चूत मरवाने की बेताबी

Desi sex kahani, antarvasna: कई वर्षों बाद मैं विदेश से लौटा जब मैं विदेश से वापस अपने शहर अंबाला लौटा तो सब कुछ बदल चुका था। मैंने अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन लोगों से मैं मिला जब मेरे दोस्तों से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा और मैं काफी खुश था कि उन लोगों से इतने वर्षों बाद मेरी मुलाकात हो पाई। मेरा दोस्त रोहित जो कि अपने पापा का ही बिजनेस संभाल रहा है मैं कुछ दिनों तक घर पर ही था तो मैंने सोचा कि मैं रोहित से मिलने के लिए जाऊं और मैं उस दिन रोहित से मिलने के लिए चला गया। मैं जब रोहित को मिलने के लिए उसकी शॉप पर गया तो रोहित ने मुझे कहा कि अमन तुमने बहुत ही अच्छा किया जो मुझसे मिलने के लिए यहां आ गए। मैंने रोहित को कहा कि मुझे तो तुमसे मिलना ही था। उस दिन मैं रोहित से मिला तो मुझे काफी खुशी हुई और रोहित ने मुझे बताया कि उसकी शादी कुछ दिनों बाद होने वाली है। मैंने रोहित को कहा चलो यह तो बड़ी ही खुशी की बात है कि तुम्हारी शादी होने वाली है लेकिन तुमने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया नहीं था।

रोहित मुझे कहने लगा कि अमन मैं तुम्हें कहां से बताता मेरे पास ना तो तुम्हारा कोई नंबर था और ना ही तुमसे मेरा कोई संपर्क हो पा रहा था। उस दिन रोहित ने मुझे अपनी शादी का कार्ड दिया और कहा कि तुम्हें मेरी शादी में जरूर आना होगा मैंने रोहित को कहा ठीक है मैं तुम्हारी शादी में जरूर आऊंगा। मैंने रोहित को कहा कि अब मैं चलता हूं काफी ज्यादा देर हो चुकी थी और मैं अपने घर लौट आया था। मैं जब घर लौटा तो उस दिन मेरी बहन भी घर आई हुई थी काफी समय बाद मेरी छोटी बहन भी घर आई हुई थी, उसकी शादी काफी समय पहले हो चुकी थी। उस दिन हमारा पूरा परिवार साथ में था और मैं काफी खुश था कि हमारी पूरी फैमिली साथ में है। हम लोगों ने साथ में डिनर किया मैं चाहता था कि अब मैं अंबाला में रहकर ही कोई काम शुरू करूं क्योंकि मैं अब विदेश नहीं जाना चाहता था इसलिए मैंने अंबाला में रहकर ही अपना काम शुरू कर लिया। मैं अब अपना काम करने लगा धीरे-धीरे काम भी ठीक चल नहीं लगा मैंने अपने मामा जी की मदद से अपनी एक शॉप खोल ली और मेरी शॉप का काम अच्छा चलने लगा था। कुछ समय बाद मैंने एक रेस्टोरेंट भी खोल लिया और रेस्टोरेंट खोलने के बाद काम काफी अच्छा चलने लगा मैं ज्यातर समय अपना रेस्टोरेंट में ही दिया करता था। अब रोहित की शादी भी नजदीक आने वाली थी तो एक दिन रोहित ने मुझे फोन किया और कहा कि तुम्हें मेरी शादी तो याद है। मैंने रोहित को कहा हां क्यों नहीं मैं तुम्हारी शादी में जरूर आऊंगा। जब मैं रोहित की शादी में गया तो उसकी शादी में हमारे साथ पढ़ने वाले कॉलेज के मेरे और भी दोस्त आए हुए थे मैं जब उन लोगों से मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा।

मैं काफी खुश था कि उन लोगों से इतने समय बाद ही सही लेकिन मेरी मुलाकात तो हो पा रही है। मैंने उनसे कहा कि चलो यह तो काफी अच्छा हुआ कि तुम लोगों से मेरी मुलाकात हो पा रही है। कॉलेज के लगभग सारे दोस्त मुझे रोहित की शादी में मिले और मैं काफी ज्यादा खुश था उस शादी में मुझे आशा भी मिली आशा से मैं काफी समय बाद मिल रहा था। मैंने आशा को देखा तो पहले मैं उसे पहचान नहीं पाया लेकिन जब आशा मेरे पास आकर मुझसे बात करने लगी तो मैंने आशा को कहा तुम तो पूरी तरीके से बदल चुकी हो। आशा पूरी तरीके से बदल चुकी थी और उसकी शादी भी हो चुकी थी मैंने आशा को कहा कि तुम्हारी शादी कब हुई तो आशा ने मुझे बताया कि मेरी शादी तो दो वर्ष पहले हो चुकी है। मैंने आशा को कहा चलो यह तो अच्छा हुआ कि आज तुम से भी मुलाकात हो गई आशा कहने लगी कि मैं भी तुमसे मिलकर बहुत खुश हूं। आशा ने मुझसे पूछा कि क्या तुमने अब तक शादी नहीं की तो मैंने आशा को कहा नहीं। आशा को यह बात तो पता थी कि मैं विदेश में जॉब करता था और अब मैं अंबाला में ही अपना बिजनेस करने लगा हूं। आशा ने मुझे कहा कि चलो यह तो बहुत ही अच्छा है कि तुमने भी अब अंबाला में अपना काम शुरू कर लिया है इस बहाने कम से कम तुमसे मुलाकात होती रहेगी। उस दिन रोहित की शादी में हम लोगों ने खूब इंजॉय किया और जब इतने सालों बाद हम लोग मिले तो सब लोग बहुत ही खुश थे और आशा से मिलकर मैं भी बहुत ज्यादा खुश था।

