बुआ की चूत का बुलन्द दरवाजा

fati chut हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सचिन है और में 23 साल का हूँ। मेरी एक बुआ है जिसकी उम्र 30 साल है वो दिखने में बड़ी मस्त हॉट, सेक्स की देवी लगती है। उसका नाम बबिता है और हमारा पूरा एक परिवार है जिसमें हम सभी लोग रहते है और मेरे इस परिवार में मेरे 8 अंकल 8 बुआ 15 भाई बहन है। इन लोगों के बीच में भी मैंने अपनी बुआ की जमकर चुदाई के मज़े लिए। दोस्तों यह घटना जो में आज आप सभी को बताने जा रहा हूँ यह उन दिनों की बात है जब मेरी उस बुआ की शादी हो चुकी थी और मेरी उम्र 22 साल थी और मेरी बुआ 29 साल की थी, तब वो शादी के बाद पहली बार अपने मायके आई हुई थी और वो बहुत दिनों तक हमारे साथ ही रहने वाली थी, लेकिन जब मैंने उनको ध्यान से देखा तो वो मुझे इतनी खुश नहीं दिखाई दे रही थी और फिर एक दिन उनसे जब उनकी एक दोस्त मिलने के लिए हमारे घर पर आई तो वो उनसे अपने सेक्स के बारे में बारे में कुछ बातें बता रही थी और उसी समय में भी उधर से ही गुजर रहा था कि तभी अचानक मेरे कानों में उनकी चुदाई की वो बातें सुनकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और उनकी बातें सुनकर मुझे पता चला कि मेरे नये फूफा जी ने उनको अभी तक एक बार भी चोदा ही नहीं है इसलिए मेरी बुआ बड़ी उदास थी यह बात सुनकर में उस दिन से ही उन्हे चोदने की फिराक में रहने लगा था क्योंकि मेरी बुआ से मेरी बहुत अच्छी बातचीत थी और हम दोनों एक दूसरे से बहुत हंसी मजाक भी किया करते थे और उन दिनों मेरी बुआ मेरे ही कमरे में एक अलग बेड पर ही सोती थी और में देर रात तक जागकर पढ़ाई करता रहता था।

फिर एक दिन रात को ज्यादा गरमी होने की वजह से बेचैन होकर उसने देर रात को नींद से उठकर अपनी साड़ी और ब्लाउज को वो उतारकर वापस लेट गई और में उसके ब्लाउज से बाहर निकलते, उन उभरे हुए गोरे गोलमटोल बूब्स को अपनी चकित नजरों से देखने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया, वो बड़ा ही आकर्षक मस्त नजारा था और यह सिलसिला अब हर रात को ऐसे ही चलता रहा। वो अपने कपड़े उतरकर सो जाती जिसके बाद में उसको देखकर अपनी आखें सकने लगता ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था। एक दिन रात को सोते समय अचानक से मेरा ध्यान उनकी तरफ चला गया, तब मेरी आखें फटी की फटी रह गई क्योंकि उस रात को तो हर रात से भी कुछ अलग हटकर मेरे साथ हुआ मैंने देखा कि उनका वो पेटीकोट अब गहरी नींद और ज्यादा गरमी होने की वजह से उनके ऊँचे उठे हुए पैरों के ऊपर से अब पेट पर आ गया था और यह नजारा देखकर में बड़ा चकित होकर अपनी आखों को फाड़कर देखने लगा। फिर उसी समय में उनके बिल्कुल पास जाकर उनकी गोरी गांड को देखने लगा था और देखते देखते मेरा लंड तनकर अब पूरा खड़ा का चुका था और अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैंने हिम्मत करके नीचे अपने मुहं को ले जाकर उनकी गांड को सूंघने लगा, लेकिन वो तब भी सोई हुई थी। फिर उसके बाद मैंने उनकी गांड को अपने एक हाथ से छूना शुरू कर दिया था वो बहुत मुलायम अहसास था जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता। अब वो अचानक से उठकर बैठ गई और मुझे अपनी चकित नजर से घूरकर देखने लगी थी। अब मैंने हिम्मत करके उनसे कहा कि बुआ आप मुझसे अपनी चुदाई करवा लो किसी को पता भी नहीं चलेगा और हम दोनों बड़े ऐश करेंगे। दोस्तों मुझे पहले से ही पता था कि वो भी सेक्स की भूखी थी, इसलिए उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और मेरा लंड अभी भी तनकर खड़ा था। अब उन्होंने झट से मेरे लंड को पकड़ लिया और वो किस करने लगी, किस करते करते वो