बहन की गांड

incest sex kahani, indian porn stories यह कहानी करीब 2 साल पहले की है। मेरी बहन स्कूल से घर आ गई थी, जब मैं घर गया तो वो उलटी होकर बिस्तर पर सोई हुई थी। मेरी मम्मी उस वक़्त हॉल में टीवी देख रही थी और मैं अपने कमरे में कपड़े बदलने लगा था कि तभी मेरी नज़र मेरी बहन की फूली हुई गांड पर पड़ी, मैं उसे देखता ही रह गया…
क्या बताऊँ… मुझसे रहा नहीं गया।
मैं अपनी बहन के पास गया और उसकी गांड सूंघने लगा। उसमें से क्या मस्त खुशबू आ रही थी, मुझसे तो रहा ही नहीं गया, मैंने अपनी बहन की कच्छी उतारी और उसकी गांड में अपनी नाक देकर सूंघने लगा।
फिर मुझे अचानक लगा कि ये सब गलत है और मैं बाहर आ गया।
मुझे उस पूरी रात नींद नहीं आई, मैं जागता रहा और अपने बारे में सोचता रहा कि मैंने कैसे गलती कर दी।
ऐसे ही 2-3 दिन बीत गए और मैं धीरे धीरे सारी बात भूल गया, काफी दिन यों ही गुज़र गए, 5-6 महीने बीत गए थे।

मेरी बहन एकदम मस्त सेक्सी शरीर की मालकिन है, उसके चूचे काफी उभरे हुए दीखते हैं और वो बिल्कुल गोरी है। उसका फिगर शायद 32-28-32 का होगा। मेरी बहन काफी मस्त सेक्सी चोदने के लिए तैयार माल है।

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मेरे लंड का साइज़ 6 इंच होगा, कभी नापा नहीं है और 2.5 इंच मोटा होगा। किसी भी लड़की के अंदर चला जाये तो चीख जरूर निकलवा देगा।

मेरी परीक्षा चालू हो गई थी, मैं अपनी बहन की पेंटी उतार कर उसकी गांड देखने सूंघने वाले पुराने हादसे को भूल चुका था,

उस वक़्त हमारे घर में जगराता हुआ था मेरी बहन और मेरा सारा परिवार जागा था लेकिन मैं 12 बजे के करीब जाकर सो गया और जब जागा तो देखा कि मेरी बहन मेरे बगल में सोई हुई थी। तब दिन के 10 बज गए थे, मम्मी छत पर कपड़े धो रही थी।

मैंने अपनी बहन को उठाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं उठी क्योंकि वो पूरी रात जागी थी इसीलिए गहरी नींद में थी। मैंने अपनी बहन को फिर से जगाया तो वो उलटी होकर सो गई।

अब उसकी गांड मेरे सामने आ गई, फिर मैंने उसको जगाने की कोशिश की तो वो नहीं जागी। अब मेरे मन में फिर से सेक्स जाग चुका था, मैंने बहन की टाईट पैंट के ऊपर से ही उसकी गांड छेद के पास अपना नाक रखा, उसकी खुशबू ने मुझे पागल कर दिया।

मैंने उसकी पैंट उतारी, तब उसकी नीली पेंटी के ऊपर से ही उसकी गांड सुंघनी शुरू कर दी। मेरी बहन की गांड बहुत खुशबूदार थी। फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी और उसके चूतड़ों के बीच में लंड डालने लगा और पूरा मजा लेने लगा।
और जब मेरा झड़ने वाला था तो मैं बाथरूम में जाकर झड़ गया।
फिर यह सिलसिला शुरू हो गया।
मैं अब अपनी बहन को सेड्यूस यानि उत्तेजित करने में लग गया, अब मैं उसके साथ जब भी खेलता तो उसकी चूची दबाता तो कभी उसकी गांड सूंघता।
जब भी मैं अपनी बहन से लड़ता तो उसकी गांड को अपने लंड से टच करके उसके चूचे पकड़ता।
अब तो ऐसा लगता था मानो मेरी बहन भी तैयार हो!

