हम दोनो काबू से बाहर हो गए

Antarvasna, desi kahani: मैंने कुछ दिनों पहले ही नया-नया ऑफिस ज्वाइन किया था ऑफिस का मेरा पहला दिन ही था और उस दिन काफी ज्यादा बारिश हो रही थी जिस वजह से मुझे ऑफिस पहुंचने में देरी हो गई। पहले दिन ही मैं अपने ऑफिस देरी से पहुंचा था उस दिन मैनेजर ने मुझे काफी डांटा और कहा कि राकेश आज तुम्हारा पहला दिन है और आज ही तुम लेट आए हो आगे से कभी भी ऐसा नहीं होना चाहिए मैंने उन्हें कहा हां सर आगे से ऐसा कभी नहीं होगा। अगले दिन से मैं समय पर ऑफिस जाने लगा ऑफिस में ही मैं जब पहली बार ममता से मिला तो ममता से मिलकर मुझे अच्छा लगा ममता के बारे में मैं ज्यादा तो नहीं जानता था लेकिन धीरे-धीरे उसके बारे में मुझे पता लगने लगा। ऑफिस में ममता के लिए ना जाने क्या-क्या बातें होती रहती थी मुझे भी पता चल चुका था कि ममता का डिवोर्स उसके पति से हो चुका है लेकिन उसके बावजूद भी ममता मुझे अच्छी लगती थी उसके बात करने का तरीका और इतनी परेशानियों को झेलने के बाद भी वह टूटी नहीं थी और हमेशा ही वह ऑफिस में अपना पूरा काम करती और अपने काम पर वह पूरा ध्यान देती।

एक दिन मैं और ममता लंच टाइम में साथ में बैठे हुए थे ममता मेरे काफी करीब थी उसी से मैं ज्यादा बातें किया करता था उस दिन हमारे ऑफिस में काम करने वाले निखिल ने मुझे कहा कि ममता के साथ मत रहा करो। मैंने उससे कहा कि लेकिन ममता के साथ मैं क्यों बात नहीं करूंगा और उससे क्यों दूर रहूं तो निखिल ने मुझे कहा कि ममता बिल्कुल भी ठीक नहीं है मैंने उसके बारे में बहुत कुछ सुना है। मैंने निखिल को कहा निखिल लेकिन यह सब सुनने से ही हम किसी के चरित्र का आकलन नहीं कर सकते हमें ममता के बारे में पता ही क्या है ना तो तुम ममता के बारे में अच्छे से जानते हो और ना ही मैं ममता के बारे में अच्छे से जानता हूं हमें सिर्फ इतना ही तो मालूम है कि उसका डिवोर्स हुआ है। शायद यह बात ममता ने सुन ली थी और ममता को यह बात बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी थी अगले दिन से ममता मुझसे बात नहीं कर रही थी मैंने ममता से बात करने की कोशिश की लेकिन उसने मुझसे बात नहीं की ममता ने काफी दिनो तक मुझसे बात नहीं की थी।