कुछ देर बाद उसको चूसने भी लगी जिसकी वजह से मुझे जन्नत का असली मज़ा मिलने लगा था। अब में जोश में आकर उससे बोला कि हाँ चाट जा मेरी चुदक्कड़ बुआ आज तू मेरे लंड का मज़ा ले और वो पागलों की तरह मेरे लंड को चूसने लगी थी। फिर कुछ देर बाद मैंने उनके मुहं से अपने लंड को बाहर निकालकर बिना देर किए उनके पेटीकोट के नाड़े को खोल दिया, जिसकी वजह से वो पेटीकोट अब पूरा नीचे आ गया। दोस्तों अब मेरे सामने उनकी काले काले बालों से भरी चूत और बड़ी आकार की गांड थी, जिसको देखकर मैंने अपने पूरे होश खोकर में उन्हे अपने सामने घोड़ी बनाकर पीछे से में उनकी गांड पर अपने लंड का टोपा रगड़ने लगा था और मेरे ऐसा करने से वो भी अब बिल्कुल बैचेन हो उठी और उनकी चूत पागल हो उठी। अब में अपना लंड उनकी गांड में डालने लगा था, जिसकी वजह से वो दर्द की वजह से आहे भरने लगी और फिर भी उसने मुझसे ऐसा करने के लिए मना नहीं किया। फिर में उनका यह जोश देखकर धीरे धीरे अपने लंड को गांड के अंदर डालने लगा और जैसे जैसे मेरा लंड गांड के अंदर जाता तो उनके मुहं से ऊईईईई माँ में मर गई आईईईइ निकलने लगा।

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फिर जब पूरा लंड गांड के अंदर पहुंच गया तो में अंदर ही अपने लंड को डालकर कुछ देर तक उनके दूध से भरे लटकते हुए बूब्स को मसलने लगा, जिसकी वजह से वो अब जोश में आ गई और अब मेरी तरफ से तेज धक्के धकाधक चलने लगे, जिसमें कुछ देर बाद वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी। दोस्तों उनकी गांड क्या मस्त गद्दीदार और मुलायम बड़े आकार की थी कि मेरा मन अब करता था कि में उनकी गांड से अपने लंड को बाहर ही नहीं निकालूं। अब वो भी ज़ोर ज़ोर से मुझसे कह रही थी हाँ मेरे राजा आज तुम पूरा अंदर डालकर तेज धक्के दो हाँ और ज़ोर से मारो और तेज आह्ह्हह्ह हाँ जाने दो पूरा अंदर, आज मेरी गांड को मारकर तुमने मुझे जन्नत की सैर का मज़ा दिया है वाह मज़ा आ गया। दोस्तों इस तरह से में उनकी गांड में अपने लंड को डालकर वैसे ही तेज धक्के देकर करीब बीस मिनट तक धक्के मारने के बाद में उनकी गांड में ही झड़ गया और फिर उनकी गांड में अपने लंड को डालकर में उन पर ही लेटा रहा। दोस्तों में क्या बताऊँ? पहली बार किसी के साथ सेक्स करने से मुझे बड़ा मस्त मज़ा आया, में इन सब कामो में सेक्सी फिल्मे देखकर ही इतना सब जाना समझा और अनुभवी बना था। फिर उसके बाद मैंने अपने लंड को बाहर किया और हम दोनों अलग हुए। फिर कुछ देर के बाद बुआ उठकर बाथरूम चली गई और उसके बाद वो वहां से वापस आई और उन्होंने मुझे वापस अपनी बाहों में भर लिया और उन्होंने मेरे लंड पर एक किस दे दिया, क्योंकि अब वो भी मेरे साथ खुल गई थी। उसके बाद उन्होंने मुझसे अपने बेड पर जाने के लिए दोबारा कहा उसके बाद वो मुझसे पूछने लगी क्यों क्या तू मेरा दूध पियेगा, चूसेगा मेरे निप्पल को? मैंने झट से हाँ कहकर में उनके पास में लेटकर अब उनके बूब्स को चूसने लगा वो अपने एक हाथ से अपने दूसरे बूब्स को दबवा भी रही थी और साथ में आहे भी भर रही थी। फिर उस समय उनकी दोनों आखें बंद थी और वो उफ्फ्फ्फ़ अहह्ह्ह्ह कर रही थी और इधर इतनी ही देर में मेरा लंड भी तनकर खड़ा हो चुका था। अब उन्होंने मुझे लेटाकर मेरे लंड को झुककर अपने मुहं में ले लिया और वो उसको ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी उनके ऐसा करने से मेरी तो जान ही निकली जा रही थी वो सेक्स की ज्वालामुखी बन गई थी और उनके मुहं से उफ्फ्फ हाँ और ज़ोर से चूस की आवाजे आ रही थी। फिर कुछ देर के बाद में झड़ गया और उसने मेरा पूरा वीर्य अपने मुहं में लेकर कुतिया की तरह चाट चाटकर उसको पी