भाभी, पैसे और उनकी चूत

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मेरा नाम अरमान है मैं दिल्ली का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 28 वर्ष है मैं और मेरे भैया साथ में ही काम करते हैं। मेरे पिताजी का प्रॉपर्टी का काम है लेकिन उनकी मृत्यु हो चुकी है इसलिए हम दोनों ही भाई अब काम संभाल रहे हैं और मेरी मां का भी देहांत बहुत पहले ही हो गया था। मेरे भैया की शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं, मेरी भाभी का नाम रंजना है और वह व्यवहार में बहुत अच्छी है। जब मेरे भैया और भाभी की शादी हुई, उसके कुछ समय बाद ही मेरे पिताजी की मृत्यु हो गई लेकिन मेरे भैया उनके साथ पहले से ही काम करते थे इसलिए उन्हें पूरी जानकारी थी। उसके बाद उन्होंने मुझे भी अपने साथ काम पर रख लिया और मैं भी उनके साथ काम करने लगा। मुझे उनके साथ काम करना बहुत ही अच्छा लगता है उन्होंने मुझे अपने साथ काम पर रखा और उसके बाद मैं भी काम सीख गया। अब मैंने अपना अलग ऑफिस खोल लिया है और मेरे भैया दूसरे ऑफिस में बैठते हैं।

हम दोनों ही भाई अब अलग-अलग ऑफिस में काम संभालते हैं, हमारे पास जब भी कोई काम आता है तो हम दोनों साथ में ही मिलकर काम करते हैं। मेरे भैया कहने लगे कि तुम्हारी शादी भी हमें जल्दी कर देनी चाहिए, मैंने उन्हें कहा कि अभी मैं कुछ समय बाद इस बारे में विचार करूंगा। मैंने उनसे एक वर्ष मांग लिया और कहा कि एक वर्ष बाद ही मैं शादी करूंगा। हम दोनों भाई साथ में ही काम कर रहे थे और हमारे पास जो भी काम आता है वह हम दोनों बखूबी करते थे। मेरे पिताजी के जितने भी पुराने कस्टमर थे वह सब हमारे पास ही आते है और वह बहुत पहले से ही हमारे पास में आते हैं इस वजह से हमने उन्हें कभी भी निराश नहीं किया। हम लोग बहुत ही कम दामों पर प्रॉपर्टी लाते हैं इसीलिए हमारा काम अच्छा चल रहा है। एक बार किसी व्यक्ति ने मुझे पेमेंट की, वह पेमेंट बहुत बड़ी थी क्योंकि उन्होंने हमसे एक प्रॉपर्टी ली थी इसीलिए मैंने वह पैसे अपनी भाभी को दे दिए। मैंने अपनी भाभी से कहा कि आप इन्हें भैया को दे दीजिए लेकिन कुछ समय बाद यह बात मेरे दिमाग से निकल गई और मैंने जब अपने भैया से पूछा तो वह कहने लगे कि मुझे तुम्हारी भाभी ने कोई भी पैसे नहीं दिए।

मैंने जब अपनी भाभी से इस बारे में बात की तो वह भी मुकर गई, मुझे बिल्कुल भी समझ नहीं आया कि वह मना क्यों कर रही है। मेरे भैया मुझ पर बहुत गुस्सा हुए और उन्होंने मुझे गलत बात कह दी, मुझे बहुत बुरा लगा जब उन्होंने इस प्रकार से मुझे कहा। उन्होंने मुझे आज तक कभी भी कुछ भी गलत नहीं कहा था। जब मेरे भैया गुस्से में चले गए तो उसके बाद मैंने अपनी भाभी से इस बारे में पूछा तो वह मुझे कहने लगी कि वह पैसे मुझसे खर्च हो गए, मैंने उन्हें कहा कि आपने इतने पैसे कहां खर्च कर दिये, उन्होंने मुझे उसका जवाब नहीं दिया, वह चुप रही। हम दोनों भाइयों के बीच बात नहीं होती थी और मैं भी अपने भैया से बात नहीं करता था। हम लोग रहते तो साथ में ही थे परंतु मुझे उनसे बिल्कुल भी कोई मतलब नहीं था। अब मैं अपना काम अलग ही देखता था और अपने तरीके से अपना जीवन जीता था, मैं घर भी लेट से ही आता था। मैं सोचने लगा कि मैं भाभी से इस बारे में बात करू  की उन्होंने वह पैसे कहां खर्च किए। एक दिन मैंने उनसे पैसो के बारे में पूछ लिया, उस दिन मेरे भैया घर पर नहीं थे, मैंने उनसे बात की तो वह कहने लगी कि वह पैसे मेरी एक दोस्त को चाहिए थे इसलिए मैंने उसे वह पैसे दे दिए। मैंने उनसे कहा कि यदि आप यह बात भैया से कह देती तो शायद वह मुझे गलत नहीं कहते लेकिन आपकी वजह से हम दोनों के बीच में बात नहीं हो रही है क्या यह उचित है। वह मेरी बात का कोई भी जवाब नहीं दे पाई क्योंकि उन्होंने जिस दोस्त को पैसे दिए थे, वह उसके बाद उन्हें पैसे लौटाने का नाम ही नहीं ले रही थी। मैं भी समझ चुका था कि अब उन पैसो की भरपाई मुझे ही करनी पड़ेगी इसलिए मैं जितना भी काम करता था वह सब पैसे मैं चुकाता गया और एक समय बाद मैंने वह सब पैसे वापस कर दिए क्योंकि जिनको मैंने घर दिलवाया था उन्हें मैं मना नहीं कर सकता था इसलिए वह लोग वहीं पर रहने आ गए थे। मैंने बिल्डर को पूरे पैसे दे दिए।

