चूत ने मेरे लंड की गर्मी को भांप लिया

Antarvasna, hindi sex stories: मेरा ट्रांसफर पुणे हो चुका था ट्रांसफर हो जाने के बाद मैं पुणे में ही रहने लगा था हालांकि मुझे पुणे में एडजेस्ट करने में थोड़ी बहुत परेशानी हो रही थी लेकिन बाद में सब कुछ ठीक होने लगा था। मैंने अपने मम्मी पापा को भी अपने पास रहने के लिए बुला लिया था वह लोग मेरे पास ज्यादा दिनों तक नहीं रहे और उसके बाद वह लोग कोलकाता लौट गए। उनके कोलकाता लौट जाने के बाद मैं पुणे में अकेले रहने लगा था पुणे में मेरा परिचय राघव से हुआ राघव जो कि मेरी सोसाइटी में ही रहा करते थे। उनसे मैं हर रोज मिलने लगा था हम लोग शाम के वक्त हर रोज मिला करते जब भी हम लोग शाम के वक्त एक दूसरे को मिलते तो वह मुझसे मेरे हाल चाल जरूर पूछा करते। राघव की उम्र यही कोई 40 वर्ष की थी लेकिन राघव ने अभी तक शादी नहीं की थी लेकिन जब राघव ने मुझे अपनी शादी के बारे में बताया तो मुझे यह सुनकर बड़ा बुरा लगा। उन्होंने मुझे बताया कि उनकी शादी हो चुकी थी लेकिन उनकी पत्नी और उनके बीच बिल्कुल नहीं बनी जिससे कि वह अलग रहने लगे।

मुझे तो यह बात उस दिन हीं पता चली जब मुझे राघव ने इस बारे में बताया मुझे इस बारे में पहले कुछ भी पता नहीं था। राघव बहुत ही समझदार हैं और वह बहुत ही अच्छे भी हैं वह एक नेक इंसान है और जब भी मुझे उनकी जरूरत होती तो मैं उन्हें हमेशा कह दिया करता और वह मेरी मदद के लिए हमेशा ही आगे आते। एक दिन मुझे कार की जरूरत थी और मैंने उस दिन राघव से इस बारे में कहा तो उन्होंने मुझे कहा कि अमन तुम मेरी कार लेकर जा सकते हो। उन्होंने मुझे अपनी कार की चाबी दी कार से ही मैं अपने ऑफिस के काम से मुंबई जाने वाला था और मुंबई से उसी दिन मुझे वापस भी लौटना था इसलिए मुझे राघव से उस दिन कार की चाबी लेनी पड़ी मैं जब शाम को लौट आया तो मैने उन्हें उनकी कार की चाबी लौटा दी। मैं सुबह के वक्त पुणे से जल्दी निकल गया था और शाम को मैं जल्दी लौट आया था तो जब मैं शाम को वापस लौटा तो मैं राघव के घर गया और उन्हें उनकी कार की चाबी दे दी। राघव मुझे कहने लगे कि आज तुम हमारे घर पर ही डिनर कर लो मैंने उन्हें मना किया और कहा कि नहीं मैं अभी निकलता हूं।

