गांड का शेप देखकर लंड हिलोरे मारने लगा

antarvasna, hindi sex story  हेलो दोस्तों, मेरा नाम रोहन है मैं इंदौर का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 28 वर्ष है। मेरे पिताजी अभी कुछ समय पहले ही रिटायर हुए हैं और वह जब से रिटायर हुए हैं तब से वह घर पर ही हैं लेकिन उनका मन घर पर बिल्कुल भी नहीं लगता। एक दिन वह मुझे कहने लगे बेटा रोहन मेरा घर पर बिल्कुल मन नहीं लगता मैं कुछ काम करने की सोच रहा हूं। मैंने उन्हें कहा पापा आप कोई दुकान खोल दीजिए। वह कहने लगे हां तुमने यह बिल्कुल सही कहा। मैं एक दुकान खोल लेता हूं ताकि इसमें मेरा मन लगा रहे। मैंने उनकी दुकान खोलने में मदद करवाई और उसके बाद वह दुकान में ही बैठे रहते हैं। उनका दुकान से इतना ज्यादा लगाव हो गया है कि वह घर भी नहीं आते। उनकी दुकान में भी कुछ बुजुर्ग लोग आ जाते हैं और वह उनके साथ ही बैठे रहते हैं। कई बार तो उन्हें फोन करते करते हम लोग परेशान हो जाते हैं लेकिन वह घर आने का नाम नहीं लेते परंतु मुझे इस बात की खुशी है कि कम से कम उनका मन तो लगा रहता है। नहीं तो वह घर में भी अकेले बैठ कर बोर होने लगते थे।

मेरी मम्मी तो अपने घर के कामों में ही लगी रहती है वह ज्यादा किसी के साथ बात नहीं करती वह घर पर ही रहती हैं। मेरी मम्मी का जिस प्रकार का नेचर है मेरा भी उन्हीं की तरह नेचर है। मैं भी ज्यादा किसी के साथ बात नहीं करता और जब तक मुझे ऐसा नहीं लगता कि आप मेरी इनसे पूरी तरीके से जान पहचान हो चुकी है तब तक मैं उनसे खुलकर बात नहीं करता। मेरी मम्मी मुझे एक दिन कहने लगी बेटा हमारे एक दूर के रिश्तेदार हैं उनके घर पर शादी है मैं तो उनके घर नहीं जा सकती और तुम्हारे पिताजी ने भी जाने से मना कर दिया है इसलिए तुम्हें ही उनके घर जाना पड़ेगा। मैंने उनसे पूछा कि वह लोग कहां रहते हैं? मेरी मम्मी कहने लगी वह लोग भोपाल रहते हैं और तुम्हें उनके पास जाना ही पड़ेगा। मैंने कहा चलो ठीक है मैं ही चले जाता हूं। मैंने मम्मी से पूछा उनके घर में शादी कब है? वह कहने लगी उनके घर में अगले महीने शादी है। तुम अगले महीने अपने ऑफिस से छुट्टी ले लेना।

मैंने कहा कि मम्मी मैं अगले महीने ऑफिस से छुट्टी ले लूंगा आप मुझे याद दिला देना। अब मैं अपने काम पर बिजी हो गया था और जब मेरी मम्मी ने मुझे कहा कि बेटा मैंने तुम्हें भोपाल जाने के लिए कहा था। मैंने मम्मी से कहा हां मम्मी मुझे याद है। मैंने अपने ऑफिस में छुट्टी के लिए एप्लीकेशन डाल दी है और मुझे छुट्टी भी मिल जाएगी। मैं भोपाल बस से ही जा रहा था। मैं जिस बस में बैठा था उसकी मैंने ऑनलाइन टिकट करवा ली थी और जब मैं सीट में बैठा तो मेरे बगल वाली सीट खाली थी बाकी सारी सीटों के सब लोग आ चुके थे लेकिन मेरी सीट खाली थी। तभी कन्डेक्टर मेरे पास आए और कहने लगे हैं कि क्या आपने भी यह सीट बुक की है? मैंने उन्हें कहा नहीं मैंने यह सीट नहीं बुक की है। मुझे नहीं पता कि यह सीट किसकी है। उन्होंने अपने हाथ से एक पर्चा निकाला और उसमें देखा तो उसमें किसी महिला का नाम था। कंडक्टर ने उस महिला को फोन किया और कहा कि आप जल्दी आ जाइए बस निकलने वाली है। वह महिला कुछ देर बाद आ गई और वह बड़ी जल्दी में आई थी इसलिए उसकी सांस फूल रही थी। उसने कंडक्टर से पूछा कि मेरी कौन सी सीट है? कंडक्टर ने उसे सीट नंबर बताया और मेरे बगल में बैठा दिया। उन महिला ने अपना सामान रखवा कर मेरे बगल में बैठ गयी। वह पूरा पसीना पसीना हो रही थी। मैं भी चुपचाप अपनी सीट में बैठा हुआ था और मैंने उनसे कुछ बात नहीं की परंतु जब मैंने उन्हें कहा कि आप बिल्कुल सही वक्त पर आई तो उन्होंने मुझसे बात करनी शुरू कर दी। उन्होंने अपना इंट्रोडक्शन दिया। उनका नाम कोमल है। वह मुझे कहने लगे दरअसल मैं अपना एक सामान भूल गई थी इसलिए मुझे आने में लेट हो गई। मैंने उनसे पूछा क्या आप इंदौर में ही रहती है? वह कहने लगी हां मैं इंदौर में ही रहती हूं। उनके साथ मेरी अच्छे से बात हो रही थी और काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे के साथ बात करते रहे। मैंने उन्हें कहा आप कुछ काम से भोपाल जा रहे हैं? वह कहने लगी नहीं मैं अपने एक परिचित के घर जा रही हूं। हम लोग जब भोपाल पहुंच गए तो वह ऑटो से निकल गई है और मैं भी ऑटो से अपने रिश्तेदार के घर चला गया। मैं जब उनके घर गया तो मैंने देखा वहां पर कोमल भी हैं। वह मुझे देख कर खुश हो गई और कहने लगे कि यह तो बड़ा अजीब इत्तेफाक है। वह मुझसे पूछने लगे क्या तुम शादी में आए हो? मैंने उन्हें कहा हां मैं शादी में आया हूं। यह लोग हमारे रिश्तेदार लगते हैं।

