गांड मारने का शौकिन राजू हलवाई

Antarvasna, desi sex kahani: मैं सुबह नाश्ते की तैयारी कर रही थी जब मैं नाश्ते की तैयारी कर रही थी तो उस वक्त मुझे अवधेश कहने लगे कि क्या तुमने नाश्ता बना दिया है तो मैंने अवधेश को कहा बस 10 मिनट में नाश्ता तैयार हो जाएगा। अवधेश मुझे कहने लगे मुझे रोहित से मिलने के लिए जाना था मैंने अवधेश को कहा बस थोड़ी देर की ही बात है आप रुक जाइए मैं नाश्ता बना देती हूं उसके बाद आप चले जाइएगा। अवधेश कहने लगे ठीक है तुम जल्दी से नाश्ता तैयार कर दो मैंने थोड़ी देर बाद अवधेश के लिए नाश्ता तैयार कर दिया और उसके बाद वह रोहित से मिलने के लिए चले गए। रोहित उनका चचेरा भाई है और उनका बिजनेस पार्टनर भी है जिस वजह से उन दोनों के बीच काफी बनती है जब अवधेश रोहित को मिलने के लिए गए तो मैं घर पर ही थी मैं घर पर अकेली थी तो अकेली काफी बोर हो रही थी सोचा अपनी सहेली को फोन कर देती हूं। मैंने जब अपनी सहेली को फोन किया तो मैंने उससे पूछा तुम क्या कर रही थी तो वह मुझे कहने लगी कि मैं तो घर पर ही थी मैंने अपनी सहेली सुजाता को कहा तुम मुझसे मिलने के लिए आ जाओ मैं भी घर पर अकेली ही हूं।

सुजाता कहने लगी ठीक है मैं थोड़ी देर बाद तुमसे मिलने के लिए आती हूं सुजाता थोड़ी देर बाद मुझसे मिलने के लिए आ गई। जब वह मुझसे मिलने के लिए आई तो काफी समय बाद सुजाता से मैं मिल रही थी तो उससे मिलकर मुझे अच्छा लगा काफी लंबे समय बाद सुजाता से मिलना मुझे अच्छा लगा और सुजाता भी मुझसे कहने लगी कि तुमसे इतने समय बाद मिलकर खुशी हो रही है। सुजाता और मैं बचपन की सहेलियां हैं हम दोनों की शादी को 15 वर्ष हो चुके हैं सुजाता और मेरी शादी एक ही वर्ष में हुई थी। मैं सुजाता के हाल चाल पूछने लगी मैंने सुजाता को कहा तुम्हारे पति और तुम्हारे ससुराल में सब लोग कैसे हैं तो सुजाता मुझे कहने लगी कि घर में सब लोग अच्छे हैं और मैंने अक्षत को बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया है। अक्षत सुजाता का बड़ा लड़का है मैंने सुजाता को कहा लेकिन तुमने उसे बोर्डिंग स्कूल में क्यों भेजा वह कहने लगी कि यहां पर उसकी पढ़ाई अच्छे से हो नहीं पा रही थी और मुझे लगा कि उसे मुझे बोर्डिंग स्कूल में भेज देना चाहिए इसलिए हम लोगों ने उसे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने के लिए भेज दिया।

