गर्मी से कंडोम फट गया

Antarvasna, sex stories in hindi: मैं और मेरी पत्नी रचना मेरे दोस्त के घर डिनर पर गए हुए थे और उन लोगों के घर जब हम लोग डिनर पर गए तो उन लोगों ने हमारा बड़े अच्छे से स्वागत किया। हम लोग जब वहां से डिनर करके घर लौट रहे थे तो उस वक्त काफी देर हो चुकी थी जब हम लोग घर पहुंचे तो मैंने देखा कि पड़ोस में कुछ लोग घूम रहे हैं जिन्हें कि मैंने उस दिन से पहले कभी नहीं देखा था। उन्हें देखकर मुझे कुछ तो उन पर शक होने लगा और मैंने पुलिस को फोन कर दिया जब मैंने पुलिस को फोन किया तो थोड़ी देर बाद पुलिस वाले वहां पहुंचे और उन्होंने उन लोगों को पकड़ लिया। जब इस बात की खबर पूरी कॉलोनी को चली तो उन्होंने मुझे कहा कि आपने बहुत ही अच्छा किया क्योंकि वह लोग चोर थे और वह चोरी करने के लिए आए हुए थे। मेरी पत्नी और मैं एक दूसरे के साथ बहुत खुश है हम दोनों अपनी शादीशुदा जीवन से बहुत ही खुश है और हमारी शादी को करीब 5 वर्ष होने आए हैं।

इन 5 वर्षों में मेरी पत्नी रचना ने मेरा बहुत ही ध्यान दिया है रचना की वजह से ही आज शायद मैं एक अच्छे मुकाम पर हूं। रचना के पिताजी एक बड़े बिजनेसमैन हैं और जब रचना से मेरी शादी हुई तो उसके बाद ही मेरे जीवन में स्थिरता आने लगी रचना के पिताजी ने मेरी बहुत मदद की और उन्होंने ही हमें एक घर दिलाया। मैं और रचना एक दूसरे से प्यार करते थे लेकिन पहले तो रचना के पिताजी हम दोनों की शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे उन्हें मनाना थोड़ा मुश्किल जरूर था लेकिन वह मान गये। जब वह मान गए तो उसके बाद रचना और मेरी शादी हो गई इस बीच ना जाने हम दोनों ने कितनी तकलीफे देखी लेकिन रचना ने मेरा साथ कभी भी नहीं छोड़ा और आखिरकार रचना मेरी पत्नी बनी ही गई। जब रचना से मेरी शादी हुई थी तो मैं बहुत ज्यादा खुश था और रचना को मैं हमेशा ही खुश रखने की कोशिश करता हूँ। एक दिन रचना मुझे कहने लगी कि राजेश मैं कुछ दिनों के लिए पापा के पास जा रही हूं मैंने रचना को कहा ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए अपने पापा के पास चली जाओ।

