भाभी ने मुझे भी लंड लेने का आदी बनाया

Hindi sex stories, antarvasna मैंने अपने पति का नाश्ता तैयार किया और वह नाश्ता कर के ऑफिस के लिए ही निकले तभी महिमा घर पर आ गई महिमा मनोज की बहन है। महिमा जब घर पर आई तो मैंने अपनी जेठानी को आवाज़ देते हुए कहा कि दीदी महिमा आई हुई हैं वह अपने कमरे से बाहर उठ कर आई और कहने लगी महिमा तुम कब आई महिमा ने जवाब देते हुए कहा बस भाभी अभी आई हूं। मैं रसोई में चाय बनाने के लिए चली गई और कुछ ही देर बाद मैं चाय बना कर रसोई से लौटी मेरे हाथ में चाय की ट्रे थी मैंने चाय की ट्रे को टेबल पर रखा तो मैंने देखा महिमा भावुक होकर कर रो रही है और भारती दीदी महिमा को चुप कराने की कोशिश कर रही थी। मैं समझ नहीं पाई कि महिमा क्यों रो रही है जब मैंने भारती दीदी से पूछा तो महिमा ने भी अपने रुमाल से अपने आंसुओं को पोछना शुरू किया।

 वह कहने लगी भाभी मुझे आपके सामने रोना नहीं चाहिए था लेकिन महिमा बहुत भावुक हो चुकी थी और न जाने ऐसी क्या बात हुई जिससे कि वह रोने लगी उसके दिल में जरूर कोई बात तो लगी थी जिसकी वजह से वह काफी ज्यादा परेशान थी। मैंने महिमा और भारती दीदी से कहा आप लोग चाय पी लीजिए लेकिन महिमा का मन चाय पीने का नहीं था महिमा कहने लगी नहीं मेरा मन चाय पीने का नहीं है उसने चाय पीने से मना कर दिया। मैंने कहा चलो कोई बात नहीं लेकिन भारती दीदी चाय पी रही थी और वह चाय का आनंद ले रही थी कुछ देर बाद महिमा से मैंने पूछा महिमा आज तुम बहुत भावुक हो गई थी ऐसी क्या बात हुई जिसकी वजह से तुम इतना ज्यादा परेशान रहने लगी हो। महिमा कहने लगी नहीं भाभी ऐसी कोई भी बात नहीं है लेकिन कोई तो बात थी जो महिमा को अंदर ही अंदर से परेशान कर रही थी। मैंने महिमा से इस बारे में पूछा तो महिमा ने कुछ देर बाद बता दिया और कहने लगी मेरे पति विजय और मेरे बीच आजकल कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है वह हमेशा मुझे कहते हैं कि मैंने तुमसे शादी कर के बहुत ही गलत किया लेकिन भाभी आप ही बताइए इसमें मेरी क्या गलती है। मैंने महिमा से पूछा लेकिन विजय तो बहुत अच्छे हैं और मुझे नहीं लगता कि वह कभी ऐसा कह भी सकते हैं महिमा ने कहा कि भाभी विजय ना जाने क्यो मुझ से हमेशा झगड़ा करते रहते हैं।

