गांड के तार हिला दिए

Antarvasna, desi kahani: मैं चंडीगढ़ का रहने वाला एक सामान्य परिवार का लड़का हूं मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से आता हूं और मैंने अभी कुछ समय पहले ही अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। जब मेरा कॉलेज खत्म हुआ तो उसके बाद मैं नौकरी की तलाश में था लेकिन मुझे कहीं अच्छी नौकरी मिल नहीं पा रही थी इसीलिए मैंने पार्ट टाइम के तौर पर एक प्रतिष्ठित दुकान पर काम कर लिया। मैं वहां पर शाम के वक्त ही जाया करता था मैं वहां शाम 6:00 बजे से रात की 11:00 बजे तक काम किया करता और उसके बाद मैं वापस घर लौटता। हर रोज की तरह मेरी यही दिनचर्या थी मेरे जीवन में कुछ भी नया होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा था मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरे जीवन में कोई मकसद मुझे नजर नहीं आ रहा है। मेरे पिताजी घर का खर्चा उठाने में समर्थ जरूर थे लेकिन उसके बावजूद भी मुझे कई बार ऐसा महसूस होता कि यदि मैं भी उनकी मदद करता तो मुझे भी बहुत अच्छा लगता लेकिन ऐसा हो नहीं पाया मैं उनकी मदद नहीं कर पाया। कहीं ना कहीं मेरे दिल में इस बात की तकलीफ जरूर थी कि मैं  उनकी मदद क्यों नहीं कर पा रहा हूं मेरे अंदर यह सवाल था कि मैं उनकी मदद क्यों नहीं कर पा रहा हूं।

मैंने अब कुछ करने के बारे में सोच लिया था और मैं चाहता था कि किसी तरह से मैं अपने परिवार की मदद कर पाऊं क्योंकि मेरी दो बहने हैं और उन दोनों की अभी शादी होनी थी। पिताजी जब मेरी दोनों बहनो की शादी की बात करते तो वह हमेशा ही यह कहते कि मुझे अपनी दोनों बेटियों की शादी धूमधाम से करनी है इसीलिए मैं अपनी जिंदगी को नया मोड़ देने के लिए आगे बढ़ चुका था। मैं मुंबई जैसे बड़े शहर में चला गया मेरे लिए यहां सब कुछ नया था और मैं अपने परिवार को पीछे छोड़ आया था मेरी जेब में सिर्फ कुछ ही पैसे थे जिनसे कि मुझे अपना खर्चा चलाना था लेकिन थोड़े ही समय बाद मुझे मुंबई में नौकरी मिल गई। मैं एक छोटे से कमरे में रहा करता था मेरे साथ दो लड़के और रहते थे उनसे मेरी मुलाकात नौकरी के दौरान ही हुई। मेरा खर्चा चलाने के लिए नौकरी से कुछ होने वाला नहीं था इसीलिए मैंने कुछ और करने की सोची उसी दौरान मेरी मुलाकात एक फोटोग्राफर से हुई और उन्होंने मुझे कहा कि क्यों ना तुम फोटोग्राफी करने के बारे में सोचो। मैंने उन्हें कहा लेकिन मेरे पास इतने पैसे नहीं है उन्होंने मेरी मदद की और कहने लगे कि मैं तुम्हारी मदद करूंगा।

