जवानी में लौड़ा प्यारा लगे

hindi chudai ki kahani क्या वाकई जवानी में “लौड़ा” बड़ा प्यारा लगता है ?

मैं हूँ मिस कविता चौधरी ? मैंने यह सवाल कुछ लड़कियों से पूंछा तो उनके जो जबाब मिले वो मैं नीचे दे रही हूँ . आप इन्हें मन लगाकर पढ़ें और एन्जॉय करें .

मेघा :- जी हां , यह बिलकुल सच बात है की जवानी में लौड़ा प्यारा ही नहीं बल्कि बहुत प्यारा लगता है . मैं जब १५ साल की हुई तब मुझे मेरी एक सहेली ने लण्ड पकड़ा दिया था . उस दिन तो मैं खड़ा लण्ड देख कर थोडा डर गयी थी . मैं सोचने लगी कहीं ये काट न ले मुझे ? पर मेरी सहेली ने मेरा हाथ जबरदस्ती उसके लण्ड पर रख ही दिया . पहले एक सेकेण्ड के लिए मैं झिझकी लेकिन फिर पकड़ लिया लण्ड ? मेरी मुठ्ठी पर उसने अपनी मुठ्ठी रख दी और सिखाने लगी मुझे लण्ड पकड़ना ? लण्ड बार बार ऊपर नीचे करना . जब नीचे करती तो लौड़े का सुपाड़ा पूरा खुल जाता और जब ऊपर करती तो सुपाड़ा बंद हो जाता ? मुझे यह खेल देख कर बड़ा मज़ा आने लगा . फिर उसने बताया देखो ये लण्ड का सिर है . लण्ड का माथा है . इसका आकार बड़े सुपाड़े की तरह होता है इसलिए इसे लण्ड का सुपाड़ा कहते है . मुझे उसी दिन उस सहेली ने लण्ड चाटना लण्ड चूसना और लण्ड पीना सिखा दिया . यकीन करो मुझे इतना अच्छा लगा की मैं दूसरे दिन से ही अपने आप पकड़ने लगी लण्ड ? जवानी बढती गयी और मेरी ख्वाहिश भी बढती गयी एक से एक बढ़िया लण्ड पकड़ने की . अब तो मुझे लण्ड के बिना किसी काम में मन ही नहीं लगता ? लण्ड हाथ में आता है तो लगता है की जैसे सारी दुनियां मिल गयी . आज मैं लण्ड चूत में पेलती हूँ, अपनी चूंची पर रगडती हूँ, मुंह में लेती हूँ और लण्ड के जूस का सेवन करती हूँ . सच, बड़ा प्यारा लगता है लण्ड मुझे ? मैं अपनी जान से ज्यादा प्यार करती हूँ लण्ड से ? लण्ड देखते ही मेरे बदन में एक तरह की ऊर्जा अपने आप पैदा हो जाती है .

पूजा :- आये हाय, मुझे तो लण्ड अपनी जान से भी ज्यादा प्यारा लगता है ? मेरे दिल में रहता है लण्ड ? मेरी रगों में रहता है लण्ड ? मेरी जुबान पे रहता है लण्ड ? और आजकल तो मेरी चूत में रहता है लण्ड ? मेरे मुह में रहता है लण्ड ? मैं खाती हूँ तो लण्ड ? पीती हूँ तो लण्ड ? चलती हूँ तो लण्ड ? सोती हूँ तो लण्ड ? मेरे ज़हन में दुनिया में सबसे बड़ी चीज अगर है तो वह है लण्ड ? लण्ड है तो दुनिया है लण्ड नहीं तो दुनियां नहीं ? इसलिए मुझे तो लण्ड बहुत प्यारा लगता है . जैसे आप जीने के लिए सांस लेते है वैसे मैं जीने के लिए लण्ड लेती हूँ . आजकल मैं अपने आस पास ३/४ लण्ड हमेशा रखती हूँ . एक बार मैंने अपनी मौसी को लण्ड पीते हुए देख लिया उसने मुझे तुरंत इशारा करके बुलाया और बोली तू बुर चोदी छिप छिप कर क्यों देखती है मेरा लण्ड पीना . अब तो तुझे भी पीना चाहिए लण्ड ? तू भी माँ की लौड़ी बड़ी हो गयी है . १७ साल में मैं तो चुदाने लगी थी और तू बहन चोद अभी दूर से ही देख रही है लण्ड ? चल पकड़ जल्दी से अंकल का लण्ड ? इधर आ मैं तुझे बताती हूँ लण्ड कैसे पकड़ा जाता है ? बस उस दिन मौसी ने मुझे सिखा दिया . तब से आज तक लण्ड पकडती आ रही हूँ . अब तो २/३ लण्ड रोज़ पकडती हूँ और सब के सब बुर में ले लेती हूँ .