मैं एक दिन पेपर देकर घर आया तो मम्मी टीवी देख रही थी, मैंने कहा- मैं सोऊंगा, नींद आ रही है।
मम्मी ने कहा- सो जा… लेकिन कमरे में तेरी बहन भी सोई हुई है, उसे साइड कर दियो और सो जईओ।
तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं कमरे में गया, मेरी बहन सोई हुई थी, सबसे पहले जाकर अपनी बहन की गांड सूंघी। मेरी बहन सोने की एक्टिंग कर रही थी, मैंने लाइट बंद कर दी और फिर अपनी बहन की बुर टटोली, बुर में उंगली देने लगा।
क्या टाइट बुर थी मेरी बहन की।
फिर मैं लेट गया और उसे अपने ऊपर लिटा दिया, कुछ इस तरह कि उसकी बुर मेरे लंड पर और उसके होंट मेरे होंटों से मिल रहे थे। वो जानबूझ कर सोने की एक्टिंग कर रही थी।
फिर मैंने उसकी गांड दबाई और होंटों पर किस करने लगा। इतना मजा मुझे पहले कभी नहीं आया था।
मैंने अपनी बहन की पेंटी उतार दी और उसकी बुर में अपनी उंगली दे दी, दोस्तो बहुत कसी बुर थी। वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी अब मैं अपनी पैंट खोल ही रहा था कि मुझे मेरे दोस्त ने आवाज दे दी।

मैं बाहर गया कपड़े ठीक करके… वो मुझसे कहने लगा- मेरे घर चल के पढ़ाई करते हैं!
मैं उसे मना नहीं कर सकता था फिर मैं अपने दोस्त के साथ चला गया।

जब मैं घर आया तो मेरी बहन जाग चुकी थी, मैंने अपने आप को कोसा।
फिर कुछ दिन ऐसे ही बीत गए।

फिर कई दिन बीत गए और मैं अपनी बहन को नंगी करके नहीं चोद पाया था। अब तो हवस इस कदर सर पे चढ़ गई थी कि मैं रोज मुट्ठी मारा करता था मेरी बहन भी मेरे साथ ऐसी ही खेलने के बहाने मेरे लंड को कभी कभार छू दे थी।

एक दिन मैंने तय किया कि मैं अब अपनी बहन को नहीं चोदूँगा क्योंकि वो मेरी बहन है।
फिर ऐसे ही कई दिन निकल गए, कॉलेज में मेरी एक गर्लफ्रेंड भी बन गई थी, छुट्टी के समय में उसको सुनसान जगह पर ले जा कर कई बार मैंने उसके चूचे भी दबाये थे और बुर में उंगली भी दी थी।

अब मेरे मन में सेक्स फिर से भर चुका था, मैं जब भी अपनी बहन को देखता तो उसकी गांड के वजह से मेरा लंड खड़ा हो जाता। मैं अब फिर से अपनी बहन को चोदना चाहता था। इसलिए उसके नहाने के बाद बाथरूम में जाता और उसकी पेंटी सूंघता था।
क्या मस्त खुशबू आती थी… उसके सामने तो मेरी गर्लफ्रेंड भी कुछ नहीं थी। मैं अब उसे चोदना चाहता था।

अब हम दोनों बड़े हो गए थे, इसलिए हम दोनों अलग अलग कमरे में सोने लगे थे। फिर एक दिन मेरा दिल नहीं माना, मैं रात के 11 या 12 बजे के करीब अपनी बहन के कमरे में गया, देखा तो वो रजाई ओढ़ कर सोई हुई थी।

मैंने धीरे से रजाई में हाथ दिया तो मेरी बहन का पेट मैंने महसूस किया, वो बहुत मुलायम था, मैं उसे सहलाने लगा तो मेरी बहन ने हरकत की तो मैं घबरा गया और कमरे से बाहर आकर अपने कमरे में चला गया।

