भाभी की सहेली की मस्त चुदाई

हैल्लो दोस्तों, में फिर से आपके लिए एक नई स्टोरी लेकर आया हूँ. दोस्तों मैंने प्रीति भाभी को चोदा और में हर रोज़ उसकी चुदाई करता और वो भी पूरी तरह से संतुष्ट होती थी.

एक दिन में उसके घर गया तो उसकी सहेली प्रीति भाभी भी वहाँ पर आई हुई थी और तब उसने ग्रीन पारदर्शी साड़ी पहनी हुई थी और उस पर बैकलेस ब्लाउज और उसका फिगर 36-30-36 साईज में उसकी साड़ी टाईट और सेक्सी लग रही थी. अब में तो बस उसे देखता ही रह गया और फिर मेरे अपने मन में विचार आया कि क्यों ना इसे भी पटाया जाए? और सेक्स किया जाए.

प्रीति भाभी ने हमारा परिचय करवाया. अब हम तीनों ऐसे ही बातें कर रहे थे कि तभी कृतिका भाभी का फोन बजा, शायद उसके पति का था और वो बाल्कनी में चली गयी. फिर तभी मैंने प्रीति भाभी से कहा कि आपकी सहेली तो आपकी तरह ही सेक्सी दिखती है और तभी उसने कहा कि हाँ वो तो है और वो मेरी बेस्ट फ्रेंड है.

फिर मैंने प्रीति भाभी से कहा कि क्यों ना हम तीनों एक साथ सेक्स करें? फिर प्रीति भाभी ने डांटकर कहा कि में काफ़ी नहीं हूँ क्या? जो उसके साथ भी सेक्स करना चाहते हो. फिर मैंने कहा कि नहीं आपके साथ तो बहुत मज़ा आता है, लेकिन में इसके साथ भी सेक्स करना चाहता हूँ और मेरा उसे देखते ही लंड खड़ा हो गया है. तब प्रीति भाभी ने कहा कि लेकिन वो नहीं मानेगी, तो फिर मैंने उससे बहुत रिक्वेस्ट की आप उसे मनाए, तो प्रीति भाभी मान गयी.

तभी कृतिका भाभी अंदर आ गयी और कहा कि सॉरी मेरे पति का फोन था और मुझे जाना होगा, तो हमने कहा कि ठीक है. तभी प्रीति भाभी उसे दरवाजे तक छोड़ने गयी और फिर वो चली गयी. फिर मैंने प्रीति भाभी से कहा कि आपने पूछा कि नहीं, तो उसने कहा कि सही टाईम देखकर पूछ लूँगी और तब यह सुनकर मेरा मन भी मान गया.

फिर मैंने प्रीति भाभी को अपनी गोद में उठा लिया और बेडरूम में ले गया, क्योंकि अब में सेक्स करने के मूड में था. फिर मैंने प्रीति भाभी को बेड पर लेटाया और प्रीति भाभी घर में अक्सर टॉप और शॉर्ट पहनती है. अब में उसके गुलाबी होंठो पर किस करने लगा और एक हाथ से बूब्स दबा रहा था, वाऊ क्या मज़ा आ रहा था? अब 15 मिनट तक किस और बूब्स दबाने के बाद में उसकी पूरी बॉडी पर किस करने लगा. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और प्रीति भाभी मेरे लंड के सुपाड़े को अपने मुहं में लेकर उसे चूसने लगी. अब वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूस रही थी और अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर ऐसे ही करीब 10 मिनट तक चलता रहा.

फिर मैंने उसे एक टेबल पर ले जाकर बैठाया और उसके पैर फैला दिए और उसकी चूत में ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने लगा. अब में उसे बहुत ज़ोर-ज़ोर से चोदता जा रहा था और उसके बूब्स दबा कर रहा था. अब मेरा निकलने वाला था इसलिए में और ज़ोर-जोर से धक्के देने लगा और मैंने उसकी चूत में सारा स्पर्म डाल दिया. फिर हम बेड पर ऐसे ही सोते रहे और में उसके बूब्स को चूस रहा था. फिर मैंने पूरी रात उसे 2 बार चोदा और पूरा नंगा होकर उसके साथ चिपक कर सो गया.

जब में सुबह उठा तो में उसके बूब्स को दबाता रहा और वो भी जाग गयी. अब मुझे बूब्स दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था. फिर में वहाँ से चला गया और मैंने शाम को प्रीति भाभी को मैसेज किया कि आप कृतिका भाभी को मना लेना प्लीज, तो उन्होंने कहा कि ठीक है. फिर अगले दिन में प्रीति भाभी के घर गया और वहाँ जाकर टी.वी देखने लगा.

