भाभी की तडपती चूत

Antarvasna, hindi sexkahani: मेरी भाभी चाहती थी कि वह रहने के लिए अलग चली जाए उन्होंने भैया से कई बार इस बारे में बात की क्योंकि मेरी भाभी और मेरी मां के बीच कभी भी अच्छे रिश्ते नहीं थे भैया की शादी को हुए 4 वर्ष हो चुके हैं और इन 4 वर्षों में घर में हमेशा ही झगड़े होते रहे हैं। भैया ने अपनी पसंद से शादी की थी लेकिन भाभी एक बड़े घर की लड़की होने की वजह से वह कभी हमारे घर पर एडजेस्ट कर ही नहीं पाई। भैया ने उन्हें काफी समझाने की भी कोशिश की लेकिन वह कभी भी हमारे घर को अपना मान ही नहीं पाई वह भैया को हर रोज इसी बारे में कहती और हमेशा मां और भाभी के बीच इसी बात को लेकर झगड़े होते रहते। मां को लगता था कि भैया अब उनसे काफी दूर हो चुके हैं और भाभी चाहती थी कि अब वह अलग रहने चले जाएं। एक दिन भैया ने जब यह बात पापा से कही तो पापा ने उन्हें कोई भी जवाब नहीं दिया लेकिन भैया अलग रहने के लिए चले गए।

भैया के अलग चले जाने की वजह से पापा और मम्मी दोनों ही टूट गए वह दोनों बहुत ज्यादा परेशान रहने लगे मैंने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह लोग मेरी बात कहां समझने वाले थे। भैया और भाभी अब अलग रहते थे हालांकि भैया कभी कबार पापा और मम्मी से मिलने के लिए आ जाते लेकिन जब भी वह हमसे मिलने के लिए आते तो ज्यादा देर के लिए घर पर नहीं रुकते। हमारे घर की खुशियां जैसे एक पल में ही मिट गई थी और सब कुछ अब बदलने लगा था एक दिन मुझे मेरी बहन का फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि भैया मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रही हूं। मैंने उसे कहा ठीक है रचना तुम कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ वैसे भी मां और पापा को तुम्हारी जरूरत है। रचना कुछ दिनों के लिए घर आ गई और जब रचना घर आई तो पापा और मम्मी के चेहरे पर थोड़ी खुशियां थी मैं यह देखकर बहुत खुश था। हालांकि मैं कभी भी इसका दोष भाभी के सर पर नहीं मारना चाहता था क्योंकि भैया ने भाभी से कभी कहा ही नहीं था कि वह पापा और मम्मी के साथ रहना चाहते हैं।

