बदन तडप ऊठा मेरी जान का

Antarvasna, sex stories in hindi कुछ समय पहले ही मैंने अपनी नई कार खरीदी थी और उसी से मैं अपने दफ्तर की तरफ जा रहा था मैं जब अपने दफ्तर जा रहा था तो मेरे फोन पर मीनल का फोन आया मीनल मुझे कहने लगी मानस आजकल तुम कहां हो। मैंने उसे बताया कि मैं तो यही हूं क्यों क्या कोई जरूरी काम था मीनल मुझे कहने लगी हां यार जरूरी काम तो था तुमसे थोड़ा मदद चाहिए थी। मैंने उससे कहा ठीक है मैं आज शाम को तुम्हारे घर आता हूं तो मीनल कहने लगी ठीक है तुम शाम को हमारे घर पर आ जाना मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी। मैं मीनल के पास शाम के वक्त चला गया मीनल रिलेशन में मेरी बहन लगती है क्योंकि वह मेरे साथ ही पढ़ती थी इसलिए हम दोनों के बीच बहुत अच्छी दोस्ती भी है हम दोनों की दोस्ती कॉलेज से थी। पता नहीं की मीनल को ऐसा क्या काम पड़ गया कि उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया लेकिन मैं जब मीनल से मिला तो मैंने उससे कहा तुम क्या कर रही हो।

वह कहने लगी कुछ भी तो नहीं बस फिलहाल तो तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी मैंने मीनल से कहा लेकिन तुम मेरा इंतजार क्यों कर रही थी और आज तुमने मुझे क्यों बुलाया है क्या कोई जरूरी काम था। मीनल कहने लगी हां जरूरी काम था इसीलिए तो तुम्हें बुलाया है मैंने मीनल से कहा भला तुम्हें ऐसा क्या जरूर काम आन पड़ा। वह मेरी तरफ देखते हुए कहने लगी मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूं मैंने मीनल से कहा हां कहो ना तुम इतना क्यो शरमा रही हो। मीनल मुझे कहने लगी मैं शरमा कहां रही हूँ मैंने उससे कहा यदि तुम शरमा नहीं रही हो तो ऐसी क्या बात है जो तुम मुझसे कह ही नहीं पा रही हो। वह मुझे कहने लगी मुझे एक लड़के से प्यार हो गया है लेकिन पापा मम्मी को यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है मैंने उसे कहा क्या तुम उस लड़के को पसंद करती हो और क्या तुम उसे अच्छे से जानती हो। वह मुझे कहने लगी हां मैं निखिल को अच्छे से जानती हूं निखिल बहुत अच्छा लड़का है और वह बैंक में जॉब करता है मैंने मीनल से कहा तो फिर इसमें तुम्हारे घर वालों को क्या आपत्ति है। वह मुझे कहने लगी वहीं जाति का मसला है वह दूसरी जाति का है मैंने मीनल से कहा अरे यार रूढ़िवादी सोच ही है  मैंने मीनल से कहा तुम चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा मैं तुम्हारी मदद करूंगा। मीनल मुझे कहने लगी कि इसीलिए तो मैंने तुम्हें यहां बुलाया है मैंने मीनल से कहा तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो मैं सब कुछ ठीक कर दूंगा।