मैंने उनसे पूछा आप इन्हें कैसे पहचानती हैं? कोमल कहने लगी कि यह मेरे परिचित हैं। मेरे पति और उनके बीच में काफी अच्छे संबंध हैं। तुम यह भी मान सकते हो कि हम लोगों के घरेलू संबंध हैं। मेरे पति नहीं आ पाए इसीलिए उन्होंने कहा कि तुम शादी में चले जाओ इसी वजह से मुझे यहां शादी में आना पड़ा। मैंने कोमल से कहा चलिए यह तो बहुत ही अच्छा इत्तेफाक हो गया। कोमल जी और मै कंफर्टेबल हो कर बात करने लगे थे। जिस दिन शादी थी उस दिन उन्होंने जो साड़ी पहनी थी उस साड़ी में उनका बदन ऐसा लग रहा था। जैसे वह सेक्स का सागर हो। उन्हें देखकर मेरा वीर्य गिर ना जाए। मैंने उन्हें कहा कोमल जी आप तो बहुत सुंदर लग रही हैं। वह मुझे कहने लगी यह तो देखने वाले की नजर है कि कौन कैसा लगता है। मैंने उन्हें कहा आप साडी में बड़ा ही हॉट और सेक्सी लग रहा है। मैं उस दिन कुछ ज्यादा ही मूड में हो गया था हालांकि मैं इतनी ज्यादा किसी के साथ बात नहीं करता लेकिन उनके साथ बात करके मुझे अच्छा लगा।

वह भी मुझे कहने लगी आप भी अच्छे लग रहे हैं। यह कहते हुए उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ लिया। मैंने जब उनकी कमर पर अपने हाथ को रखा तो मेरा लंड खड़ा हो गया। वह बाहर की तरफ आने लगा। उन्होंने मेरे लंड को देख लिया था। उन्होंने जब मेरे लंड पर हाथ लगाया तो मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए उतारू हो गया। मैंने उन्हें कहा हम लोग कहीं और चलते हैं। हम दोनों ने एक जगह देख ली वहां पर कोई भी नहीं आ जा रहा था और वहां पर काफी अंधेरा भी था। मैंने उनकी साड़ी को उठाया और उनकी चूत के अंदर उंगली डाल दी। वह इतना ज्यादा गर्म हो गई कि मुझसे लिपट गई और उन्होंने भी मेरे लंड को बाहर निकाल लिया। वह अपने हाथ से मेरे लंड को हिला रही थी। जब उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेना शुरू किया तो वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से सकिंग कर रही थी और काफी देर तक वह मेरे लंड को सकिंग करती रही। मुझे भी उनसे अपना लंड चुसवाकर बहुत मजा आ रहा था। मैंने उनकी साड़ी को उठाया और उनकी गांड को चाटना शुरू कर दिया। मैंने उनकी योनि के अंदर जब अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उनकी बडी गांड को अपने हाथों से पकड़ा हुआ था। कोमल अपनी गांड को मुझसे मिला रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे तुमसे अपनी चूत मरवाकर बहुत मजा आ रहा है। वह अपनी चूतडो को मुझसे इतनी तेजी से मिलाती की मेरे अंडकोष से मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकल गया। जैसे ही मेरा वीर्य बाहर निकला तो मैंने अपने वीर्य को कोमल की योनि के अंदर डाल दिया। मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर जा चुका था। मैंने अपने लंड और उनकी योनि को साफ किया लेकिन उनकी गांड देखकर मेरा मन फिसल गया। मैंने अपने लंड को उनकी गांड मे डालते ही अंदर की तरफ झटके मारना शुरू कर दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड के अंदर घुसा तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम्हारा इतना मोटा लंड है मेरी गांड में दर्द हो रहा है। मैंने उन्हें इतनी तेजी से झटके दिए कि मैं सिर्फ 2 मिनट तक उनकी गांड की गर्मी को झेल पाया। उन्होंने मुझे बहुत ही अच्छे से सेक्स का सुख दिया। मैं अपनी जिंदगी में नहीं भूल सकता। उन्होंने अपनी साड़ी को नीचे किया और मैंने भी अपने कपडो को ठीक किया। हम दोनों दोबारा से शादी में चले गए जब वह चल रही थी तो उनकी गांड बहुत ज्यादा दर्द हो रही थी। उन्होंने मुझे कहा तुमने मेरी गांड फाड दी।