अब मुझमें थोड़ा सा डर बैठ गया था पर हवस के आगे कोई डर नहीं टिकता, मैं फिर से अपनी बहन के कमरे में गया तो देखा उसने रजाई हटा रखी है और उसने अपना शर्ट ऊपर कर रखा है।

मैंने अपनी बहन के पेट पे हाथ फेरा तो उसने कोई हरकत नहीं करी तो मैंने उसके स्तन दबा दिए। तो तब भी उसने कोई हरकत नहीं करी।
मैं समझ गया कि यह जागी हुई है और सोने का नाटक कर रही है।

मैंने उसकी टाइट पजामी उतारी, उसकी V shape वाली पेंटी को देख कर में पागल हो गया। वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी।
मैंने उसकी पेंटी को उतरने से पहले उसे किस किया और उसके चूचे जम कर दबाये। अब उसके मुँह से आअह निकल गया।

यह सुनते ही मैं खुश हो गया, मैं समझ गया कि मेरी बहन गर्म हो चुकी है, मैंने उसके कान में कहा- मेरी बहन, मैं जानता हूँ कि तू जाग रही है। अब उठ जा, दोनों मिल के चुदाई करेंगे!
उसकी तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया तो मैंने उसकी पेंटी उतार कर उसकी बुर में दांत गांड दिया जिससे वो मुझे हटाने लगी।
मैंने अपनी बहन का हाथ पकड़ा और उसके होंटों को चूसने लगा, वो भी गर्म हो चुकी थी इसीलिए उसने प्रतिरोध नहीं करा और फिर मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके चूचे चूसने लगा। वो भी हिल हिल कर अपने चूचे चुसवा रही थी।
अब हम दोनों 69 की पोजीशन में हुए और एक दूसरे का पानी चखा। फिर उसकी गांड मैंने अपने सामने करी और उसकी गांड खूब देर तक सूंघता रहा।
मैंने अपनी बहन को अब सीधा करा और अपने ऊपर बैठा कर लंड सीधा उसकी बुर पे टिकाया, मैंने घुसाने की खूब कोशिश करी पर वो बहुत टाइट थी।

अब मैंने अपनी बहन को लिटाया और उसके ऊपर आ गया और उसकी बुर में लंड सेट करा और अपनी बहन के होटों को कस कर अपने होंटों से दबा दिया ताकि वो चीख न पाये।
मैंने अपनी बहन की बुर पर एक जोरदार झटका लगाया तो एक पच से आवाज आई, मेरी बहन कराह उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ और चीखने की कोशिश करने लगी पर

मैंने अपनी बहन को चीखने नहीं दिया, फिर मेरा आधा लंड अभी भी बाहर था तो मैंने अपनी बहन को दिलासा देने के लिए बाहर से ही हिलाने लगा।

जैसे ही मेरी बहन भी मेरा साथ देने लगी तो मैंने एक और जोर का झटका दिया जिससे मेरी बहन पूरी तरह से हिल गई और रोने लगी मैंने उसके होंटों को नहीं छोड़ा, थोड़ी देर बाद सब शांत हो गया, अब दोनों मजा लेकर से सेक्स कर रहे थे।

उस रात हमने अलग अलग पोजीशन में 3 बार बुर चोदन किया।
फिर जब सुबह मेरी बहन उठी तो वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। मेरी मम्मी ने जब पूछा तो उसने कहा कि जब रात में बाथरूम गई थी तो पांव फिसल गया।
भी से मैं अपनी बहन की बुर चुदाई रोज करने लगा। अब तो यह मेरी आदत बन चुकी है। मैंने अपनी लाइफ में कई लड़कियाँ की बुर चुदाई की पर मेरी बहन की बुर जैसी बात किसी में नहीं।
और हाँ दोस्तो, आपको एक बात बताना तो मैं भूल ही गया, मैंने कभी भी अपना वीर्य अपनी बहन की बुर में नहीं छोड़ा, मुझे डर था कि ऐसा करने से मेरी बहन मेरे बच्चे की माँ बन सकती है इसीलिए मैं अब कंडोम का इस्तेमाल करता हूँ।