रचना अपने पापा के पास कुछ दिनों के लिए चली गई रचना की मम्मी का स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं रहता जिस वजह से रचना के पिताजी ने घर में काम करने के लिए एक नौकरानी को रखा है और एक नर्स उनकी देखभाल करती हैं। रचना अपने पापा के पास चली गई थी और रचना से जब मैंने शाम के वक्त फोन पर बात की तो मैंने उससे पूछा कि घर में पापा मम्मी कैसे हैं उसने मुझे बताया कि वह लोग ठीक हैं। मैंने रचना को कहा ठीक है तुम भी अपना ध्यान दो और मैं तुम्हे लेने के लिए कुछ दिनों बाद आता हूं तो रचना कहने लगी ठीक है। अब मैंने फोन रख दिया था और इसी बीच मेरे कजिन भाई की शादी थी और उस शादी में मुझे जाना था तो मैंने सोचा कि मैं इस बारे में रचना को बता देता हूं। मैंने जब रचना को फोन किया और इस बारे में रचना को बताया तो वह मुझे कहने लगी कि आप शादी से कब लौटेंगे मैंने रचना को कहा मैं शादी से कुछ दिनों बाद लौट आऊंगा। मैं अब शादी में चंडीगढ़ जाने वाला था और कुछ समय मैंने चंडीगढ़ में भी बिताया क्योंकि मैंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ से ही पूरी की थी और मैं अब चंडीगढ़ जाने वाला था। रचना को मैंने इस बारे में बता दिया था और जब मैं चंडीगढ़ के लिए निकला तो मैं अपनी कुछ पुरानी यादों को दोबारा से ताजा करना चाहता था इसलिए मैंने अपने कुछ पुराने दोस्तों को फोन किया जो कि अभी भी चंडीगढ़ में ही रहते हैं। मैंने जब उन्हें फोन किया तो वह लोग बड़े खुश हुए और मैंने उन्हें यह बताया कि मैं चंडीगढ़ आ रहा हूं तो उन्होंने कहा कि तुम चंडीगढ़ कब तक पहुंच जाओगे। मैंने उन्हें कहा कि बस शाम को ही मैं चंडीगढ़ पहुंच जाऊंगा और जब मैं चंडीगढ़ पहुंचा तो मैंने अपने चाचा के घर में अपना सामान रखा और अपने भाई से मिला। हालांकि मेरा कजन भाई मुझसे छोटा है उसके बावजूद भी हम दोनों के बीच बहुत ही अच्छी बॉन्डिंग है। मैं अपने दोस्तों को मिलने के लिए गया मैं अपने सबसे पुराने दोस्त दिलीप को मिला जब मैं दिलीप को मिला तो दिलीप बहुत ही खुश था। दिलीप अपनी शादीशुदा जिंदगी से भी खुश है और वह अपने पिताजी का कारोबार संभाल रहा है उसके पिताजी के इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की दुकान है और उसे ही दिलीप अब आगे बढ़ा रहा है।

दिलीप से जब मैं मिला तो इतने वर्षों बाद उससे मिलकर मुझे अच्छा लगा उसने मुझे पूछा कि राजेश तुमने भी तो शादी कर ली है। मैंने दिलीप को कहा कि हां मैंने भी शादी कर ली है और मैं अपनी पत्नी को यहां इसलिए नहीं लेकर आ पाया क्योकि वह अपने मायके गई हुई है नहीं तो तुम्हें रचना से तुम्हें जरूर मिलाता। मैं अपनी शादी में अपने दोस्तों को नहीं बुला पाया था जिस वजह से दिलीप भी मेरी शादी में नहीं आ पाया था। हम लोग साथ में समय बिताने वाले थे तो दिलीप ने मुझे कहा कि क्या मैं मनोज को भी बुला दूं तो मैंने दिलीप से कहा क्यों नहीं मैंने तो मनोज को पहले ही फोन कर दिया था वह बस कुछ देर बाद तुम्हारी दुकान में आता ही होगा। थोड़ी ही देर बाद मनोज भी वहां आ गया जब मनोज आया तो मैं मनोज से गले मिला उससे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा वह भी मुझे काफी वर्षों बाद मिल रहा था। मनोज से भी मैंने उसके हालचाल पूछे और उसने मुझे बताया कि उसके जीवन में भी सब कुछ अच्छा चल रहा है मनोज और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे दिलीप मुझे कहने लगा कि राजेश आज शाम को तुम मेरे घर पर ही खाना खाने के लिए आओगे। मेरा कजिन भाई भी मेरे साथ बैठा हुआ था तो वह कहने लगा कि घर में पापा बहुत गुस्सा हो जाएंगे।

