भाभी की अदा पर हम फिदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रतन है और मेरी उम्र 30 साल, हाईट 5 फुट 7 इंच, वजन 70 किलोग्राम, लंड साईज़ 6 इंच है. मेरी भाभी दिखने में बड़ी खूबसूरत तो नहीं है, लेकिन सेक्सी बहुत है. उसका रंग सांवला है, हाईट 5 फुट 2 इंच है, उसकी चूची 2-2 किलो की है. फिर जब में नासिक में आया तो मुझे रहने के लिए घर की ज़रूरत थी तो में रोज न्यूज़ पेपर में विज्ञापन देखता था. फिर एक दिन मुझे न्यूज़ पेपर में एक विज्ञापन दिखा कि पेयिंग गेस्ट चाहिए.

में उस पते पर गया और दरवाजा खटखटाया, तो थोड़ी देर के बाद एक 35 साल की औरत ने दरवाजा खोला और पूछा कि क्या है? तो मैंने बोला कि आपका पेयिंग गेस्ट का विज्ञापन न्यूज़ पेपर में पढ़कर आया हूँ, क्या रूम खाली है? तो उसने मुस्कराकर जबाब दिया खाली है, लेकिन तुमको चाहिए तो अंदर आ जाओ.

में बोला कि चाहिए, तो मैंने बोला कि भाभी यहाँ पर मुझे कुछ नहीं मालूम मुझे रूम की बहुत ज़रूरत है. फिर भाभी बोली कि रूम का किराया 1500 रुपये लूंगीगी, उसमें एक टाईम का खाना नाश्ता है. अब मुझे रूम की ज़रूरत थी तो मैंने तुरंत हाँ बोला और एक महीना के एड्वान्स 1500 रुपये देकर बोला कि में आज शाम से ही आ जाता हूँ. फिर वो बोली कि ठीक है फिर में शाम को होटल से अपना सारा सामान लेकर उनके घर पहुँच गया.

फिर भाभी ने घर के सभी सदस्यों से मेरा परिचाया करवाया. भाभी ने बोला कि मेरा नाम रत्ना पाटिल है और ये मेरे पति अजय पाटिल है और ये मेरा बेटा विकास है, बस यही मेरा परिवार है.

मैंने भी बताया कि मेरा नाम रतन है, में महिंद्रा कंपनी में मैनेजर के पद पर लगा हूँ और यहाँ पर मेरे परिचय का कोई नहीं है. मुझे अभी 10 दिन नासिक में आए हुए है. फिर इसके बाद कुछ बातचीत के बाद में खाना खाकर अपने कमरे में जाकर सो गया. फिर 2-3 दिन तक इस तरह से चलता रहा, अब मुझे उनकी मराठी बहुत कम समझ में आती थी.

फिर इसके बाद रविवार आ गया और अब में उस दिन में घर था, तो भाभी ने मुझे बुलाया नाश्ता नहीं करना, तो में बोला कि आता हूँ और फिर में नाश्ते की टेबल पर जाकर बैठ गया तो भाभी आई और बोली कि ये लो नाश्ता करो, तो में बोला कि भाई साहब और आपका बेटा कहाँ है? तो वो चिड़कर बोली कि वो दोनों मेरी माँ के घर गये है. फिर मैंने पूछा क्यों कुछ हुआ है? तो वो बोली कि वो बिजनस मैन है और हमेशा उनका टूर रहता है. आज बेटे ने ज़िद कर दी तो वो माँ के घर पहुँचकर वहीं से बाहर चले जाएंगे. फिर इसके बाद मैंने नाश्ता किया और चुपचाप उठकर अपने रूम में चला गया और सोचा कि थोड़ा आराम करके फिर बाहर निकलूंगा.

फिर में 1 घंटे के बाद उठा और बाहर निकलने लगा, लेकिन मुझे ध्यान आया की भाभी को बोल दूँ. तो यह सोचकर में भाभी के कमरे की तरफ गया और वहाँ बाहर से बोला कि भाभी में बाहर जा रहा हूँ, आप दरवाजा बंद कर लो. मुझे कुछ आवाज़ नहीं आई, तो मैंने रूम में अंदर झाँककर देखा तो भाभी अपनी दोनों टाँगे फैलाकर कुछ कर रही थी.

मैंने ध्यान से देखा तो भाभी अपनी चूची के निपल को खुद के मुँह में लेकर चूस रही थी. अब उसका ध्यान मेरी तरफ बिल्कुल नहीं था और बारी-बारी से अपनी चूची निकालकर चूस रही थी और नीचे अपनी उंगली चूत में धीरे-धीरे फैर रही थी. अब यह सब देखकर तो मेरा 5 इंच लम्बा खंभा तनकर खड़ा हो गया था. अब भाभी ने अपनी चूत में उंगली डालना निकालना तेज कर दिया था और एयाया आहह की आवाजें तेज-तेज निकालने लगी थी.

