जब मेरी अन्तर्वासना जाग उठी

Antarvasna, hindi sex story: मेरी जॉब लगे हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था लेकिन मैं अपनी नौकरी से काफी खुश था और मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था। मैं सुबह अपने ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था उस वक्त 8:00 बज रहे थे। मां ने मुझे कहा कि सुमित बेटा आज क्या तुम ऑफिस से जल्दी घर आ जाओगे तो मैंने मां को कहा कि मां मैं कोशिश करूंगा लेकिन मैं आपको कह नहीं सकता कि मैं घर जल्दी आ जाऊंगा। मैंने मां को पूछा की मां लेकिन क्या कोई जरूरी काम है जो आप मुझे घर जल्दी आने के लिए कह रही हो तो मां कहने लगी कि बेटा तुम्हारी बहन को देखने के लिए आज लड़के वाले आ रहे हैं। मेरी बहन की शादी की तैयारियां शुरू होने लगी थी और उसके लिए अब रिश्ते भी आने लगे थे इसलिए मैंने भी मां से कहा कि ठीक है मां मैं कोशिश करूंगा कि मैं घर जल्दी आ जाऊं।

मैं उस दिन अपने ऑफिस से जल्दी घर आ गया था, मैं जब घर पहुंचा तो उस दिन लड़के वाले मेरी बहन को देखने के लिए आये तो उन्होंने मेरी बहन को पसंद कर लिया और कुछ ही समय बाद उसकी सगाई हो गई। मेरी दीदी की सगाई हो जाने के बाद मैं इस बात से बड़ा खुश था कि दीदी की सगाई हो चुकी है और जल्द ही दीदी की शादी भी होने वाली थी। समय का पता ही नहीं चला कि कब दीदी की शादी हो गई। जब दीदी की शादी हो गई तो उसके बाद वह अपने ससुराल चली गई दीदी हम लोगों से मिलने के लिए तो बहुत कम ही घर आया करती थी। जब वह आती तो हम लोगों को बहुत अच्छा लगता है और हम लोग साथ में काफी अच्छा समय बिताया करते है। सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था मेरे जीवन में सब कुछ ठीक हो चुका था मेरी जॉब से मैं बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि मेरी सैलरी भी कुछ समय पहले ही बड़ी थी और सब कुछ मेरी जिंदगी में ठीक चल रहा था।

एक दिन मैं और कंचन साथ में ही बैठे हुए थे कंचन मेरे साथ ऑफिस में ही जॉब करती है और हम दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों से रिलेशन चल रहा था। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो कंचन मुझे कहने लगी कि सुमित तुम्हें मेरे घर वालों से बातें कर लेनी चाहिए। मैंने कंचन को कहा कि मुझे थोड़ा समय चाहिए होगा लेकिन कंचन मेरी बात कहां मानने वाली थी वह मुझे कहने लगी कि तुम जल्दी से पापा और मम्मी से बात कर लो क्योंकि वह लोग मेरे लिए लड़का देखने लगे हैं और मैं ज्यादा समय तक कोई बहाना नहीं बना सकती हूं। मैंने कंचन को कहा कि ठीक है मैं इस बारे में अपनी फैमिली से बात कर लूंगा उसके बाद मैं तुम्हें बताता हूं। कंचन कहने लगी कि हां तुम अपनी फैमिली से बात कर लो उसके बाद ही मैं तुमसे बात करूंगी। कंचन अपने घर पर एकलौती है और मैंने भी अब सोच लिया था कि मैं अपने घर पर इस बारे में बात करूंगा।

मैंने अपनी फैमिली को इस बारे में सब कुछ बता दिया वह लोग भी इस बात से खुश थे और उन्हें इससे कोई एतराज नहीं था। जब पापा और मम्मी कंचन के मम्मी पापा से मिले तो उन लोगों ने भी हम लोगों के रिश्ते को स्वीकार कर लिया। मैं इस बात से बड़ा खुश था कि कंचन और मैं अब एक होने वाले हैं क्योंकि मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि कंचन और मैं एक हो जाएंगे और हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम बिताने की कोशिश करने लगे। एक रात हम दोनों डिनर पर गए उस दिन हम दोनों साथ में थे मुझे कंचन के साथ में काफी अच्छा लग रहा था और उसे भी मेरा साथ बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं कंचन से बातें कर रहा था तो कंचन मुझे कहने लगी कि जब हम लोगों की शादी हो जाएगी तो उसके बाद हम लोग कुछ दिनों के लिए कहीं घूमने के लिए जाएंगे। मैंने कंचन को कहा कि हां हम लोग घूमने के लिए जरूर जाएंगे। कंचन के अपने कुछ सपने थे जिन्हें की मैं उन्हें पूरा करना चाहता था और मैंने हमेशा ही कंचन को वह खुशी देने की कोशिश की जो उसे चाहिए थी।