साजिया :- हाय अल्ला, जवानी में तो सिर्फ लौड़ा ही प्यारा लगता है दोस्तों और कुछ नहीं ? मैं जबसे जवान हुई हूँ तबसे लण्ड अपनी छाती से लगा कर घूम रही हूँ . मेरा काम तो एक लण्ड से कभी चलता ही नहीं . मुझे तो एक लण्ड चूंचियों के बीच, एक लण्ड टांगो के बीच और एक लण्ड अपने होठों के बीच मिलना चाहिए . मैं तो एक ही समय पर तीनो लण्ड से चुदवाने का मज़ा लेती हूँ . वैसे मेरे घर में सब मादर चोद जवान है ?

मेरी दीदी, मेरी खाला , मेरी भाभी और मेरी अम्मी ? सभी को लण्ड बड़ा प्यारा लगता है . घर के सारे लण्ड, उनके दोस्तों के लण्ड, दोस्तों के दोस्तों के लण्ड, गली मोहल्लों के लण्ड, ऑफिस के लण्ड सब साले बहन चोद हमारे काम आते है . मैं जब भी किसी मर्द को देखती हूँ तो प्लान करने लगती हूँ की कैसे पकड़ा जाये इसका लण्ड ? एक बार मेरी दीदी का देवर आ गया . मैं उसे बातों बातों में छत पे ले गयी और वही उसकी पैंट के ऊपर से दबा दिया उसका लण्ड और कहा दिखाओ न इस मादर लण्ड चोद को ? मेरे मुंह से गाली और ‘लण्ड’ सुनकर उसमे जोश आ गया . बस मैंने छत का दरवाजा बंद किया और खोल लिया उसका लण्ड ? लण्ड टन्ना कर खड़ा हो गया और मैं चूसने लगी उसे . बड़ी देर तक चूसती रही ? आखिर में झड गया बहन चोद ? मैंने झड़ता हुआ लण्ड चाट लिया . उसके बाद लाईन चालू हो गयी . मैंने उसके दो दोस्तों के भी लण्ड पकडे ? शुरू शुरू में एक दिन मैंने अपनी अम्मी को खालू का लण्ड चाटते हुए देख लिया था . उसने मुझे भी देखा लेकिन कुछ बोली नहीं . फिर दूसरे दिन मुझे बुलाया और पड़ोस के एक अंकल का लण्ड सीधे सीधे मेरे हाथ में रख कर कहा साजिया लो इसे पकड़ो और चाटो . बिलकुल वैसे ही चाटो जैसे मैं कल तेरे खालू का लौड़ा चाट रही थी . मैं चाहती हूँ की तुम्हे लण्ड चाटना लण्ड चूसना लण्ड पीना सब आना चाहिए तभी तुम जवानी का पूरा मज़ा ले पाओगी ? बस उसी दिन से मैं लण्ड चाटना क्या खुल्लम खुल्ला चुदवाने लगी सबसे . मुझे लण्ड बड़ा प्यारा लगने लगा ? अब मैं बिना लण्ड के एक मिनट नहीं रह सकती ? अब तो लण्ड ही मेरी ज़िन्दगी है यार ?

नूरी :- मैं एक क्रिश्चियन लड़की हूँ , मेरे घर में शराब पीना और डांस करना दोनों की पूरी आजादी है . मैं जब १५ साल की हुई तो पूरी जवानी चढ़ गयी थी मेरे ऊपर . मेरी चूंचियाँ बड़ी हो गयी थी . मेरी झांटें निकल आयी थी . मेरे चूतड़ बहन चोद बड़े बड़े हो गए थे . मैं और मेरी चूत में भी सब कुछ होने लगा था . एक दिन मैंने डांस करते समय एक लड़के का लण्ड हिलते हुए देखा . वह एक ढीली ढीले नेकर पहने हुए था . ऊपर कुछ भी नहीं था . बॉडी उसकी अच्छी थी . मैंने डांस करते करते उसके लण्ड पर हाथ मार दिया .

