चूत मारने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ा

Antarvasna, hindi sex stories: मैं अपने कॉलेज से घर लौटा तो पापा कहने लगे कि रोहन बेटा हम लोग कुछ दिनों के लिए जयपुर जा रहे हैं क्या तुम भी हमारे साथ चलोगे। मैंने पापा से कहा कि पापा मैं आपको इस बारे में कल सोच कर बताऊंगा लेकिन जयपुर में क्या कोई जरूरी काम है तो उन्होंने मुझे बताया कि हमारे किसी रिश्तेदार की शादी जयपुर में होने वाली है। मैंने उन्हें कहा कि शादी कब है तो पापा ने कहा कि शादी तो एक हफ्ते बाद है लेकिन हम लोग सोच रहे थे कि हम लोग पहले ही जयपुर चले जाएं ताकि जयपुर में हम लोगों को घूमने का मौका भी मिल जाए। मैंने पापा से कहा कि पापा मैं आपको कल ही इस बारे में बता पाऊंगा पापा कहने लगे ठीक है बेटा कल तुम इस बारे में हमें बता देना।

मैं अगले दिन जब कॉलेज गया तो मुझे भी लगा कि मुझे पापा और मम्मी के साथ जयपुर चले जाना चाहिए इस बहाने कुछ दिन मैं घूम तो लूंगा। मैंने भी इस बारे में पापा से कहा कि पापा मैं भी आप लोगों के साथ आ रहा हूं तो पापा कहने लगे की बेटा तुम हमारा टिकट करवा दो। मैंने पापा से कहा ठीक है पापा कल मैं टिकट करवा दूंगा और अगले दिन मैंने सब लोगों की टिकट करवा दी हमारा पूरा परिवार जाने वाला था। जिस ट्रेन में हम लोग जयपुर जा रहे थे उसी ट्रेन में हमारे बिल्कुल सामने एक फैमिली और बैठी हुई थी पहले कुछ देर तक हम लोगों की बात नहीं हुई लेकिन फिर पापा ने उनसे बात करनी शुरू की तो हमें पता चला कि वह लोग भी उसी शादी के लिए वहां जा रहे हैं उसके बाद तो हम लोगों की इतनी बातें होने लगी कि मानो हम लोग एक दूसरे को पहले से ही जानते हो सफर का कुछ पता ही नहीं चला कि सफर कब कट गया। हम लोग जयपुर पहुंचे और जब हम लोग जयपुर पहुंचे तो हम लोग होटल में ही रुके हुए थे। उस दिन तो हम लोग घूमने के लिए चले गए और शाम के वक्त वापस लौटे तो हम लोगों ने खाने का आर्डर करवा दिया था खाने का ऑर्डर करवाने के बाद पापा मम्मी कहने लगे कि सोहन बेटा तुम भी खाना खा लो।

मैंने भी उन लोगों के साथ खाना खाया और हम लोग जब शादी में गए तो शादी के दौरान ही मुझे वहां पर संजना मिली। संजना जयपुर में ही रहती है और जब मैं संजना को मिला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा संजना मुझे बार-बार देखे जा रही थी मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि संजना और मेरी बातचीत इतनी अच्छी हो जाएगी। शादी के दौरान हुई हमारी मुलाकात बहुत आगे बढ़ने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे। हालांकि मैं अब वापस अपने शहर अमदाबाद लौट आया था लेकिन फिर भी हम दोनों की बातें हर रोज हुआ करती थी जब भी हम लोग एक दूसरे से बात करते तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। संजना और मैं एक दूसरे के इतने ज्यादा नजदीक आ चुके थे कि हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं सकते थे अभी हम लोगों को बातें करते हुए सिर्फ एक महीना ही बीता था। अब एग्जाम आने वाले थे तो मैंने संजना से कहा कि मेरे एग्जाम होने वाले हैं इसलिए मैं तुमसे कुछ दिनों तक बात नहीं कर पाऊंगा संजना कहने लगी ठीक है सोहन। इस बीच मेरी और संजना की कोई बात नहीं हुई संजना से मेरी फिलहाल तो कोई बात नहीं हो रही थी लेकिन उसके बाद मैंने संजना को फोन किया तो संजना मुझसे कहने लगी कि सोहन कभी तुम मुझसे मिलने के लिए भी आ जाओ। मैंने उससे कहा कि हां मैं तुमसे मिलने के लिए जरूर आऊंगा वह कहने लगी कि लेकिन तुम मुझसे मिलने के लिए कब आओगे। मैंने उसको कहा कि संजना अब मेरा कॉलेज खत्म हो चुका है और पापा चाहते हैं कि मैं उनकी दुकान का काम संभालूं लेकिन फिलहाल तो मैं कुछ समय तक अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीना चाहता हूं। मैंने पापा से इस बारे में कहा कि मैं दुकान का काम अभी नहीं संभालना चाहता। संजना और मैं उस दिन बात कर रहे थे तो मेरी मां कमरे में आ गई और कहने लगी कि सोहन बेटा तुम किस से बात कर रहे हो मैंने मां से कहा मां अपने दोस्त से बात कर रहा था मां ने कहा ठीक है। मां मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हें कब से आवाज दे रही थी लेकिन तुमने कोई जवाब ही नहीं दिया इसलिए मुझे तुम्हें बुलाने के लिए आना पड़ा। मैंने मां से कहा हां बस अभी आता हूं मैंने अब तुरंत फोन काट दिया और मैं मां के साथ चला गया।