रचना के आने से घर में बहुत खुशियां थी और जब रचना और मैं साथ में बैठे हुए थे तो हम लोग अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे थे और वह मुझे कहने लगी कि जब मैं कोई गलती करती तो भैया मुझे कितना डांटते थे। रचना उम्र में मुझसे छोटी है उसकी शादी हो जाने के बाद वह घर कम ही आया करती है लेकिन पापा और मम्मी अकेले पड़ गए थे इसलिए मैंने रचना को बोला कि तुम कुछ दिनों के लिए घर पर आ जाओ। इस बीच मैं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के टूर से दिल्ली जाने वाला था और मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली चला गया मैं हर रोज रचना को फोन किया करता तो रचना मुझे कहती कि पापा और मम्मी बिल्कुल ठीक हैं। भैया से भी मेरी कभी कबार फोन पर बात हो जाया करती थी लेकिन उनसे मेरी बात काफी कम हुआ करती थी। कुछ दिनों से भैया भी परेशान थे इसलिए उनका फोन मुझे काफी आने लगा था मैं अपने ऑफिस की मीटिंग में था और भैया का मुझे फोन आ रहा था मैंने भैया का फोन तो नहीं उठाया लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद जब मैंने उन्हें फोन किया तो मैंने भैया से पूछा कि भैया क्या आप परेशान हैं। उन्होंने मुझे कहा नहीं राजेश ऐसी कोई बात नहीं है लेकिन कुछ दिनों से वह बहुत ज्यादा परेशान चल रहे थे और मुझे भी ऐसा ही कुछ लग रहा था मैंने भी सोचा कि क्यों ना भैया से इस बारे में पूछा जाए। मैं अब जयपुर वापस लौट आया था मैं जब जयपुर वापस लौटा तो मैंने भैया से मिलने का फैसला किया मैं भैया से मिलने के लिए उनके घर पर चला गया। मैं जब भैया से मिलने के लिए घर पर गया तो भैया घर पर अकेले थे भाभी घर पर नहीं थी मैंने भैया से पूछा भाभी दिखाई नहीं दे रही तो भैया ने मुझे कहा वह अपने मायके गई हुई है। कुछ दिनों से भैया और भाभी के बीच में कुछ ठीक नहीं चल रहा था इस वजह से भैया काफी ज्यादा परेशान थे और उनके साथ कोई भी ऐसा नहीं था जिससे कि वह अपने दिल की बात कह पाते। मैंने भैया से कहा कि भैया आप घर वापस क्यों नहीं लौट आते तो भैया मुझे कहने लगे कि राजेश मैं घर तो आना चाहता हूं लेकिन तुम्हारी भाभी की जिद के आगे मैं मजबूर हूं। मैंने भैया से कहा भैया जबसे आप लोग घर से गए हैं तब से पापा और मम्मी बहुत ज्यादा अकेले पड़ गए हैं और वह लोग बहुत परेशान भी रहते हैं मां तो हमेशा ही आपके बारे में बात करती रहती है और पापा भी अपने कमरे में ही रहते हैं वह अपने कमरे से बाहर भी नहीं आते।

भैया ने मुझसे कहा कि मैंने रचना को फोन किया था तो उसने मुझे बताया कि वह घर पर आई हुई है मैंने भैया से कहा हां रचना घर पर आई हुई है भैया ने कहा कि ठीक है राजेश मैं कल घर पर आऊंगा। मुझे भी बहुत अच्छा लगा कि भैया ने कहा कि वह घर पर आएंगे मैं अब घर वापस लौट आया था मैं जब घर वापस लौटा तो रचना पापा और मम्मी के साथ बैठी हुई थी वह उन लोगों के साथ बात कर रही थी मैं भी उन लोगों के साथ बैठकर बात करने लगा। मैंने जब रचना से कहा कि रचना आज मैं भैया से मिला था तो वह कहने लगी कि आप भैया से मिले तो भैया ने क्या कहा मैंने रचना को कहा भैया कल घर पर आने वाले हैं। वह मुझे कहने लगी कि यह तो बड़ी खुशी की बात है, मैं भी भैया से इस बहाने मिल लूंगी। रचना भी भैया से काफी समय से नहीं मिली थी और अगले ही दिन जब भैया घर पर आए तो पापा और मम्मी बहुत खुश थे और भैया रचना से भी मिले वह उस दिन हमारे साथ ही रुक। इतने समय बाद वह घर पर रुके थे तो सब लोग बहुत खुश थे लेकिन भैया के चेहरे पर बिल्कुल भी खुशी नहीं थी मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि आखिर क्या हुआ है जो भैया काफी ज्यादा परेशान लग रहे है उनकी परेशानी की वजह मुझे अभी तक पता नहीं चल पाई थी और ना हीं भैया ने मुझसे इस बारे में कहा था।