वह मुस्करा पड़ा . फिर मैंने उसे मुठ्ठी में पकड़ लिया तो भी वह मुस्करा पडा . एक बार मैंने उसकी नेकर के अन्दर हाथ डाल दिया और लण्ड पकड़ लिया . मोटा लण्ड मुझे अच्छा लगा . मैंने मजाक मजाक में नेकर नीचे घसीट दी . उसका लौड़ा नंगा दिखने लगा . तब तक मैंने देखा की दो लण्ड और नंगे नाच रहे है .मेरी उत्सुकता बढ़ गयी , फिर मैंने देखा की दो / तीन लड़कियां भी अपनी चूंची खोल कर नाच रही है . दो लड़कियों ने अपनी जींस के दो बटन खोल रखे है . उनकी झांटें साफ साफ दिखा रही है . पीछे से उनकी गांड भी खुल रही है . उस दिन मुझे लण्ड और चूंची दोनों देखने में मज़ा आने लगा . इतने में मैं थोडा अन्दर गयी तो देखा की मेरी मोंम एक अंकल का लौड़ा चाट रही है . इधर दूसरी तरफ आयी तो देखा की एक आंटी मेरे डैड का लौड़ा पी रही है . बस मेरा माथा ठनका और मैं भी एक लड़के का लौड़ा बड़ी बेशर्मी से खोल कर चाटने लगी . वह जब झड गया तो दूसरा लण्ड चाटने लगी . मुझे उस दिन लण्ड बहुत प्यारे लग रहे थे . लड़के भी मेरी चूंची पकड़ने लगे और मैं मस्ती से पकडाने लगी . बस मुझे तभी से लण्ड से मोहब्बत हो गयी . उसके बाद तो मैं लण्ड पे लण्ड पीती रही . १७ साल की उम्र से चुदवाना शुरू कर दिया तबसे आजतक बराबर चुदवाती आ रही हूँ . मैं लण्ड से इतना प्यार करती हूँ की मुझे जिस दिन लण्ड नहीं मिलता उस दिन मैं पागल हो जाती हूँ . अब तो मैं खुले आम नंगी नाचती हूँ . ग्रुप में नंगी नाचती हूँ . लण्ड पकड़ कर नाचती हूँ . चुदवा चुदवा कर नाचती हूँ . मैं लण्ड की दीवानी हो चुकी हूँ .

शालिनी :- वाओ, तुम लण्ड की बात कर रही तो ? लण्ड तो मेरे दिल और दिमाग में हमेशा रहता है .,मेरा मन करता है की मैं कॉलेज के सब लड्कों का लण्ड पकडूँ ? एक तरफ से सबके लण्ड बहन चोद खोल खोल कर देखूँ . और सब लड़कों को अपनी चूंची दिखाऊं अपनी चूत अपनी गांड दिखाऊँ ? बल्कि मैं तो एक पार्टी करना चाहती हूँ जिसमे सब लड़के नंगे होंगे और उनके सामने सब लड़कियां नंगी होगी .

