चूत मेरे लंड से वीर्य को बाहर खीच रही थी

Antarvasna, sex stories in hindi: मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता हूं और मैं अपनी नौकरी के लिए पुणे आ गया था मेरा परिवार नागपुर में रहता है। मुझे पुणे में रहते हुए करीब दो वर्ष हो चुके थे मैं जिस कंपनी में नौकरी करता हूं उस कंपनी में मेरी सब लोगों से काफी अच्छी बातचीत है और मेरे बॉस भी अक्सर मेरी तारीफ किया करते हैं। वह मेरे व्यवहार और मेरे बात करने के तरीके से बहुत प्रभावित रहते हैं इसीलिए कुछ समय पहले ही उन्होंने मुझे प्रमोशन दे दिया था मैं अपने काम में भी पूरी तरीके से ध्यान देता हूं और अपने काम के प्रति मैं पूरी तरीके से समर्पित हूं। मैं हर रोज अपने ऑफिस मोटरसाइकिल से ही जाया करता था लेकिन उस दिन मेरी मोटरसाइकिल का टायर पंचर था जिस वजह से मुझे बस से ही अपने ऑफिस जाना पड़ा। मैं बस स्टॉप पर पहुंचा बस स्टॉप मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं था इसलिए मुझे वहां तक पहुंचने में सिर्फ 5 मिनट ही लगे।

मैं बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहा था तभी थोड़ी देर में बस आई और मैं बस में चढ़ गया। मैं जैसे ही बस में चढ़ा तो बिल्कुल सामने वाली सीट पर एक लड़की बैठी हुई थी उसे देखकर मेरी नजरें थोड़ी देर के लिए जैसे रुक सी गई और उसके बाद मैं उसे देखता रहा। थोड़ी देर बाद मेरे पास कंडक्टर आए और उन्होंने मुझसे टिकट के लिए कहा तो मैंने उन्हें पैसे दे दिए कंडक्टर ने मुझे मेरा टिकट दे दिया था और फिर मैं अपने ऑफिस के पास उतर गया था लेकिन उस लड़की के बारे में ही मैं सोचता रहा मेरे दिमाग में जैसे उसी लड़की की तस्वीर छप चुकी थी। मुझे मालूम नहीं था कि जल्द ही हम लोगों की मुलाकात हो जाएगी और हम दोनों का परिचय भी हो जाएगा। एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे अपने घर पर बुलाया मैं उसके घर पर गया हुआ था मैं उसके परिवार से काफी अच्छे से परिचित हूं इसलिए अक्सर मैं अपने दोस्त के घर आता जाता रहता हूं। मेरे दोस्त का नाम सूरज है और सूरज के घर मेरा अक्सर आना-जाना लगा रहता है उस दिन जब मैं सूरज के घर गया तो वहां पर मुझे वही लड़की दिखी मैं उसे देखकर एकदम चौक सा गया।

