चूत की गर्मी को ठंडा कर दिया

Antarvasna, desi kahani: मैं सुबह अपने ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था तो पापा मुझे कहने लगे कि राहुल बेटा आज तुम मुझे क्या डॉक्टर के पास ले चलोगे। मैंने पापा से कहा कि लेकिन अभी तो मैं ऑफिस जा रहा हूं तो पापा मुझे कहने लगे कि बेटा आज तुम अपने ऑफिस से छुट्टी ले लो मेरी तबियत बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मैं भी पापा की बात मान गया और मैंने उस दिन अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली। उस दिन ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था लेकिन मुझे ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ी और उसके बाद मैं पापा को अपने साथ अस्पताल लेकर चला गया। मैं जब पापा को हॉस्पिटल लेकर गया तो डॉक्टर ने उन्हें कहा कि आपका शुगर बढ़ा हुआ है। पापा को शुगर की बड़ी प्रॉब्लम थी लेकिन पापा थे कि बात मानते ही नहीं थे उन्हें मीठा खाना बहुत पसंद है। डॉक्टर ने उन्हें मीठा खाने से मना भी किया था जिस वजह से उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी।

मैं उन्हें घर ले आया था जब मैं उन्हें घर लाया तो मैंने पापा से कहा कि पापा आप मीठा बिल्कुल भी मत खाया कीजिए तो वह कहने लगे कि अब आगे से मैं इस बात का ध्यान रखूंगा। पापा और मैं घर आ चुके थे मां मुझे कहने लगी कि बेटा मैंने लंच तैयार कर दिया है। हम लोगों ने साथ में लंच किया उसके बाद मैं अपने दोस्त को मिलने के लिए चला गया। मेरा दोस्त मुंबई में रहता था वह कुछ दिनों के लिए घर आया हुआ था और उसने मुझे मिलने के लिए कहा था तो मैं उसको मिलने के लिए चला गया। मैं जब संजय को मिलने के लिए गया तो उससे मेरी काफी समय बाद मुलाकात हुई। मैंने संजय से कहा कि संजय तुम्हारे जीवन में क्या चल रहा है तो वह मुझे कहने लगा कि मैंने अपनी जॉब से रिजाइन दे दिया है और अब मैं दिल्ली में रहकर ही कोई काम करना चाहता हूं। मैंने संजय से कहा कि तुम्हारी तो काफी अच्छी जॉब थी तो तुमने वहां से रिजाइन क्यों दिया। संजय मुझे कहने लगा कि मैं अब कोई स्टार्टअप शुरू करना चाहता हूं मैंने संजय से कहा कि लेकिन उसके लिए तो पैसे भी चाहिए होंगे तो संजय मुझे कहने लगा कि मैंने थोड़ी बहुत सेविंग की है उससे मैं कुछ काम शुरू करना चाहता हूं।

जब मैंने संजय को इस बारे में कहा तो संजय मुझे कहने लगा कि मैं जल्द ही अपना काम शुरू करने वाला हूं। मैंने संजय को कहा कि चलो यह तो बड़ा ही अच्छा है, मुझे लगा था कि तुम कुछ ही दिनों तक घर पर रहोगे लेकिन अब तुम यहीं हो तो इस बहाने कम से कम तुमसे मुलाकात तो हो जाया करेगी संजय मुझे कहने लगा कि हां राहुल। मैं संजय के साथ उस दिन काफी देर तक उसके घर पर रहा और फिर मैं अपने घर लौट आया था। मैं जब अपने घर लौटा तो मुझे काफी देर हो चुकी थी मां मुझे कहने लगी कि राहुल बेटा तुम कहां रह गए थे मैंने मां से कहा कि मैं संजय से मिलने के लिए गया था। मां संजय को पहले से ही जानती थी तो वह मुझे कहने लगी कि बेटा संजय कैसा है मैंने मां से कहा कि वह तो ठीक है और वह आप लोगों के बारे में भी पूछ रहा था, संजय पहले मेरे साथ घर पर आया करता था। मैं अगले दिन से अपने ऑफिस जाने लगा जब मैं ऑफिस गया तो ऑफिस में काम करने वाले गौतम ने मुझे अपनी बहन की शादी में आने के लिए कहा। उसकी बहन की शादी होने वाली थी तो मैंने उसे कहा कि ठीक है गौतम मैं तुम्हारी बहन की शादी में जरूर आऊंगा। मैं जब गौतम की बहन की शादी में गया तो गौतम की बहन की शादी में मुझे एक लड़की बड़ी पसंद आई उसका नाम मोनिका है। मोनिका को देखकर मुझे बड़ा ही अच्छा लगा मुझे लगा कि मोनिका से मुझे बात करनी चाहिए उसके लिए मैंने गौतम की मदद ली और गौतम की मदद से मैंने मोनिका का नंबर ले लिया था। अब मुझे मोनिका का नंबर मिल चुका था लेकिन मोनिका से बात करने की मेरी बिल्कुल भी हिम्मत नहीं थी। मैंने सोचा कि मैं मोनिका से बात करूं लेकिन मैं उससे बात कर ही नहीं पाया फिर गौतम ने मुझे कहा कि लगता है मुझे ही तुम दोनों को मिलवाना पड़ेगा। मैंने उससे कहा कि अगर तुम मुझे मोनिका से मिलवा दो तो तुम्हारा मुझ पर बड़ा एहसान होगा वह मुझे कहने लगा कि हां जरूर मैं तुम्हें मोनिका से मिलवा दूंगा।