अगले दिन भैया वापस लौट गए मैं भी अब अपने ऑफिस रोज की तरह जाने लगा मैं जब अपने ऑफिस से घर लौट रहा था तो मेरे दिमाग में सिर्फ यही बात बार-बार आती की भैया इतना परेशान क्यों है आखिर उनकी परेशानी की क्या वजह है मैं उस वजह को जानना चाहता था लेकिन अभी तक मुझे इस बात का कोई जवाब नहीं मिल पाया था। मुझे अभी तक कोई भी जवाब नहीं मिल पाया था लेकिन एक दिन जब मैं अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए गया हुआ था तो उस दिन मैंने देखा भाभी किसी लड़के के साथ घूम रही हैं। मैं यह देखकर बहुत ही गुस्से मे हो गया मैंने भाभी से कहा अच्छा तो आप यही गुल खिला रही है। भाभी मुझे कहने लगी देखो राजेश अब मेरा तुमसे कोई लेना-देना नहीं है और तुम मुझे यह सब करने से नहीं रोक सकते। मैंने भाभी से कहा मैं भैया को यह सब बता दूंगा। वह कहने लगी तुम्हारे भैया को तो यह सब पहले से ही पता है। मुझे नहीं पता था कि वह इतनी ज्यादा सेक्स की भूखी होंगी कि वह किसी भी लड़के के साथ घूमने लगेगी। मुझे जब यह सब पता लगा तो मुझे नहीं मालूम था कि भैया और भाभी के बीच में क्या परेशानी चल रही है लेकिन भैया भाभी को उस तरीके से संतुष्ट नहीं कर पा रहे थे जिस वजह से वह बाहर मुंह मारने लगी। मैंने भी एक दिन सोचा कि भैया को सब बता दूं लेकिन उस दिन भैया घर पर ही नहीं थे भाभी घर पर थी उन्हें देख मैं भी अपने आपको ना रोक सका। वह मेरी तरफ देखनी लगी वह जब मेरी गोद में बैठी तो मैंने उनके स्तनों का रसपान करना शुरू किया उन्हें में बेडरूम मे ले गया। उनको जब मैं बेडरूम में ले गया तो वह कहने लगी राजेश में सेक्स के लिए बहुत ही ज्यादा तड़पती हूं लेकिन तुम ही बताओ मैं क्या करूं।

मैंने उन्हें कहा आप मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लो, मेरा लंड को लपकते हुए उन्होने अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे वह बडे अच्छे से चूसने लगी। वह जिस प्रकार से मेरे लंड को चूस रही थी मैं बहुत ज्यादा खुश था और मुझे इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि मैंने उन्हें कहा आप मेरे लंड को चूसते रहिए। उन्होंने बहुत देर तक मेरे लंड का रसपान किया मैंने उनकी चूत की तरफ देखा तो उनकी चूत पर बाल नही थे मैंने उन्हें कहा आपने अपने बालों को साफ नहीं किया?  वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत के बाल को साफ कर दो। हम दोनों बाथरूम में चले गए और मैंने उनकी चूत के बाल साफ किए फिर मैंने उनकी चूत को साबुन से धोया और उसके बाद मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया।

मैं जब उनकी चूत को चाट रहा था तो मुझे एक अलग ही मजा आ रहा था मैंने उनक चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर निकाल दिया था। उसके बाद मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर लगाया तो उनकी चूत बड़ी ही टाइट थी। मैंने अपने लंड को उनकी चूत में प्रवेश करवा दिया मेरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैंने उन्हें बहुत देर तक चोदा और उनके दोनों पैरो को अपने कंधो पर रख लिया लेकिन वह सेक्स की भूखी थी और इतनी जल्दी कहां उनकी इच्छा पूरी होने वाली थी मेरा वीर्य गिरने वाला था। मैंने उनकी गांड मारने की इच्छा जाहिर की तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई और मैंने भी अपने लंड पर तेल की मालिश करते हुए उनकी गांड के अंदर डाल दिया। उनकी गांड मे मेरा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाई और उनकी गांड के मजे मैंने 5 मिनट तक लिए लेकिन मुझे ऐसा लगा जैसे मै उनकी गांड मारता ही रहूं। लेकिन मेरा वीर्य उनकी गांड में गिर चुका था मुझे बहुत ही अच्छा लगा मैं उनकी गांड मार पाया और उसके बाद भाभी की एक गर्मी को बुझाने के लिए मुझे जाना पड़ता था।