जीजा जी मेरा प्रेमी भी ऐसे ही चोदता है

Antarvasna, desi kahani: मैं अपने ऑफिस से घर लौट रहा था तो मेरी पत्नी सुनैना ने मुझे कहा कि आकाश क्या आप आते वक्त मेरी बहन को घर ले आएंगे। मैंने सुनैना को कहा क्या राधिका घर आई हुई है तो वह कहने लगी कि हां आजकल राधिका घर आई हुई है मैंने सुनैना को कहा ठीक है मैं राधिका को अपने साथ ले आऊंगा। मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाने वाला था मैं जब राधिका को मिला तो राधिका से मैं काफी समय बाद मिल रहा था राधिका जॉब करने के लिए मुंबई जा चुकी थी और वह कुछ दिनों पहले ही वहां से लौटी थी। मैंने राधिका को कहा राधिका तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है तो वह कहने लगी कि जीजाजी मेरी जॉब तो अच्छे से चल रही है लेकिन दीदी मुझे बता रही थी कि आप कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाने वाले हैं। मैंने राधिका को कहा हां मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाने वाला हूं राधिका ने मुझे कहा जीजा जी मैं आपके लिए चाय बना देती हूं मैंने उससे कहा नहीं तुम रहने दो। राधिका घर में अकेली थी इसलिए सुनैना चाहती थी कि वह कुछ दिन हमारे साथ ही रहे।

मैंने राधिका से कहा तुम तैयार हो जाओ तो राधिका कहने लगी कि बस जीजा जी आप मुझे 15 मिनट का समय दीजिए मैं अभी तैयार होकर आती हूं। राधिका तैयार होने के लिए चली गई और मैं रूम में बैठा हुआ था तभी मेरे दोस्त का मुझे फोन आया और वह कहने लगा कि आकाश तुम्हें मालूम है। मैंने उसे बताया तुम किस बारे में बात कर रहे हो तो वह मुझे कहने लगा कि हमारे बॉस का डिवोर्स हो चुका है मैंने उसे कहा क्या तुमने मुझे यह सब बताने के लिए फोन किया है। वह कहने लगा कि नहीं यार मैंने तुम्हें यह बताने के लिए फोन नही किया था बल्कि मैं तुमसे यह कह रहा था कि यदि तुम्हारे पास कुछ पैसे हो तो क्या तुम मुझे कुछ दिनों के लिए दे सकते हो। मैंने उसे कहा ठीक है मैं कल तुम्हें ऑफिस में दे दूंगा मेरा दोस्त कहने लगा कि ठीक है अभी मैं फोन रखता हूं तुमसे बाद में बात करता हूं। करीब 15 मिनट के बाद राधिका भी तैयार हो चुकी थी और हम दोनों साथ में घर आ रहे थे तो मैंने राधिका से पूछा कि राधिका तुम अब जॉब करने लगी हो क्या तुमने कोई लड़का पसंद किया।

