चुद कर मजा आ गया साहब

Antarvasna, hindi sex kahani: मैं ऑफिस से घर लौटता हूं तो देखता हूं नीतू घर का काम कर रही है मैंने नीतू को कहा नीतू क्या बबिता घर का काम करने नहीं आई तो नीतू कहने लगी कि उसने काम छोड़ दिया है। मैंने नीतू को कहा तो तुमने मुझे बताया क्यों नहीं जब उसने काम छोड़ दिया है नीतू मुझसे कहने लगी कि भला मैं तुम्हें क्या बताती अब उसने कल ही काम छोड़ा और मैंने सोचा कि मैं खुद ही काम कर लेती हूं। मैंने नीतू को कहा तुम्हें मुझे बताना तो चाहिए था हम लोग घर की साफ सफाई के लिए किसी और को रख लेते और घर का काम करने के लिए वैसे भी हमें कोई ना कोई तो घर पर चाहिए ही। नीतू कहने लगी कि मैंने अपनी सहेली पूजा को तो इस बारे में कहा है उसने मुझे कहा कि एक-दो दिन में मैं तुम्हें बताती हूं। मैंने जब नीतू को कहा तो नीतू कहने लगी कि मुझे तो इस बात की चिंता है कि बच्चों का ध्यान कौन रखेगा। मेरे और नीतू के साथ एक समस्या यह है कि हम दोनों ही जॉब करते है इसलिए बच्चों की देखभाल के लिए अब कोई घर पर था नहीं नीतू मुझे कहने लगी कि मुझे ही कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ेगी।

मैंने नीतू को कहा हां तुम कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लो जब तक की कोई नई नौकरानी हमें मिल नहीं जाती। नीतू कहने लगी कि हां सुरजीत मैं तब तक घर पर ही रहूंगी जब तक कि कोई नई कामवाली हमें मिल नहीं जाती मैं कल सुबह ही अपनी छुट्टी के लिए एप्लीकेशन डाल देती हूं बच्चों की जिम्मेदारी हम दोनों पर ही थी। नीतू ने अगली सुबह मुझसे कहा कि सुरजीत मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली है मैंने नीतू को कहा ठीक है मैं भी अपने दोस्तों से इस बारे में बात करता हूं। नीतू कहने लगी कि हां तुम भी अपने दोस्तों से बात करना मैंने नीतू को कहा तुम चिंता मत करो कोई ना कोई काम करने वाली हमें मिल ही जाएगी। मैं अपने ऑफिस सुबह निकला ही था कि रास्ते में एक महिला पैसे मांग रही थी मैंने भी उसे कुछ पैसे दिए और कहा तुम यहां पर पैसे क्यों मांग रही हो तो वह मुझे कहने लगी कि साहब मैं क्या करूं मेरे पास कुछ काम भी नहीं है और मैं अकेली हूं।