मैंने महिमा से कहा जब दो बर्तन घर में होते हैं जो आपस में टकराव जरूर होता है तुम्हारे और मेरे भैया के बीच भी कई बार किसी बात को लेकर मतभेद हो जाती है लेकिन हम उसको सुलझाने की कोशिश करते हैं। महिमा ने मुझे कहा भाभी मैंने भी कई बार इस बारे में विजय से बात करने की कोशिश की कि आखिरकार वह मुझसे क्यों इतना ज्यादा परेशान रहने लगे हैं लेकिन वह कुछ बताते ही नहीं है। सुबह के वक्त वह ऑफिस चले जाते हैं और शाम को घर लौट आते हैं आप ही बताइए क्या उन्हें मुझे समय नहीं देना चाहिये मेरे जीवन में काफी परेशानियां पैदा हो चुकी हैं और ऊपर से मेरी सासू मां भी मुझे बिल्कुल पसंद नहीं करती। महिमा की तकलीफ मैं भली-भांति समझ सकती थी और इसी के लिए मैंने और भारती दीदी ने सोचा कि हम लोगों को विजय से बात करनी चाहिए। भारती दीदी का नेचर भी बहुत अच्छा है उनके और मेरे बीच में बहुत ज्यादा प्यार है इसी के चलते एक दिन मैंने भारती दीदी से कहा कि हम लोगों को महिमा से मिलने के लिए जाना चाहिए। हम लोग महिमा से मिलने के लिए चले गए और जब हम लोग महिमा के पास गए तो विजय उस दिन घर पर ही थे मैंने विजय से बात की शुरुआत की और कहा विजय आपके और महिमा के बीच में जो भी तकलीफ है उसे आप दोनों को आपस में बात कर के सुलझा देना चाहिए ऐसे में रिश्ते में दरार पैदा हो जाती है। विजय मुझे कहने लगे भाभी जी मुझे मालूम है कि आप दोनों इसीलिए यहां पर आई हैं लेकिन हम दोनों के बीच ऐसा कुछ भी नहीं है मुझे आप ही बताइए यदि मैं काम ना करूं तो फिर मैं क्या करूं। कुछ तो मैं अपने काम से परेशान हूं इस वजह से मैं महिमा को समय नहीं दे पा रहा लेकिन इसका यह मतलब तो नहीं है कि मैं महिमा से प्यार नहीं करता मैं महिमा से बहुत प्यार करता हूं और उसे मैं अच्छे से समझता हूं।

हम लोग आपस में बात कर ही रहे थे कि तभी महिमा का 5 वर्ष का लड़का आ गया और उसके हाथ में से खून निकल रहा था तभी महिमा उसे रूम में लेकर गयी और उसकी मरहम पट्टी की। जब विकास के हाथ की मरहम पट्टी हो गई तो मैंने महिमा से कहा महिमा विकास के हाथ पर चोट कैसे लग गयी। महिमा कहने लगी वह अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था तो खेलते वक्त गिर गया और उसके हाथ पर चोट लग गई। हम लोग विजय को समझाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन विजय भी काफी समझदार हैं हम लोग ज्यादा समय तक उनके घर पर नहीं रुके और वापस चले आए। भारती दीदी कहने लगी कि विजय तो ना जाने क्यों महिमा के साथ झगड़ा करते रहते हैं महिमा तो बहुत अच्छी है उसके बाद हम लोग घर निकल गए। जब हम लोग घर पहुंचे तो उस वक्त मैंने अपने पति मनोज को यह बात बताई मनोज को यह बात मालूम नहीं थी मनोज गुस्से में आ गए और कहने लगे क्या विजय महिमा को परेशान कर रहा है। मैंने मनोज से कहा नहीं ऐसा नहीं है लेकिन मेरे पति गुस्सा हो गये वह मुझे कहने लगे कि तुमने मुझे यह सब पहले क्यों नहीं बताया। मैंने मनोज से कहा पहले मैं आपको क्या बताती ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था, मैंने मनोज के गुस्से को शांत करवाया और उन्हें कहा आप खाना खा लीजिए आप ऑफिस से थके हुए हैं। मनोज ने खाना खा लिया और उसके बाद वह बिस्तर पर लेटे हुए थे वह परेशान नजर आ रहे थे युनकी परेशानी को मैं समझ सकती थी क्योंकि महिमा उनकी बहन है। हालांकि विजय बहुत अच्छे हैं लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि विजय और महिमा के बीच में बिल्कुल भी नहीं बनती विजय का किसी और ही महिला के साथ संबंध है।

