दो बदन एक हो गए

Antarvasna, sex stories in hindi: मेरे बड़े भैया की जॉब कुछ समय पहले ही विदेश में लगी थी और वह विदेश जा चुके थे घर पर अब मैं ही था मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था लेकिन थोड़े ही समय बाद हमारे एग्जाम होने वाले थे। एग्जाम हो जाने के बाद हमारे कॉलेज में काफी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आई और आखिरकार मेरा सिलेक्शन भी हो ही गया। मेरा सिलेक्शन हो जाने के बाद मैं जॉब करने के लिए मुंबई आ चुका था जब मैं जॉब करने के लिए मुंबई आया तो मेरे लिए सब कुछ नया था काफी दिनों तक तो मुझे मुंबई में अपने आपको अर्जेस्ट करने में लगे मेरे अब मुंबई में काफी दोस्त भी बनने लगे थे। मैं जिस सोसाइटी में रहता हूं वहीं पर मेरी दोस्ती कपिल से हुई और जब मैं कपिल से मिला तो कपिल से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा। पहली मुलाकात हम दोनों की लिफ्ट में हुई थी और उसके बाद हम दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई हालांकि कपिल अपने पिताजी का बिजनेस संभालता है लेकिन हम दोनों एक ही उम्र के होने के कारण कपिल अक्सर मेरे फ्लैट पर आ जाया करता।

जब भी वह मुझसे मिलने के लिए आता तो हम लोग काफी समय एक दूसरे से बातें किया करते, एक दिन कपिल ने मुझसे कहा कि आज मैं तुम्हें अपनी गर्लफ्रेंड से मिलाता हूं। मैंने कपिल से कहा कपिल लेकिन मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड से मिल कर क्या करूंगा कपिल ने मुझसे कहा कि नहीं अमित तुम भी मेरी गर्लफ्रेंड सुरुचि से मिलोगे। मैं भी कपिल की बात को मना ना कर सका, मैं जब सुरुचि से पहली बार मिला तो हम लोग आपस में बात कर रहे थे सुरुचि ने मेरे बारे में पूछा तो मैंने उसे बताया कि मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूं। हम लोगों की काफी बात हुई उसके बाद भी मैं सुरुचि से कई बार मिला कपिल के माध्यम से ही मैं सुरुचि से मिलता रहा। कपिल और सुरुचि के बीच बहुत प्यार था और वह दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन कपिल चाहता था कि थोड़ा समय उसे मिल जाए जिसके बाद वह सुरुचि से शादी करें सुरुचि भी यही चाहती थी।

