चूम लो चूत फिर चोदो

desi chudai ki kahani, antarvasna

दोस्तों मेरा नाम अंकित है मैं एक खुशदिल लड़का हूं और हमेशा अपनी जिंदगी को अच्छे से जीना चाहता हूं। मैंने आज तक अपनी जिंदगी में कभी भी टेंशन नहीं ली है। सिर्फ अपनी जिंदगी को अच्छे से जिया है। मेरा जब भी मन करता है। तो मैं अपनी बाइक पर कहीं भी लंबे टूर पर घूमने निकल जाता हूं और ना जाने मैं कहां कहां घूम गया हूं। इसी तरीके से मेरे सारे दोस्त ही अच्छे हैं। मैं जब भी उन्हें बोलता हूं तो वह भी मेरे साथ लंबे टूर पर चल पड़ते हैं। मैं पेंटिग भी करता हूं और अपना जुनून भी जीता हूं। इसी तरीके से ना जाने कितनी बार हम लोग नई-नई जगह हो आए। जब भी मुझे समय मिलता तो मे अपने जुनून को पूरा कर ही लेता हूं। इस बार भी हम लोगों ने टूर घूमने का बना ही लिया। हम लोग निकल पड़े घूमने के लिए मैंने अपना कैमरा और अपने बैग में सारे कपड़े पैक किए और हम लोग अपनी कार से घूमने निकल पड़े इस बार हम लोगों ने राजस्थान का टूर बनाया घूमने का यह बहुत अच्छा था। क्योंकि नवंबर का महीना था तो मौसम भी ठीक था ना ज्यादा ठंड हो रही थी ना ही ज्यादा गर्मी थी। अब हम लोग घूमते घूमते जैसलमेर पहुंच गए।

जैसलमेर में हम लोगों ने 2 दिन का रुकने का प्लान बनाया। यहां पर हमारा अच्छा अनुभव रहा और हम अब निकल पड़े उदयपुर के लिए उदयपुर बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां और घूमने में बहुत ही आनंद आ रहा था। यहां भी हम लोगों ने 2 दिन का ही प्लान बनाया था घूमने का रात में हम लोग उदयपुर में घूम रहे थे। तो हम लोगों ने सोचा चलो कुछ खा लेते हैं तो वहीं पर एक रेस्टोरेंट था तो हम उसमें चले गए और वहां पर बैठ गए। काफी देर तक हम लोगों ने आपस में बात करी बात करते-करते हम लोग अपनी पुरानी यादें ताजा करने लगे। सारे दोस्त गप्पो में मशगूल थे और पुरानी यादें ताजा होती जा रही थी। यह अनुभव कुछ ज्यादा ही अच्छा रहा मेरा क्योंकि इस बार कुछ नया होने वाला था। मेरे जीवन में जो आज तक शायद कभी नहीं हुआ था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था इस बार घूमने में क्योंकि शायद यह भी हो सकता है कि हम काफी लंबे समय बाद घूमने के लिए निकले हो। यह देखते हुए कि समय की कमी है तब भी हम लोगों ने अपने कीमती समय में से कुछ दिन अपने लिए निकाल लिए और हम घूमने आ गए। हम लोग काफी इंजॉय कर रहे थे। सब दोस्त जोर जोर से हंसते और अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड को याद करते हैं और कहते हैं। यार वह भी क्या दिन थे जो हम लोग उन्हें उन्हें यह घर में जाकर चोदते थे। दूसरा दोस्त मुझे बोला अंकित तुझे तेरी वो गर्लफ्रेंड याद है ना जिसको लेकर हम दोनों गए थे और हम दोनों ने ही उसे चोदा था।

मैं भी हंसने लगा उस गर्लफ्रेंड को  याद कर कर क्योंकि वह हो एक नंबर की जुगाड़ थी। जो भी उसे पैसे देता था वह उसी के साथ चली जाती थी। मुझे यह बात काफी समय बाद मालूम पड़ी जब मेरा रिलेशन उसके साथ काफी आगे बढ़ चुका था। पर चलो वह पुरानी बात है तो उसको क्या याद करना। अब मजे तो मैंने ले ही लिए थे उसके साथ मैंने बहुत ज्यादा चोदा था उसको तभी मेरा तीसरा दोस्त बोला अरे यार उसको तो मैं भी बहुत ले गया था अपने साथ तुम लोगों से बात मैंने छुपा कर रखी सोचा सही समय आएगा तो मैं तुम्हें यह बात बताऊंगा। हम लोग तो बड़े चौक गए क्योंकि उसका तो कहीं पर कोई जिक्र ही नहीं था। वह दूसरे कॉलेज में पढ़ता था और ना जाने उसने कहा से उस लड़की से सेटिंग कर ली थी। उसने हमें बताया की उसने उसको कहां-कहां पर चोदा था। उसने उसको थिएटर में भी चोदा था। यह सब सुनकर हम लोग मजे ले रहे थे। तभी मेरी नजर पास में बैठी एक लड़की पर गई उसके साथ भी तीन चार लोग थे।

