चोदने के लिए हमेशा बुलाने लगी

Antarvasna, hindi sex story: कुछ दिनों से मैं अपने काम के चलते बहुत ज्यादा बिजी हो गया था इसलिए मुझे अपने परिवार के साथ समय बिताने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिल पा रहा था। मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि आजकल आप कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो गए हैं कभी हमारे लिए भी आप समय निकाल लीजिए। मैंने अपनी पत्नी मीनाक्षी से कहा कि तुम्हारे लिए भी मैं जल्द ही समय निकाल लूंगा लेकिन तुम तो जानती हो कि आजकल ऑफिस में कुछ ज्यादा काम है और जब ऑफिस में थोड़ा कम काम होगा तो मैं कुछ दिनों के ऑफिस से छुट्टी ले लूंगा मुझे सिर्फ तुम दस पन्द्रह दिन का समय दे दो उसके बाद हम लोग कहीं घूमने के लिए जाएंगे। मेरी पत्नी मीनाक्षी मुझे कहने लगी कि हमें तो कही गये हुए भी कई समय हो चुका है हम लोग पिछली बार ही मेरी दीदी के घर मुंबई गए थे और उसके बाद से हम लोग कहीं भी नहीं जा पाए हैं। मैंने अपनी पत्नी मीनाक्षी को कहा कि मुझे बस थोड़ा समय चाहिए थोड़े समय बाद मैं फ्री हो जाऊंगा और अपने ऑफिस से छुट्टी ले लूंगा उसके बाद हम लोग कुछ दिनों के लिए शिमला हो आएंगे।

मीनाक्षी कहने लगी कि ठीक है अगर हम लोग घूमने के लिए शिमला जाएंगे तो यह बड़ा ही अच्छा रहेगा। आखिरकार मैंने अपने परिवार के लिए समय निकाल ही लिया और अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी ले ली। शिमला मैं और मीनाक्षी काफी साल पहले गए थे जब हम लोगों की शादी हुई थी उसके कुछ समय के बाद हम लोग शिमला घूमने के लिए गए थे लेकिन अब अपने बेटे और बेटी के साथ घूमना थोड़ा अलग था और अपने परिवार के साथ इतने समय बाद मैं कहीं घूमने के लिए जा रहा था। मेरे दोनों बच्चे काफी खुश थे हम लोग जब शिमला पहुंचे तो शिमला में काफी ज्यादा ठंड हो रही थी और जब हम लोग शिमला पहुंच गए तो मैंने मीनाक्षी से कहा कि चलो हम लोग कहीं बाहर चलते हैं। मैंने बच्चों से कहा कि बेटा तुम लोग यहीं होटल में रहना वह लोग कहने लगे ठीक है पापा और हम दोनों होटल से बाहर घूमने चले गए। जब हम लोग होटल से बाहर गए तो वहीं पास में चाय वाला खड़ा था मैंने अपनी पत्नी मीनाक्षी को कहा कि चलो हम लोग चाय पी लेते हैं।

