चोदकर बेहाल हो गया

Antarvasna, sex stories in hindi: अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में मैं दिल्ली जाता हूं दिल्ली मुझे कुछ दिनों तक रुकना था। दिल्ली में मैं जिस होटल में रुका हुआ था वहीं से मुझे अपने काम के सिलसिले में जाना था वहां की दूरी ज्यादा नहीं थी इसलिए मैं पैदल पैदल ही वहां से चला गया। दो दिन बाद मैं दिल्ली से वापस जयपुर लौट आया जब मैं जयपुर वापस लौट रहा था तो मुझे उस वक्त महिमा मिली, महिमा मेरे दोस्त की बहन है। जब महिमा मुझे मिली तो मैंने महिमा से पूछा कि तुम दिल्ली में क्या कर रही हो तो उसने मुझे बताया कि वह दिल्ली में ही अपनी कॉलेज की पढ़ाई कर रही है। मैंने महिमा से बात की और मुझे महिमा से बात कर के काफी अच्छा लगा मैं महिमा से बात कर के काफी खुश भी था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। मेरी और महिमा की बातें काफी देर तक हुई और मैंने महिमा का नंबर भी ले लिया था। मैं जयपुर पहुंच चुका था और महिमा दिल्ली में ही थी हम लोगों की फोन पर एक दूसरे से मैसेज या फिर फेसबुक चैट के माध्यम से बात होती रहती थी। मैं अपने ऑफिस के काम में ज्यादा बिजी रहता था इसलिए मैं महिमा से ज्यादा बात नहीं कर पाता था लेकिन एक दिन महिमा ने मुझे फोन किया और उसने मुझे बताया कि वह जयपुर आई हुई है तो मैंने महिमा को कहा की मैं तुमसे मिलने के लिए आता हूं।

मैं उस दिन महिमा को मिलने के लिए चला गया जब मैं महिमा को मिलने के लिए गया तो मुझे महिमा से मिलकर काफी अच्छा लगा और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी टाइम स्पेंड किया। हम दोनों एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड कर के बहुत खुश थे। मैंने महिमा से कहा की चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है कि तुमने मुझे फोन किया और हम दोनों का कम से कम इस बहाने मिलना तो हुआ। लेकिन मुझे नहीं पता था कि महिमा के दिल में क्या चल रहा है वह मुझे दिल ही दिल चाहने लगी थी और यह बात मुझे तब पता चली जब मैंने एक दिन महिमा से फोन पर बात की और हम दोनों ने फोन पर उस दिन बहुत देर तक बात की। हम दोनों ने उस दिन फोन पर करीब आधे घंटे से ऊपर बात की और महिमा ने मुझसे अपने दिल की बात कही तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और मैं बहुत ही खुश था। मेरी महिमा से फोन पर बातें अक्सर हो जाती थी जब भी हम दोनों की फोन पर बातें होती तो हम दोनों को ही अच्छा लगता और मैं महिमा के साथ फोन पर घंटों बातें किया करता।

महिमा दिल्ली में थी और मैं जयपुर में था इसलिए हम दोनों का मिलना नहीं हो पाता था लेकिन जब भी महिमा जयपुर आती तो वह मुझसे हमेशा ही मिला करती थी। महिमा का भाई रोहित मेरे साथ कॉलेज में ही पढ़ा करता था मेरे और महिमा के बीच के रिलेशन के बारे में रोहित को पता नहीं थी और ना ही महिमा ने उसे इस बारे में कुछ बताया था। मैंने महिमा को साफ तौर पर मना कर दिया था कि तुम यह बात किसी को भी मत बताना तो महिमा ने यह बात किसी को भी नहीं बताई थी। मैंने महिमा से कहा कि तुम इस बारे में किसी को ना ही बताओ तो ज्यादा ठीक रहेगा। हम दोनों का रिलेशन तो अच्छे से चल ही रहा था और हम दोनों फोन पर एक दूसरे से घंटों बातें किया करते। मुझे महिमा से बात करना बहुत ही अच्छा लगता है जब भी मैं महिमा के साथ टाइम स्पेंड करता तो मैं काफी खुश हो जाता हूँ और महिमा भी बहुत खुश हो जाती थी जब वह मेरे साथ टाइम स्पेंड किया करती। महिमा का कॉलेज पूरा हो चुका था और वह एक बड़ी कंपनी में जॉब करने लगी थी। मुझे लगने लगा कि हम लोगों को मिलना चाहिए क्योंकि मुझे महिमा से मिले हुए काफी समय हो चुका था मैंने महिमा को फोन किया तो महिमा ने मुझे बताया कि वह फिलहाल तो घर नहीं आ रही है क्योंकि उसने अभी कुछ दिन पहले ही ऑफिस ज्वाइन किया था इसलिए उसका घर आना संभव नहीं था। मैंने महिमा से कहा कोई बात नहीं मैं तुमसे मिलने के लिए दिल्ली आ जाऊंगा महिमा कहने लगी कि अगर तुम दिल्ली आ जाओ तो यह ज्यादा अच्छा रहेगा। मैं महिमा को मिलने के लिए दिल्ली जाने के बारे में सोचने लगा था लेकिन उस वक्त ऑफिस के बहुत ही ज्यादा काम था इसलिए मैं दिल्ली जा ना सका। मैं दिल्ली जा नहीं पाया था क्योंकि ऑफिस का काम कुछ ज्यादा ही था। महिमा ने मुझसे उस दिन फोन पर पूछा कि क्या तुम दिल्ली नहीं आ रहे हो तो मैंने महिमा को बताया कि नहीं अभी तो मेरा दिल्ली आना मुश्किल हो पाएगा लेकिन मैं थोड़े टाइम बाद फ्री हो जाऊंगा तो मैं दिल्ली जरूर आऊंगा।