एक दिन ऑफिस खत्म होने के बाद मैंने ममता को रोका ममता बस का इंतजार कर रही थी ममता मुझे कहने लगी कि राकेश क्या हुआ मैं तुमसे अगर बात नहीं कर रही हूं तो तुम्हें भी समझ लेना चाहिए कि मैं तुमसे बात ही नहीं करना चाहती हूं। मैंने ममता को कहा देखो ममता क्या मैंने तुम्हें कुछ गलत कहा जो तुम मुझसे बात नहीं कर रही हो ममता के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था लेकिन उसने मुझे कहा कि राकेश मैं तुमसे बात नहीं करना चाहती। मैंने ममता से उसका कारण पूछा तो ममता ने मुझे कहा कि देखो राकेश उस दिन निखिल और तुम आपस में बात कर रहे थे तो मैंने तुम दोनों की बातें सुन ली थी आखिरकार तुम कब तक मेरे लिए ऐसे लोगों से लड़ते रहोगे मैं नहीं चाहती कि तुम मेरे ऊपर इतना एहसान करो। मैंने ममता को कहा ममता इसमें एहसान वाली क्या बात है निखिल ने उस दिन जो तुम्हारे बारे में कहा वह गलत था मैंने निखिल को कहा कि जब हम लोग ममता के बारे में जानते ही नहीं है तो हमें यह सब कहने का अधिकार भी नहीं है। ममता मुझे बोलने लगी कि राकेश मुझे कुछ समय के लिए तुम अकेले ही रहने दो और उसके बाद ममता वहां से चली गई। ममता वहां से चली गई लेकिन मुझे भी लगा कि ममता शायद बहुत ज्यादा परेशान है लेकिन वह अपनी परेशानी को कभी किसी के साथ शेयर नहीं करती है। अगले दिन जब ममता मुझे ऑफिस में मिली तो मैंने ममता से उस दिन बात की और कहा कि क्या तुम मेरे साथ कुछ देर के लिए आज शाम को कॉफी शॉप में आ सकती हो। वह मुझे कहने लगी कि ठीक है राकेश मैं ऑफिस खत्म होने के बाद तुम्हें इस बारे में बता दूंगी। ऑफिस खत्म होने के बाद उस दिन मैं और ममता साथ में बैठे रहे हम दोनों हमारे ऑफिस के पास ही एक कॉफी शॉप है वहां पर हम दोनों बैठे हुए थे। मैंने ममता से कहा कि ममता देखो जो भी तुम्हारे शादी से पहले हुआ तुम मुझसे भूल कर आगे बढ़ चुकी हो और मैं तुम्हारी हिम्मत की बहुत दाद देता हूं कि कम से कम तुम अपनी पिछली जिंदगी भूलकर आगे बढ़ चुकी हो।

ममता के अंदर कहीं ना कहीं इस बात की तकलीफ आज भी थी। ममता ने मुझसे कहा कि राकेश मैंने कितनी मुश्किलों से अपनी पुरानी जिंदगी को भुलाने की कोशिश की है और आगे बढ़ने में मुझे कितना समय लगा मैंने ममता से कहा देखो ममता मुझे पता है तुम बहुत ही अच्छी हो। ममता और मैं एक साथ बैठे हुए थे तो उस दिन ममता ने मुझे अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में बताया और अपने पति के बारे में बताया कि कैसे उसके पति और उसके बीच डिवोर्स हुआ। उसके पति के साथ उसके अच्छे रिश्ते नहीं थे और उसके पति के माता पिता अक्सर ममता के पिताजी से दहेज की मांग करते रहते थे और ममता को भी यह बात ठीक नहीं लगी इसलिए ममता ने डिवोर्स देना ही उचित समझा। ममता ने उससे डिवोर्स तो ले लिया था लेकिन उसकी जिंदगी इतनी आसान नहीं थी ममता मुझे कहने लगी कि राकेश तुम जानते हो कि एक महिला का अकेले जिंदगी बिताना इतना आसान नहीं है यह मैं ही जानती हूं कि मुझे कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन उसके बावजूद भी मैं अभी तक अपनी सारी परेशानियों को भूलकर नौकरी करने की कोशिश कर रही हूं लेकिन यहां भी ऑफिस में लोग मेरे बारे में ना जाने क्या कुछ कहते हैं मुझे यह सब बिल्कुल अच्छा नहीं लगता।

