चलो सेक्स कर ही लेते हैं

Antarvasna, sex stories in hindi: मैं और महेश ऑफिस से लौट रहे थे महेश मेरे साथ मेरे ऑफिस में ही जॉब करता है मैं बहुत ज्यादा परेशान था मैंने महेश को कहा कि महेश कुछ दिनों से मैं बहुत परेशान चल रहा हूं। महेश ने मेरी परेशानी का कारण पूछा और मुझे कहने लगा कि आखिर तुम्हारी परेशानी की क्या वजह है। मैंने महेश को कहा महेश मेरे भैया की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं है और वह काफी बीमार है जिस वजह से घर का माहौल भी ठीक नहीं है और सब लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं। जब महेश ने मुझसे पूछा कि आखिर भैया को क्या हुआ है तो मैंने महेश को बताया कि भैया का एक्सीडेंट हो गया था उसके बाद से ही उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं चल रही है और वह घर पर ही हैं। महेश ने मुझे कहा कि मुझे तुमने इस बारे में कुछ बताया ही नहीं तो मैंने महेश को कहा महेश अब तुम्हें इस बारे में मैं क्या बताता। महेश ने मुझे मेरे घर तक छोड़ा और उसके बाद वह अपने घर के लिए निकल पड़ा अगले दिन मैं सुबह ऑफिस के लिए निकला। जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो महेश भी ऑफिस पहुंच चुका था और महेश ने मुझे कहा कि रोहन अब तुम्हारे भैया की तबीयत कैसी है।

मैंने महेश को कहा भैया की तबीयत तो अभी भी वैसी ही है, मैंने महेश को कहा कि मुझे नहीं लगता कि भैया की तबीयत इतनी जल्दी ठीक होने वाली है। महेश मुझे कहने लगा कि मैं तुम्हारे घर आना चाहता हूं मैंने महेश को कहा क्यों नहीं तुम मेरे घर आ जाना और जब हम लोग शाम के वक्त घर लौटे तो उसके बाद मुझे महेश ने फोन किया और कहने लगा कि मैं तुम्हारे घर आ रहा हूं। महेश अपनी पत्नी कविता के साथ हमारे घर पर आया हुआ था और वह काफी देर तक भैया के साथ बैठा रहा भैया ने भी उससे बात की लेकिन भैया की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी इसलिए वह महेश से ज्यादा देर तक बात नहीं कर पाए। महेश और कविता भी कुछ देर बाद अपने घर लौट चुके थे पापा इस बात से बहुत ही ज्यादा चिंतित थे कि भैया अभी तक ठीक नहीं हो पाए हैं। भैया का इलाज अभी भी डॉक्टर से चल रहा था लेकिन जब से उनका एक्सीडेंट हुआ है उसके बाद से उनकी तबीयत ना जाने क्यों खराब रहने लगी थी लेकिन जब हमने उन्हें एक दूसरे डॉक्टर को दिखाया तो उनकी तबीयत अब पहले से ज्यादा बेहतर होने लगी।