लिया, जिसकी वजह से अब मेरा लंड दोबारा ढीला हो गया। तो वो अब एक कुर्सी पर बैठ गई और उन्होंने अपने दोनों को पूरा फैला लिया और वो मुझसे बोली कि जिम्मी मेरी जान आकर मेरी चूत को तो देख, क्या हाल तुमने इसका कर रखा है यह अब बह रही है, अब तू इसकी गरमी को निकाल और मेरी चूत की खुजली को मिटा दे, मुझे अब तू जमकर रगड़कर चोद, आज तक मेरी चूत को किसी ने नहीं चोदा, तू ही इसका आज उद्घाटन कर दे। दोस्तों उनकी यह जोश भरी बातें सुनकर में भी बहुत जोश में आकर उनकी चूत को पहले कुछ देर अपने मुहं से लगाकर बैठ गया, क्योंकि उस दिन पहली बार मुझे किसी चूत की मनमोहक मदहोश कर देने वाली खुशबू मिल रही थी और अब में कुत्ते की तरह उनकी चूत के गीलेपन को अपनी जीभ से चाटने लगा था और वो सिसकियाँ भरने लगी आहह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से चूस मेरे राजा खा जा मेरी चूत को बहुत दिनों से यह मुझे बड़ा परेशान किए हुए है और इस तरह से में अपनी पूरी जीभ को उनकी चूत के अंदर ले गया और फिर में अपनी जीभ से ही उनकी चूत को चोदने लगा था। वो कुछ देर बाद जोश में आकर अपनी दोनों जाँघो के बीच में मेरे सर को दबाए मज़े लेने लगी थी और कुछ देर बाद झड़कर उसने मेरे मुहं में ही अपनी चूत के पानी को निकाल दिया। में उसकी एक एक बूँद को पी गया वाह क्या मस्त स्वादिष्ट था में किसी भी शब्दों में बता नहीं सकता।
फिर उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर चूसना शुरू किया और लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा हो गया। फिर उसके बाद मैंने उन्हे बेड पर लेटा दिया और उनकी उभरी हुई चूत में अपने लंड का टोपा मैंने डाल दिया, जिसकी वजह से वो ज़ोर से चीख उठी क्योंकि वो अभी तक वर्जिन ही थी और उनकी चूत बहुत टाइट थी। फिर उसने मुझसे कहा कि तुम मेरे मुहं में कपड़ा रख दो और मेरे दर्द की बिल्कुल भी चिंता मत कर अपना लंड डालकर तेज धक्के देकर तू मेरी चूत को आज चोद डाल। अब मैंने ठीक वैसा ही किया और उनके मुहं में कपड़ा डालकर अपने लंड का एक जोरदार धक्का लगाया। फिर थोड़ा सा लंड अंदर चला गया, लेकिन में उसी तरह से धक्के लगाता रहा मैंने देखा कि अब उनकी चूत से खून भी निकलने लगा था, लेकिन में तब भी धक्के मारता रहा और उनकी चूत के अंदर तक मैंने अपना पूरा लंड डाल दिया और उसके बाद में धीरे धीरे चुदाई करने लगा। अब वो भी अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी थी। मैंने अब उनके मुहं से उस कपड़े को निकाल दिया और हम दोनों बहुत जोश में आ चुके थे उस कमरे से अब थप छप की आवाजे आ रही थी और वो मुझे बड़ी गंदी गंदी गालियाँ भी दे रही थी। वो मुझसे कह रही थी कि हरामी कुत्ते साले तेरी माँ की चूत तू आज मेरी चूत को बुलन्द दरवाजा बना दे। फिर इस बात से में बहुत जोश में आकर उन्हे तेज तेज धक्के देकर चोदने लगा था और इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी और में भी बीस मिनट की चुदाई के बाद अब झड़ने वाला था। अब मैंने उससे पूछा कि मेरी रंडी तू मेरा वीर्य कहाँ लेगी? उसने अपनी चूत के अंदर ही निकालने के लिए मुझसे कहा और में बड़ी तेज़ी से धक्के देते हुए उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके बाद में बिल्कुल निढाल होकर उनके बूब्स पर ही लेट गया और इस तरह से कब हम दोनों नींद आ गई मुझे इस बात का पता ही नहीं चला। फिर सुबह करीब दस बजे मेरी नींद तब खुली जब बुआ मुझे जगाने आई। फिर मैंने देखा कि वो बहुत खुश लग रही थी। फिर उसने मुझे एक किस किया और उसके बाद मैंने भी झुककर उनकी साड़ी को उठाकर उनकी चूत को एक बाद चूम लिया और उसके बाद हम दोनों कमरे से बाहर चले गए ।।
धन्यवाद