चुदक्कड़ आंटी की चूत में अंकल का लंड

chudakkad aurat हैल्लो दोस्तों, सभी पढ़ने वालों का मेरी इस आज की कहानी में स्वागत है। दोस्तों मेरी आंटी ने पहली बार उन अंकल के लंड को अपनी चूत में डलवाकर बड़े तेज धक्को के साथ चुदाई के मस्त पूरे मज़े लिए और वो उनके साथ पहली बार चुदाई में ही इतनी खुल गई कि वो दोनों एक दूसरे से गंदे शब्द लंड, चूत, भोसड़ा, चुदाई और गालियों का भी प्रयोग करने लगे थे, लेकिन मुझे क्या पता था कि कुछ दिनों बाद ही मुझे दोबारा उन दोनों की उस पहले से भी ज्यादा जबर्दस्त चुदाई के मज़े देखकर मिलेगें क्योंकि मेरी आंटी ने एक दिन सही मौका देखकर अंकल को दोबारा से अपनी चुदाई का निमन्त्रण दे दिया और वो आ गए अपने लंड की बारात लेकर उनके साथ दोबारा सुहागरात के मज़े लेने और उसके बाद लगे वो अपना काम करने।
आंटी के बारे में सब कुछ पूरी तरह विस्तार से बताता हूँ। उनके परिवार में वो आंटी, मेरे अंकल और में हूँ। मेरे अंकल एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है, जिसकी वजह से उनको अक्सर अपने शहर से बाहर ही रहना पड़ता है। दोस्तों मेरी वो आंटी जिसकी उम्र करीब 28 साल है, वो दिखने में इतनी सुंदर गोरी है कि उनको देखने के बाद अच्छे अच्छो के डंडे खड़े होकर कुछ देर में ठंडे भी हो जाते है उनकी लंबाई पाँच फिट छ इंच है और जितनी दिखने में वो सेक्सी है उससे ज्यादा वो चुदाई के काम में अनुभवी और एक नंबर की चुदक्कड़ किस्म की औरत है, हमेशा मेरी वो आंटी किसी ऐसे मर्द को अपने जाल में फंसाने के जुगाड़ में रहती थी जो उनके साथ उनकी बड़ी मस्त जमकर चुदाई करे। यह उनकी एक इच्छा थी इसलिए वो हमेशा उसके लिए किसी को देखती ही रहती थी और उनकी वो इच्छा उस दिन पूरी हो गयी जब मेरे अंकल ने एक दिन उनको अपने एक बहुत अच्छे दोस्त से पहली बार मिलवाया और मेरे अंकल के उस दोस्त का नाम योगेश था। फिर उनको पहली बार देखते ही आंटी के चेहरे को ध्यान से देखने के बाद ऐसा एकदम साफ लग रहा था कि आंटी की वो इच्छा अब बहुत जल्दी पूरी होने वाली है वो उस योगेश नाम के आदमी को देखकर मन ही मन खुश होकर बहुत इतरा रही थी, वो अपनी प्यासी नजरों से बार बार उनको किसी ना किसी बहाने से देख रही थी और अब में आप सभी को उस दिन की तरफ ले चलता हूँ और पूरी तरह विस्तार से उस घटना के बारे में बताता हूँ। दोस्तों मुझे वो दिन आज भी बहुत ही अच्छी तरह से याद है, उस दिन घर में मेरी आंटी ही थी क्योकि अंकल अपने काम से दो दिन के लिए कहीं बाहर गये हुए थे और में भी उस दिन उस समय अपने स्कूल गया हुआ था। तो उस दिन किसी वजह से मेरे स्कूल में आधी पढ़ाई हुई मतलब कि कुछ घंटो तक की पढ़ाई हुई और फिर उसके बाद स्कूल में छुट्टी होने की वजह से जब में अपने घर के पास पहुंचा तो मैंने उन अंकल को मेरी आंटी के घर के दरवाजे पर उस समय खड़ा हुए देखा तो उनको देखकर में तुरंत वहीं पर रुक गया।