भैया कहने लगे कि मुझे लगता है की अब मैं पहले से ज्यादा अपने आप को बेहतर महसूस कर रहा हूं। धीरे-धीरे भैया की तबीयत अब ठीक होने लगी थी और भैया अपने आप को पहले से बेहतर महसूस करने लगे थे। घर में अब सब लोग इस बात से खुश थे कि कम से कम भैया की तबीयत पहले से बेहतर होने लगी है और अब वह ठीक होने लगे थे। भैया ही पिता जी का बिजनेस संभालते हैं मैंने उनके बिजनेस में कभी भी इंटरेस्ट नहीं दिखाया इसलिए मैंने पापा के बिजनेस में कभी भी उनका हाथ नहीं बढ़ाया। भैया भी ठीक होने लगे थे और भैया ने अब पापा की गारमेंट शॉप दोबारा से देखनी शुरू कर दी है सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था और घर में पहले जैसी खुशियां वापस लौट चुकी थी। मैंने अभी तक शादी नहीं की थी क्योंकि मैं जिस लड़की से प्रेम करता था उसकी शादी किसी और लड़के से हो गई थी इस वजह से मैंने अभी तक शादी नहीं की थी। मेरी उम्र 35 वर्ष की हो चुकी है लेकिन मेरी शादी ना होने की वजह से कई बार इस बात को लेकर घर में भी बात होती रहती है और सब लोग मुझे कहते हैं कि रोहन अब तुम्हें शादी के बारे में सोच लेना चाहिए तुम्हारी उम्र भी हो चुकी है लेकिन मैं अभी तक कोई फैसला ही नहीं कर पाया था। एक दिन मैं और महेश लंच टाइम में बैठे हुए थे तो उस दिन मैं और महेश आपस में बात कर रहे थे, महेश ने मुझे कहा कि रोहन तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए। मैंने महेश को सारी बात बताई और कहा मेरे परिवार वाले भी यही चाहते हैं कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए। मैंने जब महेश को कहा कि मुझे भी लगता है कि मुझे अब शादी कर लेनी चाहिए तो महेश ने मुझे कहा क्या तुम अपने लिए अभी तक कोई लड़की तलाश नहीं पाए हो। मैंने महेश को उस दिन बताया कि मुझे समझ ही नहीं आता कि मुझे शादी करनी भी चाहिए या नहीं मैं इस दुविधा में ही फंसा हुआ हूं। महेश ने मुझे कहा देखो रोहन तुम्हें जल्दी शादी कर लेनी चाहिए और मैंने भी अब इस बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। इसी दौरान मैंने मेट्रोमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल बना ली और मेट्रोमोनियल साइट के माध्यम से ही मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई उसका नाम सुमन है।

जब सुमन से मैं पहली बार मिला तो सुमन और मेरे विचार एक जैसे ही थे हम दोनों के खयालात काफी मिलते-जुलते थे इसलिए मैंने सुमन के साथ थोड़ा और समय बिताने की सोची। सुमन और मैं एक दूसरे को अक्सर मिलने लगे थे जब मैंने सुमन से पूछा कि तुमने अभी तक शादी क्यो नहीं की तो सुमन ने मुझे बताया कि वह अपने करियर में कुछ करना चाहती थी जब उसे वह सब कुछ हासिल हो गया तो उसके बाद उसकी उम्र निकल चुकी थी जिसके बाद शादी हो पाना बहुत ही मुश्किल था। सुमन की उम्र 32 वर्ष है और मुझे भी लगा कि शायद सुमन मेरे लिए बिल्कुल सही रहेगी। मैंने अपने परिवार को सुमन से मिलवाया तो सुमन भी मेरे परिवार से मिलकर बहुत खुश थी और मैं चाहता था कि सुमन के परिवार से भी हम लोग मुलाकात करें। जब मेरे पिताजी और मां सुमन के परिवार से मिले तो हम लोगों की शादी की बात आगे बढ़ने लगी। सुमन और मेरी शादी की बात अब आगे बढ़ चुकी थी और हम लोगों की सगाई करवाने के लिए मेरे पापा मम्मी और सुमन के पापा मम्मी तैयार हो चुके थे।