फिर प्रीति भाभी के मोबाईल पर मैसेज आया तो उन्होंने कहा कि कृतिका भाभी भी आ रही है. फिर मैंने कहा कि आप कृतिका भाभी को मत बताना कि में यहाँ हूँ और उन्हें सेक्स के लिए उत्तेजित करना. फिर प्रीति भाभी ने कहा कि ठीक है तुम बाहर के रूम में ही रहना.

फिर कृतिका भाभी प्रीति भाभी के घर पर आते ही ओ दोनों बेडरूम में बैठे गई और बातें कर रही थी और दरवाज़ा आधा बंद था, इसलिए में चुपके से उन दोनों की बातें सुन रहा था. तब कृतिका भाभी को पता नहीं था कि में भी प्रीति भाभी के घर में हूँ.

फिर थोड़ी देर तक उन लोगों ने बात की और फिर प्रीति भाभी ने कहा कि तुम्हारे पति कैसे है? तो कृतिका भाभी ने कहा कि वो ठीक है और अभी वो ऑफिस में होते है.

प्रीति भाभी ने कहा कि यार मेरे पति तो महीने में 1-2 बार ही आते है और मुझे यहाँ पर अकेला सा लगता है और उदास हो गयी. फिर कृतिका भाभी ने कहा कि जब आते होंगे तो जमकर सेक्स करते होंगे ना. अब ऐसी बातें सुनकर तो में दंग ही रह गया, वैसे भी वो दोनों बेस्ट फ्रेंड है, इसलिए वो सब खुलकर बात करती है.

प्रीति – कहाँ यार, कृतिका उसका तो बहुत छोटा है और वो जल्दी-जल्दी से ही झड़ जाते है और फिर सो जाते है.

कृतिका – उदास मत हो यार, मेरा भी हाल कुछ ऐसा ही है.

प्रीति – ऐसा क्या? मुझे लगा कि तुम्हारा पति तो तुमसे बहुत मज़े लेते होंगे.

कृतिका – ऐसा कुछ नहीं है यार.

प्रीति – पता है कृतिका, मैंने तुमसे एक बात छुपा रखी है.

कृतिका – वो क्या?

प्रीति – में अमन से संतुष्ट होती हूँ, यार कितना बड़ा है उसका और उसके साथ सेक्स करने में बहुत मज़ा आता है.

कृतिका – अरे, एक शादीशुदा होकर दूसरे के साथ कैसे?

प्रीति – चलता है यार, कहाँ किसी को पता चलने वाला है और में संतुष्ट भी हो जाती हूँ.

कृतिका – में तो ऐसा नहीं कर सकती यार, क्योंकि अगर मेरे पति को पता चल गया तो वो मुझे तलाक दे देगा.

प्रीति – किसी को कुछ पता नहीं चलता है, में तो कहती हूँ कि तुम भी मेरी बात मान लो.

कृतिका – नहीं-नहीं.

प्रीति – अरे, संतुष्ट होना चाहती हो तो यही एक रास्ता है.

कृतिका – लेकिन.

तभी में चुपके से अंदर गया और कृतिका भाभी को पीछे से पकड़ लिया और उनकी पीठ पर किस करने लगा. अब तो वो हैरान हो गयी और पीछे मुड़ी तो उन्होंने देखा कि वहाँ पर में खड़ा था. अब वो बोली कि क्या कर रहे हो? प्लीज़ हट जाओ और मुझे धक्का मारकर छूट गयी. तब मैंने कहा कि कृतिका भाभी प्लीज मान जाओ, मैंने जब से आपको देखा है तब से मेरा लंड नीचे ही नहीं बैठ रहा है.

कृतिका – चुप रहो, तुम हम दोनों की बातें सुन रहे थे.

तब मैंने कहा कि हाँ मेरी जान और अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है और यह कहकर मैंने उन्हें पकड़कर बेड पर सुला दिया और उसके पेट पर किस करने लगा. अब पहले तो वो बहुत मना कर रही थी, लेकिन में तो जैसे जंगली की तरह टूट पड़ा और जोर-जोर से उसके बूब्स दबाने लगा. क्या सॉफ्ट मुलायम बूब्स थे? प्रीति भाभी से भी मस्त.