फिर मैंने अपना सिर थोड़ा सा ऊपर किया, तो में उन्हें दिख गया और वो झट से खड़ी हो गई. अब मेरे तो घबराकर होश उड़ गये थे. मैंने कभी इस हालत में किसी औरत को नहीं देखा था. अब मेरा लंड खड़ा जैसे भाभी को सलाम कर रहा था. फिर भाभी रूम से बाहर आई और बोली कि क्यों रे साले छुप-छुपकर क्या देख रहा था? और फिर वो मुझे पकड़कर अंदर रूम में ले गई.

में बोला कि सॉरी तो भाभी बोली कि क्या-क्या देखा? तो में बोला कि तुम्हारी चूत. फिर भाभी बोली कि और बोल साले छुपकर देखता है और फिर वो मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी और बोली कि तू तेरा दिखा, तूने मेरा भी देखा है और मेरी पेंट की चैन खोल दी और मेरे लंड को देखकर बोली कि कितना बड़ा लंड है? और तुरंत अपने मुँह में लेकर चाटने लगी. अब मेरे बदन में आग लग चुकी थी और फिर में भाभी के बूब्स को धीरे-धीरे सहलाने लगा. फिर भाभी और ज़ोर-जोर से मेरे लंड को अपने मुँह में अंदर बाहर करने लगी.

फिर हम दोनों थोड़ी देर तक तो ऐसे ही करते रहे और फिर इसके बाद मैंने भाभी को उठाकर बेड पर लेटा दिया और भाभी के अंगो को चूमने लगा, तो भाभी मुझसे तेज़ी से चिपक गई और ज़ोर से आआ की आवाजें करने लगी.

फिर में उसके एक बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे बूब्स के निपल को धीरे-धीरे सहलाने लगा. अब इस तरह भाभी एकदम बहुत गर्म हो गई थी और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी कि राजा डालो ना अब सहा नहीं जाता.

मैंने तुरंत अपना 5 इंच लम्बा लंड उनकी चूत के अंदर डाल दिया, तो भाभी एकदम से चिल्ला उठी. फिर में बोला कि क्या हुआ? तो भाभी ने कहा कि 6 महीने हो गये इतना मोटा लंड खाए हुए, तो इतना मोटा केला 6 महीने से आना बंद हो गया है तो में केला लाकर डालती थी. फिर मैंने पूछा कि क्यों? तो भाभी बोली कि उनकी इच्छा ख़त्म हो गई है, वो काम से थक जाते है.

फिर में बोला कि अब इस टेंशन को ख़त्म करो, में हूँ ना और फिर हम दोनों फिर से सेक्स में जुट गये. अब भाभी उछल-उछलकर मेरा लंड अपनी चूत में लेने लगी थी और चिल्लाने लगी कि राजा फाड़ दो इस चूत को और में ज़ोर-ज़ोर से अपने लंड का धक्का मारने लगा और भाभी के बूब्स को ज़ोर-जोर से मसलने लगा था.

अब भाभी मुझे अपने में समा लेना चाहती थी और में भी उसमें समा जाना चाहता था. अब में उसके हर नाज़ुक अंगो को मसलकर और चूस-चूसकर मज़ा ले रहा था. अब भाभी का मेरी हर पोजिशन में जैसे डॉग शॉट, स्लीपिंग शॉट, स्टंदिन शॉट का मज़ा लेकर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना चालू था. अब भाभी मेरे साथ चुदाई करके मस्त हो रही थी और बोली कि राजा मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया.

अब मेरा नॉन स्टॉप धक्के लगाना जारी था और भाभी की मस्त सिसकारियों से पूरा घर गूँज रहा था आआआआ और ज़ोर से आआ और ज़ोर से मेरे राजा आआआअ और ज़ोर से रतन राजा आआ और ज़ोर से की मस्त सिसकारी के साथ भाभी की चूत का पानी गिरने लगा. फिर में झट से अपना लंड बाहर निकालकर भाभी की चूत का रस पीने लगा. अब भाभी ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड का पानी चाटने लगी थी.

फिर में भाभी की चूत को 10 मिनट तक चूसता रहा और एक बूंद भी बाहर नहीं गिरने दी. अब में जितना चूसता, तो भाभी उतनी मस्त होकर पच-पच अपना पानी छोड़ती.

थोड़ी देर के बाद भाभी मेरा लंड अपने मुँह में डालकर अंदर बाहर करने लगी, तो मैंने भी अपने लंड का पानी भाभी के मुँह में गिरा दिया, तो भाभी चिल्लाकर मेरे लंड का पानी पीने लगी. फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों एकदम निढाल होकर बिस्तर पर चिपककर लेट गये. फिर भाभी ने पूछा कि कितनी बजी?

मैंने देखा कि घड़ी में दोपहर के 12 बज रहे थे और फिर जब भाभी को बताया 12 बज गये है, तो वो एकदम से चौंक पड़ी और हम लोगों ने 3 घंटे सेक्स किया और यह बोलकर मुझसे चिपककर सो गई. फिर इसके बाद हम दोनों ने 2 बार और सेक्स किया. अब भाभी इतनी मस्त हो गई थी कि अब जब भी उसका पति उसके बच्चे को बाहर किसी रिश्तेदार के पास छोड़कर बाहर जाता, तो वो पूरी की पूरी रात मज़ा लेती थी और मस्त होती थी.