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Antarvasna, hindi sex kahani: भैया कुछ दिनों के लिए अपनी छुट्टी लेकर घर आए हुए थे उनका ट्रांसफर कुछ समय पहले पटना में हुआ था और वह पटना से काफी समय बाद घर आए थे। मैं दिल्ली में ही नौकरी करता हूं मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता हूं मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है। हालांकि मेरे परिवार वाले मुझे कई बार शादी के लिए कह चुके हैं लेकिन मैंने उन्हें हमेशा ही यह कहते हुए टाल दिया कि अभी मैं शादी नहीं करना चाहता हूं मुझे लगता था कि मुझे थोड़ा और वक्त चाहिए इसलिए मैंने अभी तक शादी नहीं की थी। पापा का गांव बिहार में है और वह कई वर्ष पहले दिल्ली आ गए थे तब से हम लोग दिल्ली में ही रह रहे हैं। पापा का डेयरी का व्यवसाय है और काफी वर्षो से वह इसी काम को कर रहे हैं हमने उन्हें कई बार कहा कि अब आप यह काम छोड़ दीजिए क्योंकि अब उनकी उम्र हो चुकी है लेकिन पापा है कि वह किसी की बात मानते ही नहीं हैं। उनसे मैंने कई बार कहा है कि आप काम क्यों नहीं छोड़ देते लेकिन वह किसी की बात भी नहीं सुनते भैया भी सरकारी नौकरी पर हैं और मैं भी एक अच्छी कंपनी में नौकरी कर रहा हूं हम लोगों की कमाई से घर अच्छी तरीके से चल रहा है।

कुछ समय पहले भैया और मैंने मिलकर एक घर भी खरीदा था भैया की शादी को हुए 5 वर्ष हो चुके हैं और भैया की छोटी बेटी भी है जिसकी उम्र 3 वर्ष की है। जब मैं अपने ऑफिस से घर आया तो भैया ने मुझे कहा कि सोहन क्यों ना हम लोग आज मूवी देख आये। मैंने जब यह बात पापा से कही तो पापा ने मना कर दिया पापा कहने लगे कि मैं तो मूवी देखने के लिए तुम्हारे साथ नहीं आ सकता हूं। हमने जब अपनी मां को कहा तो उन्होंने भी मना कर दिया अब भैया भाभी और मुझे ही मूवी देखने के लिए जाना पड़ा। हम लोगों ने गुड़िया को घर पर ही मां के पास छोड़ दिया था और हम लोग मूवी देखने के लिए चले गए हम लोगों ने मूवी देखी और उसके बाद हम लोग घर लौट आए। जब हम लोग घर लौटे तो उस वक्त काफी अंधेरा हो चुका था मां ने खाना बना दिया था और मां कहने लगी कि तुम लोग खाना खा लो लेकिन हम लोग बाहर से ही खाना खाकर आ चुके थे इस वजह से हम लोगों ने खाना नहीं खाया।