उसके बाद फिर मैंने देखा कि अंकल के दरवाजे पर घंटी को बजाने के कुछ देर बाद आंटी ने दरवाजा खोला और वो उनको देखकर बहुत मुस्कुरा रही थी और उसके बाद अंकल मेरी आंटी के कहने पर तुरंत ही अंदर चले गये और उसके बाद झट से दरवाजा बंद हो गया। अब में तुरंत ही समझ गया कि आज एक बार फिर से मेरी आंटी की वो दिन में ही चुदाई करने आए है और वो उनका आज भी जरुर जमकर बैंड बजाकर जाएगें। फिर मैंने यह बात मन ही मन सोचकर बिल्कुल भी देर करना ठीक नहीं समझा और उसके बाद में बिल्कुल आराम से सीड़ी पर चढ़कर वैसे ही उसी जगह पर आज भी बैठ गया जहाँ से में सब कुछ बड़े आराम से देख सकता था और मैंने पिछली बार भी उसी जगह पर बैठकर उनकी चुदाई को देखकर बड़े मज़े लिए थे।
अब मैंने देखा कि वो अंकल मेरी आंटी के रूम में जाकर बैठ गये और कुछ देर बाद मेरी आंटी उनके लिए पानी लेकर आई और उनको हाथ में पानी का गिलास देकर वो बाहर चली गई और तब तक अंकल ने पानी पी लिया। फिर कुछ देर के बाद आंटी अपना कुछ काम करके वापस आ गई तो उसी समय अंकल ने तुरंत ही आंटी के एक हाथ को पकड़ लिया और आंटी को एक ज़ोर का झटका देते हुए उन्होंने अपनी तरफ खींचते हुए अपनी गोद में आंटी को बैठा लिया। अब आंटी उनकी तरफ मुस्कुराते हुए उनसे कहने लगी कि आप यह क्या कर रहे हो? उसी समय अंकल ने बिना कोई जवाब दिए आंटी के दोनों बड़े आकार के गोलमटोल बहुत ही मुलायम बूब्स को अपने दोनों हाथों की हथेलियों में लेकर उनको मसलना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से आंटी के मुहं से आईईई स्सीईईईइ की आवाज बाहर निकल रही थी और वो तब आंटी से बोले कि बहुत दिन हो गये है आइए ना, आज हम एक दूसरे की आवश्कता को पूरा कर लें, क्योंकि अब मुझे सेक्स करने की बड़ी तेज भूख लगी है और शायद आपकी चूत भी मेरा लंड लेने के लिए बहुत प्यासी होगी और यह बात कहते हुए ही उन्होंने मेरी आंटी को अपनी बाहों में लेकर बेड पर लेटा दिया और फिर उसके बाद वो मेरी आंटी की मेक्सी को ऊपर उठाने लगे। तो मैंने देखा कि उस समय मेरी आंटी के दोनों पैर बेड से नीचे लटक रहे थे और अंकल ने बिना देर किए आंटी की मेक्सी को तुरंत ही पूरा ऊपर उठा दिया जिसकी वजह से मुझे मेरी आंटी का वो गोरा कामुक बदन एकदम साफ नजर आ रहा था। फिर आंटी ने अब अंकल से बोला कि अगर कोई बीच में आ जाएगा तो क्या होगा? अंकल बोले कि कोई बात नहीं है हम उसको भी देख लेंगे यह बात कहते हुए अंकल ने आंटी की मेक्सी को अब उनके दोनों हाथ ऊपर उठाकर बाहर निकालने के बारे में कुछ किया। दोस्तों मैंने देखा कि आज मेरी आंटी ने अपनी मेक्सी के नीचे कुछ नहीं पहना था, इसलिए अब मुझे अपनी आंटी की चूत साफ साफ नजर आ रही थी। अब मेरी आंटी की चूत को अपनी चकित खा जाने वाली नजर से देखते हुए अंकल ने कहा कि इसको देखकर मुझे ऐसा लगता है कि पता नहीं यह आपकी चूत कितने दिनों से भूखी है? और आज में आपकी इस प्यासी चूत की