चूत चुदाई का पूरा इंतजाम था

Antarvasna, hindi sex story: मैंने जिस कॉलेज में दाखिला लिया उसी कॉलेज में मेरे साथ सोनाक्षी पढ़ा करती थी सोनाक्षी और मेरे बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। हम दोनों की मुलाकात पहले ही दिन हुई थी सोनाक्षी और मैं एक-दूसरे से काफी बातें करने लगे थे और देखते ही देखते कब समय निकल गया कुछ पता ही नहीं चला। कॉलेज का यह आखिरी वर्ष था मैं सोनाक्षी को दिल ही दिल पसंद करने लगा था लेकिन मुझे यह भी डर था कि कहीं सोनाक्षी मेरी बात का बुरा ना मान ले इसलिए मैंने सोनाक्षी से अपने दिल की बात नही कही। सोनाक्षी और मैं एक दूसरे के काफी नजदीक आते जा रहे थे मुझे भी नहीं पता था कि सोनाक्षी मुझे पसंद करती भी है या नहीं, उसके दिल में क्या चल रहा था लेकिन जब मैंने सोनाक्षी को अपने दिल की बात कही तो सोनाक्षी ने भी तुरंत मुझे गले लगाते हुए कहा कि मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि आज मैं कुछ सपना देख रही हूं।

सोनाक्षी के दिल में भी मेरे लिए प्यार था और यह बात तो मुझे पता ही नहीं थी लेकिन जब सोनाक्षी ने मुझे अपने दिल की बात कही तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़ने लगा था। हमारा कॉलेज भी खत्म हो चुका था लेकिन मुझे क्या पता था कि सोनाक्षी के पिता उसे पढ़ने के लिए हैदराबाद भेज देंगे। सोनाक्षी के पिता जी ने उसे पढ़ने के लिए हैदराबाद भेज दिया था और मैं अभी भी पुणे में ही पढ़ाई कर रहा था। सोनाक्षी अपनी मौसी के घर रहने लगी थी क्योकि सोनाक्षी की पारिवारिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी इस वजह से सोनाक्षी की मौसी ने उसे अपने पास बुला लिया था और फिर वह हैदराबाद में रहकर ही अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने वाली थी। मैं पुणे में ही रहकर पढ़ाई कर रहा था हम दोनों की फोन पर तो बातें होती थी लेकिन हम दोनों की मुलाकात काफी समय से नहीं हुई थी। एक दिन मेरे और सोनाक्षी के बीच फोन पर किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया और झगड़ा इतना बढ़ गया कि मैं सोनाक्षी से बात भी नहीं करना चाहता था मैंने सोनाक्षी से काफी दिनों तक बात नहीं की लेकिन जब उसने मुझे कहा कि मुझे तुमसे मिलना है तो मैंने सोनाक्षी को कहा कि लेकिन मैं तुमसे बात ही नहीं करना चाहता हूं। वह मुझसे फोन पर ही बात कर रही थी मैंने फोन काट दिया लेकिन सोनाक्षी ने मुझे कहा कि मुझे तुमसे मिलना है और वह मुझसे मिलने के लिए पुणे आ गई।