मीनल कहने लगी मुझे तुम पर पूरा भरोसा है और मैं चाहती हूं कि तुम इस बारे में पापा मम्मी से बात करो पापा मम्मी तुम्हें बहुत अच्छा मानते हैं और वह तुम्हारी बात को भी सम्मान देते हैं क्या तुम मेरे लिए इतना कर सकते हो। मैंने मीनल से कहा क्यों नहीं मैं जरूर इस बारे में उनसे बात करूंगा लेकिन अभी शायद इस बारे में बात करना ठीक नहीं रहेगा। वह कहने लगी हां तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो इस बारे में पापा मम्मी से अभी बात करना ठीक नहीं है मैंने मीनल से कहा थोड़ा समय रुक जाओ तो मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा मीनल कहने लगी हां तुम ऐसा ही करो। मेरे अंदर यह बात जानने की बड़ी उत्सुकता जाग उठी थी कि आखिरकार मीनल और निखिल कहां मिले। मैंने मीनल से पूछा तुम्हारी मुलाकात निखिल से कहां हुई। मीनल कहने लगी कि मेरी मुलाकात निखिल से पहली बार एक दोस्त के माध्यम से हुई और जब मेरी मुलाकात निखिल से हुई तो मैं अपना दिल निखिल को दे बैठी निखिल की बातों का ही असर था कि मैं निखिल से बेइंतहा प्यार करने लगी और अब हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं लेकिन पापा मम्मी की सोच की वजह से शायद हम दोनों एक ना हो सके। मैंने मीनल से कहा कि तुम बेवजह ही दिल छोटा कर रही हो तुम चिंता ना करो मैं सारी चीजों को ठीक कर दूंगा तुम वह सब मुझ पर छोड़ दो। मीनल इंडिपेंडेंस लड़की है लेकिन शायद वह अपने पापा मम्मी के आगे बेबस थी और उसके पास भी कोई रास्ता नहीं था उसकी उम्मीद मुझ पर ही टिकी हुई थी वह चाहती थी कि मैं ही उसके पापा मम्मी से बात करूं। इस बात को दो महीने हो चुके थे और दो महीने बाद हमारे रिलेशन में एक शादी थी उसमें मीनल के पापा मम्मी भी आने वाले थे और जब वह लोग आने वाले थे तो मैंने मीनल से कहा यह मौका बिल्कुल ठीक रहेगा आज उनसे इस बारे में बात कर देता हूं।

मैं मीनल की मम्मी के साथ बैठा हुआ था और मैंने इशारों इशारों में मिलन की मम्मी से यह बात कह दी कि मीनल निखिल को पसंद करती है परन्तु वह मेरी बात नहीं मान रहे थे लेकिन मैंने जब उनसे इस बारे में कहा कि मीनल और निखिल एक दूसरे को पसंद करते हैं तो वह कहने लगे कि बेटा देखो हम लोग किसी भी सूरत में निखिल से मीनल की शादी नहीं करवा सकते अब तुम ही मुझे बताओ क्या यह ठीक है। मैंने मीनल की मम्मी से कहा कि अब समय बदल चुका है और आप अब तक वही रूढ़िवादी सोच लेकर चलेंगे तो शायद इससे मीनल की जिंदगी भी बर्बाद हो सकती है। वह मेरी बात तो समझ चुकी थी लेकिन मीनल के पापा को समझा पाना बड़ा मुश्किल था मुझे लग रहा था कि मुझे मीनल के पापा से इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए थी लेकिन अब तो हमारी बात हो ही चुकी थी और शायद अब ना तो मेरे पास कोई जवाब था और ना हीं मीनल के पास कोई जवाब था। मैंने जब मीनल के पिता जी से बात की तो वह भड़क उठे और कहने लगे देखो बेटा मैं तुम्हें एक समझदार और अच्छा लड़का समझता था लेकिन तुमने यह बात करके बहुत ही गलत किया। उसके बाद उन्होंने मुझसे बात तक नहीं की और मुझे बड़ी मशक्कत करनी पड़ी आखिरकार मीनल के माता पिता मान चुके थे और उन लोगों ने निखिल के साथ मीनल की सगाई करवा दी।