मैंने ममता को कहा देखो ममता तुम यह सब भूलकर अपने काम पर ध्यान दो। उस दिन ममता और मेरे बीच में सब कुछ ठीक हो गया और हम लोग पहले की तरह ही एक दूसरे से बात करने लगे थे। ममता के साथ मेरी काफी अच्छी बातचीत थी ममता को कभी भी कोई तकलीफ होती तो वह मुझे हमेशा कह दिया करती। ममता ने मुझे कहा राकेश क्या तुम आज फ्री हो? मैंने ममता को कहां ममता मैं तो ऑफिस के बाद फ्री हूं। ममता ने मुझे बताया वह अपना घर शिफ्ट कर रही है इसलिए उसे मेरी मदद चाहिए थी। मैंने उस दिन ममता की मदद की ममता को जब भी जरूरत होती तो मैं उसकी हमेशा ही मदद कर दिया करता ममता मुझे अपना अच्छा दोस्त मानती थी मैं भी ममता को अच्छा मानता था। जिस वजह से मैं और ममता एक दूसरे के साथ हमेशा ही अच्छे से समय बिताने की कोशिश किया करते। एक दिन ममता और मैं उसके घर पर थे उस दिन ममता बहुत ज्यादा अकेला महसूस कर रही थी वह काफी ज्यादा अकेला महसूस कर रही थी जिस वजह से उस दिन मैंने ममता को गले लगा लिया। ममता कहने लगी मेरे जीवन मे इतनी सारी तकलीफें आई परंतु उसके बावजूद भी मैंने इन तकलीफों का सामना डटकर किया परंतु कई बार मुझे बहुत अकेलापन महसूस होता। मैंने उसे गले लगाया तो उसके स्तन मुझसे टकराने लगे थे जिससे कि मेरे अंदर एक अलग ही करंट पैदा होने लगा था शायद ममता भी अपने अंदर की गर्मी को रोक नहीं पा रही थी इसलिए जब मैंने ममता के मोटे और बड़े स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा था। ममता के स्तनों को दबाकर मै बहुत ज्यादा खुश हो गया था मैने काफी देर तक ममता के स्तनों का मजा लिया।

जब मैंने ममता की चूत को अपने हाथों से दबाया तो ममता कहने लगी राकेश यह सब ठीक नहीं है लेकिन कहीं ना कहीं ममता भी अपने आपको नहीं रोक पा रही थी और उसके अंदर से निकलती हुई गर्मी अब मुझे साफ नजर आने लगी थी। उसकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी उसकी चूत से इतनी ज्यादा गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी थी कि उसने अपने कपड़े उतार दिए। जब वह अपने कपडे उतारने लगी तो मैंने ममता के बदन को सहलाना शुरू कर दिया। मैं ममता के बदन को सहलाने लगा था जिसके बाद ममता ने मुझे कहा मुझे काफी अच्छा लग रहा है। ममता ने जब मेरे लंड को अपने हाथों में लिया तो उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया मुझे काफी अच्छा लग रहा था।

वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से हिला रही थी उसने मेरे लंड को काफी तेजी से हिलाया जिसके बाद ममता ने मुझे कहां मुझे काफी अच्छा लग रहा है उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर बड़े अच्छे तरीके से उससे चूस रही थी और मेरी गर्मी को वह पूरी तरीके से बढ़ाती जा रही थी। मेरी गर्मी इतनी अधिक बढ़ने लगी थी कि मैंने उसे कहा मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही हूं मुझे काफी अच्छा लग रहा है। ममता ने जब मुझे यह बात कही की मैं अपने आपको नहीं रोक पा रही हू तो मैंने उसकी योनि पर अपने लंड को लगाकर अंदर घुसाया उसकी चूत मे लंड जाते ही वह बड़ी जोर से चिल्लाई वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मै उसकी चूत के अंदर तक अपने लंड को डाल रहा था उससे मुझे अच्छा लग रहा था वह भी बहुत खुश थी। ममता की योनि के अंदर बाहर मेरा लंड बड़ी तेजी से होता तो वह तेजी से सिसकियां ले रही थी उससे मेरे भी अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी। मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ गई थी कि ममता मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी अपने आपको नहीं रोक पा रही हूं तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो। मैंने ममता से कहा मुझे तुम ऐसे ही चोदते रहो मुझे बहुत मजा आ रहा था तो वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ आज सेक्स कर के ऐसा लग रहा है जैसे मैं दुनिया की सबसे खुशनसीब महिला हूं और जिस प्रकार से तुम मुझे चोद रहे हो उससे मैं बहुत ही खुश हूं। करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपने माल को उसकी योनि के अंदर गिरा दिया।