हम लोगों ने चाय पी और उसके बाद हम लोग वापस होटल लौट गए जब हम लोग वापस लौटे तो बच्चे सो चुके थे। अगले दिन हम लोग सुबह ही घूमने के लिए निकल गए हम लोग जब सुबह घूमने के लिए निकले तो हमारे साथ में एक लड़का था जो कि हमें गाइड कर रहा था। हम लोग शाम के वक्त वापस लौटे तो सब लोग काफी थक चुके थे मेरी बेटी मुझे कहने लगी कि पापा मैं तो काफी ज्यादा थक चुकी हूं और अब मुझे नींद आ रही है। मैंने उसे कहा कि बेटा पहले तुम कुछ खा लो मैं बाहर से कुछ आर्डर करवा देता हूं। मैंने बाहर से खाने का आर्डर करवा दिया था और जैसे ही खाना आया तो हम सब लोगों ने खाना खाया और खाना खाने के बाद हम सब लोगों को काफी ज्यादा थकान महसूस हो रही थी इसलिए हम सब लोग सो गए। जितने दिन भी हम लोग शिमला में रहे हमारे लिए बड़ा ही अच्छा था और उसके बाद हम लोग वापस लौट आए। जब हम लोग वापस लौटे तो बच्चे भी बड़े खुश थे और मीनाक्षी भी बहुत ज्यादा खुशी थी वह कहने लगी कम से कम इतने दिनों बाद हम लोग कहीं घूमने के लिए तो गए। अगले दिन से मैं अपने ऑफिस जाने लगा था एक दिन मैं जब ऑफिस से वापस घर लौटा तो मैंने उस दिन मीनाक्षी से कहा कि आज बच्चे दिखाई नहीं दे रहे है तो मीनाक्षी मुझे कहने लगी कि आज वह लोग हमारे पड़ोस में गए हुए हैं। मैंने मीनाक्षी से कहा लेकिन पड़ोस में वह लोग किसके घर गए हैं मीनाक्षी ने मुझे बताया कि पड़ोस में वह लोग रमेश जी के घर गए हुए हैं रमेश जी के बेटे का आज जन्मदिन है इसलिए बच्चे भी वहीं गए हैं। मैंने मीनाक्षी को कहा कि लेकिन वह लोग कब तक आएंगे तो मीनाक्षी कहने लगी कि बस थोड़ी देर बाद वह लोग आते ही होंगे मैंने मीनाक्षी को कहा चलो ठीक है और उसके बाद मैं और मीनाक्षी साथ में बैठे हुए थे। हम लोग कुछ देर तक बातें करते रहे थोड़ी देर बाद मीनाक्षी मुझे कहने लगी कि चलो मैं आपके लिए खाना बना देती हूं। मीनाक्षी अब रसोई में चली गई और वह खाना बनाने लगी जब वह खाना बना रही थी तो उस वक्त मैं अपने ऑफिस का काम कर रहा था तभी मीनाक्षी मेरे कमरे में आई और कहने लगी कि रोहित मैंने खाना बना लिया है आप खाना खाने के लिए आ जाइए।

मैंने मीनाक्षी को कहा लेकिन अभी तक बच्चे नहीं आए हैं तो मीनाक्षी कहने लगी कि बच्चे जब आएंगे तो मैं उन्हें खाना खिला दूंगी लेकिन आप खाना खा लीजिए। हम दोनों ने साथ में डिनर किया और उसके बाद हम लोग बच्चों का इंतजार करते रहे वह लोग 10:30 बजे के करीब घर पर आए जब वह घर पर आए तो उन्होंने खाना खाने से मना कर दिया क्योंकि वह लोग रमेश जी के घर से खाना खाकर आ गए थे। अगले दिन बच्चों को भी स्कूल जाना था तो मीनाक्षी ने मुझे कहा कि आज आप बच्चों का स्कूल छोड़ दीजिएगा क्योंकि आज उनकी स्कूल बस नहीं आने वाली है मैंने मीनाक्षी को कहा ठीक है आज मैं बच्चों को स्कूल छोड़ दूंगा। मीनाक्षी ने मेरे लिए भी नाश्ता तैयार कर दिया था क्योंकि मुझे भी बच्चों के साथ जल्दी स्कूल जाना था उन्हें वहां से छोड़कर मुझे अपने ऑफिस निकलना था। मैंने भी नाश्ता किया और बच्चे भी अब तैयार हो चुके थे तो मैं उनको छोड़ने के लिए उनके स्कूल चला गया मैंने जब उन्हें स्कूल तक छोड़ा तो वह मुझसे कहने लगे कि पापा क्या शाम को भी आप हमें लेने के लिए आ जाएंगे। मैंने उनसे कहा कि ठीक है मैं देखता हूं उसके बाद मैं अपने ऑफिस चला गया।