उन दोनों ने जब एक दिन मुझे कहा कि हम लोग तुमसे मिलने के लिए आ रहे हैं तो मैंने कपिल से कहा लेकिन आज क्या कुछ जरूरी काम है मैं अभी ऑफिस से लौट रहा हूं। कपिल ने कहा कि नहीं मैं बस तुमसे मिलना चाहता हूं और सुरुचि भी तुमसे मिलना चाहती है। वह लोग जब मुझसे मिलने के लिए आए तो मुझे तो यह भी याद नहीं था कि आज मेरा जन्मदिन है उन दोनों ने मुझे मेरे जन्मदिन की बधाई दी और मेरा जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए हम लोग रात के वक्त एक रेस्टोरेंट में चले गए और वहां पर हम लोगों ने मेरा जन्मदिन सेलिब्रेट किया। मैं इस बात से बहुत खुश था क्योंकि मेरे लिए तो मेरा परिवार कपिल और सुरुचि ही थे वह दोनों हमेशा ही मुझे खुश रखने की कोशिश किया करते हैं। इसी दौरान कपिल अपने पिताजी के काम में इतना ज्यादा बिजी हो गया कि वह सुरुचि को समय नहीं दे पा रहा था। एक दिन कपिल सुरुचि का फोन नहीं उठा रहा था तो सुरुचि ने मुझे फोन किया और कहा कि अमित क्या कपिल तुम्हारे साथ है मैंने सुरुचि को कहा मैं तो अभी ऑफिस में हूं और कपिल से मेरी मुलाकात काफी दिनों से नहीं हुई है वह अपने पिताजी के साथ कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद गया हुआ है। सुरुचि ने मुझे कहा कि लेकिन कपिल ने मुझे इस बारे में बताया ही नहीं और ना ही वह मेरा फोन उठा रहा है मैंने सुरुचि से कहा आजकल वह अपने पिताजी के साथ कुछ ज्यादा ही बिजी है इसलिए मेरी भी कपिल से कम ही मुलाकात हो पाती है। मैंने रुचि को कहा तुम चिंता मत करो मैं कपिल को कह देता हूं और वह तुमसे बात कर लेगा सुरुचि कहने लगी कि ठीक है यदि तुम्हें कपिल का फोन आया तो तुम कपिल से कह देना कि वह मुझे फोन कर दे। मैंने उसे कहा ठीक है मैं जरूर कपिल को इस बारे में बता दूंगा, मैंने फोन रख दिया था और मैं शाम के वक्त अपने ऑफिस से घर की तरफ लौट रहा था तो मुझे कपिल का फोन आया। जब कपिल का मुझे फोन आया तो मैंने कपिल से कहा कि तुम्हें सुरुचि फोन कर रही थी लेकिन तुमने उससे बात क्यों नहीं की। कपिल मुझे कहने लगा कि उस वक्त पिताजी मेरे साथ ही थे मैं इस वजह से मैं सुरुचि से बात नहीं कर पाया लेकिन अभी मैं सुरुचि को फोन कर देता हूं।

कपिल ने सुरुचि को फोन कर दिया कपिल ने जब सुरुचि को फोन किया तो उसके बाद उसने मुझे फोन किया और कहा कि अमित मुझे तुमसे कुछ मदद चाहिए थी तो मैंने कपिल को कहा लेकिन अमित तुम्हें मुझसे क्या मदद चाहिए। वह मुझे कहने लगा कि मैं कुछ दिनों तक तो अहमदाबाद में ही हूं और शायद मैं कुछ दिनों बाद अहमदाबाद से लौटूंगा लेकिन इसी बीच सुरुचि का जन्मदिन भी है। कपिल ने मुझे कहा कि क्या तुम सुरुचि के जन्मदिन की पार्टी को अरेंज करवा दोगे तो मैंने उसे कहा क्यों नहीं। मैंने कपिल से काफी देर तक बात की कपिल ने मुझे अपने एक दोस्त का नंबर दिया कपिल के दोस्त का एक होटल है और जब कपिल ने मुझे उसका नंबर दिया तो उसके बाद मैंने उसे फ़ोन किया और उसने कहा कि मैं सारा रेंजमेंट करवा दूंगा। कपिल चाहता था कि सुरुचि का जन्मदिन वह कुछ खास बनाया लेकिन कपिल अहमदाबाद में अपने पिताजी के साथ है इसलिए वह मुंबई कुछ दिनों बाद लौटने वाला था। मैंने भी सुरुचि को सरप्राइज़ देने के लिए उसके घर पर एक गुलदस्ता भिजवा दिया।

