बदन की गर्मी निकाल दी

Antarvasna, hindi sex kahani: मेरे और राधिका के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था राधिका से मैं आज से 5 महीने पहले मिला था। जब उस से मेरी मुलाकात हुई तो पहली नजर में देखते ही मैं उसे अपना दिल दे बैठा था और उसने भी मुझसे अपने प्यार का इजहार कर दिया और हम दोनों का प्यार अब आगे बढ़ने लगा था। हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे और ज्यादा से ज्यादा समय हम दोनों एक दूसरे के साथ बिताया करते जिससे कि मुझे और राधिका को बहुत ही अच्छा लगता। हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते तो हम काफी खुश होते। एक दिन राधिका ने मुझे कहा कि राजेश मैं जॉब करने के लिए बेंगलुरु जा रही हूं। मैंने राधिका को कहा कि तुम चंडीगढ़ में रहकर भी तो जॉब कर सकती हो तुम्हें बेंगलुरु जाने की क्या जरूरत है तो वह मुझे कहने लगी कि बेंगलुरु में ही मेरा फ्यूचर है और मैं अपने फ्यूचर को चंडीगढ़ में बर्बाद नहीं कर सकती। राधिका अपने फ्यूचर को लेकर बहुत ही ज्यादा सीरियस थी और वह अब बेंगलुरु जाना चाहती थी इसलिए वह बेंगलुरु चली गई। जब वह बेंगलूरु गई तो वह वहां पर जॉब करने लगी थी और उसे वहां पर रहते हुए 6 महीने हो चुके थे।

6 महीने बीतने के बाद भी वह घर नहीं आई थी मेरी और उसकी सिर्फ फोन पर ही बातें होती रहती थी। जब भी हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें करते तो हम दोनों की सही तरीके से बात हो नहीं पाती थी जैसे कि हम लोग पहले एक दूसरे से बातें किया करते थे। मुझे लगने लगा था अब राधिका मुझसे दूर जाने की कोशिश करने लगी है। मैंने राधिका को समझाने की कोशिश की और उससे मैं बातें करता तो मुझे भी अच्छा लगता लेकिन वह अब मुझसे दूर जा चुकी थी और कहीं ना कहीं अब हम दोनों के बीच ब्रेकअप होने की नौबत तक आ चुकी थी। मैंने राधिका को बहुत समझाया लेकिन वह मेरी बात नहीं मानी और हम दोनों का ब्रेकअप हो गया। मेरा दिल टूट चुका था और राधिका मेरी जिंदगी से दूर जा चुकी थी थोड़े ही समय बाद मुझे सुनने को मिला कि राधिका शादी करने जा रही है। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी जिस तरीके से राधिका ने मेरे साथ किया, उसकी उम्मीद मैंने कभी सपने में भी नहीं की थी लेकिन अब राधिका ने शादी करने का फैसला कर लिया था और उसकी शादी हो जाने के बाद वह मेरी जिंदगी से हमेशा के लिए दूर चली गई।

मैं इस बात को बर्दाश नहीं कर पा रहा था कि राधिका ने मेरे साथ में ऐसा क्यों किया लेकिन अब राधिका और मेरे बीच में ब्रेकअप हो चुका था और हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे। मेरी जिंदगी में काफी अकेलापन सा होने लगा था। पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं शादी कर लूं और वह मेरे लिए ना जाने कितनी ही लड़कियों के रिश्ते लेकर आने लगे लेकिन मैंने उन्हें साफ तौर पर मना कर दिया था कि मैं शादी नहीं करना चाहता हूं। मैं चंडीगढ़ में भी नहीं रहना चाहता था इसलिए मैं दिल्ली चला गया दिल्ली में मैंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करनी शुरू कर दी। मैं सब कुछ भूल कर अब आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था लेकिन जब भी मैं राधिका और अपने रिलेशन के बारे में सोचता तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे हम दोनों एक दूसरे से कभी अलग हुए ही नहीं थे। राधिका मेरी जिंदगी से जा चुकी थी और मेरी जिंदगी में अब राधिका के वापस आने की उम्मीद थी ही नहीं क्योंकि उसकी शादी हो चुकी थी। दिल्ली में जॉब करने के दौरान मेरी मुलाकात सुधा से हुई सुधा जो कि हमारे ऑफिस में ही जॉब करती है और वह बहुत ही अच्छी है। जब भी मैं और सुधा एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों एक दूसरे से अपनी बातों को शेयर किया करते। मैंने भी सुधा पर बहुत ज्यादा भरोसा किया और उसे मैंने अपने और राधिका के रिलेशन के बारे में बताया तो सुधा ने भी मुझे समझाया और कहने लगी कि देखो राजेश तुम यह सब भूल कर अब आगे बढ़ने की कोशिश करो।