भूख के साथ साथ प्यास भी मिटा देता हूँ। आओ आज हम दोबारा वैसे ही मज़े लेकर एक दूसरे को चुदाई के मज़े देकर अपनी मन को खुश करते है। अब अंकल ने इतना कहकर तुरंत ही अपने लंड को बाहर निकाल दिया और अपने तनकर खड़े लंड को उन्होंने आंटी की चूत पर सटाकर एक ही जोरदार धक्के से अपने लंड को चूत की गहराइयों में पहुंचाकर अपनी कमर को हिलाना शुरू किया। उस समय आंटी ने हल्की सी आईईईई माँ मर गई की आवाज अपने मुहं से बाहर निकालकर उन्होंने अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया और वो अब ज़ोर ज़ोर से सांसे लेने लगी थी। फिर अंकल ने अब धक्के देते हुए आंटी के दोनों हाथों को पूरा ऊपर उठाकर उस मेक्सी को ऊँचा करके उनके गोरे कामुक बदन से अलग करके आंटी को बिल्कुल ही नंगा कर दिया। फिर मैंने देखा कि अंकल के हर एक धक्के पर आंटी ज़ोर ज़ोर से अपनी सांसे खींच रही थी, जिसकी वजह से कुछ देर के बाद मुझे ऐसा लगाने लगा कि आंटी अब बिल्कुल ही गरम हो चुकी है।

फिर अंकल ने अब आंटी की हालत को देखकर उसी समय अपने लंड को जो कि छ इंच लंबा और ढाई इंच मोटा है उसको आंटी की चूत से पूरा बाहर निकाल लिया, बस अपने लंड का टोपा चूत के अंदर ही था। फिर उसके बाद एक हल्के से झटके के साथ दोबारा लंड को चूत के अंदर किया तब आंटी तो जैसे कांप उठी और आंटी ने अपनी चूत की तरफ जब मैंने देखा तो पाया कि उनकी चूत में अंकल के लंड का अगला हिस्सा पूरा अंदर चला गया था। अब आंटी की कमर को पकड़कर अंकल ने अपनी कमर को धीरे धीरे हिलाना शुरू किया और इसकी वजह से आंटी अब जोश में आकर उनके हर एक झटके के साथ एक अजीब सी मस्ती में आकर सिसकियों की आवाज़ में उनका जबाब दे रही थी और आंटी के पैर उनका पूरा गदराया हुआ बदन भी हर झटके के साथ हिल रहा था, जिसकी वजह से उनके पैरों की पायल की छन छन आवाज़ से अंकल का जोश अब पहले से भी ज्यादा बढ़ रहा था और अंकल, आंटी की चूत में अपने लंड को पूरा अंदर डालने के लिए कभी कभी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाते तब आंटी की तरफ से एक अजीब सी सिसकियों की वो आवाज पूरे कमरे में फैल जाती। दोस्तों मैंने ध्यान से देखा कि आंटी कि चूत में अंकल का लंड हर एक बड़े ही तेज दमदार धक्के के साथ पूरा अंदर जा रहा था जो आंटी के दर्द को पहले से भी ज्यादा बढ़ा रहा था। फिर आंटी को इस तरह से मस्ती में आकर करहाते हुए देखकर अंकल ने आंटी के तने हुए बूब्स को धीरे धीरे दबाना शुरू किया और वो उनकी निप्पल को अब पहले से ज्यादा ज़ोर से दबाने भी लगे थे। फिर तभी मैंने देखा कि आंटी के बूब्स से अब दूध भी निकलने लगा था। फिर उसी समय तुरंत ही अंकल, आंटी के बूब्स के दूध को पीने के लिए निप्पल को चूसने के लिए झट से आंटी के ऊपर लेट गए और वो अब आंटी के दोनों बूब्स को बारी बारी से अपने मुहं में लेकर आंटी के दूध को पीने लगे थे, जिसकी वजह से आंटी बड़ी मस्ती में आने लगी थी