बारिश में भीगा बदन

Antarvasna, hindi sex story: मैं अपने चचेरे भाई के साथ रेस्टोरेंट में बैठा हुआ था वहां पर मुझे रवीना मिली रवीना के साथ उसकी छोटी बहन भी थी रवीना ने मेरा परिचय गरिमा के साथ करवाया और कुछ देर वह दोनों हम लोगों के साथ बैठे रहे। मेरी रवीना के साथ काफी देर तक बात हुई और उससे मिलकर काफी अच्छा लगा वह करीब दो वर्षों बाद मुझे मिल रही थी इससे पहले एक दिन उससे मेरी मुलाकात हुई थी लेकिन गरिमा से पहली बार मिलकर मुझे कहीं ना कहीं ऐसा लगा जैसे की गरिमा के प्रति मेरा काफी लगाव हो चुका है मुझे गरिमा बहुत ही अच्छी लगी। उस दिन के बाद मैं रवीना को अक्सर फोन करने लगा रवीना से मेरी बात होती थी और हम दोनों मिलते भी थे इसी बीच एक दिन रवीना ने मुझे कहा कि वह जिस कंपनी में जॉब करती थी उस कंपनी से उसने रिजाइन दे दिया है और वह नौकरी की तलाश में है।

मैंने उस वक्त रवीना की मदद की और मेरी मदद से वह मेरे ऑफिस में काम करने लगी अब रवीना मेरे ऑफिस में काम करने लगी थी इसलिए अक्सर मैं गरिमा से मिल जाया करता था क्योंकि रवीना के साथ मैं शाम के वक्त अपने घर लौटता रवीना मेरे साथ ही घर आया करती थी और उस वक्त मेरी मुलाकात गरिमा से हो जाया करती थी। गरिमा को मैं दिल ही दिल चाहने लगा था लेकिन यह बात मैंने रवीना को नहीं बताई थी और मैं नहीं चाहता था कि यह बात रवीना को पता चले मैंने यह बात रवीना को पता चलने ही नहीं दी। मुझे भी लग रहा था कि गरिमा के दिल में भी मेरे लिए कुछ चल रहा है और एक शाम गरिमा और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन मैंने गरिमा को मिलने के लिए बुलाया था यह हमारी पहली ही मुलाकात थी जब हम दोनों अकेले में मिल रहे थे। जब हम दोनों अकेले में मिले तो मैंने कभी भी उम्मीद नहीं की थी कि गरिमा मुझसे अपने दिल की बात कह देगी और गरिमा ने उस दिन अपने दिल की बात मुझे कह दी।

हम दोनों अब एक दूसरे के साथ रिलेशन में थे हम दोनों चोरी छुपे एक दूसरे से बात किया करते थे मैंने यह बात रवीना को कभी पता चलने नहीं दी और ना ही यह बात गरिमा ने रवीना को बताई। हम दोनों एक दूसरे से चोरी छुपे मिला करते और फोन पर भी एक दूसरे से चोरी छुपे ही बात किया करते थे। एक दिन मेरे ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था उस दिन मैं घर देर से जाने वाला था और रवीना भी घर देर से जाने वाली थी क्योंकि उस वक्त हमारे ऑफिस में काफी काम था हम लोगों को ऑफिस में 7:30 बज चुके थे। कुछ ही देर में हम लोगों ने अपने ऑफिस का काम खत्म कर लिया था रवीना मुझे कहने लगी कि गौतम तुम मुझे घर तक छोड़ देना मैंने रवीना को कहा ठीक है मैं तुम्हें तुम्हारे घर तक छोड़ दूंगा। उस दिन मैंने उसे उसके घर तक छोड़ दिया मैं रवीना को उसके घर पर छोड़ कर अपने घर चला आया मैं जब अपने घर पहुंचा तो मेरे पापा ने मुझसे पूछा कि गौतम बेटा आज तुम काफी देर से आ रहे हो तो मैंने पापा को बताया कि हां पापा मुझे आज आने में देर हो गई थी क्योंकि ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था पापा कहने लगे कोई बात नहीं बेटा। घर पहुंचते हुए मुझे काफी देर हो चुकी थी मां भी खाना बना चुकी थी और अब खाना खाने के बाद मैं कुछ देर अपने कमरे में आराम कर रहा था कि तभी मुझे गरिमा का फोन आया। जब मुझे गरिमा का फोन आया तो उससे मेरी बात काफी देर तक हुई हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बहुत देर तक बातें करते रहे गरिमा मुझे कहने लगी कि गौतम मैं तुमसे कल मिलना चाहती हूँ। मैंने गरिमा को कहा अभी तो मिलना मुश्किल हो पाएगा क्योंकि ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम है तो गरिमा मुझे कहने लगी कि तुम से मेरी मुलाकात काफी दिनों से नहीं हुई है और मुझे तुमसे मिलना है लेकिन मैं गरिमा से नहीं मिल सकता था परंतु फिर भी मैंने कोशिश की और अगले दिन मैं गरिमा से मिलने के लिए चला गया। जब मैं गरिमा से मिला तो मुझे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा वह मुझे कहने लगी कि मैं तुमसे कितने दिनों से मिलना चाह रही थी लेकिन तुम अपने ऑफिस के काम के चलते मुझसे मिल ही नहीं पाए। मैंने गरिमा को कहा मैं भी तो तुमसे मिलना चाह रहा था लेकिन तुमसे मिल नहीं पाया, गरिमा मुझसे मिलकर बहुत खुश थी और हम दोनों काफी समय बाद एक दूसरे के साथ इतना अच्छा समय बिता रहे थे।