मैं कंचन के साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करता था ताकि उसे कभी भी यह ना लगे कि मैं उसे किसी प्रकार की कोई कमी महसूस होने दे रहा हूं। अभी भी हम दोनों की शादी नहीं हुई थी लेकिन जल्दी हम दोनों की शादी की बात शुरू हो चुकी थी और अब हम दोनों शादी करने वाले थे। मैंने कंचन को कहा कि जब हमारी शादी हो जाएगी उसके बाद तुम मेरी पत्नी बन जाओगी। मैं इस बात से बड़ा ही खुश था जल्द ही हम दोनों की शादी की सारी तैयारियां शुरू हो गई। हम दोनों की शादी हो चुकी थी और हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे मैं बड़ा खुश था कि कंचन मेरी पत्नी बन चुकी है। कंचन ने ऑफिस से रिजाइन दे दिया था। हालांकि मैंने उसे मना किया था कि तुम जॉब कर लो लेकिन वह मेरी बात नहीं मानी और कहने लगी कि नहीं सुमित मैं घर पर ही रहना चाहती हूं। कंचन ने ऑफिस से रिजाइन दे दिया और उसके बाद वह ज्यादातर घर पर ही रहा करती थी मैं भी इस बात से बड़ा खुश था कि कंचन पापा मम्मी की देखभाल कर पा रही है। पापा भी थोड़े समय बाद रिटायर होने वाले थे जब पापा रिटायर होने वाले थे तो उस वक्त उन्होंने मुझे कहा कि सुमित बेटा मैं चाहता हूं कि मैं एक छोटी सी पार्टी अरेंज करूं।

मैंने पापा से कहा कि पापा आप उसकी चिंता बिल्कुल भी ना करें मैं आपके लिए पार्टी अरेंज करवा देता हूं। मैंने पापा के रिटायरमेंट की पार्टी अपने दोस्त से कहकर अरेंज करवा दी और पापा बड़े ही खुश थे। पापा रिटायर हो चुके थे और वह ज्यादातर समय घर पर ही रहा करते। मेरे और कंचन के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था। एक दिन मैं और कंचन साथ में बैठे हुए थे। उस दिन मै कंचन से बात कर रहा था कंचन उस दिन ज्यादा ही रोमांटिक नजर आ रही थी। वह मेरे साथ चिपकने की कोशिश करने लगी मैंने भी कंचन को अपनी बाहों में ले लिया और मेरा लंड खड़ा होने लगा।

मैंने कंचन को कहा तुम मेरे लंड को मुंह में ले लो। कंचन को मेरे लंड को चूसने की आदत है वह हमेशा ही मेरे मोटे लंड को बड़े अच्छे से सकिंग करती हैं। मुझे बहुत ही मजा आता है जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करती है। उसने मेरे लंड को मेरे पजामे से बाहर निकाल कर अपने मुंह में ले लिया और वह उसे बड़े ही अच्छे से चूसने लगी जिस तरीके से वह मेरे लंड को सकिंग कर रही थी उससे मैं बहुत ही ज्यादा मजे मे आ गया और कंचन भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। उसे बड़ा ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को चूस रही थी उसने मेरे लंड को अच्छे से चूस लिया था। मेरी गर्मी बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी और मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था।

मैं बहुत ही ज्यादा गरम होता चला गया। मैंने कंचन के बदन से उसके कपड़े उतारे वह आज भी वैसा ही है जैसे हम लोगों ने पहले बार एक दूसरे के साथ में सेक्स किया था। मुझे जब भी कंचन के बदन को महसूस करने का मौका मिल पाता है तो मैं उसके बदन को महसूस कर लेता हूं। मैं कंचन के बदन को महसूस कर रहा था और उसकी गर्मी को मैं पूरी तरीके से बढा चुका था उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ रही थी उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था। हम दोनों बहुत ही ज्यादा गरम हो चुके थे अब मैंने कंचन से कहा मैं तुम्हारी योनि में अपने लंड को डालना चाहता हूं।

कंचन ने भी अपने पैरों को चौड़ा कर लिया उसकी योनि को देखकर मुझे उसकी चूत को चाटने का मन होने लगा और मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। जब मैं ऐसा करने लगा तो मुझे अच्छा लग रहा था और मैं जिस तरीके से उसकी चूत का रसपान कर रहा था मैंने उसकी योनि से पानी बाहर निकाल दिया था। वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी मैंने भी जल्दी से उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया तो उसकी चूत से निकलता हुआ पानी मेरे लंड पर भी लगने लगा था मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए तैयार था।

मैंने जैसे ही अपने लंड को कंचन की योनि के अंदर डाला तो वह चिल्ला कर बोली मेरी चूत में बहुत ज्यादा दर्द होने लगा है। वह मेरा साथ अच्छे से देने लगी थी मैं उसे बडे ही अच्छे से चोद रहा था। मैं उसकी गर्मी को शांत करने की कोशिश कर रहा था वह बहुत जोर से सिसकारियां ले रही थी और मुझे कहने लगी मुझे तुम और भी तेजी से धक्के मारता रहो। मैंने कंचन को बड़ी ही तेज गति से चोद रहा था जिस तरीके से मैं कंचन की चूत मार रहा था उस से वह सिसकारियां लेकर मुझे कहती और तेजी से चोदो। जब मै उसे तेजी से धक्के मारता तो उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ चुकी थी।

मैंने उसको कहा मुझे बड़ा मजा आ रहा है वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैं कंचन की योनि के अंदर बाहर लंड को किए जा रहा था वह जोर से चिल्लाए जा रही थी। मेरे अंदर की गर्मी बढ़ चुकी थी और मेरा वीर्य बाहर आने को तैयार था। मेरा माल कंचन की चूत के अंदर गिरा तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे आज मजा आ गया। वह मेरी बाहों में लेटी हुई थी। मैने और कंचन ने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा लिया हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लेटे थे। हम दोनो एक दूसरे से बातें कर रहे थे ना जाने कब मुझे भी नींद आ गई और कंचन भी सो चुकी थी। मुझे उसकी चूत मारने मे मजा आ गया था जिस तरीके से मैंने उसकी चूत का मजा लिया था।