बैंक मैनेजर से रात को चूत मरवाई

antarvasna, kamukta

मेरा नाम पायल है मेरी उम्र 28 वर्ष है, मैं स्कूल में अध्यापिका हूं। मैं बनारस में रहती हूं और मुझे यहां पढ़ाते हुए काफी समय हो चुका है। मुझे 3 वर्ष इसी स्कूल में हो चुके हैं और मैं हमेशा ही अपने घर से आती हूं और उसके बाद समय से अपने घर लौट जाती हूं। मेरे स्कूल में भी मेरे कुछ दोस्त हैं जोकि बहुत ही अच्छे दोस्त हैं। मैं हमेशा ही अपने घर से बस से आती हूं और बस से ही अपने घर जाती हूं। मैं एक दिन अपने घर से बस में आ रही थी लेकिन बस रास्ते में ही खराब हो गई और मुझे स्कूल के लिए लेट हो रहा था, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए क्योंकि बस को आने में समय था और मुझे स्कूल के लिए बहुत देरी हो रही थी। उसी वक्त एक व्यक्ति कार में आ रहे थे, मैंने उन्हें हाथ दिया तो उन्होंने अपनी गाड़ी रोक ली। जब उन्होंने मुझसे पूछा कि आपको कहां जाना है तो मैंने उन्हें बताया कि मैं स्कूल में टीचर हूं और हमारी बस खराब हो गई है इसी वजह से मुझे लेट हो रही है।

वह कहने लगे कि मैं आपको आपके स्कूल छोड़ देता हूं। मैंने जब उनसे उनका नाम पूछा तो उनका नाम पुष्कर है और वह बैंक में मैनेजर है। उन्होंने मुझे स्कूल छोड़ दिया। वह मुझे स्कूल से छोड़ते हुए निकल गए यदि वह मुझे समय पर नहीं छोड़ते तो मुझे बहुत लेट हो जाती क्योंकि उस दिन स्कूल में पैरंट्स मीटिंग थी इसलिए सब बच्चे स्कूल में आए हुए थे और उनके माता-पिता भी स्कूल में आए हुए थे। मेरा हमेशा की तरह वही रूटीन चल रहा था और एक दिन मैं बैंक में चली गई। उस दिन मुझे अपने बैंक में अकाउंट खुलवाना था क्योंकि मेरा जो पुराना अकाउंट था वह मुझे बंद करवाना पड़ा इसीलिए मैं उसके सिलसिले में बैंक में चली गयी। जब मैं बैंक में गई तो मुझे वहां पर पुष्कर जी मिल गए और उन्होंने मुझे पहचान लिया, उन्होंने मुझे कहा कि आप मेरे कैबिन में बैठिये, उन्होंने मुझे अपने केबिन में बैठा दिया और मुझसे पूछने लगे कि आप यहां पर किस लिए आई है। मैंने उन्हें कहा कि मैं बैंक में अपना खाता खुलवाने आई हूं, तब तक आप मुझे मिल गए। उन्होंने मुझसे उसी वक्त एक फॉर्म भरवा लिया और मुझे कहा कि कुछ दिनों बाद आपके घर में पासबुक आ जाएगी। अब हम दोनो काफी देर तक बातें करते रहे और मुझे उनका बात करने का तरीका भी बहुत अच्छा लगा।

मैंने उनसे उनका नंबर ले लिया और अब मैं अपने घर वापस लौट आई। मैं हमेशा की तरह अपने घर से अपने स्कूल के लिए जाती थी। मुझे एक दिन पुष्कर जी मिल गए और उन्होंने उस दिन भी मुझे मेरे स्कूल छोड़ दिया। रास्ते में हम दोनों बात कर रहे थे कि आप कितने बजे स्कूल आती हैं, मैंने उन्हें अपने स्कूल की टाइमिंग बताई तो वो कहने लगे कि मेरा भी उसी वक्त अपने बैंक जाना होता है तो यदि आपको कोई दिक्कत ना हो तो आप मेरे साथ ही अपने स्कूल आ सकती हैं। मैंने उन्हें कहा ठीक है जब आप अपने घर से चले तो आप मुझे फोन कर दीजिएगा, मैं आपके साथ ही स्कूल आ जाया करूंगी। अब वह मुझे फोन कर देते थे और मैं उन्हें मिल जाती। हम दोनों साथ में ही जाते थे। एक दिन पुष्कर जी मुझसे पूछने लगे कि क्या आपने अभी तक शादी नहीं की, मैंने उन्हे बताया कि नहीं, मेरे घरवाले मेरे लिए कोई लड़का देख रहे हैं, वह कहने लगे कि आपने तो अभी तक शादी नहीं की लगता है आपने किसी को पसंद किया हुआ है। मैंने उन्हें कहा कि नहीं ऐसी कोई बात नहीं है जहां मेरे घरवाले मेरे लिए लड़का देखेंगे मैं वही शादी करूंगी। अब हम दोनों की बहुत बातें हुआ करती थी। मैं उनसे फोन में भी बात कर लेती थी और मुझे जब भी बैंक से संबंधित कोई काम होता तो मैं बैंक में चली जाती और उस वक्त मुझे पुष्कर जी मिल जाया करते थे। वह मेरा काम करवा देते थे और जब मैं बैंक में नहीं जा पाती तो मैं उन्हें फोन कर दिया करती थी। वह मेरी बहुत ही मदद करते थे। मुझे पुष्कर जी का नेचर बहुत ही पसंद था। मैंने एक दिन उनसे पूछा क्या आपकी शादी हो चुकी है वह कहने लगे कि मेरी शादी को काफी समय हो चुका है और मेरी पत्नी बनारस की ही हैं। मैंने एक दिन उनसे उनकी उम्र पूछ ली तो वह कहने लगे कि मेरी उम्र 30 वर्ष है। वह मुझे कहने लगे कि यदि आपको कोई दिक्कत ना हो तो आप मेरे घर आ सकती हैं, मैंने घर में एक छोटा सा प्रोग्राम रखा है।