गरिमा मुझे कहने लगी कि गौतम मैं कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी के साथ शादी में जा रही हूं मैंने गरिमा से कहा लेकिन तुम शादी से कब वापस लौटोगी तो वह मुझे कहने लगी कि गौतम यह तो मैं कह नहीं सकती लेकिन मैं 10 दिनों बाद ही वहां से वापस लौट पाऊंगी। मैंने गरिमा को कहा चलो यह तो अच्छी बात है कि तुम अपने पापा मम्मी के साथ कुछ दिनों के लिए ही सही लेकिन घूमने जा रही हो और तुम्हें वहां जाकर अच्छा भी लगेगा। गरिमा मुझे कहने लगी कि हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो काफी दिन हो गए मैं कहीं घूमने भी नहीं गई हूं। उस दिन गरिमा और मैंने साथ में काफी समय बिताया उसके बाद मैंने गरिमा को उसके घर तक छोड़ दिया और फिर मैं अपने घर वापस लौट आया अगले दिन से मैं अपने ऑफिस के काम के चलते ज्यादा ही बिजी रहने लगा। रवीना को मैं अक्सर उसके घर तक छोड़ दिया करता था। एक दिन ऑफिस से वापस लौटते वक्त कफी ज्यादा बारिश हो रही थी तो रवीना ने मुझे कहा गौतम तुम कुछ देर घर पर ही रुक जाओ उसके बाद तुम चले जाना।

मैंने रवीना को कहा ठीक है वह भी घर पर अकेले ही थी क्योंकि गरिमा और उसके मम्मी पापा शादी के सिलसिले में गए हुए थे रवीना ने मेरे लिए गरमा गरम चाय बनाई और वह मेरे लिए चाय बना कर ले आई। मैं रवीना के साथ बैठा हुआ था हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे बात करने के दौरान रवीना के स्तनों की तरफ मेरी नजर जा रही थी वह मुझे कहने लगी गौतम मैं अभी कपड़े चेंज कर के आती हूं क्योंकि उसका बदन भी भीग चुका था वह भी गिली हो चुकी थी। वह अपने कपड़े बदलने के लिए अपने कमरे में चली गई और जब वह कपड़े बदल कर आई तो मेरी नजर उसके स्तनों पर ही थी वह मुझे कहने लगी गौतम तुम मुझे ऐसे क्या देख रहे हो। मैंने उसे कहा आज तुम बहुत ही सुंदर लग रही हो वह मुझे कहने लगी लेकिन आज से पहले तो तुमने मुझे कभी ऐसा नहीं कहा। मैंने उसको कहा कि तुम आज वाकई में बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हो इसलिए तो मैं तुम्हारी सुंदरता की तारीफ कर रहा हूं। वह बहुत ही ज्यादा खुश थी वह मेरे पास आकर बैठी जब वह मेरे पास आकर बैठी तो उसकी जांघ मेरी जांघों से टकराने लगी थी और हम दोनों ही अपने आप पर काबू नहीं कर पाए हमारे होठों अब नजदीक आ चुके थे। मै उसके होठों को बडे अच्छे तरीके से किस कर रहा था उसके अंदर गर्मी बढ़ती जा रही थी उसे मैं भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया था। वह कहने लगी गौतम मुझे तुम्हारा साथ अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा मुझे भी तुम्हारा साथ बहुत अच्छा लग रहा है। अब वह अपने आपको बिल्कुल भी नही रोक सकी और मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेना चाहती हूं। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल दिया और वह मेर लंड की तरफ देख रही थी उसने अपने हाथ में मेरे लंड को लेकर सहलाना शुरु किया। वह मेरे लंड को हिलाए जाती तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था वह मेरे लंड को चूसकर मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ती ही जा रही थी वह पूरी तरीके से उत्तेजित होती जा रही थी। उसने अपने बदन से कपड़े उतारने के बाद मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत के अंदर लंड को डाल दो।

मैंने पहली बार ही रवीना को नंगा देखा था लेकिन जब उसके नंगे बदन को मैंने अपने हाथों से सहलाना शुरू किया तो उसकी चूत से निकलता हुआ पानी ज्यादा ही बढ़ चुका था। उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरफ निकल रहा था मैंने उसके चूत के अंदर अपने लंड को डालने की कोशिश की लेकिन उसकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी इसलिए मेरा लंड उसकी योनि के अंदर नहीं जा रहा था परंतु मैंने कोशिश करते हुए उसकी योनि के अंदर लंड को घुसा दिया जब मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है हालांकि मुझे इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर होता तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो जाता और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैंने उसकी चूत मे लंड डालना शुरू किया।

वह अपने पैरों को खोलने लगी मैंने जब उसकी चूत के अंदर अपने लंड को बड़ी तेजी से करना शुरू किया तो वह जोर से चिल्लाने लगी और उसकी सिसकियां लगातार बढ़ती ही जा रही थी। उसकी सिसकियां इतनी अधिक बढने लगी थी कि मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मैंने उसे कहा मुझे महसूस हो रहा है कि मेरा वीर्य पतन जल्द ही होने वाला है। वह मुझे कहने लगी तुम अपने वीर्य को मेरी चूत मे गिरा दो वह मुझे कसकर अपनी ओर खींच रही थी। मैं अब बिल्कुल भी नहीं रह पा रहा था मैंने उसकी चूत पर बड़ी तेजी से प्रहार करना शुरू किया उसने भी मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकडना शुरू किया। वह जब मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ रही थी तो मेरे अंदर की गर्मी में भी बढ़ोतरी होती जा रही थी और मेरी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। उसने मेरा साथ बड़े ही अच्छे से दिया और मेरी इच्छा को उसने पूरा कर दिया था रवीना और मैंने अब अपने कपड़े पहन लिए थे उसके बाद मैं अपने घर चला गया।