चूत से निकलता हुआ पानी

Antarvasna, desi kahani: कॉलेज के कैंपस प्लेसमेंट में मेरा सिलेक्शन हो जाने के बाद मैं मुंबई की बड़ी कंपनी में जॉब करने लगा और मैं अपनी नौकरी से बहुत ज्यादा खुश हूं। मेरे ऊपर ही घर की सारी जिम्मेदारी है क्योंकि पापा की तबीयत ठीक नहीं रहती है। जब से पापा की तबीयत खराब हुई है उन्होंने भी नौकरी छोड़ दी है और मेरे ऊपर ही मेरी छोटी बहन की शादी की जिम्मेदारी है। मैं चाहता हूं कि मेरी बहन की शादी मैं बड़े धूमधाम से करूं। हालांकि मेरी जॉब अभी कुछ समय पहले ही लगी थी लेकिन मैं चाहता था कि मेरी बहन का रिश्ता एक अच्छे घर में हो और पापा मम्मी भी यही चाहते थे। मैं जयपुर का रहने वाला हूं और जयपुर मैं कभी कबार ही जाया करता था क्योंकि मुझे मेरी जॉब से समय नहीं मिल पाता था। एक दिन मेरे पापा का फोन मुझे आया हुआ था और जब मैं उनसे बात कर रहा था तो उन्होंने मुझे बताया कि बेटा हम लोग काजल के लिए अब रिश्ता ढूंढने लगे हैं।

मैंने पापा से कहा कि पापा हम लोग काजल के लिए अच्छा रिश्ता देखेंगे पापा कहने लगे कि हां बेटा हम लोग काजल के लिए अच्छा लड़का ढूंढ लेंगे तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। मेरे परिवार वालो ने काजल के लिए रिश्ता ढूंढ लिया था और वह लोग काफी अच्छे परिवार से थे। सब लोग शादी के लिए तैयार हो चुके थे इसलिए अब काजल की सगाई करवानी थी। जब काजल की सगाई होनी थी तो मैंने ही उसकी सगाई का सारा खर्चा उठाया और काजल की सगाई बड़ी ही धूमधाम से हुई। काजल की सगाई भी हो चुकी थी और सब लोग चाहते थे कि जल्द से जल्द काजल की शादी हो जाए मैंने भी पापा से कहा कि पापा मैं चाहता हूं कि काजल की शादी जल्द से जल्द हो जाए। पापा ने कहा कि हां बेटा लेकिन उसके लिए हमें पैसों की जरूरत पड़ेगी मैंने पापा से कहा कि उसकी आप बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए मैं सब कुछ मैनेज कर दूंगा। पापा को मुझ पर बहुत ज्यादा भरोसा है और वह मुझ पर इतना ज्यादा भरोसा करते हैं कि उन्होंने मुझे कहा कि हां बेटा मुझे मालूम है कि तुम सब कुछ मैनेज कर लोगे।

मैंने अपने दोस्तों की मदद ली मेरे दोस्त जो कि मेरे साथ कॉलेज में पढ़ा करते थे उन्होंने मेरी मदद की और मैं अब काजल की शादी धूमधाम से करवाना चाहता था। काजल की शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रह जाए इसका मैंने पूरी तरीके से ध्यान रखा था और काजल की शादी बड़ी ही धूमधाम से हुई। हमारे सारे रिश्तेदार भी खुश थे और मैं भी काफी खुश था कि अपनी बहन की शादी मैं धूमधाम से करवा पाया। अब काजल की शादी हो जाने के बाद कुछ समय तक मैं जयपुर में रहा। जब मैं उस दिन जयपुर से मुंबई वापस लौट रहा था तो मेरे दिमाग में सिर्फ यही ख्याल चल रहा था कि पापा मम्मी अब घर पर अकेले रह पाएंगे भी या नहीं। जब तक काजल थी तब तक वह लोग काजल के साथ ही रहा करते थे लेकिन अब मुझे लगने लगा था कि मुझे उन्हें अपने साथ लेकर आना चाहिए। मैं अपने दिमाग में यही सोच रहा था कि तभी मेरे सामने वाली सीट पर मैंने देखा कि एक लड़की बहुत ज्यादा परेशान दिखाई दे रही थी मुझे उसे देख कर कुछ ठीक नहीं लग रहा था।

काफी देर तक तो मैंने उससे कुछ बात ही नहीं की ना ही उसने आस पास में किसी से कुछ बात की। उसने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाया तो मैं उसकी तरफ देखे जा रहा था उसके चेहरे की परेशानी साफ नजर आ रही थी वह किसी न किसी बड़ी परेशानी से गुजर रही थी तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं उससे बात करूं। मैंने उससे इस बारे में बात की तो उसने मुझे कहा कि नहीं मैं ठीक हूं। मैंने उसे कहा कि अगर तुम्हें कोई परेशानी है तो तुम मुझे बता सकती हो वह कहने लगी नहीं मैं ठीक हूं और उसके बाद वह मुझसे बातें करने लगी थी। मुझे नहीं मालूम था कि वह मुंबई में ही रहती है लेकिन जब वह मुंबई रेलवे स्टेशन पर उतरी तो मैंने उसे कहा कि आपको कहां जाना है। वह मुझे कहने लगी कि मुझे मेरी फ्रेंड के पास जाना है आखिरकार उसने मुझे सब कुछ सच बता ही दिया। वह कहने लगी कि घर में मेरी सौतेली मां है जो कि मुझे बिल्कुल भी प्यार नहीं करती हैं और वह मेरा रिश्ता किसी ऐसे लड़के के साथ करना चाहती हैं जो कि मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है इसलिए मैं घर से बिना बताये ही आ गई हूं। मैंने कावेरी को कहा कि तुम बेवजह ही परेशान हो रही हो तो कावेरी मुझे कहने लगी कि नहीं मैं अपनी फ्रेंड के पास चली जाऊंगी।