हर एक लड़के को नंगी लड़कियां देखने को मिले और हर एक लड़की को नंगे लड़के देखने को मिले . जवानी में लौड़े बड़े प्यारे लगते है ? मन करता है की मैं ये साले सभी लण्ड गपर गपर करके खा जाऊं . अरे यार जवानी में क्या मैं तो तुम्हे बुढापे के लण्ड के बारे में बताती हूँ . मेरी कॉलोनी में एक अंकल रहते है . वह ६० साल के है अभी रिटायर हुए है . मैं उनसे काफी घुली मिली हूँ . एक दिन मैं उसके घर पहुँच गयी . वह केवल तौलिया लपेटे हुआ था . दरवाजा खोला और मुझे बैठा लिया . सिटकनी बंद कर दी . फिर कहा शालिनी तुम बैठो मैं चाय बना कर लाता हूँ . थोड़ी देर वह दोनों हाथ में गरम गरम चाय लेकर आने लगा, इतने में तौलिया ढीली हो गयी और वह नीचे गिर गयी . वह एकदम नंगा हो गया . मैं फ़ौरन उठी और तौलिया उठाकर कुर्शी पे रख दिया और उसके हाथ से चाय ले ली . मेरी नज़र बड़ी देर तक अंकल के लण्ड पर टिकी रही . क्या लण्ड था यार ? एकदम चिकना लम्बा बड़े सुपाड़े वाला लण्ड ? मेरा तो दिल आ गया उस पर . अंकल ने तौलिया लपेट ली और आगे बढे तो मैंने तौलिया घसीट ली और कहा अंकल अब तो मैंने तेरा लण्ड देख लिया है . अब छुपाने से क्या फायदा ? मेरे मुंह से लण्ड सुनते ही लण्ड टन्ना उठा . मैंने उसे पकड़ लिया और बोली अब तो मैं इसे खाकर ही जाऊंगी अंकल ? मैं लण्ड मुठियाने लगी . लौड़ा और कड़क हो गया . मैं उस चाटने लगी . वह सोफे पे बैठा था मैं नीचे से लण्ड चाट रही थी . फिर उसने मुझे ऊपर बैठाया और मेरी चूंची दबाने लगा और मेरी चूत भी . मैंने झुक कर लौड़ा चूसना शुरू किया . उस दिन मैंने मुठ्ठ मारा और सारा मक्खन खा गयी ,. मैंने कहा अंकल मैं चुदवाने किसी और दिन आऊंगी . तो यार बड़ी उम्र वालों के लण्ड बड़े मस्त होते है . तब से मेरा लण्ड पकड़ने का दायरा बढ़ गया . अब मैं किसी का भी लण्ड छोड़ती नहीं हूँ ? मैंने ठान लिया है की मैं सभी मर्दों के / लड़कों के लण्ड पकड़ा करूँगी . मैंने एक डायरी बनाई है जिसमे मैं नाम के साथ साथ सब लोगों के लण्ड की नाप जोख लिखती हूँ . यानी किसका कितना बड़ा है लण्ड ? कितना मोटा है लण्ड ? जवानी में लण्ड से बढ़कर दुनिया में कोई चीज नहीं है .

सिमरन :- हाय रब्बा तुम लौड़ा की बात कर रही हो ? मैं तो चाहती हूँ की मेरे आगे लौड़ा हो , मेरे पीछे लौड़ा हो , मेरे दाहिनी तरफ लौड़ा हो . मेरी बायीं तरफ लौड़ा हो . मेरा मन है की मेरे चारों तरफ लौड़ा हो और मैं लौडों के बीच में बैठूं . मैं दुनिया भर के लण्ड पकड़ कर देखना चाहती हूँ . मैं चाहती हूँ की मेरे पूरे बदन में लण्ड ही लण्ड घूम रहे हो . मेरे मुहं पे लण्ड, नाक पे लण्ड, माथे पे लण्ड,