उन्होंने मेरी मदद की और उसके बाद मैंने फोटोग्राफी का कोर्स जॉइन कर लिया जहां पर कि मुझे फोटोग्राफी कि काफी कुछ जानकारी मिली। अब मैं वहां से अपना कोर्स पूरा करने के बाद उन्ही व्यक्ति के साथ काम करने लगा उनका नाम रमेश है। रमेश ने मेरी बड़ी मदद की और उसके बाद हम लोग कई बड़े प्रोजेक्ट पकड़ने लगे थे जिससे कि हम लोगों के पास अच्छा पैसा आने लगा था। हालांकि उनकी जान पहचान पहले से ही अच्छी थी इसलिए वह काफी काम खुद ही कर रहे थे परंतु उनकी मदद से मैं अब अपनी जिंदगी को एक नया रास्ता दे चुका था। मैंने अब रहने के लिए एक फ्लैट ले लिया था और कुछ पैसे मैंने घर भी भेज दिए थे। मेरे पास हर महीने कुछ प्रोजेक्ट आ जाया करते जिससे कि मेरा खर्चा चल जाया करता था लेकिन अभी भी मुझे कुछ और करना था इसके लिए मैंने एक ऐड एजेंसी जॉइन कर ली वहां पर भी मुझे काफी काम मिलने लगा और अब मेरा काम अच्छे से चल रहा था। मेरे माता-पिता भी इस बात से बड़े खुश थे मैं चाहता था कि कुछ समय के लिए मैं अपने घर चंडीगढ़ जाऊं इसलिए मैं कुछ समय के लिए चंडीगढ वापस लौट आया। जब मैं चंडीगढ़ वापस आया तो चंडीगढ़ में मेरी मुलाकात मेरे दोस्त आकाश के साथ हुई जब आकाश को मैं मिला तो आकाश मुझे कहने लगा कि अमन तुम काफी समय से दिखाई नहीं दे रहे हो और ना ही तुम्हारा नंबर लग रहा था। मैंने आकाश को बताया कि मैं अब मुंबई में रहता हूं आकाश मुझे कहने लगा कि मुझे तो इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है कि तुम मुंबई में रहते हो। मैंने आकाश को कहा हां मुझे मुंबई में अब काफी समय हो चुका है और मुंबई में मैं फोटोग्राफी का काम करता हूं। आकाश कहने लगा चलो यह तो बड़ी खुशी की बात है कि तुमने अपना काम करना शुरू कर दिया है। आकाश मुझे कहने लगा कि कुछ समय बाद भैया की शादी है तुम भैया की शादी में जरूर आना। मैंने आकाश को कहा ठीक है वैसे भी मैं घर पर ही हूं मैं भैया की शादी में जरूर आ जाऊंगा।

आकाश के साथ मैं काफी समय तक बैठा हुआ था और हम लोगों की काफी बात हुई हमारी कुछ पुराने दोस्तों के बारे में भी बात हुई। अब मैं अपने घर लौट चुका था जब मैं घर लौटा तो मेरी मां मुझे कहने लगी कि अमन बेटा तुम बहुत देर से घर आ रहे हो। मैंने मां से कहा हां मां मुझे आकाश रास्ते में मिल गया था तो आकाश कहने लगा कि तुम दिखाई भी नहीं दिये और ना ही घर की तरफ आये। मैंने मां से कहा मां आकाश को यह बात भी नहीं पता थी कि मैं मुंबई में रहता हूं मां ने मुझे कहा बेटा तुम कुछ खा लो तुमने सुबह से कुछ खाया भी नहीं होगा। मैंने मां को कहा नहीं मां मुझे भूख नहीं है। मैं अपने रूम में बैठा हुआ था और मुझे रमेश जी का फोन आया रमेश जी मुझे कहने लगे कि अमन तुम वापस कब लौट रहे हो। मैंने उन्हें कहा सर मुझे आने में थोड़ा समय लगेगा मैं कुछ दिन अपने परिवार के साथ बिताना चाहता हूं वह कहने लगे कि चलो ठीक है जब तुम आओगे तो मुझे फोन करना।

मैंने रमेश जी से कहा सर क्या कुछ जरूरी काम था तो वह कहने लगे कि नहीं बस सोचा कि ऐसे ही तुम्हें फोन कर लेता हूं। मेरी उनसे बात काफी देर तक हुई और फिर मैंने फोन रख दिया जब मैंने फोन रखा तो मेरी मां कहने लगी कि चलो बेटा कुछ खा लो मैंने भी खाना खा लिया और मैं अपने रूम में लेटा हुआ था। मैं अपने रूम में लेटा हुआ था तो मेरे दिमाग में ना जाने क्या क्या ख्यालात आ रहे थे परंतु मुझे जल्द ही नींद आ गई। कुछ दिनों बाद मैं आकाश के भैया की शादी में भी गया जब मैं आकाश के भैया की शादी में गया तो उस वक्त वहां पर मेरी मुलाकात मेरे कुछ दोस्तों से भी हुई और उनसे मिलकर मुझे बड़ा अच्छा लगा। जब मैंने उन्हें यह बात बताई कि मैं मुंबई में रहता हूं तो सब लोग इस बात से हैरान थे कि मैं मुंबई का रुख पकड़ लिया। मैं इस बात से खुश था कि मैं अपने पैरों पर खड़ा हूं और अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जी पा रहा हूं मैं अपने सपनों को जी पा रहा था यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात थी। मेरे साथ दो-तीन दोस्त बैठे हुए थे तभी सामने से एक भाभी गुलाबी रंग की साड़ी में आई। मेरे दोस्त कहने लगे भाभी कितनी ज्यादा माल है। हम सब दोस्तों में शर्त लगी भाभी से कौन बात करेगा मैंने भी सोचा कि चलो आज मैं भी देख लेता हूं लेकिन मुझे नहीं पता था कि भाभी मेर बातो में फंस जाएंगी और वह मुझसे बात करने लगी। उन्होंने मुझे अपना नाम बताया भाभी का नाम कविता है और कविता भाभी से मैं जब बात कर रहा तो मेरे दोस्त मुझे देखकर जल जरूर रहे थे। मुझे नहीं पता था कि भाभी मुझे जब अपने घर पर अगले दिन बुलाएंगी तो मुझे सेक्स का पूरा मजा देंगी उन्होंने मुझे सेक्स का पूरा पाठ पढ़ाया जब अगले दिन में घर पर गया था। उन्होंने मुझे कहा अमन आओ ना बैठो मैं उनके बगल में जाकर बैठा उन्होंने मेरी छाती पर अपने हाथ को रखा जब वह मेरी छाती को सहलाने लगी तो मेरा लंड खड़ा होने लगा। मैंने भी उनके ब्लाउज के अंदर हाथ डालते हुए उनके स्तनों को दबाया जब मैंने उनके स्तनों को दबाया तो वह चिल्ला उठी और कहने लगी तुम तो बड़ी तेजी से मेरे स्तनों को दोबा रहे हो? मैंने उन्हें कहा आपके स्तन इतने बढ़िया है उनको दबाने में मजा आ रहा है।