शायद वह लोग भी घूमने आए हुए थे और वह लड़की काफी देर से हमें देख रही थी मैं थोड़ा सा चुप हो गया। लड़की देखने में बहुत ही सुंदर थी। मुझे उसको देखकर उसके साथ सेक्स करने का मन हो रहा था। जिस तरीके से उस लड़की के बाल हवा में हील रहे थे। वह मझे और भी ज्यादा आकर्षित करने लगे थे। उसकी तरफ ना जाने मैंने अपनी आंखों से उसकी आंखों की तरफ क्या इशारा किया कि वह मेरे पर फ्लैट हो गई। और उस लड़की ने मुझे कुछ इशारा किया मैं उसके पीछे पीछे जाने लगा। जाते-जाते मैंने अपने दोस्तों से कहा मैं अभी आता हूं तुम लोग यहीं बैठे रहना कहीं जाना मत उन्होंने कहा ठीक है कहां जाएंगे वैसे भी अब रात हो चुकी है। यही बैठकर हम लोगों गप मारते हैं। मैं उस लड़की के पीछे जाने लगा। जैसे ही वह लड़की सीढ़ियों से उतरी तो वह सीढ़ियों के किनारे जाकर खड़ी हो गई। अब मैं उसके पास गया मैंने उससे उसका नाम पूछा उसके बाद मैंने उससे कह दिया मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। उस लड़की ने भी मना नहीं किया।  हम दोनों ने वहां पर इधर उधर कोई खाली जगह देखी तो हमें वहां पर एक स्टोर बना हुआ दिखा। क्योंकि वहां पर काफी अंधेरा था तो कुछ सही से दिखाई नहीं दे रहा था। हम दोनों वहां पर चले गए। जैसे ही हम दोनों वहां गए तो वह काफी बड़ा एरिया था। हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया। उसके नरम नरम होंठ मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहे थे। मैं उसको बोल रहा था। तुम वाकई में बहुत ही सुंदर हो और सेक्सी हो।

उसने बड़ा ही हल्का और कुछ मैक्सी जैसा पहना हुआ था। मैंने धीरे-धीरे उसको उठाना शुरू किया और उसकी जांघों को सहलाने लगा। वह भी मेरी ओर मोहित होने लगी थी। उसने भी मेरे छाती पर हाथ रख कर उसको चूसने लगी। इससे मुझे भी अच्छा लगने लगा था। ऐसा करते करते मैंने उसके बूब्स को निकाल लिया। जो कि काफी सख्त थे वह ज्यादा बड़े भी नहीं थे और ज्यादा छोटी भी नहीं थे बिल्कुल मीडियम साइज के अब मैंने उसके निप्पलों को अपने मुंह में लेकर चुसना शुरू कर दिया। ऐसा काफी देर तक करने के बाद मैंने उस गीली चूत मे हाथ लगाना शुरु किया। तो वह गीली हो गई थी। ऐसा करते-करते मैंने धीरे से अपनी उंगली उसकी चूत मे डाल दी। जैसे ही मैंने अपनी उंगली को उसकी योनि में डाला उसने मेरे लंड को पकड लिया। उसने बड़ी तेजी से मेरा भी लंड दबा दिया। मुझे तो ऐसा लगा जैसे मेरी गली में मेरी गोटियां आ गई हो। मैंने भी उसकी पैंटी उतार दी और थोड़ा सा नीचे झुक कर उसकी योनि को हल्के हल्के अपनी जीभ से चाटने लगा और रगड़ने भी लगा। इससे वह काफी ज्यादा मूड में आ गई। उसने मुझसे कहा अब नहीं होगा मेरे से कंट्रोल तुम मेरी चूत मे लंड डाल दो। मैंने उसको डॉगी पोज में लाकर खड़ा कर दिया अपने आगे और उसकी बड़ी गांड को अपने हाथों से पकड़ लिया। मैंने बड़ी तेजी से उसकी चूत में डाला किंतु वह गलती से उसकी गांड के छेद में चला गया।

जब मेरा लंड उसकी गांड में प्रवेश कर चुका था। वह जोर से चिल्ला उठी थी और उछल पड़ी परंतु मैंने उसको इतना कस कर पकड़ा था। कोई सवाल ही नहीं था म छोड़ देता मैं बहुत तेजी से धक्के मार रहा था। थोड़ी देर बाद उसको भी मजा आने लगा पहले तो वह दर्द से चिल्ला रही थी। परंतु अब उसको मजा आ रहा था तो उसकी सिसकियां निकल रही थी। जो कि काफी मादक थी। वह मुझे अपनी और आकर्षित कर रही थी जैसे-जैसे मैं आकर्षित होता जाता। मैं और जोर-जोर के झटके मारता जाता पता नहीं कैसे मेरा भी एक ही झटके में अंदर चला गया उसकी गांड मे शायद उसका भी पहला ही अनुभव था और मेरा भी पहला ही अनुभव था। परंतु क्या मालूम क्या हुआ जो उसकी गांड की छेद में चला गया। मेरे लिए तो यह अच्छा ही था ऐसा करते-करते मैं और तेज तेज झटके मारते जाता वह आगे की तरफ जाती फिर मैं उसको पीछे खींचता थोड़े समय बाद वह भी अपने आप ही आगे पीछे करने लगी और ना जाने कब ऐसा करते-करते मेरा भी माल निकलने वाला था। तो मैंने उसकी गांड के ऊपर अपना सारा माल गिरा दिया। अब हम दोनों वहां से बाहर आए और अपने अपने दोस्तों के साथ बैठ गए। ना तो वह अनजान लड़की मुझे कभी उसके बाद मिली।