मेरी चूंची पे लण्ड, मेरे पेट पे लण्ड, मेरी कमर पे लण्ड, मेरी जाँघों पे लण्ड, मेरी चूत पे लण्ड, मेरी गांड पे लण्ड ? यार ये बुर चोदी जवानी है ही ऐसी ? इस ससुरी जवानी में मुझे लण्ड के अलावा कुछ और सूझ ही नहीं रहा है . मुझे आज अगर जवानी मिल जाए तो मैं उसकी माँ चोद दूं , सच्ची ? जवानी भोषड़ी की इतनी निर्लज्ज और बेशरम है की उसे लण्ड के अलावा कुछ और दिखाई ही नहीं पड़ता ? और वह लण्ड पकड़ कर सबके सामने देख लेती है . मैं उस दिनों १६ साल की थी जब मैं पड़ोस की लज्जा भाभी के घर गयी थी . मैंने देखा की भाभी कमरे में नहीं है . मैं पीछे के कमरे में चली गयी . वहां मैंने चुपके से झाँक कर देखा तो हैरान हो गयी , मैंने देखा की लज्जा भाभी दो लण्ड बारी बारी से चाट रही है . दोनों लण्ड बहन चोद बड़े हलब्बी हैं . मैं देखती रही . मेरी चूत गीली हो गयी , मेरी चूंचियाँ फडकने लगी . भाभी एकदम नंगी थी . वे दोनों आदमी भी नंगे थे . मैं बड़ी हैरान थी की क्या किया जाए ? वहां से जाने का मन नहीं कर रहा था . इतने में भाभी उठी और बाहर जाने लगी . मैं समझी की वह बाथ रूम जा रही है . पर वह मेरे कंधे पे हाथ रख बोली सिमरन आओ तुम भी लौड़ा पकड़ो . अब तुम्हारी उम्र लौड़ा पकड़ने की हो गयी है . मैं उसके साथ कमरे के अन्दर चली गयी . भाभी ने मुझे एक लण्ड पकड़ा दिया और बोली देखो मैं जैसे जैसे कर रही हूँ तुम भी वैसा ही करो ? इस तरह तुम ठीक से लण्ड पकड़ना सीख जाओगी . फिर मैं सिखाऊंगी तुम्हे लण्ड चाटना लण्ड चूसना और लण्ड पीना ? उसके बाद बताऊंगी की कैसे चुदवाई जाती है बुर ? और कैसे मराई जाती है गांड ? बस मैं भाभी के साथ सब कुछ सीख गयी और लग गया मुझे लण्ड पकड़ने का चस्का . मैं हर रोज़ भाभी के घर जाती और ३/४ लण्ड पकड़ कर आती . अब मैं दिन रात लण्ड के सपने देखने लगी . इसी बीच मैंने चुदवाना सीख लिया . गांड मराना सीख लिया . चूंची के बीच लण्ड पेलना सीख लिया . अब मैं हर दिन अपनी बुर में लण्ड घुसाने लगी . थोड़े दिनों में ही भाभी से और पक्की दोस्ती हो गयी ,. बस वह मेरी बुर चोदने लगी और मैं उसकी बुर चोदने लगी . वह मेरे मुंह में लण्ड घुसाने लगी और मैं उसके मुंह में लण्ड ? इतनी मस्ती छा गयी मेरे बदन में की अब मैं बिना लण्ड के एक दिन भी नहीं गुजार सकती ? मैं ३/४ मर्दों से हर दिन चुदवाती हूँ . अब तो
लण्ड ही मेरी दुनिया है और लण्ड ही मेरी जान ?
लण्ड ही मेरा दिल है और लण्ड ही आँख कान ?

सना :- हाय अल्ला, कितना प्यारा सवाल पूंछा है भोषड़ी वाली तुमने ? जवानी में
लौड़ा प्यारा लगता है क्या ? अरी मादर चोद जवानी में लण्ड नहीं अच्छा लगेगा तो क्या लण्ड के पेल्हड़ अच्छे लगेंगे ? जवानी का मतलब है बुर में लण्ड और लण्ड में बुर ? जवानी में अगर लौड़ा चूत में नहीं घुसाया तो जवानी किस काम की ? तो असली जवानी होती है चूत की ? मर्दों की जवानी का मतलब होता है लण्ड ? लण्ड काम का नहीं तो जवानी नहीं . वह भी ऐसा लण्ड हो बुर में घुस सके और उसे चोद सके . मेरी अम्मी कहती है की जिसकी चूत ज्यादा से ज्यादा लण्ड घुसा लेती है वही ज्यादा जवान होती है . हमारे घर में मेरी अम्मी, मेरी खाला, मेरी दीदी, मेरी भाभी है . हम पाँचों में होड़ लगी रहती है की कौन कितने लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ सकती है ? जो ज्यादा लण्ड ले वही ज्यादा जवान है . मेरी अम्मी भी जवान है खाला भी दीदी और भाभी भी ., मैं तो हूँ ही २२ साल की . हम सब आमने सामने ही चुदवाती है , जिसको जो लण्ड मिल गया वही पेल लेती है अपनी बुर में . उस दिन मेरे दो बॉय फ्रेंड्स आये थे .