मैंने उन्हें कहा ठीक है आप मुझे अपने घर का एड्रेस दे दीजिए मैं आपके घर पर आ जाऊंगी। जब उन्होंने मुझे एड्रेस दिया तो मैं उनके घर पर चली गई  उस दिन उन्होंने मेरी मुलाकात अपनी पत्नी से भी करवाई। उनकी पत्नी दिखने में बहुत ही सुंदर थी और व्यव्हार में भी वह बहुत अच्छी थी। उन्होंने जब अपनी पत्नी से मुझे मिलवाया तो मुझे उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई और वह भी मुझसे मिलकर बहुत खुश थी। मुझे ज्यादा शोर शराबा पसंद नहीं है इसलिए मैं अलग ही बैठी हुई थी और सब लोग डांस कर रहे थे। मुझे पुष्कर जी ने डांस करने के लिए कहा परंतु मैंने उन्हें कहा कि मुझे डांस करना बिल्कुल भी नहीं आता इसलिए मैं चुपचाप एक कोने में बैठ कर सब देख रही थी। उनके सारे रिश्तेदार और दोस्त सब इंजॉय कर रहे थे और पुष्कर जी और उनकी पत्नी भी जमकर डांस कर रहे थे। उन लोगों ने उस दिन बहुत एंजॉय किया और मुझे भी उनके साथ समय बिताना अच्छा लगा। मैंने उन्हें कहा कि मुझे अब लेट हो रही है मैं घर निकलती हूं, तो वह मुझे कहने लगे कि मैं आपको घर ड्रॉप कर देता हूं। मैंने उन्हें मना किया लेकिन वह कहने लगे रात बहुत हो चुकी है मैं आपको घर छोड़ देता हूं।

जब उस दिन वह मुझे ड्रॉप करने के लिए आ रहे थे तो पुष्कर जी  ने कुछ ज्यादा शराब पी थी और उन्होंने मेरी जांघ पर हाथ रख दिया। मैंने उन्हें कुछ भी नहीं कहा परंतु वह मेरी जांघ को बहुत जोर से दबाने लगे और मुझे भी अच्छा लगने लगा। मैंने भी उनके लंड को बड़ी जोर से दबा दिया अब हम दोनों ही एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार थे। जैसे ही मेरा घर आया तो मैंने पुष्कर जी को अपने घर पर बुला लिया और वह मेरे कमरे में चुपके से आ गए। मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और जब पुष्कर जी ने मेरे यौवन को देखा तो उनसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया और उन्होंने भी अपने मोटे लंड को निकालते हुए मेरे मुंह में डाल दिया। जैसे ही उनका लंड मेरे मुंह में गया तो मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा मैंने काफी देर तक उनके लंड को चूसा और उसके बाद उन्होंने भी मेरे स्तन का बहुत देर तक रसपान किया। उन्होंने मेरे स्तनों को इतना अच्छे से चूसा कि मेरा दूध भी निकलने लगा। उन्होंने मेरी चूत पर अपनी जीभ को टच किया तो मेरा पानी निकलने लगा काफी देर तक उन्होंने मेरी योनि को चाटा। उन्होंने मुझे मेरे बिस्तर पर लेटाते हुए मेरी योनि के अंदर अपना लंड डाल दिया जब उनका मोटा लंड मेरी चूत मे गया तो मुझे बड़ा आनंद आ रहा था। जिस प्रकार से उनका लंड मेरी योनि के अंदर बाहर हो रहा था मेरे अंदर से गर्मी भी बाहर निकल रही थी और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। उन्होंने मुझे बड़ी तेजी से झटके देने शुरू कर दिए और मुझे बहुत कस कर उन्होंने पकड़ा हुआ था मैं बिल्कुल भी हिल नहीं पा रही थी और वह मुझे बड़ी तेजी से चोदे जा रहे थे मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी। मै अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी और वह मुझे उतनी ही तीव्र गति से धक्के देते। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे बिस्तर से उठाते हुए डॉगी स्टाइल में बना दिया और जैसे ही उन्होंने अपने लंड को मेरी योनि में डाला तो मुझे बहुत दर्द महसूस होने लगा लेकिन उन्होंने मुझे इतनी तेज तक झटके मारे मेरी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। मैं पूरे मूड में आ चुकी थी मैं भी अपनी चूतडो को उनसे टकरा रही थी और वह भी अपने लंड को मेरी चूतडो से टकरा रहे थे लेकिन हम दोनों ही ज्यादा देर तक एक दूसरे की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाया और जैसे ही पुष्कर जी का माल गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ।