गरीबी में नहीं जी सकता

desi kahani, kamukta

मेरा नाम आकाश है और मैं सोनीपत का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 23 साल है। मैं पढ़ाई करने के लिए पुणे चला गया। मेरे पिताजी ने मुझे कहा कि तुम कहीं अच्छी जगह पर पढ़ाई करना। जहां तुम्हारा भविष्य अच्छा रहे। तो मैंने भी अपने पिताजी से पुणे के बारे में जिक्र किया और उन्हें कहा कि वहां पर बहुत अच्छी पढ़ाई होती है। मुझे वहीं पर किसी कॉलेज में एडमिशन दिलवा दीजिए। तो उन्होंने मेरा कॉलेज में एडमिशन करवा दिया।  मैं पुणे के एक नामी कॉलेज से MBA कर रहा हूं। मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब मेरा एडमिशन पुणे के कॉलेज में हो गया। मैं कॉलेज के ही हॉस्टल में रहता था। कॉलेज में हमारे बहुत सारे दोस्त हैं। हम लोग काफी मस्तियां करते हैं और कॉलेज में पढ़ाई भी करते रहते हैं। मुझे कॉलेज में मेरे कई नए दोस्त मिले। जिन्हें बहुत ही अलग तरीके का शौक है। कोई पेंटिंग में शौक रखता है। तो कोई गाना अच्छा गाता है।

ऐसे ही सब लोग कुछ ना कुछ अलग करते रहते हैं। मुझे यहां बहुत ही अच्छा लगता है जब वह ऐसा कुछ नया करते हैं लेकिन हॉस्टल में जो लड़का मेरे साथ रहने आया वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वह हर समय उल्टे काम ही करता रहता था। जिसकी वजह से मेरी पढ़ाई में मुझे बहुत परेशानियां होने लगी और मैं उसकी वजह से कुछ पढ़ भी नहीं पाता था। जब भी मैं पढ़ने बैठ जाता हूं। वह बड़ी ही तेज आवाज में गाने लगा देता। मैंने उसे कई बार मना किया कि तुम ऐसा मेरे साथ मत किया करो लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था और हमेशा ही किसी ना किसी तरीके से वह मुझे परेशान करने की कोशिश में लगा रहता था। मैं उसे कुछ कह भी नहीं सकता था क्योंकि वह हमारी कॉलेज का ही था। जब वह नही माना तो एक बार मैंने इसकी शिकायत कॉलेज में की लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं था। वह अपना पक्ष रख देता जिसकी वजह से वह बच जाता। परंतु मुझे भी अब उससे बहुत ज्यादा परेशानी होने लगी थी। मैं किसी भी तरीके से अपना पीछा छुड़ाना चाहता था। मैंने कॉलेज में एप्लीकेशन भी डाली, की मेरा रूम बदली किया जाए लेकिन उन्होंने कहा कि कोई भी रूम खाली नहीं है और अगले साल ही रूम खाली होगा। उसके बाद ही तुम्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।

मैंने इस बारे में अपने दोस्त से बात की। मैंने उसे बताया   कि जो लड़का मेरे साथ रहता है मुझे उससे बहुत ही परेशानी होती है। मुझे पढ़ने में बहुत दिक्कत होती है और मैंने कॉलेज में भी इस बारे में बात की लेकिन वह कह रहे हैं कि अगले साल ही अब  तुम अपना रूम चेंज कर पाओगे। तुम मुझे कुछ ऐसा बताओ कि मैं आराम से अपनी पढ़ाई कर पाऊं। तो उसने मुझे कहा कि जिस सोसाइटी में मैं रहता हूं,  वहां पर एक अंकल है। तो तुम उनके पास ही रह लो। उनका व्यवहार बहुत अच्छा है और वह लोग काफी अच्छे हैं। मैंने उससे कहा कि ठीक है। तुम वहां बात कर लेना। अगर मुझे समझ आता है तो मैं वहीं उनके पास रह लूंगा। अगले दिन मुझे मेरा दोस्त मिला और वह कहने लगा कि मैंने उन अंकल से बात की है और मैं उनके घर पर देखकर भी आया था। वहां पर वह एक रूम में सिर्फ सिंगल ही को रखते हैं और वहां पर अभी ज्यादा लड़के भी नहीं हैं। अब मैं भी उसके साथ उन अंकल के घर पर चला गया और मैंने उनसे बात की। उसके बाद मैंने रूम देखा तो वहां पर फैमिली के जैसा ही माहौल था। मुझे वह देख कर बहुत ही अच्छा लगा। मैंने उन्हें कह दिया कि ठीक है। मैं दो-तीन दिन में आपके यहां पर शिफ्ट कर लूंगा। उसके बाद मैं यहीं पर रहूंगा। तो कहने लगे ठीक है। तुम दो-तीन दिन बाद आ जाना। उसके बाद मैंने अंकल का फोन नंबर ले लिया और दो दिन बाद मैंने फोन करके कहा कि मैं आपके यहां पर आ रहा हूं। वह कहने लगे ठीक है। तुम घर पर पहुंचो, तब तक मैं आता हूं। मैं अपना सामान लेकर उनके घर पहुंच गया। उसके बाद मैं अपने सामान को अच्छे से अपने रूम में रख दिया। अब उनके साथ रहते रहते मुझे काफी समय हो चुका था और उनके घर में उनकी एक लड़की भी थी। जो कि 12वीं में थी और उसका नाम मोहनी था। जब अंकल मुझे मिलते थे तो वह यही कहते रहते थे कि तुम बहुत ज्यादा पढ़ाई करते हो। मैं उन्हें कहता था कि अंकल घर से इतनी दूर आया हूं तो पढ़ाई करने के लिए ही आया हूं। पहले हॉस्टल में मेरे साथ जो लड़का रहता था वह मुझे बहुत ज्यादा परेशान करता था। उसकी वजह से मैं पढ़ाई नहीं कर पा रहा था। इसलिए मैंने आपके यहां पर शिफ्ट किया और मुझे आपके यहां बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन अंकल ने मुझसे कहा कि तुम कभी मोहनी को भी पढ़ा दिया करो। उन्होंने जब यह बात मुझसे कही तो मैं भी उन्हें मना नहीं कर सका। क्योंकि मेरा भी अब उनके साथ घरेलू संबंध बन चुके थे और मैं मोहनी को भी पढ़ाने लगा। वह पढ़ने में बहुत ही अच्छी थी। जब भी मैं उसे पढ़ाता था तो उसकी समझ में बहुत ही जल्दी आ जाता और वह भी मुझे कहती कि आप बहुत ही अच्छे से पढ़ाते हो।  मेरा कॉलेज भी बहुत अच्छे से चल रहा था और अब मुझे रहने की भी कोई परेशानी नहीं थी।