मैं भी यह सब भूल कर अब आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था और उसमें मेरा साथ सुधा ने दिया। सुधा मेरा साथ ना देती तो शायद मैं और वह कभी भी एक दूसरे के साथ प्रेम संबंध में ना होते क्योंकि मेरे दिल में अब सुधा के लिए प्यार जागने लगा था और हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार भी करने लगे थे। समय के साथ साथ हम दोनों का प्यार और भी ज्यादा गहरा होता चला गया और हम दोनों एक दूसरे को अब काफी प्यार करने लगे थे। सुधा के अलावा मेरी जिंदगी में कोई भी ऐसा नहीं था जो कि मुझे समझ पाता। सुधा ने मुझे अच्छे से समझा और मेरी जिंदगी में पूरी तरीके से बदलाव आ गया। अगर सुधा और मैं साथ में नहीं होते तो शायद मेरी जिंदगी कभी बदल ही नहीं पाती लेकिन अब मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी थी और मैं बहुत ज्यादा खुश भी था कि सुधा और मेरी जिंदगी बदल चुकी है। मैंने अपनी फैमिली में सुधा के बारे में सबको बता दिया था वह लोग भी सुधा को स्वीकार कर चुके थे उन्हें भी सुधा से कोई एतराज नहीं था। उन्होंने मुझे कहा कि तुम और सुधा अब शादी कर लो मुझे भी लगने लगा था कि मुझे सुधा के साथ शादी कर लेनी चाहिए। मैंने जब एक दिन सुधा से इस बारे में बात की तो वह भी शादी के लिए तैयार हो चुकी थी और हम दोनों अब शादी करने के लिए तैयार थे। मैं चाहता था कि सुधा के साथ मैं जल्द से जल्द शादी कर लूं इसलिए हम दोनों ने दिल्ली में ही शादी कर ली। पापा और मम्मी भी दिल्ली आए हुए थे और फिर हम दोनों की शादी हो गयी उसके बाद हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे।

सुधा को अपनी पत्नी के रूप में पाकर मैं बहुत ज्यादा खुश था। हम दोनों की सुहागरात की पहली रात थी हम दोनों एक दूसरे के साथ बिस्तर पर लेटे हुए थे मैंने सुधा के हाथों को पकड़ा हुआ था और उसने मेरे हाथों को पकड़ा हुआ था लेकिन जब मैंने सुधा के होठों को चूसना शुरू किया तो वह पूरी तरीके से गरम होने लगी उसकी गर्मी बढ़ने लगी। वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही मैं अपने आपको रोक पा रहा था। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे मैं और सुधा एक दूसरे के होठों को बड़े ही अच्छे से चूम रहे थे। अब हम दोनों इतने गर्म हो गए कि मैंने जब सुधा के ब्लाउज को उतारकर उसके स्तनों को चूसना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मुझे बड़ा मजा आने लगा था। मैं उसके स्तनों को चूसकर अपने मुंह में ले रहा था वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो रही थी। वह मुझे बहुत बहुत ज्यादा गर्म कर रही थी इसलिए मैं बिल्कुल भी रह ना सका। मैंने सुधा से कहा तुम अपने कपड़ों को उतार लो। उसने अपने कपड़े उतार लिए अब वह मेरे लंड को अपने हाथों में ले कर हिला रही थी। उसके हाथों में मेरा लंड था मैं उसे कहने लगा तुम मेरे लंड को सकिंग करती रहो। वह मेरे लंड को बड़े ही अच्छे से चूस रही थी उसे बहुत ही मज़ा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को सकिंग कर रही थी। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे।

सुधा ने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था इसलिए मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक सका और मैंने सुधा को कहा मैं तुम्हारी योनि को चाटना चाहता हूं। मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया मैं जब उसकी योनि का रसपान कर रहा था तो मुझे मजा आने लगा था और उसे भी बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे जब मैंने सुधा कि योनि में अपने लंड को घुसाना चाहा तो वह बोले मैं झेल नहीं पाऊंगी। मैंने उसे कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है और मैंने एक ही झटके में उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया।

मेरा लंड उसकी योनि में जाते ही वह जोर से चिल्लाने लगी और मुझे बड़ा मजा आने लगा मैं उसे जिस तरीके से चोद रहा था उसको बहुत ही अच्छा लग रहा था और मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने माल को गिरा दिया था क्योंकि मैं ज्यादा देर तक उसकी चूत की गर्मी को झेल नहीं पाया मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया था और अब सुधा ने उसे अपने मुंह में ले लिया। मैंने जब सुधा से कहा तुम मेरे लंड को चूसती रहो।

वह मेरे लंड को चूस रही थी लेकिन मुझे एहसास होने लगा था वह बिल्कुल भी रह नहीं पाएगी। मैंने उसकी चूत की तरफ देखा उसकी योनि से खून निकल रहा था। मैंने सुधा से कहा मैं तुम्हारी चूत में अपने लंड को प्रवेश करवाना चाहता हूं। मैंने उसकी योनि में अपने लंड को प्रवेश करवा दिया था मेरा लंड उसकी योनि के अंदर जा चुका था। अब मैं उसे बड़ी तेजी से चोद रहा था। मुझे मजा आ रहा था जब मैं उसे धक्के मार रहा था तो मुझे मजा आने लगा और उसे भी बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह बहुत जोर से सिसकारियां ले रही थी उसकी योनि से खून निकल रहा था। मैंने कुछ की से अपने नीचे लेटा कर चोदा लेकिन जब मैंने उसकी चूतड़ों को अपनी और करके उसे धक्के देना शुरू किया।

मुझे मजा आने लगा था और उसके भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी। मैने उसे घोडी बनाया वह खुश हो चुकी थी। मेरा माल उसकी योनि में जा चुका था। सुधा को अपनी पत्नी के रूप मे पाकर मैं बहुत ही खुश हूं और वह भी बड़ी खुश है जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ में शारीरिक सुख का मजा लेते हैं। हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता और सुधा मेरी हर एक जरूरतों को हमेशा पूरा कर देती जिससे मैं उसके साथ रिलेशन में बहुत ही ज्यादा खुश हूं।