कुछ दिनों के बाद आशा मेरे रेस्टोरेंट में आई उस दिन मैं रेस्टोरेंट में ही था मैंने आशा को अपने रेस्टोरेंट का एड्रेस दिया था। जब आशा मुझसे मिली तो मैंने आशा को कहा कि क्या तुम अकेली आई हो तो आशा मुझे कहने लगी कि नहीं मेरे पति भी मेरे साथ आए हुए हैं वह कार पार्क कर रहे हैं। जब आशा के पति से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा आशा के पति काफी ज्यादा हसमुख मिजाज के व्यक्ति हैं। आशा ने उस दिन रेस्टोरेंट में ही लंच किया वह अपने पति के साथ आई हुई थी और उसके बाद वह चली गई। आशा से अक्सर मेरी मुलाकात होती रहती थी रोहित भी मुझे मिलता रहता था। मुझे बहुत ही अच्छा लगता जब भी मैं अपने पुराने दोस्तों से मुलाकात करता और उन लोगों से मुलाकात कर के मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होता। आशा शादीशुदा जरूर है पर वह अब मेरे ऊपर भी डोरे डालने लगी थी। मुझे जब इस बात का अहसास हुआ तो एक दिन उसने मुझे घर पर बुलाया तो मै खुश था। अब वह मेरे सामने बार बार पल्लू को सरका रही थी। मैने कभी उसके बारे मे ऐसा सोचा था पर अब उसके सुडौल स्तनो को देखा तो मै उत्तेजित हो गया और वह भी मजे मे आ गई। आशा को अपनी गोद मे बैठाने पर मेरा लंड तन कर खडा हो चुका था। आशा दिखने में बड़ी सुंदर है उसका गोरा बदन मुझे अब अपनी और खींच रहा था। हम दोनों अब आशा के बेडरूम मे चले गए। हम दोनो बिस्तर पर लेट गए थे। मैं आशा के बदन को महसूस करने लगा आशा के स्तनों पर मेरा हाथ गया तो मुझे मजा आने लगा था। मुझे उसके स्तनों को दबाने मे मजा आता वह भी बहुत ज्यादा मजे मे आने लगी थी। मै जब आशा के स्तनों पर अपने हाथों को लगाता तो वह उत्तेजित होती मै भी अब उत्तेजीत होने लगा था। मैंने आशा के कपड़े उतारने शुरू कर दिए आशा के कपडे उतारने के बाद उसका नंगा बदन मेरी बांहो मे था। मैं उसके बदन को सहलाने लगा। वह मुझे बोली मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा हूं। मैंने अब आशा के स्तनों को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके निप्पल खडे होने लगे थे। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था वह अब बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी। मैंने अब आशा के पैरों को खोलना शुरू किया। मैने आशा की चूत को देखा तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मै उसकी चूत को चाटने लगा तो मुझे बहुत मजा आने लगा था। आशा की चूत को चाटकर मेरे अंदर की गर्मी बहुत बढ़ने लगी थी। मैंने भी अब अपने कपड़े उतार दिए थे। जब मैने कपडे उतारे तो आशा ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे अच्छे से चूसना शुरू कर दिया। जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसती तो मुझे बड़ा ही मजा आता और वह भी बहुत उत्तेजित हो रही थी।

वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी थी उसके अंदर की आग मैने पूरी तरीके से बढ़ा दी थी। उसने मेरी आग को अब बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। आशा अपने पैरो को खोलकर लेटी हुई थी उसकी गोरी चूत मेरे सामने थी। मैंने उसकी चूत को अपनी उंगली से सहलाकर गर्म किया अब वह गरम हो गई थी। मैने अपनी उंगली से उसकी चूत को गर्म किया। जब आशा की चूत गर्म हो चुकी थी तो मैंने अपने लंड को आशा की गिली चूत पर लगा दिया था। मैने अपने लंड को अंदर की तरफ धकेलेना शुरू किया तो वह मेरा लंड उसकी चूत के अंदर की तरफ जाने लगा था। अब मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही है। मेरे अंदर की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि मुझे मजा आने लगा था। मैंने आशा के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था। जब मैंने ऐसा किया तो मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को आसानी से कर रहा था। मैंने आशा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को तेजी से किया तो मुझे मजा आने लगा था और वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी भी अब बढती जा रही है। मैने आशा को कहा तुम मेरा साथ ऐसे ही देती जाओ। मैंने आशा से कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

आशा मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी। हम दोनो के बदन पूरी तरीके से गर्म हो गए थे। जब मेरा माल बाहर आने को था तो मै उसे तेजी से चोद रहा था। जब मेरा माल गिरा तो मैं बहुत खुश था। आशा की चूत अभी भी गर्म थी और उसकी चूत से पानी निकल रहा था। मैने आशा की चूतडो को अपनी तरफ किया। मैंने आशा की चूत पर अपने लंड को सटाया और जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाया तो उसे मज़ा आने लगा था। मैने आशा की चूत के अंदर लंड को घुसा दिया मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मै आशा की चूत का मजा अच्छे से ले रहा था। आशा की चूत का मजा लेकर मैं बहुत खुश था। मैने उसको पूरी तरीके से गर्म कर दिया था। वह मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाने की कोशिश करती तो उसकी चूतड़ों से मेरा मोटा लंड टकराता और उसे मजा आता। मेरे अंदर एक अलग उत्तेजना पैदा हो रही थी। मैं जब अपने माल को उसकी चूत के अंदर गिराया तो वह खुश हो गई थी। उसके बाद मेरे और आशा के बीच कई बार सेक्स हुआ और अब भी हम दोनो सेक्स का मजा ले रहे है।