राघव मुझे कहने लगे की तुम थोड़ी देर रुक जाओ बस अभी तुम डिनर कर के चला जाना। मुझे उनकी बात माननी पड़ी और मैं उनके घर पर ही रुक गया मैं और राघव आपस में बात कर रहे थे उसके बाद जब हम लोगों ने साथ में डिनर किया तो मैंने राघव से कहा कि अभी मैं चलता हूं मैं आपसे कल मिलता हूं वह कहने लगे ठीक है। राघव और मेरे बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी हालांकि हम दोनों की उम्र में काफी ज्यादा फर्क था लेकिन उसके बावजूद भी राघव और मेरे बीच काफी अच्छी दोस्ती थी। हम दोनों की दोस्ती अब इतनी मजबूत हो गई थी कि हम दोनों एक दूसरे से हर रोज मिलते और बात करते। एक दिन राघव ने मुझसे अपनी बात शेयर की और कहने लगे कि अमन मेरे पापा मम्मी चाहते हैं कि मैं शादी कर लूं मैंने राघव से कहा कि अगर वह लोग चाहते हैं कि आप शादी कर लो तो आपको शादी कर लेनी चाहिए। राघव ने मुझे कहा कि अब मुझे भी ऐसा लगने लगा है कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए। राघव कहने लगे कि शादी का अनुभव मेरा पहले ठीक नहीं रहा है लेकिन मुझे अब अपने माता पिता की खुशियों के लिए शादी करनी ही पड़ेगी। मैंने राघव से कहा कि अगर आप शादी कर लेंगे तो आप बहुत ही खुश रहेंगे वह कहने लगे कि हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो। राघव ने मुझे निकिता से मिलवाया निकिता का भी डिवोर्स हो चुका था और उस दिन मैं राघव और निकिता एक रेस्टोरेंट में मिले थे। हम तीनो लोग साथ में बातें कर रहे थे तो निकिता ने अपने बारे में राघव को सब कुछ बता दिया वह राघव से कुछ भी छुपाना नहीं चाहती थी। निकिता ने अपनी शादी टूट जाने के पीछे का कारण बताया कि उसके पति ने उससे दहेज की मांग की थी इसलिए उसने उनसे अपना रिश्ता खत्म कर लिया। राघव बड़े ही सीधे हैं इसलिए वह निकिता से ज्यादा बात नहीं कर रहे थे तो निकिता और मुझे ही बात करनी पड़ रही थी निकिता की उम्र भी यही कोई 35 वर्ष के आसपास होगी। राघव और निकिता एक दूसरे पहली बार मिले तो उन दोनों ने अब शादी करने का निर्णय ले लिया था और उन दोनों ने जल्दी शादी कर ली। उन दोनों ने कोर्ट मैरिज की और उसके बाद निकिता राघव जी की पत्नी बन चुकी थी मेरा तो राघव जी के घर पर जाना होता ही रहता है। निकिता एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है और जिस कंपनी में वह जॉब करती हैं वहां पर वह एक अच्छे पद पर हैं।

राघव जी और निकिता एक दूसरे के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी को अच्छे से जी रहे थे और मुझे भी इस बात की खुशी थी की वह दोनों अपनी जिंदगी को अच्छे से जी रहे हैं। मैं तो हमेशा से ही चाहता था कि राघव जी की जिंदगी में सब कुछ ठीक हो जाए और अब वह काफी खुश थे निकिता से शादी हो जाने के बाद राघव जी और निकिता एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते हैं। हालांकि मेरी अब उनसे कम ही मुलाकात हुआ करती थी लेकिन फिर भी मैं जब उनको मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता। एक दिन मैं और राघव हमारी सोसाइटी के बाहर ही चाय पी रहे थे वहां पर एक चाय वाला अक्ज़र ठेली लगाया करता है। हम लोग वहां पर चाय पी रहे थे जब हम लोग वहां पर चाय पी रहे थे तो हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे मैंने राघव से कहा कि आपकी शादीशुदा जिंदगी तो अब अच्छे से चल रही है। वह मुझे कहने लगे कि हां अमन मेरी शादी शुदा जिंदगी अच्छे से चल रही है निकिता के आने से मेरे जीवन में सब कुछ बदल चुका है मैं बहुत ही खुश हूं।