मैंने उस महिला से उसका नाम पूछा तो वह कहने लगी मेरा नाम शोभा है उसने मुझे कहा कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली और उसे छोड़ दिया। मैंने उसे कहा कि शाम के वक्त मैं यहीं से घर के लिए जाऊंगा तो तुम मुझे शाम को यहीं पर मिलना वह कहने लगी कि साहब ठीक है मैं शाम को आपको यहीं पर मिलूंगी। शाम के वक्त वह मुझे उसी चौक पर मिली और मैं उसे अपने साथ घर ले आया नीतू घर पर ही थी नीतू ने शोभा से पूछा तो शोभा ने नीतू को सारी बात बता दी। हम लोग चाहते थे कि शोभा हमारे घर पर ही काम करें शोभा के पति ने उसे छोड़ दिया था और वह बहुत परेशान थी उसे पैसों की भी जरूरत थी तो मैंने उसे कुछ पैसे दिए और कहा कि कल से तुम काम पर आ जाना। शोभा कहने लगी साहब आपका मुझ पर बहुत बड़ा एहसान है मैंने शोभा को कहा देखो शोभा इसमें एहसान की कोई बात ही नहीं है हमारे भी छोटे बच्चे हैं तुम्हें उनकी देखभाल करनी है और घर की साफ सफाई का सारा ध्यान रखना है। वह कहने लगी कि मैं कल सुबह ही आ जाऊंगी अगले दिन सुबह के वक्त शोभा आ गई और जब वह आई तो नीतू उस दिन घर पर ही थी नीतू ने मेरे लिए नाश्ता बना दिया था और मैं नाश्ता कर के अपने ऑफिस के लिए निकल चुका था। मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो नीतू का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि मैं अपनी मम्मी से मिलने के लिए जा रही हूं। मैंने नीतू को कहा क्या बच्चे आ चुके हैं तो नीतू कहने लगी हां बच्चे तो आ चुके हैं मैं उन्हें भी अपने साथ लेकर जा रही हूं और शोभा घर पर ही है मैंने नीतू से कहा ठीक है तुम चली जाओ। मैं शाम के वक्त घर लौटा तो नीतू भी घर आ चुकी थी शोभा काम अच्छे से कर रही थी और मैंने जब इस बारे में नीतू से पूछा तो नीतू मुझे कहने लगी कि शोभा अच्छे से काम कर रही है और उसके काम में कोई भी शिकायत नहीं थी। मुझे भी इस बात की खुशी थी कि अब नीतू भी अपने ऑफिस जा सकती थी नीतू मुझे कहने लगी कि कल से मैं अपने ऑफिस जाऊंगी मैंने नीतू को कहा ठीक है नीतू तुम कल से अपने ऑफिस चले जाना वैसे भी अब शोभा घर का सारा काम संभाल रही है। नीतू कहने लगी हां अब शोभा घर का सारा काम संभाल रही है और मुझे भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

मैंने नीतू को कहा नीतू मुझे तुमसे कहना था कि भैया मुझसे कुछ पैसे मांग रहे थे तो मैं सोच रहा हूं भैया को कुछ पैसे दे देता हूं लेकिन मेरे पास में पैसों की थोड़ा कमी हो रही है क्या तुम मुझे अपने अकाउंट से पैसे दे सकती हो। नीतू कहने लगी कि हां क्यों नहीं मैं आपको कल ही पैसे निकाल कर दे देती हूं, नीतू ने मुझे पैसे निकाल कर दिए। जब उसने मुझे पैसे निकाल कर दिए तो मैंने वह पैसे भैया को दे दिए भैया को अब मैं पैसे दे चुका था। रविवार के दिन मेरी भी छुट्टी थी और नीतू की भी छुट्टी थी तो नीतू कहने लगी कि सुरजीत आज कहीं घूम आते हैं मैंने नीतू को कहा तुम ठीक कह रही हो हम लोगों को आज कहीं जाना चाहिए। हम लोग उस दिन घूमने के लिए चले गए हम लोग जब वापस लौट रहे थे तो नीतू मुझे कहने लगी कि मैं सोच रही हूं कुछ शॉपिंग कर लेती हूं। नीतू ने शॉपिंग कर ली और उसके बाद नीतू कहने लगी कि आज हमारे पास समय भी है तो क्यों ना मूवी भी देख ले तो मैंने नीतू को कहा जैसा तुम्हें ठीक लगता है।