गौतम ने हीं मुझे मोनिका से मिलवाया हम दोनों की पहली मुलाकात काफी अच्छी रही और उसके बाद तो हम लोग एक दूसरे को अक्सर मिलते ही रहते। मैं जब भी मोनिका को मिलता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और उससे फोन पर घंटों बात करना मुझे बहुत पसंद था हम दोनों की फोन पर काफी बातें होने लगी थी। मोनिका को भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा था और हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब आने लगे थे। एक दिन मोनिका ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए अपनी मौसी के घर जयपुर जा रही है तो मैंने मोनिका से कहा कि लेकिन तुम वहां से कब लौटोगी तो मोनिका मुझे कहने लगी कि मैं वहां से जल्दी लौट आऊंगी। मोनिका और मैं एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे मैं मोनिका को बहुत प्यार करने लगा था हम दोनों एक दूसरे के करीब आ चुके थे। मोनिका कुछ दिनों के लिए जयपुर चली गई और वह कुछ समय जयपुर में ही थी लेकिन मेरी उससे बात काफी दिनों से हो नहीं पाई थी। मोनिका जब जयपुर से वापस लौटी तो मैंने उससे मिलने की बात कही, वह कहने लगी कि आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए हम लोग कल मिलते हैं मैंने मोनिका को कहा ठीक है हम लोग कल मिलते हैं।

अगले दिन हम दोनों एक दूसरे को मिले मोनिका से मैं करीब 10 दिन बाद मिल रहा था तो उससे मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मुझे तो लग रहा था कि मैं बस मोनिका से बात करता ही रहूं मोनिका भी बहुत खुश थी वह मुझे कहने लगी कि तुम्हारे साथ बात कर के बहुत ही अच्छा लग रहा है। हम लोगों ने उस दिन काफी देर तक साथ में समय बिताया और उसके बाद मैंने मोनिका को उसके घर छोड़ा और मैं फिर अपने घर लौट आया था। मोनिका और मेरे बीच प्यार परवान चढ़ता ही जा रहा था हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे। हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे एक दिन मोनिका और मैं लॉन्ग ड्राइव पर गए। उस दिन जब मोनिका और मैं साथ मे थे तो मोनिका को भी यह बात पता थी कि हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते हैं। मैं मोनिका को अपने दोस्त के घर ले गया वहां पर मोनिका और मै साथ मे थे। मैंने मोनिका के कोमल हाथों को पकड़ा और उसके हाथों को सहलाने लगा। मोनिका के अंदर की गर्मी बाहर की तरफ आने लगी थी मुझे अच्छा लग रहा था वह तड़पने लगी थी। मैंने मोनिका को अपनी बाहों में लिया वह गर्म होने लगी थी उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। मुझसे रहा नहीं जा रहा था मैंने मोनिका के नरम होंठों को चूमना शुरू किया मैं जब उसके होठों को चूम रहा था तो वह तड़पने लगी थी। अब हम दोनो बिस्तर पर लेट चुकी थी मैं मोनिका के ऊपर लेट गया था। मैंने अब मोनिका के कपड़ों को धीरे धीरे उतारना शुरू कर दिया मैने उसके बदन से कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे। मोनिका मेरे सामने नंगी थी मोनिका के नंगे बदन को देखकर मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया था। उसका गोरा बदन मेरे सामने चमक रहा था मै उसके गोरे बदन को महसूस करना चाहता था। मैंने मोनिका के बडे स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मैं जब मोनिका के स्तनों को दबाकर उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसता तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो जाती।

वह मुझे कहती मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है मोनिका के अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी और मेरे अंदर की आग भी अब पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला और हिलाना शुरु किया। मोनिका उत्तेजित हो रही थी। मैने अपने लंड को मोनिका के मुंह में डाला तो उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। वह जिस तरह से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी मुझे मज़ा आ रहा था और वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मोनिका मुझे कहा मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आ रहा है। मोनिका ने 2 मिनट तक मेरे लंड को चूसा हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे। हम दोनों की उत्तेजना बढ़ने लगी थी मैंने मोनिका की चूत को चाटा। मोनिका की चूत को जब मै चाट रहा था तो वह अपने पैरों को खोल रही थी। मोनिका की चूत से पानी बाहर निकल रहा था मैं मोनिकी की चूत को अच्छे से चाटने लगा था।

मुझे अच्छा लगने लगा था मैं जब उसकी चूत को चाट रहा था तो मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी। मैंने अपने लंड पर थूक लगाया मैंने थूक लगाने के बाद मोनिकी की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया। मोनिका की चूत से खून निकल आया मुझे मजा आने लगा था मैंने उसे तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे। मुझे बहुत ही मज़ा आने लगा था वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी। मेरे अंदर की आग बढ चुकी थी उसके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। उसकी चूत से खून बाहर निकलने लगा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ाने लगी थी। हम दोनो के बदन से गर्मी पैदा हो रही थी हम दोनों एक दूसरे के लिए तड़पने लगे थे। मेरा लंड अब उसकी चूत की गर्मी झेल नहीं पाया मैंने अपने वीर्य को उसकी चूत में गिराने का फैसला कर लिया था। मैंने अपने वीर्य की पिचकारी उसकी चूत के अंदर गिरा दी और उसकी चूत को मैने ठंडा कर दिया था।