मैं घर पे नहीं थी तो अम्मी ने उनके लण्ड खोल कर पहले तो खूब हिलाया और फिर भाभी की चूत में घुसेड दिया भाभी ने खूब चुदाया . कल दीदी का हसबैंड आया था यानि मेरा जीजा ? उसे खाला ने अपने कब्जे में कर लिया मैं उसके पास गयी तो देखा की खाला उसका लौड़ा चाट रही है . फिर एक दिन अरमान अली अंकल आ गए बोले सना तेरी माँ यानी मेरी भाभी कहाँ है ? मैंने कहा वो नहीं है कल आएगी . तो अंकल थोडा मायूश हो गए . मैंने कहा काम बताओ न अंकल ? वह बोला नहीं तेरी माँ होती को करती ? मैंने कहा अरे तो क्या तुम काम तो बताओ मादर चोद ? वह बोला बस यही काम था यानी चोदना ? मैंने कहा अम्मी नहीं तो क्या मुझे चोद लो न अंकल . मैं थोड़ी देर के लिए मैं तेरी भाभी बन जाती हूँ तू घुसेड दे अपना बहन चोद लण्ड मेरे भोषडा में ? चोद ले न ? तुझे तो बुर चाहिए भोषड़ी के बस ? वह मान गया . बस मैं खुले आम चुदवाने लगी . बस लण्ड झड़ने ही वाला था की अम्मी आ गयी . अम्मी बोली शाबाश सना तूने इतने बड़े लण्ड से चुदवा लिया यही बहुत बड़ी बात है ? अब लाओ मैं इसका तेल निकालती हूँ मादर चोद का ? एक दिन भाभी का भाई जान आ गया . मेरी नज़र उस पर टिक गयी मेरा मजाक करने का रिश्ता है . मैंने उससे कहा यार भाई जान कभी तुमने किसी की बुर चोदी है . तेरा लौड़ा बुर चोदने काबिल है . वह बोला है न ? बिलकुल है . मैंने कहा तो फिर देर क्यों करता है खोल अपना लौड़ा और पेल दे मेरी बुर में ? मैंने ऐसा कह कर उसका लौड़ा ऊपर से पकड़ लिया . वह बोला दीदी मैं अभी इस ससुरी सना की बुर चोद कर आता हूँ . मैं भी जोश में आ गयी . उस दिन खूब भकाभक चुदवाया मैंने . उसके साथ किसी और ने भी पेल दिया अपना लौड़ा ? वो शायद उसका दोस्त था . इतने में जीजा आ गया. उसने मुझे चुद्वाते हुए देखा तो अपना लण्ड मेरे मुंह में घुसेड दिया . मैं तीन तीन लण्ड से चुदवाने लगी . अम्मी बोली हाय अल्ला, सना तो सबसे ज्यादा जवान होती जा रही है, माँ की लौड़ी तीन तीन मर्दों से इकठ्ठा चुदवा रही है . तो ये होता है जवानी में लण्ड का क्रेज़ ?

मेघा, पूजा, साजिया,नूरी, शालिनी, सिमरन और सना ये है ७ लड़कियां जिन्होंने बेबाक जबाब दिये है . अब मैं इनको कुछ इनाम देना चाहती हूँ .
मैंने कहा :- सुनो सुनो तुम मादर चोदियों को भोषड़ी वालियों को मैं इनाम देना चाहती हूँ क्योंकि तुम सब लोगों के जबाब लाजबाब और बेहतरीन है . मैं इन्हें एक मैगजीन में पब्लिश करूंगी . अब पीछे कमरे में कुछ नंगे लड़के आप लोगों का इंतज़ार कर रहे है . आज रात भर के लिए मैंने तुम सब लड़कियों के लिए दो दो लण्ड का इंतजाम किया है ? पहले अपने अपने लण्ड से चुदाओ फिर लण्ड अदल बदल कर चुदाओ ? अन्दर तुम्हारे लिए १६ लण्ड खड़े इंतज़ार कर रहे है .
सना बोली :-अरे यार हम तो ७ है तो १४ लण्ड की जरुरत है बस ?
मैंने कहा :- और मैं क्या बैठे बैठे तेरी झांटें गिनूंगी . मेरी चूत नहीं है क्या ?
सभी लड़कियां ठहाका लगा कर हंस पड़ी

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