मैंने उससे कुछ और समय मांगा था, जब वह पैसे पूरे चुकता हुए तो उसके बाद मैंने अपने भैया से इस बारे में बात की, वह मुझसे बात नहीं कर रहे थे लेकिन मैंने उस दिन उनसे कहा कि यदि आप मुझसे बात नहीं करेंगे तो यह पैसे का लेनदेन दोबारा से हमारे बीच में झगड़ा करवा देगा। मैंने अपनी भाभी को कहा कि आप भैया को सच सच बता दीजिए, उन्होंने भैया को सारी बात बता दी, वह मेरी भाभी पर बहुत गुस्सा हो गए और उन्हें बहुत ही अनाप-शनाप कहने लगे। मैंने उन्हें कहा कि आप भाभी पर गुस्सा मत होइए क्योंकि यह पैसे उनकी दोस्त ने लिए हैं, आप उन्हीं से बात कीजिए। जब उन्होंने उनसे बात की तो वह साफ मुकर गए और कहने लगी कि मुझे आप लोगों ने कोई भी पैसे नहीं दिए, मेरी भाभी ने जब अपनी सहेली से बात की तो वह उनसे कहने लगी कि तुमने मुझे कोई पैसे नहीं दिए, मेरी भाभी अब बहुत ज्यादा उदास थी और मुझे कहने लगी कि मैंने तुम दोनों के बीच में झगड़ा करवा दिया और उसके बाद अब पैसे का भी कोई अता पता नहीं है।

मैंने उन्हें कहा कि आप इस बारे में ज्यादा मत सोचिए, मैंने अब वह पैसे पूरे चुकता कर दिए हैं। अब मेरे और भैया के बीच में बात होने लगी थी लेकिन मेरी भाभी को अभी भी बहुत चिंता रहती थी और जब भी मैं उनके साथ बैठा होता तो वह हमेशा ही इस बात का जिक्र कर देती थी। मैं उन्हें कहता कि अब वह पुरानी बात हो चुकी है यदि आप उसे भूल जाए तो अच्छा रहेगा। मेरी भाभी हमेशा ही उस चिंता में डूबी रहती थी एक दिन मैं घर जल्दी आ गया तो उस दिन वह अपने कमरे में बैठी हुई थी और मैं उनके कमरे में चला गया। जब मैं उनके कमरे में गया तो मैंने उन्हें कहा कि आप अकेले यहां बैठ कर क्या कर रही हैं। वह कहने लगी कि मेरा मन खराब था तो मैं अंदर कमरे में बैठी हुई थी। उनकी सलवार उनकी गांड पर चढ़ी हुई थी और जैसे ही वह खड़ी हुई तो उनकी गांड मेरे सामने थी और मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने अपनी भाभी को अपनी बाहों में ले लिया और उन्हें दबाना शुरू कर दिया। मैंने उन्हें कहा कि आज मेरा मूड आप को चोदने का हो रहा है। जब मैंने उन्हें यह कहा तो उन्होंने मेरी पैंट को खोल दिया और मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। जैसे ही मेरा लंड भाभी ने मुंह के अंदर लिया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मै अपने लंड को उनके गले तक घुसाने लगा वह मेरे लंड को बहुत अच्छे से चूस रही थी और काफी देर तक उन्होंने मेरे लंड का रसपान किया। उसके बाद हम दोनों बिस्तर पर लेट गए मैंने अपनी भाभी के सारे कपड़े खोल दिए। उनका बदन मेरे सामने नग्न अवस्था मे था मैंने जब उनके बड़े और मुलायम स्तनों को अपने मुंह में लिया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना जारी रखा और बहुत देर तक उनके स्तनों का रसपान करता रहा। मैंने उनके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और उनकी योनि को चाटना शुरू कर दिया मैंने बहुत देर तक उनकी चूत को चाटा उसे बहुत तेज पानी निकल रहा था। मैंने जैसे ही अपने लंड को अपनी भाभी की योनि में डाला तो वह चिल्लाने लगी और मेरा पूरा साथ देने लगी। मैं उन्हें बड़ी तेजी से धक्के दिए जा रहा था और उन्हें भी बहुत मजा आने लगा। वह अपने दोनों पैरों को खोल लेती और मुझे कहती कि तुम मेरी चूत इतनी तेजी से मार रहे हो ताकि तुम्हारे पैसे वसूल हो सके। मैंने भी उन्हें कस कर पकड़ लिया और बड़ी तेजी से मै उन्हें झटके देने लगा। मैंने उन्हें आधे घंटे तक इतनी तेजी से चोदा हम दोनो पसीना पसीना होने लगे हम दोनों एक दूसरे के गर्मी को ज्यादा समय तक नहीं झेल सके और मेरा माल जैसे ही मेरी भाभी की योनि के अंदर गया तो वह बहुत खुश हो गई और मैं भी बहुत खुश था। मैंने उन्हें कसकर पकड़ लिया और उनके साथ ही लेटा रहा।