एक दिन मोहनी मेरे पास पढ़ने के लिए आई। जैसे ही वह मेरे पास आ कर बैठी तो उसकी चूत मुझे दिखाई दे रही थी क्योंकि उसने एक छोटी सी स्कर्ट पहनी हुई थी जिसके अंदर से मुझे सब कुछ दिखाई दे रहा था। मैं ऐसे ही उसे बहुत देर से देखे जा रहा था। मैंने तुरंत ही उसकी स्कर्ट को ऊपर करते हुए अपनी उंगली को उसकी चूत में डाल दिया जिससे कि वह बहुत उत्तेजित हो गई और मेरे आगे लेट गई। मैं ऐसे ही अब उसके होठों को किस करने लगा उसके नरम और पतले होंठ मुझे बहुत ही अच्छे लग रहे थे। मैंने बहुत देर तक उसके होठों को ऐसे ही किस करना जारी रखा। जिससे कि वह भी मुझे किस करने लगी और अब मेरे आगे अपने आपको समर्पित कर लिया। अब मैं उसके कपड़ों को खोलते हुए उसके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था। जिससे कि वह बड़ी तेजी से सिसकियां ले रही थी और काफी देर तक ऐसे ही ऐसे ही सिसकियां लेते रही लेकिन मेरा मन अभी नहीं भरा था। मैंने तुरंत ही उसकी  चूत मे अपनी जीभ लगा दी और जैसे ही मैंने उसकी चूत मे अपनी जीभ को रगड़ना शुरू किया तो वह बड़ी जोर जोर से चिल्लाने लगी। अब मुझसे भी सब्र नहीं हुआ और मैंने भी उसकी चूत मे अपना लंड डाल दिया। जैसे ही मैंने अपना लंड डाला तो उसने बहुत ही तेजी से चिल्लाना शुरु कर दिया।

मैंने उसके मुंह मे हाथ रख दिया और वह अब थोड़ा चुप हो चुकी थी लेकिन उसकी सील टूट गई थी। जिससे वह इतना चिल्ला रही थी और मैंने जब नीचे देखा तो सारा खून ही खून हो रखा था। लेकिन मैंने ऐसे ही बड़ी तीव्र गति से उसे झटके मारना जारी रखा। जिससे कि वह अपने पैरों को आपस में मिला लेते और उसकी टाइट चूत और ज्यादा टाइट हो जाती। मुझे बहुत मजा आ रहा था और अब वह भी बहुत मजे ले रही थी। वह काफी तेजी से चिल्ला रही थी और मुझे कहने लगी कि आपके साथ सेक्स करने मे मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा कि अभी तुम मेरे साथ ऐसे ही करते रहो तो तुम्हें अच्छा लगता रहेगा। वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई। मैंने उसे अब अपने लंड पर बैठा लिया और मैं ऐसे ही उसे झटके मार रहा था। लेकिन थोड़ी देर बाद वह भी उत्तेजित हो गई और वह अपने चूतड़ों को मेरे पर ऊपर नीचे करने लगी। जिससे कि मुझे बहुत मजा आता और मैं उसके छोटे छोटे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसता जाता। कुछ देर तक मैंने उसके नरम होठों को भी अपने होठों में लेकर चूसना जारी रखा और ऐसे ही मोहनी कि चूत भी मार रहा था। उसे बहुत ही आनंद आ रहा था वह मुझे कहती कि मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है जब आप इस तरीके से मुझे झटके मार रहे हो। थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उसकी टाइट चूत के अंदर ही अपना वीर्य गिरा दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसको ब्लीडिंग हो रही थी और मेरा माल भी उसकी चूत के अंदर से टपक रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब मैं उसकी चूत से अपने वीर्य को टपकता हुआ देख रहा था।