और वो कुछ देर बाद ढीली भी पड़ने लगी। फिर अंकल ने जब देखा कि आंटी ढीली पड़ने लगी है तो एक बार फिर से अपनी कमर को एक ज़ोर के झटके के साथ हिलाकर अपने लंड को आंटी की चूत की गहराई में डालने का पूरा प्रयास किया और उस तेज धक्के की वजह से आंटी अपनी जगह से करीब दो इंच ऊपर सरक चुकी थी। उस समय आंटी दर्द की वजह से बड़ी ज़ोर से चीख पड़ी और आंटी की वो चीख पूरे रूम में गूंज गई। अब आंटी ने तेज दर्द की वजह से अंकल से उनका लंड बाहर निकालने के लिए बोला, लेकिन अंकल के ऊपर आंटी के रोने चिल्लाने या मना करने का कोई भी असर नहीं पड़ा और वो लगातार वैसे ही अपने काम में लगे रहे। फिर आंटी अब आग्रह करते हुए कहने लगी कि प्लीज़ आप एक बार थोड़ी देर के लिए इसको बाहर निकाल दीजिए वरना में इसकी वजह से मर ही जाउंगी मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है, लेकिन उनकी इस बात का अंकल के ऊपर कोई भी असर नहीं हुआ और उन्होंने एक बार फिर से एक ज़ोर का धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से आंटी फिर से तेज दर्द होने पर छटपटाने लगी और अब आंटी की चूत में अंकल का पूरा छ इंच लंबा मोटा लंड चला गया। उस समय आंटी की वो हालत देखते ही बन रही थी और वो ऐसे छटपटा रही थी कि जैसे वो कोई छोटी बच्ची हो या यह उनकी पहली चुदाई हो। अब मैंने देखा कि आंटी की चूत के कोमल कोमल बालो से अंकल के कोमल कोमल बालों का मिलन हो रहा था और फिर अंकल ने धक्के देना बंद करके आंटी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया।
फिर आंटी भी कुछ देर के बाद धीरे धीरे शांत होकर अब पूरी तरह से मस्ती में आने लगी थी और अब वो भी अंकल का पूरा पूरा साथ देने लगी थी। उसी समय आंटी ने अपने दोनों पैरों को मोड़ लिया और अपनी दोनों गोरी भरी हुई जांघो को फैला दिया, जिसकी वजह से अंकल अब आंटी के दोनों पैरों के एकदम बीच में आ गए और वो अपनी तरफ से तेज तेज धक्के देकर आंटी की जवानी का भरपूर मज़ा लूटने लगे थे। दोस्तों अपनी छिनाल आंटी की इस चुदाई को देखकर मेरा मन सोचने के लिए बड़ा मज़बूर हो गया कि जब अपनी आंटी की इस चूत की चुदाई को देखने में इतना मज़ा आ रहा है तो भला अंकल को आंटी की चुदाई करने में कितना ज्यादा मज़ा आ रहा होगा? तभी कुछ देर धक्के देने के बाद आंटी, अंकल एक दूसरे से पूरी तरह से लिपट गये और आंटी अंकल की पीठ पर अपने दोनों हाथों से सहला रही थी। दोस्तों एक तरफ तो अंकल आंटी की चूत में अपने पूरे लंड को लगातार धक्के देकर अंदर बाहर कर रहे थे तो दूसरी तरफ आंटी के होंठो को भी वो चूस रहे थे और आंटी भी अब उनका खुलकर पूरा साथ दे रही थी और इस तरह से आंटी अपनी जवानी का भरपूर आनंद उन अंकल को पूरी तरह खुलकर दे रही थी। फिर कुछ देर के बाद वो दोनों ही शांत हो गये और तब में झट से समझ गया कि अब आंटी की चूत में अंकल के लंड का पूरा वीर्य निकल गया था, जिसकी वजह से वो दोनों