मैंने फिल्म की टिकट ले ली और हम लोग मूवी देखने के लिए थिएटर में बैठ गए थोड़ी ही देर बाद पिक्चर शुरू हुई और हम लोग मूवी का आनंद ले रहे थे। उस दिन नीतू के साथ समय बिता कर अच्छा लगा काफी समय बाद हम लोग इतना अच्छा समय एक साथ बिता पाए थे मुझे भी खुशी थी कि कम से कम हम दोनों एक दूसरे को अच्छा समय तो दे पा रहे हैं। नीतू और मैं जब घर लौटे तो नीतू मुझे कहने लगी कि कम से कम हम लोग एक दूसरे के साथ समय तो बिता पाए मैंने नीतू को कहा हां नीतू तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो इतने समय बाद हम लोग एक दूसरे को समय दे पाए हैं। शोभा घर का सारा काम अच्छा से कर रही थी मुझे भी किसी चीज की समस्या नहीं थी और ना ही नीतू को कोई दिक्कत थी शोभा बच्चों का भी ध्यान अच्छे से रखती थी। नीतू अपनी मम्मी से मिलने के लिए गई हुई थी उस दिन मैं घर पर ही था शोभा घर की साफ सफाई कर रही थी उसके बड़े और सुडौल स्तन मेरी आंखों के सामने थे मैं अपनी हवस को बुझाना चाहता था शोभा को मैंने जब अपने पास बुलाया तो वह मेरे पास आकर बैठी। मै उससे बात करने लगी मैंने उससे कहा तुम्हें कोई परेशानी तो नहीं है वह कहने लगी नहीं साहब मुझे कोई परेशानी नहीं है। मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा और उसे भी अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी साहब यह सब ठीक नहीं है यदि मेम साहब को यह सब पता चला। मैंने उसे कहा तुम उसकी चिंता मत करो मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो जैसे उसके अंदर भी मेरे लंड को चूसने की उत्सुकता थी उसने तुरंत ही मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और रस पान करने लगी। उसे बड़ा मजा आ रहा था मुझे भी आनंद आ रहा था बहुत देर तक मैंने उसके मुंह के अंदर बाहर लंड को किया जब मैंने उसके कपड़ा उतारे तो उसका बदन बड़ा है गोरा था।

मैंने उसे कहा तुमने अपने बदन को मुझसे छुपा कर रखा था वह कहने लगी मालिक आपने देखा ही नहीं मैंने उसे कहा मैंने तो तुम्हें देखा था लेकिन तुमने मेरी तरफ नहीं देखा यह कहते हुए जब मैंने उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा। धीरे-धीरे उसकी चूत को मै चाटने लगा उसकी चूत को चाट कर मैंने पूरी तरीके से गिला कर दिया था वह अब रह नहीं पाई। जैसे ही मैंने अपने लंड को शोभा की चूत के अंदर घुसाया तो वह चिल्ला उठी उसकी चूत के अंदर मेरा लंड घुस चुका था उसके मुंह से बड़ी तेज मादक आवाज निकल रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जाएगा मैंने उसे कहा रह तो मैं भी नहीं पा रहा हूं मैं तुम्हारे बदन की आग में जल रहा हूं लेकिन इस वक्त तो मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने मे मजा आ रहा है तुम्हें चोदने में मजा आ रहा है।

उसने अपने पैरों को खोला और बहुत देर तक मैं उसे ऐसे ही चोदता रहा लेकिन सेक्स करने के दौरान उस वक्त मुझे मजा आने लगा जब उसने अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ किया। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे उसकी चूत के टाइट होने का एहसास होने लगा मैं अपने लंड को बड़ी तेजी से उसकी चूत के अंदर बाहर करता जा रहा था वह मुझसे अपनी चूतड़ों को लगातार मिलाए जा रही थी। उसकी चूतडे भी अब लाल होने लगी थी लेकिन मेरे अंदर की गर्मी अब तक बाहर नहीं आ पा रही थी परंतु जब मैंने अपने वीर्य को बाहर निकला। वह मुझे कहने लगी आपने आज मुझे अपनी शरीर की गर्मी से नहला दिया है मैंने उसे कहा लेकिन तुम हो बड़ी लाजवाब। शोभा कहने लगी आपने आज मेरे पति की कमी को पूरा कर दिया मैंने उसे कहा आगे भी मैं ऐसा ही करता रहूंगा शोभा के चेहरे पर खुशी थी वह मुस्कुराते हुए कमरे से बाहर चली गई।