मैंने सुजाता को कहा लेकिन तुम्हें उसे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं भेजना चाहिए था सुजाता मुझे कहने लगी कि पहले तो मैं भी यही सोच रही थी परंतु मेरे पति ने मुझे कहा कि हमें उसे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने के लिए भेज देना चाहिए मैं भी मान गई और मैंने उसे पढ़ने के लिए बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया लेकिन मुझे अब अक्षत की बड़ी याद आती है। मैंने सुजाता को कहा सुजाता यह फैसला तुमने खुद ही तो लिया था लेकिन अब इसमें तुम्हें इतना सोचना नहीं चाहिए सुजाता मुझे कहने लगी कि हां कल्पना तुम ठीक कह रही हो। मैंने सुजाता को कहा तुम्हें अब इस बारे में इतना नहीं सोचना चाहिए तुम इस बात को भूल कर अब यह सोचो कि कैसे तुम अक्षत को आगे बढ़ता हुआ देखना चाहती हो। सुजाता मुझसे कहने लगी हां कल्पना तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो जब सुजाता ने मुझसे यह कहा तो मैंने सुजाता को पूछ ही लिया कि क्या तुम्हारे देवर ने लव मैरिज कर ली है तो सुजाता कहने लगी कि तुम्हें यह बात कहां से पता चली। मैंने सुजाता को कहा मुझे यह बात मीनाक्षी ने बताई थी मीनाक्षी से मेरी मुलाकात कुछ समय पहले हुई थी और वह मुझसे जब मिली थी तो वह इस बारे में बता रही थी। सुजाता कहने लगी कि हां तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो मेरे देवर ने लव मैरेज कर ली है, सुजाता कहने लगी कि अब तुम्हें क्या बताऊं मेरे देवर ने ना जाने क्यों उस लड़की के साथ लव मैरिज कर ली मुझे तो वह बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मैंने सुजाता को पूछा लेकिन तुम्हें वह क्यों पसंद नहीं है तो सुजाता कहने लगी तुम्हें किसी और दिन बताऊंगी अभी तो मुझे घर जाने की देर हो रही है। मैंने सुजाता को कहा कुछ देर और बैठ जाती सुजाता कहने लगी कि फिर कभी आऊंगी और यह कहते हुए वह चली गई मुझे पता ही नहीं चला कि कब शाम के 5:00 बज चुके हैं। सुजाता अब घर से जा चुकी थी और अवधेश का मुझे फोन आया अवधेश का जब मुझे फोन आया तो वह कहने लगे कि कल्पना आज रोहित घर पर आएगा तो तुम उसके लिए भी खाना बना देना वह हम लोगों के साथ ही आज डिनर करेगा मैंने अवधेश को कहा ठीक है।

जब शाम के वक्त रोहित और अवधेश घर पर आए तो मैंने रोहित से उसके हालचाल पूछे तो रोहित कहने लगा कि भाभी मैं तो अच्छा हूं मैंने रोहित को कहा लेकिन काफी दिनों बाद तुम्हें हमारी याद आई। रोहित कहने लगा भाभी आपको तो मालूम ही है कि समय का कितना भाव है यह बात अवधेश भैया से ज्यादा कौन जानता होगा। मैंने अवधेश और रोहित से कहा कि आप हाथ मुंह धो लीजिए मैं आप लोगों के लिए खाना लगा देती हूं मैंने उन लोगों के लिए खाना लगा दिया और बच्चे भी साथ में बैठकर खाना खाने लगे। जब सब लोग खाना खा चुके थे तो मैं रसोई में चली गई और बर्तन धोने लगी रोहित भी जा चुके थे मैंने अवधेश को कहा आज ही सुजाता आई थी। अवधेश कहने लगे कि सुजाता काफी समय बाद तुमसे मिलने के लिए आई थी मैंने अवधेश को कहा हां आज मैं घर पर अकेली ही थी तो सोचा उसे बुला देती हूं जब वह आई तो मुझे आज अच्छा लगा काफी समय बाद सुजाता से मिल पाई थी। अवधेश कहने लगे कि तुमने अच्छा किया जो सुजाता को बुला लिया कम से कम तुम्हारा मन घर पर लग गया होगा अवधेश कहने लगे कि हम लोग इस हफ्ते वाटर पार्क चलते हैं। मैं खुश हो गई क्योंकि मैं काफी समय से सोच रही थी कि कहीं घूमने के लिए हम लोग गए नहीं हैं और अवधेश ने तो मेरे मुंह की बात छीन ली थी।