वह मुझे कहने लगी कि नहीं जीजा जी अभी तो मैंने ऐसा कुछ भी नहीं सोचा है और जहां मम्मी कहेगी वहीं मैं शादी करूंगी। मैंने उसे कहा चलो यह तो बहुत अच्छा ख्याल है कि तुम ऐसा सोचती हो मैं और राधिका साथ में ही थे हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे से बात की और जब हम लोग घर पहुंच गए तो सुनैना बड़ी खुश हुई। सुनैना ने राधिका को गले लगा लिया और कहने लगी कि तुम कितने समय बाद हमें मिल रही हो राधिका भी सुनैना से मिलकर बड़ी खुशी हो रही थी। राधिका और सुनैना एक साथ काफी देर तक बात करते रहे मैंने सुनैना से कहा मैं फ्रेश हो जाता हूं सुनैना कहने लगी कि ठीक है आप हाथ मुंह धो लीजिए। गर्मी बहुत ज्यादा हो रही थी और शरीर से बहुत ज्यादा पसीना निकल रहा था इसलिए मैंने नहाने का फैसला किया और मैं नहाने के लिए बाथरूम में चला गया। जब मैं नहाने के लिए बाथरूम में गया और नहाकर थोड़ी देर बाद मैं बाहर निकला तो सुनैना और राधिका बात कर रहे थे मैंने सुनैना से कहा मेरे लिए तुम चाय बना दो। सुनैना कहने लगी आकाश मैं अभी आपके लिए चाय बना देती हूं सुनैना ने मेरे लिए चाय बना दी हम तीनों बैठ कर बात कर रहे थे तो मैंने राधिका से कहा तुम मुंबई में किसके साथ रहती हो। राधिका मुझे कहने लगी कि जीजाजी मेरी रूममेट है वह मेरे ऑफिस में ही काम करती है और वह बहुत ही अच्छी है मैंने राधिका से पूछा तुम्हारी रूममेट कहां की रहने वाली है। वह कहने लगी कि मेरी रूममेट नागपुर की रहने वाली है मैं सोच रही थी कि उसे अपने साथ घर ले कर आऊँ लेकिन उसे ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल पाई इस वजह से वह मेरे साथ नहीं आई। मैंने राधिका से कहा तुमने आगे क्या सोचा है तो राधिका कहने लगी कि जीजा जी मुझे तो मुंबई में रहना ही बहुत पसंद है वहां की लाइफ बड़ी तेज है और यहां पर तो बहुत ही बोरिंग लाइफ है मुझे यहां बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा। सुनैना बोलने लगी राधिका लगता है तुम भी मुंबई के रंग में अब पूरी तरीके से रंग चुकी हो। मैंने सुनैना को कहा आखिरकार राधिका वहां नौकरी जो कर रही है थोड़ा बहुत असर तो होगा ही ना, राधिका कहने लगी मुझे तो मुंबई में ही अच्छा लगता है।

मुझे कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाना था और कुछ दिनों के लिए मैं दिल्ली चला गया मैं जब दिल्ली गया तो सोचा कि अपने कुछ पुराने दोस्तों से मुलाकात कर लेता हूं। मैंने अपने दोस्तों को फोन किया क्योंकि मैं अपने ऑफिस के काम से आया हुआ था इसलिए उनसे मिलने का मेरे पास इतना ज्यादा समय तो नहीं था परंतु फिर भी मैंने समय निकाल कर उनसे मिलने का फैसला किया। जब मैं उन लोगों से मिला तो मुझे उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा हालांकि मैं अपने सब दोस्तों से तो नहीं मिल पाया लेकिन जिनसे भी मिला उनसे मिल कर मुझे अच्छा लगा। मेरे दोस्त कहने लगे कि तुमने तो दिल्ली आना ही छोड़ दिया है मैंने उन्हें कहा यार अब परिवार की जिम्मेदारी और नौकरी का बोझ इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि समय ही नही मिल पाता है। मेरे मामा जी भी दिल्ली में रहते हैं लेकिन उनसे मेरी मुलाकात काफी वर्षों से नहीं हो पाई मैंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली से ही की है। मामाजी और मैं एक दूसरे से बात करते रहते हैं लेकिन मैंने उन्हें नहीं बताया कि मैं दिल्ली आया हुआ हूँ यदि उन्हें इस बारे में कुछ पता चलता तो वह मुझे घर आने के लिए कहते इसी वजह से मैंने उन्हें कुछ भी नहीं बताया था।

