुझे कहने लगी जीजाजी आप भी कैसी बात करते हैं। मैंने उससे कहा देखो सरिता आगे तुम्हें भी तो यह सब करना ही है सरिता मेरी तरफ देखने लगी वह मुझे इशारे देने लगी थी क्योंकि उसके अंदर भी जवानी फुटने लगी थी वह भी चाहती थी कि वह मेरे साथ चुदाई का आनंद लें आखिरकार उसने मुझे अपने बदन की गर्मी को महसूस करने का मौका दे ही दिया मैं और सरिता बेडरूम में लेटे हुए थे। जब मैं उसके नर्म होठों को चूम रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था उसके नरम होंठों का रसपान करने मे मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि उसके होठों को बस चूसता ही रहूं मेरा लंड पूरी तरीके से खड़ा हो चुका था मैं अपने लंड को उसकी चूत में डालने के लिए तैयार था मैंने सरिता को कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो।

सरिता ने पहली बार ही किसी के लंड को अपने मुंह में लिया था इसलिए वह अच्छे से मेरे लंड का रसपान नहीं कर पा रही थी लेकिन जब मैंने अपने लंड को उसके गले के अंदर घुसाया तो वह मुझे कहने लगी जीजा जी आपके साथ तो आज बड़ा मजा आ रहा है। अब वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से चूस रही थी मैंने भी उसके बदन से कपड़े उतारकर उसके बूब्स को दबाना शुरू किया उसके बूब्स को मैं दबाता तो उससे बड़ा ही मजा आ रहा था। वह कहने लगी जीजाजी आपके साथ तो बड़ा आनंद आ रहा है मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाते हुए अंदर की तरफ डालना शुरू किया तो मेरा लंड उसकी चूत के अंदर नहीं घुस रहा था। मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश करते हुए उसकी सील पैक चूत के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा चुका था।

जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता तो वह चिल्लाने लगती वह मुझे कहने लगी जीजाजी मेरी चूत से खून निकल रहा है और मुझे बड़ा डर लग रहा है। मैंने उसे कहा यह तो पहला ही मौका है इसीलिए तो तुम्हारी चूत से खून निकल रहा है। मैंने उससे कहा तुम बिल्कुल भी डरो मत मेरा 9 इंच मोटा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था वह बड़े ही अच्छे से मेरे लंड को चूत के अंदर ले रही थी। उसने मेरी कमर पर नाखून मार दिए थे जिस प्रकार से मैं उसे धक्के मारता उससे उसका बदन पूरी तरीके से हिल रहा था मैंने उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और उसके निप्पलो को जब मैं चूसता तो उसके निप्पल खड़े हो जाते। वह अपने पैरों से मुझे जकडने की कोशिश करने लगी मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर आसानी से हो रहा था मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था लेकिन ज्यादा देर तक मैं उसकी चूत के मजे नहीं उठा सका मेरे लंड से निकलता हुआ वीर्य उसकी चूत के अंदर समा चुका था। जब मेरा वीर्य गिरा तो हम दोनों एक साथ काफी देर तक लेटे रहे उसे बड़ा ही मजा आया और वह बहुत खुश हो गई। उसके बाद तो जैसे उसे मेरे लंड को लेने की आदत हो चुकी थी वह हमेशा मेरे लंड को लेने के लिए तैयार बैठी रहती।