मां ने चाय बनाई हुई थी तो हम लोग साथ में बैठकर चाय पी रहे थे मां कहने लगी कि सुनो बेटा तुमने आगे क्या सोचा है अब तुम्हारे कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी हो चुकी है। मैंने मां से कहा मां मैं थोड़े समय बाद पापा का बिजनेस संभाल लूंगा मैंने इस बारे में पापा को भी तो कह दिया था। मां कहने लगी कि बेटा तुम जल्दी से उनका काम संभाल लो तुम्हारे पापा चाहते हैं कि तुम उनका काम अच्छे से संभालो और उनके काम को और भी आगे बढ़ाओ। मैंने मां से कहा हां मां मैं पूरी मेहनत के साथ काम करूंगा लेकिन कुछ समय तक मैं अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीना चाहता हूं। मां बहुत ही अच्छी है और हमेशा ही वह मुझे समझाती रहती हैं मैंने मां को कहा कि मां मैं अभी चलता हूं मैं अपने दोस्त से मिलने के लिए जा रहा हूं। मां कहने लगी ठीक है बेटा और फिर मैं अपने दोस्त को मिलने के लिए चला गया। रात के वक्त थोड़ी देर ही मैं संजना से बात कर पाया फिर हम लोग सो गए थे।

संजना और मैं एक दूसरे को मिलना चाहते थे।  मैंने जब संजना से मिलने का फैसला कर ही लिया और मैं उसको मिलने के लिए कुछ दिनों के लिए जयपुर चला गया। मैंने यह बात अपने पापा मम्मी को नहीं बताई थी अगर उन्हें इस बारे में पता चलता तो वह मुझे शायद कभी भी जयपुर जाने नहीं देते। जब मैं जयपुर गया तो मैं उस दिन संजना को रेलवे स्टेशन पर मिला संजना मुझसे मिलने के लिए रेलवे स्टेशन आई हुई थी। वहां से हम दोनों सीधे ही एक होटल में चले गए संजना भी मेरे साथ रहना चाहती थी वह मेरे लिए बहुत ज्यादा तड़प रही थी इसलिए तो वह मुझे हमेशा कहती मुझे तुमसे मिलना है। अब हम दोनों मिले तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा मैं संजना को जिस होटल में ले गया वहां पर हम दोनो साथ मै बैठे हुए थे। अब मैंने उसे गले लगा लिया मैंने कहा मैं तुम्हें बहुत ज्यादा मिस कर रहा था। संजना और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे तभी मैंने संजना के स्तनों को दबाना शुरू किया और उसके होठों को चूसने लगा वह अपने आपको बिल्कुल नहीं रोक पा रही थी। उसने मेरे लंड को अपने हाथों से हिलाना शुरू किया और मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब वह ऐसा कर रही थी मेरे अंदर की आग बढने लगी थी और मुझे लगने लगा था कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगा। वह भी कहां रह पा रही थी हम दोनों एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे मैंने संजना को कहा मैं अब तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं। संजना भी इस बात के लिए तुरंत तैयार हो गई मेरे लिए वह बहुत तड़प रही थी उसमें मेरे लंड को कुछ देर तक अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और मेरे लंड से पानी निकाल दिया। मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हारे बिना रह नहीं पाऊंगा मैंने भी उसके चूत को चाटना शुरु कर दिया था मैं जिस प्रकार से उसकी योनि को चाट रहा था उससे उसकी चूत पूरी तरीके से गरम हो रही थी। वह कहने लगी मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ रही है वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी मैंने उसे कहा मैं बिल्कुल रह नहीं पा रही हूं। जब वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई तो मैंने उसे कहा मै बिल्कुल भी नहीं रह पा रही हूं। वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की आग को तुम पूरी तरीके से बढा चुके हो।

मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत में अपने लंड को घुसा देता हूं। मैंने जैसे ही एक झटके में अपने लंड को अंदर डाला तो उसकी सील टूट गई उसकी सील टूटते ही उसकी चूत से खून बहार निकलने लगा। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है हम लोग बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे ना ही वह रह पा रही थी़। मैंने उसे कहा मुझसे तो बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है वह कहने लगी रह तो मैं भी बिल्कुल नहीं पा रही हूं। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा और बड़ी ही तेज गति से मैं उसे धक्के देने लगा। जिस प्रकार से मैं उसे धक्के दे रहा था मैं उससे वह मुझे कहती मुझे और भी तेजी से चोदो मुझे मजा आ रहा है।

मैंने उसके पैरों को आपस में मिला लिया था जब मैंने ऐसा किया तो उसके अंदर की आग बढ़ने लगी थी। मैंने उसे कहा मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगा मैंने उसके चूत मे अपने माल को गिराया। उसके बाद भी वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई थी मैं चाहता था कि दोबारा से मैं उसकी चूत मारू अब हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे लेकिन जब वह मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाने लगी तो मैंने दोबारा से उसकी चूत के अंदर की तरफ लंड को डाल दिया। जैसे ही मैंने ऐसा किया तो वह बड़ी जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैं उसको लगातार तेजी से चोद रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैंने ऐसा किया तो वह भी बिल्कुल नहीं पा रही थी। हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे और मैने अपने माल को उसकी चूत में गिरा दिया कुछ दिनों तक मैं जयपुर रहा और फिर वापस में अपने शहर लौट आया था।