मामा जी और मैं एक दूसरे के बहुत ही नजदीक है मामा जी ने हमेशा ही मेरी मदद की है मैंने मामा जी को जब भी अपनी समस्या बताई तो हमेशा वह मेरे साथ खड़े नजर आए। मैं अपने ऑफिस का काम खत्म करके वापस घर लौटने वाला था मैं जब चंडीगढ़ लौटने वाला था तो मैंने सुनैना को फोन कर दिया सुनैना कहने लगी कि आप कब तक आ जाएंगे। मैंने सुनैना को कहा मैं आज रात तक घर पहुंच जाऊंगा सुनैना कहने लगी कि ठीक है आप घर आ जाइए मैं आपके लिए खाना बना कर रखती हूं। मैं बस से दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए निकल चुका था और जब मैं चंडीगढ़ पहुंचा तो उस वक्त 8:00 बज चुके थे और घर पहुंचते-पहुंचते 9:00 बज चुके थे। सुनैना और राधिका मेरा इंतजार कर रहे थे सुनैना मुझसे पूछने लगी तुम्हारा दिल्ली का टूर कैसा रहा तो मैंने उसे कहा दिल्ली का टूर तो अच्छा रहा। राधिका भी घर पर ही थी मैंने सुनैना से कहा सुनैना तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं हुई वह कहने लगी कि नहीं मुझे कोई भी परेशानी नहीं हुई। हम तीनो ने साथ में डिनर किया मैंने सुनैना से पूछा बच्चे कहां है तो वह कहने लगी कि बच्चे तो सो चुके हैं मैंने उन्हें पहले ही खाना खिला दिया था। रात को बिस्तर पर मैं सुनैना के साथ सेक्स कर रहा था काफी दिन हो गए थे जब सुनैना और मेरे बीच कोई अंतरंग संबंध नहीं बन पाए थे लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि यह सब राधिका खिड़की के पीछे से देख रही है। जब मेरी नजर राधिका पर गई तो मैं समझ गया राधिका भी अब जवान हो चुकी है उसे भी लंड की आवश्यकता है। मैंने सुनैना की चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराया जब मैं राधिका के कमरे में गया तो राधिका अपनी चूत के अंदर उंगली डाल रही थी। मैं यह सब देखकर राधिका के पास बैठा मैने राधिका के बदन को सहलाना शुरू किया राधिका ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई आखिरकार वह मेरी साली जो है और उसे भी मेरे लंड को अपनी चूत में लेना था। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मेरे लंड की तरफ देखने लगी उसने लपकते हुए मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया। उसने मेरे लंड को जब अपने मुंह मे समाया तो मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था उसने बहुत देर तक मेरे लंड का रसपान किया।

जब मेरे लंड से मेरा वीर्य बाहर आने के लिए तैयार हो चुका था तो उसने अपने मुंह के अंदर ले लिया मैंने उससे कहा तुम्हारे अंदर जवानी फूट रही है? उसने अपने कपड़े उतार दिए उसके गोरे बदन और सुडौल स्तनों को देखकर मैंने अपने हाथों से उसके स्तनों को छूना शुरू किया तो वह मचलने लगी उसने अपनी चूत के अंदर उंगली डाल ली थी। मैंने उसकी उंगली को बाहर निकालते हुए अपनी उंगली जब उसकी चूत मे घुसाई और उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया तो वह पूरी तरीके से तड़पने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही हूं मैं उसकी चूत मे लंड डालने के लिए बेताब था लंड उसकी चूत पर मैंने लगाया तो मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर घुसाना शुरू किया। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जाने लगा था जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश होता तो वह चिल्ला उठी और मुझसे कहने लगी जीजा जी मुझे अपना बना लो?

उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया मैंने भी उसे अपनी बाहों मे जकड़ा हुआ था मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के मार रहा था। मैंने उसकी चूत के मजे बहुत देर तक लिए काफी देर तक उसे चोदने के बाद वह मुझे कहने लगी अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगी। मैंने उसे कहा मुझे लगता है मेरा वीर्य भी बाहर आने वाला है। मैंने उसे डॉगीस्टाइल पोज मे बनाते हुए कहा कि क्या तुम्हें डॉगीस्टाइल पोज पसंद है? वह कहने लगी हां जीजा जी मुंबई में मैंने अपने बॉयफ्रेंड के साथ अपनी चूत मरवाई थी। यह बात सुनकर मैं उसे और भी तेजी से धक्के मारने लगा उसकी चूत मुझसे टकरा रही थी मैं उसे लगातार तेज गति से धक्के मार रहा था। मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था लेकिन उसकी चूत से भी मैंने खून बाहर निकाल दिया था हम दोनों की रगड़न से जो गर्मी पैदा होती उसे हम दोनों ही बर्दाश्त न कर सके मैंने अपने वीर्य को राधिका के गोरी और मुलायम चूतडो के ऊपर गिरा दिया। राधिका बड़ी खुश थी उसने मेरे लंड को पूरी तरीके से चाट कर साफ कर दिया और मुझे कहा जीजा जी आप मुझे नींद आ जाएगी वह सो चुकी थी और मैं भी सुनैना के साथ लेटा हुआ था।