मां बहुत ही ज्यादा नाराज थी मां ने कहा कि यदि तुम लोग बाहर से खाना खाकर आ रहे थे तो मुझे एक बार बता तो देते मैंने मां से कहा मां आप बेवजह ही गुस्सा मत हो जाया करो। अब हम लोग सोने के लिए चले गए मुझे भी नींद आ चुकी थी और अगले दिन मुझे सुबह अपने ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए मैं जल्दी तैयार होकर अपने ऑफिस चला गया। मैं जब अपने ऑफिस गया तो उस दिन ऑफिस में मुझे बहुत ज्यादा काम था इसलिए उस दिन मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाया और मैं अपने फोन की तरफ भी देख नहीं पाया लेकिन जब मैं शाम के वक्त अपने घर लौट रहा था तो मैंने देखा पापा ने मुझे बहुत फोन किए थे। मैंने उन्हें तुरंत कॉल बैक किया और पूछा कि आप मुझे कॉल कर रहे थे तो वह मुझे कहने लगे कि हां सोहन बेटा मैं तुम्हें इसलिए फोन कर रहा था कि तुम्हारी भाभी की अचानक से तबीयत खराब हो गई है जिस वजह से उन्हें अस्पताल में लेकर जाना पड़ा यही बताने के लिए मैं तुम्हें फोन कर रहा था। मैंने पापा से कहा पापा आज ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था और मेरा फोन साइलेंट पर था इस वजह से मैं फोन उठा नहीं पाया पापा ने कहा कि बेटा तुम हॉस्पिटल में ही चले आओ। मैं अब हॉस्पिटल में ही चला गया मैं जब हॉस्पिटल में गया तो मैंने देखा कि पापा और मम्मी भी हॉस्पिटल में थे मैंने पापा से कहा भैया कहां है तो पापा कहने लगे की वह अपने ससुर जी को लेने के लिए गया हुआ हैं बस अभी आता ही होगा। थोड़ी देर बाद भैया अपने ससुर जी को लेकर आ गए और जब वह आए तो वह काफी परेशान दिख रहे थे मैंने पापा से पूछा पापा भाभी को अचानक से क्या हो गया तो पापा ने कहा पता नहीं अचानक से तुम्हारी भाभी की तबीयत खराब हो गई और वह बेहोश हो गई। अभी तक इस बात का कुछ पता नहीं चल पाया था कि भाभी बेहोश क्यो हुई। डॉक्टरों ने ना जाने कितने ही तरीके के टेस्ट लिख दिए थे और उस दिन तो भाभी अस्पताल में ही एडमिट रही लेकिन अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया था कि भाभी को हुआ क्या था। भाभी को अगले दिन हम लोग अस्पताल से घर ले आए भाभी को कुछ दिनों के लिए डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा था। ना जाने भाभी को ऐसा क्या हुआ था कि उन्हें उस दिन चक्कर आ गया भैया भी कुछ दिनों तक घर पर ही थे और वह भाभी की देखभाल करते रहे।

जब भैया चले गए तो उसके बाद मां भाभी की देखभाल करती रही भाभी अब ठीक होने लगी थी और मैंने उसके बाद भाभी से इस बारे में पूछा कि भाभी आखिर हुआ क्या था तो भाभी ने मुझे बताया कि कुछ नही ना जाने मुझे क्यों चक्कर आ गए मुझे कुछ पता ही नहीं चला। मैंने भाभी से कहा भाभी लेकिन उस दिन आप बहुत ही ज्यादा कमजोर नजर आ रही थी तो भाभी कहने लगी उस दिन मेरी तबियत कुछ ज्यादा ही खराब हो गई थी। मैं भाभी के साथ बैठ कर बात कर रहा था तो भाभी मुझे कहने लगी सोहन भैया मुझे आराम करना है मैंने उन्हें कहा ठीक है आप आराम कर लीजिए। कुछ दिनों से भाभी की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी अब वह ज्यादातर आराम ही करती। भैया का मुझे फोन आया और भैया मुझसे भाभी के बारे में पूछते और कहते कि सोहन तुम अपनी भाभी का ख्याल रखना मैंने कहा हां भैया पापा और मम्मी भाभी का ख्याल रख रहे हैं आप उसकी बिल्कुल भी चिंता ना करें।