जब सूरज ने मुझे नैना से मिलवाया और कहा कि यह मेरे मामा जी की लड़की है तो मैं कुछ देर के लिए सिर्फ उसकी तरफ ही देखता रहा नैना की सुंदरता ने मुझे अपनी ओर पूरी तरीके से आकर्षित कर दिया था। मैं नैना से बात कर के खुश था नैना से बात कर के मुझे पता चला कि वह फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही है। मैंने नैना से पूछा कि आगे तुमने क्या सोचा है तो वह मुझे कहने लगी कि मैं अपनी पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मुंबई जाना चाहती हूं। नैना से बात करके मुझे अच्छा लगा और काफी देर तक मैं नैना के साथ बात करता रहा सूरज भी हमारे साथ ही बैठा हुआ था उस दिन मैं काफी देर तक सूरज के घर पर रहा और फिर मैं वापस लौट आया। कुछ दिनों बाद मेरी मुलाकात दोबारा नैना से हुई और जब मैं नैना से मिला तो उसने मुझे कहा कि अजीत यह भी बड़ा अजीब इत्तेफाक है कि हम लोगों की दोबारा से मुलाकात हो गई। नैना को मैंने कहा कि क्या तुम मेरे साथ कुछ देर समय बिता सकती हो तो नैना कहने लगी क्यों नहीं और वह मेरे साथ कुछ देर समय बिताने के लिए तैयार हो चुकी थी। हम लोगों की मुलाकात एक मॉल में हुई थी इसलिए हम लोग मॉल के ही फूड कोर्ट में चले गए और वहां पर कुछ देर बैठे रहे मैंने नैना से कहा कि मैं कुछ आर्डर करवा देता हूं लेकिन नैना ने मना किया परंतु मैंने कॉफी का ऑर्डर दे दिया था। हम दोनों ने कॉफी पीते पीते काफी देर तक बातें की मुझे ऐसा लगने लगा था कि जैसे नैना और मैं एक दूसरे के करीब आने लगे हैं और नैना से बात कर के मुझे अच्छा लगा। उस दिन हम दोनों ने अपने नंबर एक्सचेंज कर लिए मैं इस बात से बड़ा खुश था कि मेरे पास नैना का नंबर आ चुका है और अब मैं नैना से मैसेज के माध्यम से बात करने लगा था। कुछ समय तक मैं मैसेज के माध्यम से ही बात करता रहा फिर हम लोगों की बातें होने लगी थी हम दोनों फोन पर भी बातें करने लगे थे फोन पर बातें करके मुझे अच्छा लगता। नैना कुछ दिनों के लिए मुंबई जाने वाली थी तो नैना ने मुझे कहा कि अजीत मैं कुछ दिनों के लिए मुंबई जा रही हूं।

नैना कुछ दिनों के लिए मुंबई चली गई, उससे मेरी मुलाकात काफी दिनों से नहीं हुई थी लेकिन अब नैना से मेरी फोन पर भी बात नहीं हो पा रही थी। मैंने जब नैनो को फोन किया तो नैना ने मुझे कहा की अजीत मैं अभी बिजी हूं मैं तुम्हें रात के वक्त फोन करती हूँ। जब नैना ने मुझे रात के वक्त फोन किया तो हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे से बात की और फिर मैंने फोन रख दिया था। अगले दिन मैं अपने ऑफिस चला गया मैं जब अपने ऑफिस गया तो उस वक्त मुझे नैना का फोन आया और नैना कहने लगी की अजीत क्या तुम अभी ऑफिस में हो तो मैंने उसे कहा हां मैं ऑफिस में हूं। नैना ने मुझे बताया कि वह वापस लौट चुकी है मैंने नैना से कहा कि मैं ऑफिस खत्म होने के बाद तुम्हें मिलता हूं नैना कहने लगी ठीक है जब तुम ऑफिस से फ्री हो जाओगे तो मुझे फोन कर देना मैं तुमसे मिलने के लिए आ जाऊंगी। जब मैं ऑफिस से फ्री हुआ तो मैंने नैना को फोन किया और नैना मुझसे मिलने के लिए आ गई।