जब वह मुझसे मिलने के लिए आई तो कुछ दिनों तक वह अपने घर पर ही रुकने वाली थी मैंने सोनाक्षी को कहा कि आखिर तुमने मुझसे झगड़ा क्यों किया। सोनाक्षी मुझे कहने लगी कि रोहित तुम्हें तो पता ही है कि मैं तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रह सकती और तुम मुझसे ऐसे ही झगड़ते रहते हो। मैंने सोनाक्षी को समझाया और कहा कि सोनाक्षी हम दोनों के बीच की गलतफहमी की वजह से यह सब हुआ है और अब आगे से मैं कोशिश करूंगा कि ऐसा कुछ भी ना हो। सोनाक्षी और मैं साथ में बैठे हुए थे तो सोनाक्षी ने मुझे बताया कि उसका कॉलेज खत्म हो जाने के बाद वह हैदराबाद में ही जॉब करना चाहती है। मैंने सोनाक्षी को कहा कि तुम यहां पुणे में क्यों नहीं ट्राई करती तो सोनाक्षी मुझे कहने लगी कि मैंने पुणे में भी जॉब के लिए रिज्यूम भेज दिया है मैंने सोनाक्षी से कहा की तुमने यह तो काफी अच्छा किया। सोनाक्षी और मैं एक दूसरे से उस दिन काफी देर तक बात करते रहे हम दोनों ने उस दिन साथ में करीब दो घंटा बिताया। दो घंटे का कुछ पता ही नहीं चला कब समय बीत गया और फिर सोनाक्षी अपने घर चली गई। सोनाक्षी कुछ दिनों बाद हैदराबाद जाना चाहती थी तो मैं उसे छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन तक गया। सोनाक्षी से मैंने कहा कि सोनाक्षी अब कॉलेज खत्म होने वाला है और अब मैं भी जॉब के लिए देख रहा हूं सोनाक्षी मुझे कहने लगी कि चलो यह तो अच्छा ही है कि तुम भी कहीं जॉब करने लगोगे और अब हम लोग अपने फ्यूचर के बारे में तो सोच पाएंगे, मैंने सोनाक्षी को कहा की मैं भी इसी बात को लेकर चिंतित हूं। मेरी और सोनाक्षी की काफी देर तक बात हुई उसके बाद मैंने सोनाक्षी से कहा मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि तुम मेरी जिंदगी में हो। सोनाक्षी हैदराबाद जा चुकी थी और मैं पुणे में ही था कॉलेज खत्म हो जाने के बाद मैं भी इंटरव्यू दे रहा था लेकिन अभी तक मेरी कहीं भी जॉब नहीं लग पाई थी।

सोनाक्षी की जॉब हैदराबाद में ही लग गई थी और हम दोनों फोन पर ही एक दूसरे से बातें कर रहे थे। मैंने सोनाक्षी से फोन पर कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए हैदराबाद आ रहा हूं तो वह मुझे कहने लगी कि लेकिन तुम हैदराबाद किस लिए आ रहे हो। मैंने सोनाक्षी को कहा कि हम लोगों को मिले हुए करीब 6 महीने हो चुके हैं और 6 महीनों से हम लोगों ने एक दूसरे को देखा भी नहीं है मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी तो सोचा कि तुमसे मिलने के लिए हैदराबाद आ जाऊं। सोनाक्षी भी बहुत खुश थी और कहने लगी कि लेकिन तुम कितने दिनों के लिए हैदराबाद आओगे तो मैंने उसे कहा कि यह तो मुझे नहीं पता लेकिन मैं तुमसे मिलने के लिए हैदराबाद आ रहा हूं उसके बाद मैं सोनाक्षी को मिलने के लिए हैदराबाद चला गया। मैं सोनाक्षी को मिलने के लिए हैदराबाद गया तो सोनाक्षी ने ही मेरा वहां रहने का अरेंजमेंट किया था। मैं बहुत खुश था कि सोनाक्षी ने मेरी वहां रहने की व्यवस्था की है। मैं और सोनाक्षी एक दूसरे से मिलकर बड़े ही खुश थे मैं इतने समय बाद सोनाक्षी से मिल रहा था। सोनाक्षी और मैं साथ मे बैठे हुए थे मैने सोनाक्षी की जांघ पर हाथ रखा। वह मुझे कहने लगी रोहित तुमसे मिलने के लिए मैं कितना ज्यादा बेताब थी। यह कहकर उसने मेरे हाथ को पकड़ लिया मैंने भी अपने हाथों को सोनाक्षी के स्तनों पर लगाया जब मैंने उसके स्तनों पर अपने हाथों को लगाया तो वह मुझे कहने लगी आई लव यू। हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे हमारी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी हम दोनों एक दूसरे के साथ संभोग करने के लिए तैयार थे। मैंने सोनाक्षी के होंठों को चूमना शुरू कर दिया था मै उसे किस करके लगा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