भैया कहने लगे कि कुछ दिनों बाद मैं घर आऊंगा अभी तो मुझे छुट्टी मिल पाना मुश्किल है मैंने भैया से कहा हां भैया आप बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए। उसके बाद तो भाभी की देखभाल मां ही कर रही थी। मुझे नहीं पता था कि भाभी की तबीयत खराब होने के पीछे की वजह क्या है। एक दिन वह फोन पर बात कर रही थी मैं उस दिन घर पर ही था वह काफी तेज आवाज में बात कर रही थी ।मां घर पर नहीं थी वह बाहर सामान लेने के लिए गई हुई थी। मैंने जब उस दिन भाभी की बातें सुनी तो मुझे एहसास हुआ कि भाभी का किसी और पुरुष के साथ ही संबंध है। वह व्यक्ति कुछ दिनों से उनको ज्यादा ही परेशान कर रहा था जिस वजह से भाभी की तबीयत खराब होने लगी थी। मैं जब भाभी के कमरे में गया तो वो एकदम से घबरा गई उन्होंने फोन को किनारे रख दिया मैंने उन्हें कहा भाभी सब कुछ ठीक तो है। वह मुझे कहने लगी हां भैया सब कुछ ठीक है। मैंने उन्हें कहा लेकिन मुझे तो लग रहा है कि जैसे कुछ भी ठीक नहीं है। वह घबरा रही थी वह मुझसे आंखें बचाने की कोशिश कर रही थी। मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने मुझे नहीं बताया लेकिन मैंने उन्हें कहा कि आपका किसी और पुरुष के साथ संबंध है तो उन्होंने मुझे कहा कि नहीं भैया ऐसा तो कुछ भी नहीं है। अब उन्हें अपनी सच्चाई बतानी पड़ी उन्होंने मुझे कहा मेरे एक पुरुष के साथ नाजायज संबंध है और वह मुझे काफी दिनों से मुझे परेशान कर रहा है उसने मुझे कहा है मैं तुम्हारे पति को इस बारे में सब कुछ सच बता दूंगी इसलिए मैं घबरा गई थी और मेरी तबीयत खराब होने के पीछे की वजह भी यही है। मैंने भाभी को अपने पास बैठाया और भाभी से कहा भाभी आप इसकी बिल्कुल चिंता मत कीजिए मैं सब कुछ ठीक कर दूंगा। भाभी ने मेरे कंधों पर हाथ रखा और मुझे कहने लगी सोहन भैया आप सब कुछ ठीक कर देंगे।

मैंने उन्हें कहा हां मैंने उनकी जांघ पर हाथ रखा जब मैं उनकी जांघ को सहला रहा था तो वह मेरी तरफ देखने लगी और मुझे कहने लगी मुझे आपकी बाहों में आना है। वह मेरी बाहों में आ गई मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठा दिया मैं उनकी बड़ी चूतड़ों को दबा रहा था। जब मैंने उनके ब्लाउज को खोलते हुए उनके स्तनों को चूसना शुरू किया। मैंने उनके स्तनों को जिस प्रकार से चूसा उस से मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और वह काफी गर्म हो चुकी थी उनका शरीर पूरी तरीके से गर्म होने लगा था। वह मुझे कहने लगी आप मेरी चूत को और ना तड़पाए आप अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दीजिए। मैंने अपने मोटे लंड को उनकी चूत पर लगाया तो उनकी चूत से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही बढ़ चुका था मैंने धक्का देते हुए उनकी चिकनी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया।

उनकी चूत के अंदर मेरा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी आपका लंड तो आपके भैया से भी ज्यादा मोटा है। मैं उन्हें बड़ी तेज गति से चोद रहा था मुझे उन्हें धक्के मारने में बहुत मजा आ रहा था वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। उन्होंने मुझे कहा आपके साथ सेक्स करने मे मजा आ रहा है अब मैंने उनके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखते हुए उनकी चूतड़ों पर बड़ी तेज गति से प्रहार करना शुरू कर दिया। वह चिल्ला रही थी और मुझे कहने लगी मैं अब आपके लंड की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूं। मैंने उन्हें कहा बर्दाश्त तो मैं भी नहीं कर पा रहा हूं लेकिन मुझे काफी मजा आ रहा है जिस प्रकार से आपके साथ मे सेक्स कर रहा हूं। भाभी की चिकनी चूत मारकर मैं बहुत खुश था और मेरा वीर्य पतन होने वाला था। उन्होंने मेरी गर्मी को बहुत ज्यादा ही बढ़ा दिया था मैंने अपने लंड को उनके मुंह मे डाला उन्होंने मेरे सारे वीर्य को अपने अंदर ही निगल लिया। मैंने भाभी से कहा भाभी आपके साथ आज मजा आ गया और आप इस बात की बिल्कुल चिंता मत कीजिए भैया को अब इस बारे मे कुछ पता नहीं चलेगा।