जल्दी हम दोनों की सगाई हो गई और जब हम लोगों की सगाई हुई तो मैं बहुत ज्यादा खुश था सुमन के साथ मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं उसके साथ अपना जीवन अच्छे से बिता पाऊंगा क्योंकि जैसी लड़की मैं तलाश कर रहा था सुमन बिल्कुल वैसी ही थी। सुमन अपनी कंपनी में अच्छे पद पर थी और हम लोग एक दूसरे से अब अक्सर मिला करते हैं जब भी हम लोग एक दूसरे से मिलते तो हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश होते। एक दिन सुमन ने मुझसे यह सवाल पूछा कि क्या हम दोनों की सगाई से तुम खुश हो तो मैंने सुमन को कहा क्यों नहीं यदि मेरी सगाई तुमसे हो गई है तो मुझे नहीं लगता कि तुम्हारे अंदर किसी भी प्रकार की कोई कमी है या मैं तुम्हें खुश नहीं रख पाऊंगा। सुमन मुझे कहने लगी कि रोहन मुझे लगा कि मुझे तुमसे यह सवाल एक बार फिर पूछ लेना चाहिए मैंने सुमन को कहा सुमन तुमने बिलकुल अच्छा किया जो मुझसे यह सवाल पूछ लिया। मैं और सुमन अब अक्सर एक दूसरे को मिला करते इसी बीच हम लोगों की शादी का दिन भी तय हो गया और अब हम लोग अपनी शादी की तैयारियों में जुट गए थे। सुमन भी शादी के लिए शॉपिंग करने लगी थी सुमन चाहती थी कि हमारी शादी बड़ी धूमधाम से हो इसलिए मैंने भी अपने पापा मम्मी से यह बात कही कि पापा मैं भी नहीं चाहता कि मेरी शादी में किसी प्रकार की कोई कमी रह जाए। उन्होंने मुझे कहा कि बेटा तुम्हारी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होगी और हम लोगों की शादी अब बहुत जल्द होने वाली थी शादी से कुछ दिन पहले सुमन और मैं मिले।  जब मैं और सुमन एक दूसरे को मिले तो उस दिन मैंने सुमन को कहा सुमन ना जाने आज तुम मुझे क्यों इतनी सुंदर लग रही हो। मैंने सुमन की जांघ को सहलाना शुरू कर दिया सुमन और मैं एक साथ बैठे हुए थे लेकिन उसके अंदर की गर्मी भी बढ़ने लगी और वह मुझे कहने लगी क्या शादी से पहले ही हम दोनों सेक्स संबंध बना ले। मैंने उसे कहा यदि तुम मेरे साथ शादी से पहले ही सेक्स संबंध बनाना चाहती हो तो मुझे उससे कोई भी परेशानी नहीं है।

हम दोनों ने सेक्स संबंध बनाने के बारे में सोच लिया मैं और सुमन एक दूसरे के बदन को महसूस कर रहे थे और जिस प्रकार से मै सुमन के बदन को महसूस कर रहा था उससे सुमन के बदन से निकलती हुई गर्मी इतनी अधिक होने लगी कि वह मुझे कहने लगी मुझे तो लग रहा है शायद मैं अब अपने आपको रोक ही नहीं पाऊंगी। वह अपने आपको बिल्कुल रोक ना सकी मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाला और उसके मुंह के अंदर डाल दिया उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और वह बड़े ही अच्छे तरीके से मेरे लंड का रसपान करने लगी। वह मेरे लंड को जिस प्रकार से अपने मुंह के अंदर बाहर करती उससे मुझे बहुत ही अधिक मज़ा आ रहा था और वह भी इतनी ज्यादा खुश हो गई कि वह मुझे कहने लगी मैं अपनी चूत के अंदर तुम्हारे लंड को लेना चाहती हूं।

मैंने उसके कपड़े उतारे और उसकी चूत से पानी बहुत अधिक निकलने लगा तो मैंने उसकी चूत पर अपने जीभ को लगाया और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया और जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर घुसाना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया। शादी से पहले ही हम दोनों ने सुहागरात के मजे ले लिए थे मेरा लंड जैसे ही सुमन की चूत के अंदर घुसा तो वह जोर से चिल्लाई और उसकी सील टूट चुकी थी। मैं इस बात से बड़ा हैरान था कि आज तक सुमन की चूत से कभी खून नहीं निकला लेकिन सुमन की चूत से निकलते हुए खून को देखकर मैं अपने अंदर की गर्मी को ना रोक सका और अपनी पूरी ताकत के साथ उसे महसूस कर के मुझे बहुत ही आनंद आया। बहुत देर तक मैंने उसकी चूत के मजे लिए वह अब इतनी ज्यादा खुश हो गई उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ लिया क्योंकि वह अपने आपको रोक नहीं पा रही थी। मैंने भी उसे बड़ी देर तक धक्के मारे और अपने वीर्य को उसकी चूत के अंदर ही गिरा दिया। मेरी वीर्य गिरते ही वह खुश हो गई और थोड़े ही समय बाद हम दोनों की शादी हो गई।