सुरुचि बहुत ही ज्यादा खुश थी और सुरुचि ने जब अपने घर का दरवाजा खोला तो मैं घर के नीचे ही खड़ा था मैं उसका इंतजार कर रहा था और जब सुरुचि तैयार होकर आई तो हम लोग होटल में चले गए वहां पर हम लोगों ने पूरा अरेंजमेंट किया हुआ था। सुरुचि अभी भी कपिल से फोन पर बात कर रही थी और वह बहुत ही ज्यादा खुश थी मैं भी बहुत ज्यादा खुश था कि मैं कपिल की मदद कर पाया क्योंकि कपिल ने भी हमेशा मेरी मदद की है। सुरुचि का जन्मदिन उस दिन हम बहुत ही अच्छा सेलिब्रेट करना चाहते थे हालांकि कपिल हमारे साथ नहीं था लेकिन कपिल के काफी दोस्त उस होटल में आए हुए थे और सुरुचि को भी बहुत अच्छा लगा। सुरुचि मेरे साथ बैठकर मुझसे बात कर रही थी वह मुझे कहने लगी अमित आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है हालांकि कपिल यहां नहीं है लेकिन तुमने बहुत ही अच्छे से मेरा जन्मदिन सेलिब्रेट किया। मैंने सुरुचि से कहा अब काफी समय हो चुका है और मुझे लगता है हम लोगों को घर वापस लौटना चाहिए? हम लोग कार से घर वापस लौट रहे थे सुरुचि मेरे बगल में ही बैठी हुई थी और हम दोनों की जांघ आपस में टकराते तो उस वक्त मेरे अंदर सुरुचि को लेकर क्यों ऐसे ख्याल पैदा होने लगे मैं उसकी तरफ देख रहा था और वह भी मेरी तरफ देख रही थी। कहीं ना कहीं उसे भी कपिल की कमी महसूस हो रही थी उसने जब मेरे होंठों को चूमना शुरू किया तो मैं भी अपने आपको बिल्कुल रोक ना सका और मैंने भी सुरुचि के होंठों को चूमना शुरू कर दिया हालांकि हम लोग उस वक्त कार में ही थे। हम दोनों इतने ज्यादा उत्तेजित हो चुके थे अब हम अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाए। मैं और सुरुचि मेरे फ्लैट मे आ गए जब हम लोग फ्लैट पर आए तो मैं सुरुचि को किस कर रहा था। जब मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया तो वह अब अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली डालनी शुरू की। मैंने सुरुचि के कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे और उसके बदन से मैं पूरे कपड़े उतार चुका था वह मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी।

उसके बदन को देखकर मैं अपने आपको रोक ना सका मैंने भी सुरुचि के स्तनों का रसपान करना शुरू किया जब मैं उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था तो उसके निप्पल खड़े हो जाते। मै उसकी चूत की तरफ बढ़ा मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया जब मैं उसकी चूत को चाट रहा था तो वह बहुत गर्म हो रही थी और उसके अंदर की गर्म बढने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही हूं उसने मुझसे कहा तुम मेरी चूत के अंदर लंड डाल दो। मैंने भी उसकी चूत पर अपने लंड को सटाया और उसके दोनों पैरों को खोलते हुए मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मेरा लंड सुरुचि की चूत के अंदर जाते ही वह बड़ी जोर से चिल्लाई और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही ज्यादा मोटा है।

मेरा लंड सुरुचि की चूत के अंदर तक जा चुका था मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था मुझे उसे चोदने में इतना आनंद आ रहा था कि मैं अपने आपको बिल्कुल रोक ही नहीं पा रहा था मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और काफी देर तक मैं उसे अपने नीचे लेटा कर चोदता रहा। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता रहा जब मेरा माल गिरने वाला था तो मैंने अपने माल को सुरुचि की चूत के अंदर गिराया। सुरुचि की बिना बाल वाली चूत मार कर मुझे बहुत ही अच्छा लगा उसके बाद मैंने उसे ना जाने कितने ही तरीके से चोदा मैंने करीब पांच बार सुरुचि के साथ सेक्स का आनंद लिया। वह रात मेरे लिए बड़ी यादगार थी। हमने इस बारे में कभी कोई बात नहीं की लेकिन मैं जब इस बारे में सोचता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता हालांकि अब कपिल और सुरुचि की शादी हो चुकी है लेकिन मेरे लिए यह बड़ा ही यादगार पल था कि मैं सुरुचि के साथ सेक्स कर पाया। हम दोनों ने कभी भी इस बात का पता कपिल को नहीं चलने दिया और मैं भी कुछ समय बाद शादी करने वाला हूं। मेरी शादी भी तय हो चुकी है और मै इस बात से बहुत खुश हूं। कपिल ने मेरा हमेशा ही बहुत साथ दिया है और वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त है।