बड़े ही खुश शांत नजर आ रहे थे। फिर उसके बाद वो दोनों लोग वैसे ही कुछ देर तक एक दूसरे की बाहों में चिपके पड़े रहे और कुछ देर के बाद अंकल जब आंटी के ऊपर से हटे तो आंटी ने अपनी दोनों आखें खोली और वो अंकल की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर उन्होंने अंकल को अपनी उस मस्त मजेदार चुदाई के लिए धन्यवाद कहा और उन्होंने कहा कि आपके लंड में बहुत ही विशेष बात है, इसको लेकर मेरी चूत दोबारा कई दिनों तक लंड लेने के बारे में सोचना ही बंद कर देती है। फिर इतना सुनकर अंकल उनसे बोले कि देखो इस चूत को देखकर लगता है कि बहुत दिनों से इसकी मेरे लंड से चुदाई करवाने की इच्छा आज पूरी हो गई है और आज यह अपने साथ हुई इस चुदाई के मज़े को दोबारा भी लेना चाहती है। यह बड़ी खुश खिली हुई नजर आ रही है जैसे आज इसको सारी ख़ुशी मिल गई है। तभी आंटी बीच में बोल पड़ी और उन्होंने कहा कि हाँ आपका कहना सब कुछ एकदम सही है क्योंकि मेरे पति के साथ तो इसको ऐसा मज़ा कहाँ मिलता वो मुझे कुछ देर धक्के देते उसके बाद झड़कर मुझे अपने से दूर हटाकर सो जाते और यह बात सुनकर अब अंकल, आंटी के ऊपर से हट गये उसके बाद वो अपने कपड़े पहनकर जब सीधा बाथरूम में चले गये।
तो उस समय आंटी भी उठकर बैठ गयी और उसके बाद आंटी ने अपनी मेक्सी को वापस पहन लिया और जैसे ही कुछ देर बाद अंकल वापस बाथरूम से बाहर निकले तब आंटी भी उसी बाथरूम में चली गयी और जब कुछ देर बाद वो पेशाब करके वापस बाहर आई मुझे उनके चेहरे पर मस्त चुदाई और संतुष्टि की चमक साफ साफ नजर आ रही थी। फिर मैंने दरवाजा खुलवाने के लिए दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया। फिर आंटी ने आकर दरवाजा खोल दिया और वो मुझे अचानक से आया हुआ देखकर बड़ी चकित हुई उनके माथे पर परेशानी की वजह से पसीने की कुछ बूंदे साफ नजर आ रही थी। फिर में अंदर आ गया और उसके बाद जब मैंने अंकल को देखा तो आंटी से मैंने पूछा कि अंकल कब आए? तो आंटी ने मुझसे झूठ बोलकर बताया कि वो अभी बस पांच मिनट पहले ही आकर बैठे है। फिर उसके बाद वो मुझसे इतना जल्दी अचानक से आ जाने के बारे में पूछने लगी और मैंने उसको सब सच सच बता दिया। उसके बाद वो बड़ी खुश होती हुई हम सभी के लिए चाय बनाने रसोई में चली गई। दोस्तों मैंने आंटी को कभी भी यह बात का अहसास भी नहीं होने दिया कि मैंने उन दोनों को दो बार चुदाई करते हुए लिया है, लेकिन कुछ भी कहो आंटी अंकल के कुछ देर चले जाने के बाद भी बहुत खुश थी। वो मुझसे बहुत हंस हंसकर बातें कर रही थी और हर बात का वो मुझे बहुत प्यार से जवाब दे रही थी। मेरा पूरा पूरा ध्यान रखने लगी थी, क्योंकि आख़िर उस दिन उनकी चूत की दोबारा बड़ी ही मस्त चुदाई जो हुई थी, जिसके बारे में वो बड़े दिनों से विचार बना रही थी और उस दिन पूरी तरह सफल भी हो गई थी ।।
धन्यवाद

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