 मुझे यह बात उस वक्त मालूम पड़ी जब मैंने विजय को अपनी आंखों से दूसरी महिला के साथ देखा और मैं पूरी तरीके से शॉक्ड रह गई क्योंकि विजय को सब लोग बहुत ही सीधा समझते हैं। जब यह बात मैंने भारती दीदी को बताई तो वह काफी ज्यादा चिंतित हो गए और कहने लगी शायद इसी वजह से महिमा परेशान थी लेकिन वह यह बात किसी को बताना नहीं चाहती थी। मैंने दीदी से कहा हां दीदी आप ठीक कह रही हैं महिमा शायद यह बात हमसे छुपा रही थी। एक दिन मनोज कहने लगे मैं अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए जा रहा हूं हम लोगों के ऑफिस का टूर जा रहा है। मैंने मनोज से कहा ठीक है मैं आपके कपड़े रख देती हूं मैंने मनोज के कपड़े पैक कर दिए जब वह चले गए तो वह करीब एक हफ्ते बाद लौटने वाले थे। मैं अपने कमरे में बैठी हुई थी तभी भारती दीदी मेरे पास आई और मुझसे बातें करने लगी लेकिन भारती दीदी और मुझे ना जाने ऐसा क्या हुआ कि हम दोनों को एक दूसरे के प्रति कुछ ज्यादा ही प्यार उमडने लगा। भारती दीदी ने दरवाजे बंद कर लिए और मेरी योनि को वह चाटने लगी मैं पूरी उत्तेजना में आ चुकी थी। हम दोनों ने उस दिन भरपूर तरीके से मजा लिया मैंने भी उनकी चूत को बहुत अच्छे से चाटा। मै बहुत ज्यादा उत्सुक हो चुकी थी हम दोनों के बीच में यह सब होने लगा। हम दोनों को किसी नौजवान पुरुष की जरूरत थी तो भाभी ने हमारे पड़ोस में रहने वाले एक नौजवान युवक को अपने जाल में फंसा लिया और उन्होंने उसे घर पर बुलाया।

जब वह घर पर आया तो हम दोनों ने ही अपने कपड़ों को उसके सामने उतार दिया उसके दोनों हाथों में लड्डू थे। उसने पहले तो भारती दीदी के साथ जमकर संभोग का मजा लिया और उसके बाद जब उसने मेरे स्तनों को चाटना शुरु किया तो मेरी चूत से पानी निकल रहा था। भाभी को भी योनि चाटने का बड़ा शौक था और वह मेरी योनि को बहुत देर तक चाटती रही मेरी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। जैसे ही उस नौजवान युवक ने अपने लंड को मेरी योनि सटाना शुरू किया तो मेरी योनि से पानी बाहर निकल रहा था। मैं पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी थी मेरी उत्तेजना इस कदर बढ़ गई कि मैंने उस नौजवान युवक से कहा कि तुम अपने मोटे लंड को मेरी योनि में घुसा दो। उसने अपने मोटे से लंड को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया जैसे ही उसका लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मेरे मुंह से तेज चीख निकली। जैसे ही मेरे मुंह से तेज चीख निकली तो मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया और काफी देर तक उसने मेरे साथ सेक्स संबंध स्थापित किए। जब उसका वीर्य उसने मेरे स्तनों पर गिराया तो उसको भारती दीदी ने चाट लिया। उसके बाद तो जैसे हम दोनों ही अपने आस-पड़ोस के नौजवान युवकों को बुलाने लगे और उनके साथ सेक्स संबंध स्थापित करने लगे।

कुछ ही दिनों पहले एक नौजवान लड़का आया उसने जब मेरी गांड के अंदर अपने लंड को तेल लगाकर डाला तो मुझे भी बहुत मजा आया। पहली बार ही मैंने अपनी गांड किसी से मरवाई थी। जब उस नौजवान युवक ने मेरी गांड के अंदर बाहर अपने लंड को किया तो मुझे बड़ा आनंद आ रहा था। भारती दीदी और मेरे अंदर अब कुछ ज्यादा ही चूत मे खुजली रहती थी कि कौन सबसे ज्यादा लंड अपनी चूत में लेगा। हम दोनों ने घर को पूरी तरीके से बदल कर रख दिया था हमने बहुत ही लडको के साथ सेक्स संबध बनाए। हम दोनों को सेक्स की लत लग चुकी थी अब इस आदत से छुटकारा पाना नामुमकिन था। मै हमेशा भारती दीदी से कहती कि अब तो हमारे पड़ोस में भी सब लोगों के लंड हमने अपनी चूत में ले लिए है अब कुछ नया करना पड़ेगा। हम दोनों ने अपने लिए डिलडो मंगवा लिया जब भी हम लोगों का मन करता तो हम दोनों एक दूसरे की चूत में डिलडो घुसा दिया करती।