मैंने उनके ब्लाउज को उतार फेंका था और उनकी ब्रा को भी मैंने उतार दिया था मैंने अब उनके स्तनों को दबाकर अपने मुंह में लेना शुरू किया तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था काफी देर तक मै उनके स्तनों का ऐसे ही चूसता रहा। मुझे बहुत मजा आया जब मैने उनके स्तनों को दबाया मेरे अंदर की गर्मी बढ़ जाती अब वह अपने आपको रोक ना सकी और उन्होंने मेरी जींस को उतारते हुए मेरे लंड को बाहर निकाला। जब उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसका रसपान करना शुरू किया तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था वह अपने मुंह के अंदर तक मेरे लंड को ले रही थी। कविता भाभी अब इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी कि वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी उन्होंने अपनी साड़ी को उतार दिया। मैंने भी उनसे पेटिकोट को ऊपर करते ही उनकी चूत और उनकी बड़ी गांड को दबाना शुरू किया। मैंने उनकी चूत के अंदर उंगली डाली तो वह मुझे कहने लगी जानेमन अब इतना ना तड़पाओ। मैंने अपने लंड पर थूक लगाते हुए उनकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया जैसे ही मेरा लंड उनकी चूत में घुसा तो उनके मुंह से बड़ी तेज चीख निकली और वह कहने लगी तुमने तो मेरी चूत फाड़ डाली।

मैंने कहा भाभी जी आपकी चूत मारने में तो आनंद आ रहा है मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए जिससे उनको बहुत मजा आ रहा था। मुझे वह कहती कि तुम्हारे अंदर गर्मी बहुत ज्यादा है मेरा वीर्य कुछ ही क्षणों बाद गिर गया करीब 5 मिनट की चूत चुदाई के बाद जब मेरा वीर्य उनकी चूत मे गिरा तो उनकी गांड देखकर मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की और उनकी गांड पर अपने लंड को सटाते हुए अंदर की तरफ धक्का दिया। मेरा लंड अंदर की तरफ जाते ही वह चिल्लाने लगी और कहने लगी थोड़ा और तेजी से मारो मेरे पति मेरी गांड मारकर बड़े खुश होते हैं। मैं भी उनके साथ सेक्स का मजा ले रहा था और उनकी गांड के अंदर बाहर मेरा मोटा लंड होता तो वह बड़ी तेज आवाज मे चिल्लाती मै उनकी गांड तेजी से मारता। मैं उनकी गांड बड़ी तेजी से मार रहा था मुझे उनकी गांड मारने में जो आनंद आता वह मेरे लिए अलग था। कविता भाभी ने मुझे अपनी गांड के मजे बड़े ही अच्छे तरीके से दिए बहुत देर तक मैंने उनकी गांड की गर्मी के मजे लिए मै उनकी गांड की गर्मी को बर्दाश्त ना कर सका और मेरा वीर्य उनकी गांड के अंदर ही गिर चुका था।