जब मैं उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाता तो वह उत्तेजित होने लगी। मैंने सोनाक्षी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे मैं सोनाक्षी के बदन को सहलाने लगा। मै बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा थी मैंने सोनाक्षी के गोरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया मै उसके निप्पलो को चूस रहा था तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। वह बहुत जयादा उत्तेजित होने लगी थी। मैंने अब सोनाक्षी के पैरों को खोला मैने सोनाक्षी की कोमल चूत देखी। मैंने जब सोनाक्षी की चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। उसकी चूत को चाटकर मेरे अंदर की गर्मी बढ़ चकी थी। मैंने अपने कपड़े उतारने के बाद अपने अंडरवीयर से लंड को बाहर निकाला तो और सोनाक्षी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसना शुरू कर दिया था। जब सोनाक्षी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसा तो मुझे मजा आ रहा था और सोनाक्षी को भी मजा आने लगा था। उसके अंदर की आग बढ़ चुकी थी उसने अब मेरी आग को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था कि मैं अब एक पल भी नहीं रह पा रहा था। मैंने सोनाक्षी को कहा मैं अब तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं। उसे कोई भी अपत्ति नही थी मैने उसकी चूत को पहले तो अपनी उंगली से सहलाया जब सोनाक्षी की चूत गर्म हो गई थी तो मैंने भी अपने लंड को सोनाक्षी की चूत पर लगाया और अंदर की तरफ लंड को डालना शुरू किया।

जब मेरा लंड सोनाक्षी की चूत के अंदर की तरफ जाने लगा तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही थी मेरे अंदर की गर्मी अब बढ़ने लगी थी मुझे मजा आने लगा था। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों मे रख लिया। जब मैंने ऐसा किया तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं सोनाक्षी की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को बड़ी आसानी से करता जा रहा था। मैंने काफी देर तक उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किया मुझे मजा आने लगा था। सोनाक्षी मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बढती जा रही है। मैंने सोनाक्षी को कहा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मेरा साथ देती रहो। वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी मेरे अंदर भी गर्मी बढने लगी थी अब मुझे एहसास हो चला था मेरा माल बाहर आने वाला है।

मेरा माल जब सोनाक्षी की चूत मे गिरा तो मैंने अपने लंड को सोनाक्षी की चूत से बाहर निकाल लिया था। सोनाक्षी की चूत अब भी तडप रही थी उसकी चूत अभी भी गरम थी। वह मेरे साथ दोबारा सेक्स करने के लिए तडप रही थी। मैंने सोनाक्षी की चूतडो को अपनी तरफ कर दिया था सोनाक्षी की चूतडे मेरी तरफ थी। मैंने सोनाक्षी के बदन को कुछ देर महसूस किया तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। मैंने सोनाक्षी की चूत पर अपने लंड को लगाया जब मैंने उसकी गुलाबी चूत पर अपने लंड को लगाया तो उसे मज़ा आने लगा था। मैने सोनाक्षी की चूत के अंदर लंड को घुसा दिया। उसकी चूत के अंदर मेरा लंड जा चुका था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मै सोनाक्षी की चूत का मजा ले रहा था मैने उसकी चूत का मजा लेकर उसको उत्तेजित कर दिया था। मैंने सोनाक्षी को चोदता रहा जब तक सोनाक्षी झड नहीं गई। सोनाक्षी भी मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाने लगी। सोनाक्षी जब अपनी चूतड़ों को मेरे लंड से टकराता तो मुझे बहुत मजा आ जाता। मेरे अंदर की उत्तेजना बढती जा रही थी मैं अपने माल को सोनाक्षी की चूत के अंदर गिराने चाहता था और मैने उसकी चूत में अपने माल को गिराकर अपनी इच्छा को पूरा कर दिया था। हैदाराबाद मे मै तीन दिन तक रूका।