हम लोग जब वाटर पार्क गए तो वहां पर हम लोगों ने खूब मस्ती की बच्चे भी खुश हो गए थे और अवधेश और मैं भी खुश थे हम लोग जब घर लौटे तो मैंने अवधेश को कहा आज हम सब लोगों ने एक अच्छा समय बिताया तो कितना अच्छा लगा। अवधेश कहने लगे कि हां कल्पना काफी समय बाद हम लोग इतना अच्छा समय साथ में बिता पाए। मैंने अवधेश को कहा आज मुझे तुम्हारे साथ शारीरिक संबंध बनाना है लेकिन अवधेश मेरी बात नहीं माने वह कहने लगे आज मुझे अपने किसी जरूरी काम से जाना है। मेरी चूत में खुजली हो रही थी इसलिए मैं अपने आपको रोक ना सकी मैं चाहती थी कि मैं किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाऊं हमारे पड़ोस में रहने वाला राजू जो कि एक हलवाई भी है उसकी नजर मुझ पर अक्सर रहती थी। उसने जब मुझसे पूछा कि भाभी आज क्या आप घर पर अकेली है तो मैंने उसे कहा हां लेकिन तुम्हें कैसे पता चला? वह कहने लगा भाभी मुझे सब पता है मैंने जब उसको घर आने के लिए कहा तो वह घर आने के लिए राजी हो गया जब वह घर आया तो मैंने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का फैसला कर लिया था। मैं उसके लंड को उसकी पैंट से बाहर निकालकर अपने मुंह के अंदर लेने लगी उसके मोटे लंड को मुंह में लेकर मेरे अंदर की आग बढ गई। राजू बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था उसने मुझे कहा भाभी आपके साथ तो आज मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा तुम्हारे लंड को चूसने में मुझे बहुत आनंद आ रहा है बहुत देर तक हम दोनों एक दूसरे के बदन को महसूस करते रहे लेकिन जब उसने मेरी मुलायम और चिकनी चूत को अपने मुंह में लेकर चाटना शुरू किया तो मैंने उसे कहा आज तो मुझे मजा आ रहा है।

वह मुझे कहने लगा मजा तो मुझे भी बहुत आ रहा है जब मुझे उसने कहा कि भाभी आपको घोडी बना दू तो मैं घोड़ी बनी और उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर प्रवेश करवा दिया उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जा चुका था। अब वह मुझे लगातार तेज गति से धक्के मार रहा था मुझे उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने में बहुत अच्छा लग रहा था वह बहुत ज्यादा खुश भी था। मैंने उसे कहा आज तुम्हारे साथ मुझे सेक्स करने में मजा आ रहा है वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था उसने मुझे बहुत तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। वह मुझे इतनी तेज गति से चोदता मेरा शरीर हिलने लगा मैं उसे कहती मैं रह नहीं पाऊंगी। वह मुझे कहने लगा अभी आपको मेरा साथ देना पड़ेगा उसका लंड मेरी चूत के अंदर बाहर होता मेरे मुंह से चीख निकल जाती मैं चिल्लाते हुए कहती अब मुझसे नहीं हो पाएगा मैं झड़ने वाली हूं।

वह कहां मेरी बात मानने वाला था उसने मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया था मुझे उसके साथ अपनी चूत मरवाने में बड़ा मजा आया। वह मुझे लगातार तेज गति से धक्के मार रहा था मैं अपनी चूतड़ों को उस से मिलाने पर लगी हुई थी मुझे अपनी चूतड़ों को मिलाने में बड़ा आनंद आता मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी मेरी योनि से पानी निकलने लगा था। जब मेरी गांड के अंदर राजू ने अपने लंड को प्रवेश करवाया मैं चिल्ला उठी मैं बहुत ज्यादा चिल्लाने लगी थी लेकिन राजू को बहुत मजा आ रहा था। उसने मेरी गांड के मजे बहुत देर तक लिए मैं पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी मुझसे रहा नहीं जा रहा था मेरे गांड से खून निकलने लगा उसने मेरी गांड के अंदर ही वीर्य को गिरा दिया उसके साथ मुझे बहुत अच्छा लगा मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाकर वह बहुत ज्यादा खुश था। उसके बाद हम लोग एक दूसरे से मिलते ही रहते जब भी अवधेश घर पर नहीं होते तो मैं राजू को घर पर बुला लिया करती ताकि राजू मेरे साथ सेक्स का सुख ले सकें। वह मेरी गांड मारने के पीछे पड़ा रहता था वह जब भी मेरी गांड मारता तो उसे मजा आ जाता और मुझे भी बहुत मजा आता।