बच्चों की बस आने वाली नहीं थी इसलिए शाम के वक्त मुझे ही उन्हें लेने के लिए जाना था और उस दिन मैंने अपने ऑफिस से जल्दी छुट्टी ले ली। मैं जब बच्चों को लेने के लिए उनके स्कूल के बाहर गया तो तब तक उनके स्कूल की छुट्टी नहीं हुई थी तभी मीनाक्षी का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि क्या बच्चे आ चुके हैं तो मैंने मीनाक्षी से कहा नहीं अभी बच्चे नहीं आए हैं। थोड़ी देर बाद ही उनके स्कूल के सारे बच्चे बाहर आने लगे तो मैं अपने बच्चो का इंतजार कर रहा था मैंने मीनाक्षी को कहा कि अभी फोन रखो मैं थोड़ी देर बाद घर आ रहा हूं। मीनाक्षी ने फोन रख दिया और थोड़ी देर बाद बच्चे भी आ गए थे। जब बच्चे कार में बैठे तो उसी वक्त उनके टीचर भी सामने से आई मैं उसे देखता ही रह गया वह दिखने में बड़ी ही सुंदर थी वह मेरे बच्चों से वह बात करने लगी। मेरी भी उससे बात हो गई जब मेरी शगुन मैडम से बात हुई तो मैने उनका नंबर ले लिया। उनका नंबर मुझे मिल जाने के बाद मैं उन्हे फोन करने लगा मैं उन्हें फोन करने लगा था तो मुझे बहुत अच्छा लगता। जब मैं उनसे फोन पर बातें किया करता तो वह कहती मेरे पति कुछ नहीं कर पाते है। वह मुझ पर डोरे डालने लगी थी और मुझे अपनी नंगी तस्वीर भेजने लगी थी। मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही रहा था। हम दोनों ने मिलने का फैसला किया जब मैं उनसे मिलने के लिए उनके घर पर गया तो उनके पति अपनी बिजनेस मीटिंग से कहीं बाहर गए हुए थे इसलिए वह घर पर अकेली ही थी। मेरे लिए तो बड़ा ही अच्छा मौका था मैं उनके साथ संबंध बना पाता। मैंने जैसे ही उन्हें देखा तो मैंने उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और उनका गदराया हुआ बदन मेरी बाहों मे था मैं उनके गोरे बदन को महसूस करना चाहता था।

मैं उनकी गांड को अपने हाथों से दबाने लगा जब मैं उनकी गांड को दबा रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था और वह पूरी तरीके से उत्तेजित होती जा रही थी। मैंने उनकी उत्तेजना इस कदर बढ़ा दी थी कि वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने के लिए उत्तेजित हो गई थी। उन्होंने मेरे लंड को जैसे ही अपने मुंह में लेकर उसे चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा उनको भी बड़ा मजा आने लगा था। हम दोनों बिल्कुल रह नहीं पा रहे थे हम दोनों के अंदर की गर्मी अब इस कदर बढ़ चुकी थी कि उन्होंने मुझे कहा मैं आपसे अपनी चूत मरवाने के लिए तड़प रही हूं। मैंने उनके ब्लाउज को खोलते हुए उनकी ब्रा को उतार दिया और एक किनारे रखा। मैंने उनके स्तनों को चूसना शुरू किया तो मुझे अब मजा आने लगा वह भी तड़पने लगी थी। मैंने जब उनकी साड़ी को ऊपर करते हुए उनकी पैंटी को नीचे उतारा तो मुझे मजा आने लगा। मैने अपनी उंगली को उनकी चूत पर लगाया तो वह मचलने लगी।

मैंने एक झटके के साथ उनकी चूत मे लंड घुसा दिया जैसे ही मेरा मोटा लंड उनकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मुझे मजा आने लगा और उनको भी बड़ा आनंद आने लगा। वह मुझे कहने लगी आज जाकर मेरी चूत में इतना मोटा लंड घुसा है मैंने मैडम को कहा आप तो बड़ी ही कमाल की हैं। उनके बदन की खुशबू महसूस कर के मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था वह मुझे कहने लगी आज आपके साथ सेक्स कर के एक अलग ही फीलिंग आ रही है वाकई में बड़ा मजा आ गया। जब आप मेरी चूत का मजा ले रहे हैं मैं उन्हें बड़ी तेजी से चोद रहा था। वह मुझे कहने लगी बस आप ऐसे ही मुझे चोदते जाओ मैंने उन्हें करीब 15 मिनट तक चोदा उसके बाद मेरा वीर्य उनकी चूत के अंदर गिर गया लेकिन मेरा मन भरा नहीं था। मैंने उन्हें तीन बार और चोदा और फिर मैं अपने घर लौट आया लेकिन उनका मन तो मेरे साथ हमेशा ही सेक्स करने का होता। जब भी मुझे मौका मिलता तो मैं उनके पास चला जाया करता।