महिमा कहने लगी ठीक है तुम जब दिल्ली आओगे तो मुझे फोन कर देना मैंने महिमा से कहा ठीक है मैं तुम्हें इस बारे में जरूर बता दूंगा। मैं और महिमा एक दूसरे से फोन पर बात करते रहते थे और अब महिमा के भाई रोहित की सगाई होने वाली थी और जब महिमा ने मुझे यह बात बताई तो मैंने महिमा से कहा कि अब तो तुम घर आओगी। महिमा कहने लगी कि हां मुझे कुछ दिनों के लिए घर आना ही पड़ेगा और महिमा कुछ दिनों के लिए घर आ गई। जब वह घर आई तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मैं बहुत ही ज्यादा खुश भी था महिमा और मैं मिलते रहते थे। रोहित की सगाई में मैं भी गया था जब मैं रोहित की सगाई में गया तो उस वक्त मैं सोच रहा था कि मुझे रोहित को इस बारे में सब कुछ बता देना चाहिए लेकिन फिर मैंने रोहित को इस बारे में कुछ भी नहीं कहा। महिमा और मेरा रिलेशन तो चल ही रहा था और महिमा कुछ दिनों के लिए घर पर ही रुकने वाली थी तो मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था। मैंने एक शाम महिमा को अपने घर पर फोन करके बुला लिया। वह घर पर आ गई जब महिमा घर पर आई तो हम दोनों पहली बार एक दूसरे को किस कर रहे थे।

हम दोनो ने काफी देर तक एक दूसरे को चुम्मा चाटी करते रहे। पहली बार उसके होंठो को चूम कर मुझे मजा आ गया था। हमारी आग बढ़ने लगी थी मैं अब अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था। मैंने महिमा को कहा मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। महिमा बोली ऐसा मत करो मेरे होंठो से खून निकल रहा है। मैने महिमा की चूत से भी अब पानी बाहर निकल दिया था वह बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी। मैंने महिमा से कहा मेरे लंड को बाहर निकाल लो। महिमा ने मेरे लंड को मेरे अंडरवीयर से बाहर निकाला तो मुझे मजा आ गया था। जब महिमा ने मेरे लंड को बाहर निकालकर हिलाना शुरू किया तो मुझे मजा आना लगा था। वह मेरे लंड को हिलाकर कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही ज्यादा मोटा है। मैंने महिमा से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। उसने भी मेरे लंड को मुंह में ले लिया था। हम दोनों पहली बार सेक्स कर रहे थे। महिमा की चूत से पानी बाहर निकालने लगा था और वह मचलने लगी थी मै भी उत्तेजित हो गया था। मैंने महिमा के बदन से कपड़े उतारकर उसके बूब्स को दबाना शुरू किया। जब मैं ऐसा करता तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और महिमा को भी बड़ा मजा आ रहा था। मेरे अंदर की आग अब बढ़ती ही जा रही थी उसे अब इतना मजा आने लगा था कि वह मुझे कहने लगी मुझे अब तुम्हारे लंड को चूत में लेना है मै तडप रही हूं। मैंने महिमा की गुलाबी पैंटी को उतारकर उसकी चूत को देखा महिमा की चूत चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैंने अपनी उंगली के स्पर्श से उसे गर्म कर दिया था। अब वह मचलने लगी थी मैंने अपनी उंगली को उसकी चूत मे डालना चाहा तो वह उछल पड़ी और बोली मेरी चूत चाट लो। मैंने महिमा की चूत को चाटना शुरू कर दिया था। मैं जब उसकी योनि को चाट रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था अब उसे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। महिमा की चूत से पानी निकल आया था। वह पूरी तरह से उत्तेजित होने लगी थी।

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। मैंने महिमा से कहा मेरे अंदर की आग अब बढ़ने लगी है। हम दोनों की गर्मी अब बढने लगी थी। मैं भी अपने आपको रोक नहीं पाया। मैंने जब उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह बहुत जोर से चिल्लाई तो मैने देखा उसकी चूत से खून निकल रहा है। वह बोली तुमने मेरी चूत फाड दी। मैंने जब महिमा की चूत देखी तो उसकी चूत से खून बहार निकल रहा था। महिमा को मजा आ रहा था मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर अब अपने लंड को करना शुरू कर दिया था जिससे कि मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। महिमा बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी। मैंने अब महिमा के दोनों पैरों को आपस में मिला लिया था। मैने महिमा के दोनो पैरों को आपस में मिलाया। मै उसे जिस तरह से चोद रहा था उससे वह उत्तेजित होती जा रही थी। महिमा की चूत से खून निकल रहा था मुझे मजा आ रहा था।

मैने महिमा को चोदकर उसके बदन को हिला दिया था और अपने माल को उसकी चूत मे गिराकर मुझे मजा आ गया था। मैने महिमा की चूतड़ों को अपनी तरफ किया। मैने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो मेरा लंड महिमा की चूत मे जा चुका था और उसकी चूतड़ों पर मैंने प्रहार किया तो उसकी चूतड़ों का रंग अब लाल होने लगा था और मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। मैने महिमा की चूत के मजे जमकर लिए और महिमा की चूत को अपने वीर्य से सफेद कर दिया। महिमा की चूत को रंगीन करने के बाद अब वह मेरे लंड को चूसने लगी। महिमा बोली कुछ होगा तो नहीं मैने उसे कहा तुम डरो मत कुछ नहीं होगा। कुछ देर तक साथ मे बैठने के बाद वह अपने घर पर चली गई।