मैंने उसे कहा कोई बात नहीं कुछ समय दोस्तों के साथ बिताना भी ठीक है और मैं कुछ समय अपने दोस्तों के साथ ही बिताना चाहता था। उस दिन मैं अपने दोस्त के घर डिनर के लिए चला गया शाम को जब हम पुरानी यादों को ताजा कर रहे थे तो मनोज भी अपनी पत्नी के साथ आया हुआ था। हालांकि वह लोग एक दूसरे को अक्सर मिला करते हैं लेकिन उस दिन एक अलग ही माहौल बन चुका था और मैं भी इस बात से बहुत खुश था की इतने समय बाद अपने पुराने दोस्तों के साथ कुछ पल खुशी के बिताने का मौका मिला था। मुझे काफी ज्यादा देर हो चुकी थी, मैंने दिलीप से कहा मैं अब अपने चाचा के घर जाता हूं लेकिन वह कहने लगा तुम यही रुक जाओ मुझे तो अपने चाचा के घर जाना था। मैं रात को ऑटो लेकर अपने चाचा के घर चला गया रास्ते मे मैंने देखा एक सुंदर सी लड़की खड़ी थी और उसे मैंने देखा तो मैंने ऑटो वाले से रूकने के लिए कहा। मैं उसकी तरफ देख रहा था तो उसने मुझे देखते ही कहां की मुझे कहीं ले चलो मेरे राजा। मैंने उसे देखा तो मैं भी अपने आपको रोक ना सका उसे मैंने ऑटो में बैठा लिया फिर मैंने ऑटो वाले से कहा मुझे किसी होटल मे ले चलो और वह मुझे होटल में लेकर चला गया। मैं जब होटल में गया तो मैंने उस लड़की से उसका नाम पूछा उसके उम्र 27 वर्ष के आसपास की थी और उसने मुझे अपना नाम प्रियंका बताया। मैंने उसकी तरफ देखा और उसे कहा क्या तुम मुझे पूरी तरीके से खुश कर दोगे? वह मुझे कहने लगी आप उसकी बिल्कुल भी चिंता ना करें बस मैं तो आपसे पैसे ले लूंगी और आपको पूरी खुशियां दे दूंगी। मैंने उसे पैसे दिए और उसे कहा तुम मुझे पूरी तरीके से खुश कर दो मुझे कोई भी कमी ना रह जाए। वह कहने लगी अब आप यह सब मुझ पर ही छोड़ दीजिए पहले तो मैंने उससे अपने बदन की मालिश करवाई फिर मैंने उससे कहा कि तुम अब नंगी हो जाओ। वह मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और मेरे लंड को चूसने लगी जिस प्रकार से वह लंड को चूस रही थी मुझे बड़ा मजा आ रहा था।

वह कहने लगी मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाऊंगी। मैंने उसे कहा तो फिर तुम्हारी चूत में लंड को में घुसा देता हूं उसने मेरे लंड पर कंडोम को पहना दिया और मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो चुका था। जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालना शुरू किया था तो मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हो चुका था। जब मैं उसे तेज गति से धक्के मार रहा था तो वह मुझे कहने लगी थोड़ा और तेजी से मुझे चोदो। उसने अपने दोनों पैरों को खोल लिया था मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था मैं जिस प्रकार से उसे चोद रहा था मेरा वीर्य बाहर ही नहीं आ रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे लग रहा है आपका वीर्य जल्दी से बाहर नहीं गिरने वाला है। मैंने उसे कहा कितने समय बाद किसी लड़की को चोद रहा हूं।

वह मुझे कहने लगी आप तो बातें भी बड़ी अच्छी करते हैं। मैंने उसके साथ करीब 10 मिनट तक संभोग का आनंद लिया और 10 मिनट के बाद जब मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उसे कहा मुझे लगता है मैं शायद अपने आपको रोक नहीं पाऊंगा। मैंने अपने वीर्य को उसकी चूत के अंदर गिरा दिया लेकिन जब उसकी गांड को मैंने देखा तो मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सका और उसकी गांड मारने के लिए मैं तैयार हो चुका था। मैंने अपने लंड पर कंडोम चढ़ा दिया, मैंने उसकी गांड के अंदर अपने लंड को डालना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी थी। उसके गांड के अंदर लंड जा चुका था वह मुझे कहने लगी और तेजी से मुझे धक्का मारते रहो। मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि गर्मी से वह कंडोम फट जाएगा। जैसे ही कंडोम फटा तो मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा मैं उसे और भी तेजी से धक्के मारने लगा। मैंने उसकी गांड के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया था वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी जैसे ही उसकी गांड मे वीर्य गिरा तो वह मुझे कहने लगी मुझे तो मजा आ गया। उसके बाद उस रात उसके साथ रात भर सेक्स करता रहा।