उन्होंने मुझे कहा कि मुझे लगता है कि तुम्हे भी शादी कर लेनी चाहिए तो मैं इस बात पर मुस्कुराने लगा और मैंने उन्हें कहा कि मैंने अभी शादी के बारे में सोचा नहीं है। हम लोग काफी देर तक एक दूसरे के साथ वहां बात करते रहे और फिर हम लोग अपने घर आ गए। अब हम लोग घर लौट आए थे उसके बाद एक मै राघव जी से मिलने के लिए उनके घर पर गया। जब मै उनके घर पर गया तो वहा कोई भी नहीं था मैं जैसे ही उनके फ्लैट से वापस लौटा तो मैंने देखा निकिता सामने से आ रही थी। निकिता ने मुझे देखते हुए कहा अमन तुम क्या राघव से मिलने के लिए आए थे। मैंने उन्हें कहा हां मै राघव से मिलने के लिए आया था लेकिन घर पर कोई भी नहीं था तो मैंने सोचा मुझे वापस चले जाना चाहिए मैं वापस जा ही रहा था कि तब तक आप मुझे दिखाई दे गई। निकिता मुझे कहने लगी अमन तुम थोड़ी देर बैठो राघव आते ही होंगे। हम दोनों उनके फ्लैट में आ गए जब वह अपने कमरे में कपड़े चेंज कर रही थी तो उनका कमरा बिल्कुल ही बैठक के सामने था इसलिए दरवाजे से साफ दिखाई दे रहा था। मैं यह सब देख रहा था मैं भी अपने आपको रोक ना सका और मेरे मन मे ना जाने क्या कुछ चल रहा था। मैंने उनके साथ संभोग करना चाहता था हालांकि मुझे यह सब ठीक नहीं लग रहा था जब निकिता मेरे पास आई तो मैने निकिता का हाथ पकड़ लिया शायद वह भी अपने आपको रोक नहीं पाई। हम दोनो के बीच किस हो गया हम दोनों एक दूसरे के लिए पागल हो चुके थे। हम दोनों बहुत ही ज्यादा तड़पने लगे थे मेरे अंदर की आग अब इतनी अधिक हो चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही निकिता रह पा रही थी इसलिए मैंने निकिता के कपड़े उतार कर उसके स्तनो को सहलाना शुरु किया।

वह मेरे बड़े स्तनों को मुंह मे लेकर चूसने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। निकिता को मजा आने लगा था मुझे भी बहुत मजा आने लगा था मेरे अंदर की आग अब इतनी अधिक हो गई कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। निकिता ने मेरे लंड को चूसना शुरु कर दिया। जब मैंने निकिता की चूत को चाटना शुरू किया तो निकिता ने मुझे कहा मुझे अब तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेना है। मैंने भी अपने मोटे लंड को निकिता की चूत में घुसा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत में गया तो वह जोर से चिल्लाई। निकिता इतने जोर से चिल्लाई कि मुझे अब अच्छा लग रहा था। मैंने निकिता से कहा आज तो मजा आ गया निकिता मुझे कहने लगी तुम जल्दी से मेरी चूत के मजे ले लो कहीं राघव ने हम दोनों को देख लिया तो हम दोनों के बारे में क्या सोचेंगे।

मुझे भी लगा निकिता बिल्कुल ठीक कह रही है इसलिए मैंने भी अपने लंड को निकीता की चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। मैं बड़ी तेजी से उसकी चूत के मजे ले रहा था। मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ गई मैंने निकिता से कहा मैं तुम्हें डॉगीस्टाइल्ड पोजीशन में चोदना चाहता हूं। निकिता और मैं अब डॉगी स्टाइल में सेक्स करने लगे थे निकिता को मजा आने लगा था और मुझे भी बड़ा आनंद आ रहा था जिस प्रकार से मैं निकिता की चूत के मजे ले रहा था उससे मेरे अंदर की गर्मी बहुत ही अधिक हो चुकी थी। जब मै उसे धक्के मारता तो वह खुश हो जाती जब मेरा माल गिरा तो वह कहने लगी अमन तुम अब जल्दी से अपने घर चले जाओ। हम दोनों को राघव ने साथ देख लिया तो मैंने निकिता को कहा हम दोनों कपड़े पहन लेते हैं। अब हम दोनों ने कपड़े पहन लिए थे और हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे। हम दोनों घर मे बैठे हुए थे वह मेरे लिए चाय बना कर ले आई राघव भी घर पर आ गए और फिर कुछ देर उनके साथ बैठने के बाद मै चला गया।