काफी देर तक हम लोग वहीं बैठे रहे और फिर मैंने नैना से अपने साथ चलने के लिए कहा तो वह मेरे साथ आ गई। नैना को मुझ पर इतना भरोसा हो चुका था कि वह मेरे साथ मेरे घर पर आ गई जब वह आई तो मैंने नैना से कहा नैना तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए चाय बना देता हूं। नैना ने कहा अजीत रहने दो लेकिन मैंने नैना के लिए चाय बनाई हम दोनों चाय पीने लगे मेरी नज़र बार बार नैना के स्तनों की दरार पर पड़ रहे थे। नैना समझ गई वह इस बात को समझ चुकी थी मैंने जब उसकी जांघ पर अपने हाथ को रखा तो वह मचलने लगी। वह अपनी गर्मी को ना रोक सकी उसकी मोटी जांघो को जब मे सहला रहा था तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल दिया। वह मेरे लंड को देखते ही अपने मुंह पर हाथ लगा कर मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड कितना मोटा है। मैंने उसे कहा मैं अपने लंड को तुम्हारी चूत में डालना चाहता हूं उसने जब मेरे लंड को अपने हाथ में लिया तो वह उसे हिलाने लगी। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे अच्छा लग रहा था काफी देर तक उसने मेरे लंड को हिलाया जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो मुझे मजा आने लगा था वह बड़े ही अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करने लगी उसने मेरे लंड से पानी भी बाहर निकाल दिया था और मेरी गर्मी को उसने इतना ज्यादा बढ़ा दिया था कि शायद मैं अब अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था। मैंने उसके कपड़े उतारे वह मेरे सामने नग्न अवस्था मे थी उसकी चूत को मैं चाटना चाहता था उसकी चूत को चाटकर मैंने पूरी तरीके से चिकना बना दिया था उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। जब मैं उसकी योनि को चाट रहा था तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी। उसकी योनि से निकलता हुआ पानी इस कदर बढ़ चुका था कि उसने मुझे कहा मैं तुम्हारे लंड को अपनी चूत में लेना चाहती हूं वह मेरे लंड को अपनी योनि में लेने के लिए बहुत ही ज्यादा उत्सुक थी उसकी बेताबी उसके चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। मैंने उसकी योनि पर अपने लंड को सटाता और लंड उसकी चूत मे डाला जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर गया तो उसकी चूत से खून निकल गया।

उसकी लंबी टांगों को मैंने चौडा करके रखा था और उसकी चूत पर मै बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था उसे चोदने में मुझे मज़ा आ रहा था वह भी बडी खुश हो रही थी। उसने मुझे कहा मैं अपने पैरों को खोल लेती हूं उसने अपने पैरों को खोल लिया था कुछ देर तक मैं ऐसे ही उसे चोदता रहा लेकिन जब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे धक्के मारने शुरू किए तो वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी। उसकी गर्मी इस कदर बढ़ गई कि वह मुझसे कहने लगी मेरी चूत से खून भी निकलने लगा है अब मैं नहीं रह पा रही हूं वह बहुत ज्यादा मदाक आवाज मै सिसकिया लेने लगी थी मेरी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी। उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि उसने मुझे कहा तुम अब मुझे घोड़ी बनाकर चोदो मैंने उसे घोड़ी बना दिया और वह मेज के सहारे खड़ी थी। उसकी चूत के अंदर बाहर मे बड़ी तेजी से लंड को कर रहा था मेरा लंड इतनी तेजी से उसकी चूत के अंदर बहार होता कि वह बहुत जोर से चिल्लाती मैंने उसके शरीर को पूरी तरीके से हिलाकर रख दिया था।

उसकी चूतड़ों पर मुझे धक्के मारने मे बहुत मजा आ रहा था और उसकी बड़ी चूतडो पर मैं प्रहार करता तो मुझे बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी। वह मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ रहा है मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी बहुत आ गया। जब उसने अपने पैरों को आपस में मिला लिया तो मुझे लगने लगा कि मैं ज्यादा देर तक उसका साथ नहीं दे पाऊंगा मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि उसकी चूत मेरे लंड से मेरे वीर्य को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। मैं जब उसे धक्के मार रहा था तो मुझे उसकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट महसूस हो रही थी लेकिन उसकी चूत से अभी भी खून निकल रहा था। नैना की गोरी चूतडे लाल होने लगी थी उसकी गोरी चूतडो पर मैंने अपने हाथ से प्रहार कर दिया था और मैं जब अपने हाथ से उसकी चूत पर प्रहार कर रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था उसे भी बड़ा अच्छा महसूस हो रहा है। काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया जब मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि के अंदर गिराया तो वह कहने लगी आज तो मजा ही आ गया।