मैंने कावेरी को उसकी फ्रेंड के घर पर छोड़ दिया था और उसके बाद मैं अपने घर पर चला आया था लेकिन मुझे जब भी कावेरी का ख्याल आता तो मुझे यही लगता कि कावेरी के साथ कितना गलत हुआ है। मैंने उस दिन कावेरी को फोन किया मैंने कावेरी से उसका नंबर ले लिया था और उसके बाद भी मैं कावेरी की काफी बार मदद करता। कावेरी और मैं एक दूसरे को अच्छे से समझने लगे थे और कहीं ना कहीं हम दोनों एक दूसरे को प्यार भी करने लगे थे मुझे कावेरी बहुत ही पसंद है और हम दोनों लोग एक दूसरे को प्यार करने लगे थे। मैंने कावेरी को यह बात बता दी थी और कावेरी को भी इस बात से कोई एतराज नहीं था क्योंकि कावेरी भी मुझे प्यार करती थी। अब कावेरी और मैं एक दूसरे के साथ अपना जीवन बिताना चाहते थे लेकिन समस्या यह थी कि कावेरी के परिवार वाले इस बात के लिए तैयार होंगे या नहीं। कावेरी की सौतेली मां तो उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी और उसके पापा की तबीयत भी ठीक नहीं रहती है इसलिए कावेरी नहीं चाहती थी कि उसके पापा को अब कोई भी परेशानी हो। कावेरी और मैं साथ में ही रिलेशन में थे और हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत ही खुश है।

जब भी मुझे कोई परेशानी होती तो कावेरी से मैं बात कर लिया करता और मुझे बहुत ही अच्छा लगता था जब मैं कावेरी से बातें करता। कावेरी मुझसे मिलने के लिए अक्सर आती रहती थी। जब भी कावेरी मुझसे मिलने के लिए मेरे फ्लैट में आती मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता था और कावेरी को भी काफी अच्छा लगता था जब भी हम दोनों साथ में होते। हम दोनो साथ समय बिताया करते थे एक दिन कावेरी और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों आपस में बातें कर रहे थे मैं उस दिन कावेरी से गरमा गरमा बाते कर रहा था। मैंने और कावेरी ने उससे पहले कभी भी एक दूसरे को किस नहीं किया था लेकिन यह पहला मौका था जब मैंने कावेरी के होठों को चूम लिया था और कावेरी को इस बात से कोई एतराज नहीं था। मुझे बहुत ही अच्छा लगा था जब मैं कावेरी के होंठो को चूम रहा था। कावेरी की गर्मी बढ़ने लगी थी वह इतनी अधिक गर्म हो चुकी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पाई। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मैं और कावेरी अब गर्म हो चुके थे। मैंने जैसे ही कावेरी के बदन से कपड़े उतारने शुरू किए तो उसके स्तनों को देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा था। मैं  कावेरी के स्तनो को महसूस करने लगा था मैंने कावेरी के स्तनो को बहुत देर तक महसूस किया।

कावेरी को मैंने गर्म कर के रख दिया था। वह बहुत ज्यादा गर्म होती चली गई थी उसकी गर्मी इतनी बढ़ चुकी थी उसके गुलाबी पैंटी भी गिली होने लगी थी। मैंने जैसे ही उसकी पैंटी को नीचे उतारा तो मैंने उसकी चिकनी चूत को देखा। उसकी योनि पर एक भी बाल नहीं था उसकी चूत को देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं और कावेरी एक दूसरे के बदन को गर्म करते जा रहे थे। अब हम दोनों ने एक दूसरे के बदन को इतना ज्यादा गर्म कर दिया था हम दोनों अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाए।

ना तो मैं अपने आपको रोक सका ना ही कावेरी अपने आपको रोक पा रही थी। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था मैंने कावेरी की चूत पर अपने लंड को सटा दिया था। कावेरी की चूत में मेरा लंड लगते ही वह मुझे बोली तुम मेरी चूत में अपने लंड को घुसा दो। कावेरी की चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा बढ़ चुका था अब मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला कर लिया था। जैसे ही मैंने कावेरी की योनि के अंदर लंड को घुसाया तो मुझे मजा आने लगा था और उसको भी बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनो एक दूसरे के साथ संबंध बना रहे थे।

मैंने कावेरी के बदन की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था उसे मैं अच्छे से चोदने लगा था। कावेरी की चूत के अंदर मेरा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाने लगी थी वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुम ऐसे ही बढ़ाते जाओ मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने कावेरी की चूत की गर्मी को बहुत देर तक बढ़ा दिया था मैंने उसे तब तक चोदा जब तक कावेरी और मैंने एक दूसरे की इच्छा को पूरा नहीं कर दिया था। मैंने कावेरी की इच्छा को पूरा कर दिया था मेरा वीर्य उसकी योनि में गिर चुका था। मेरा वीर्य उसकी योनि में जाते ही वह खुश हो गई और उसके बाद वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने लगी।

मैंने  देखा कावेरी की योनि से खून निकल रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस तरीके से कावेरी और मैंने एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा लिया था और हम दोनों ने एक दूसरे की इच्छा को पूरा कर दिया था। हम दोनों शादी करने को तैयार थे। मैंने कावेरी से कहा मैं तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूं कावेरी और मैंने कोर्ट मैरिज कर ली है। हम दोनों साथ में मुंबई में रहते हैं हम दोनों बहुत ज्यादा खुश है कावेरी मेरा बहुत ही अच्छे से ध्यान रखती है।