मीनल बहुत ही ज्यादा खुश थी क्योंकि मीनल चाहती थी कि उसकी शादी निखिल के साथ हो जाए और ऐसा ही हुआ उन दोनों की शादी के दिन मेरी भी लव स्टोरी की शुरुआत हो गई। जब उन दोनों की शादी थी तो निखिल की रिश्ते में कोई बहन थी उसका नाम प्राची है जब प्राची से मैं पहली बार मिला तो उसकी नजरें जैसे मुझे देख रही थी और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। मुझे प्राची के साथ बात करना अच्छा लगा उसी दिन हम लोगों की दोस्ती भी हो गई मीनल और निखिल की शादी तो हो ही चुकी थी अब वह दोनों शादीशुदा बंधन में बन चुके थे लेकिन अब बारी मेरी और प्राची की थी। मैंने मीनल को इस बारे में बता दिया था और निखिल भी मेरा साथ देने को तैयार था मैंने प्राची से अपनी दिल की बात का इजहार किया तो वह भी मुझे मना नहीं कर पाई और हम दोनों के बीच में प्रेम प्रसंग चलने लगा। हम लोगों के बीच प्रेम प्रसंग चलते हुए करीब 3 महीने हो चुके थे लेकिन अभी हम लोगों के प्रेम का कोई भविष्य नहीं था। उसके बावजूद भी हम दोनों एक दूसरे से मिला करते थे मैं जब भी प्राची से मिलता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। उससे मिलकर मुझे ऐसा लगता जैसे मैं सिर्फ उसी के साथ समय बिताता रहूं लेकिन ऐसा संभव नहीं था आखिरकार कितने समय तक हम लोग एक दूसरे के साथ समय बिता पाते। प्राची को भी अब लगने लगा था कि हम दोनों के रिलेशन का कोई भी मतलब नहीं है इसलिए वह मुझसे बहुत कम ही मिलने लगी थी। मैंने प्राची को समझाने की कोशिश की लेकिन वह समझ नहीं रही थी और जब मैंने उसे मिलने की बात कही तो वह मुझसे मिलने के लिए आ गई।

जब वह मुझसे मिली तो मैंने प्राची से कहा कि तुम क्यों चिंता कर रही हो मैं तुम्हारे साथ हूं ना तो वह कहने लगी लेकिन जब हम दोनों के रिलेशन का कोई भविष्य ही नहीं है तो तुम ही बताओ भला कैसे मैं तुम्हारे साथ कोई रिश्ता रख सकती हूं। मैंने प्राची से कहा देखो प्राची ऐसा नहीं है यदि तुम्हें ऐसा लगता है तो तुम अपनी जगह बिल्कुल गलत हो। मैंने जब उसके पतले और नरम होठों को चूसा तो उसे बड़ा अच्छा लगा वह मेरी बाहों में आ चुकी थी। हम एक दूसरे की बाहों में थे मुझे प्राची के साथ किस करने में बड़ा मजा आ रहा था और मैं उसके साथ काफी देर तक अपने होंठों को टकराता रहा। मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया था और जब मैंने उसके स्तनों को दबाया तो मुझे भी अच्छा लगने लगा मैं उसके स्तनों को बड़े अच्छे से दबा रहा था जैसे ही मैंने प्राची की योनि में अपने लंड को घुसाया तो वह मुझे कहने लगी तुमने यह क्या कर दिया प्राची की योनि से खून निकल आया था लेकिन मुझे उससे कुछ लेना देना नहीं था। मैं तो सिर्फ प्राची को चोद रहा था और उसे चोदने में बड़ा मजा आता।

उसकी टाइट चूत के मैने बडे देर तक मजे लिए वह मेरी बाहों में आ चुकी थी और मुझे भी बड़ा अच्छा लगता। काफी देर तक मैंने उसे ऐसे ही धक्के मारे मेरे लंड का छिल कर बुरा हाल हो चुका था। वह मुझे कहने लगी तुमने यह क्या कर दिया मैंने उसे कहा कुछ भी तो नहीं किया बस तुम्हारी योनि से खून ही तो निकल रहा है लेकिन प्राची घबरा रही थी और कहने लगे तुमने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर गिरा दिया है यदि मुझे कुछ हो गया उसका जिम्मेदार कौन होगा। मैंने उसे कहा यदि तुम्हे कुछ हो जाएगा तो उसका जिम्मेदार मैं ही रहूंगा और मैं कभी तुम्हें छोड़कर जाने वाला नहीं हूं। प्राची ने मुझे अपने गले लगा लिया और कहने लगी मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं लेकिन मुझे फिलहाल कुछ समझ नहीं आ रहा। मैंने प्राची को कहा तुम इस बारे में सोचना छोड़ दो और प्राची ने भी वही किया उसने फिलहाल इस बारे में सोचना छोड़ दिया था। मैंने प्राची के साथ बड़े ही जबरदस्त तरीके से सेक्स संबंध बनाए और उसकी इच्छा को पूरा कर दिया अब भी हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनते रहते हैं।