अब में उसके बूब्स दबा रहा था और तभी प्रीति भाभी मेरी पेंट नीचे उतार कर मेरा लंड चूसने लगी. अब धीरे-धीरे कृतिका भाभी भी आह अहह उह्ह करने लगी थी और अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी. फिर मैंने अपने लिप्स उसके लिप्स पर रख दिए और ज़ोर से किस किया.

करीब 10 मिनट तक में उसे किस करता रहा. फिर मैंने कृतिका भाभी को बेड पर से उठाया और बाथरूम में ले गया और फिर हम दोनों बाथ टब में बैठ गये और मैंने बाथ टब पूरा पानी से भर दिया. फिर मैंने उसकी पूरी बॉडी पर किस किया. अब वो बहुत गर्म हो चुकी थी, इसलिए मैंने उसकी काली साड़ी उतारी और अब वो ब्लाउज और पेटिकोट में थी.

अब उसके बूब्स ब्लाउज से बाहर आने को जेसे तरस रहे थे, उसके बूब्स बहुत बड़े थे. फिर मैंने उसके बूब्स को दबाना स्टार्ट किया और ऊपर से ही चूसने लगा और अब वो मेरे बालों को सहला रही थी. फिर मैंने उसके ब्लाउज को फाड़ दिया और उसे पूरा नंगा कर दिया. अब में उसके बूब्स को चूसने लगा था.

करीब 15 मिनट तक में उसके बूब्स को चूसता और दबाता रहा और फिर उसकी चूत को चाटने लगा. अब वो बोले जा रही थी फुक मी आहह फुक मी. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और धीरे- धीरे उसकी चूत के अंदर मेरे लंड का सुपाड़ा डालने लगा और एक ज़ोर से धक्का मारा तो वो चीख पड़ी.

प्रीति भाभी उसकी आवाज़ सुनकर बाथरूम में आई और वो भी टब में बैठ गयी. अब में एक साईड में कृति भाभी को ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था और प्रीति भाभी के बूब्स को हिला-हिलाकर दबा रहा था. उसकी चूत और मेरे लंड के टकराने से क्या फच- फच की आवाज आ रही थी. आह दोस्तों अब उन दोनों के साथ क्या मज़ा आ रहा था? जैसे में जन्नत में हूँ. अब मैंने कृतिका भाभी की चूत फाड़ ही दी थी. वैसे मैंने आपको बताया नहीं कि जब वो दोनों भाभीया बातें कर रही थी तब मैंने विगोरा की गोली खा ली, इसलिए मेरा लंड नीचे ही नहीं हो रहा था.

अब मैंने करीब 20 मिनट तक कृतिका भाभी को ठोका और फिर मैंने कहा कि अब में झड़ने वाला हूँ. फिर उन्होंने कहा कि सब कुछ अंदर ही डाल दो और मैंने अपना पूरा का पूरा माल उनकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और अपना लंड अंदर ही डालकर में उसको किस करता रहा. दोस्तों पानी में चोदने का क्या मज़ा आया?

फिर मैंने प्रीति भाभी को भी ठोका और फिर हम तीनों ने एक दूसरे को नहलाया और उन दोनों ने मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर बारी-बारी साफ किया.

फिर मैंने भी उन दोनों के बूब्स को बहुत दबाया और चूसा. फिर हमने नहाकर अपने-अपने कपड़े पहन लिए. फिर प्रीति भाभी ने गहरे गले का ब्लाउज और साड़ी पहनी और फिर कृतिका भाभी के पास कपड़े नहीं थे, इसलिए उन्होंने प्रीति भाभी के कपड़े पहने थे.

फिर मैंने उनके फोटो लिए और साथ में चाय पी और बहुत मज़े किए. फिर कृतिका भाभी ने कहा कि यार तुम्हारा लंड तो बहुत मज़ा दिलवाता है. फिर कृतिका भाभी को फोन आया और वो कोई बहाना बनाकर प्रीति के घर पर ही रुकी और फिर हमने रात को भी बहुत मज़े किए. दोस्तों मैंने उन दोनों को बहुत नई-नई पोज़िशन में चोदा और मज़े लिए.

फिर मैंने कृतिका भाभी का मोबाईल नंबर लिया और सुबह अपने घर के लिये निकल गया. अब हमको जब भी मौका मिलता तो हम एक साथ सेक्स करते है और कभी भी एक भाभी नहीं होती तो में दूसरी भाभी को चोदता हूँ, लेकिन मेरा एक दिन भी खाली नहीं रहता. एक बार तो हम तीनों बाहर घूमने गये और मैंने होटल में भी उन दोनों की जमकर चुदाई की थी.