और दो बदन एक हो गए..

Antarvasna, sex stories in hindi: मैंने जिस कॉलेज में सोचा था उसी कॉलेज में मेरा एडमिशन हो गया और मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था कि जिस कॉलेज में मैं सोचा करता था उसी कॉलेज में मेरा एडमिशन हो गया। मैंने उस कॉलेज में दाखिला ले लिया था और जब कॉलेज का मेरा पहला दिन था तो उस दिन मैं अपनी क्लास में गया। उस दिन पहली बार जब मैंने नंदनी को देखा तो मुझे नंदनी को देखते ही प्यार हो गया और मुझे ऐसा लगने लगा कि जैसे मैं उसे प्यार करने लगा हूं। नंदनी और मैं एक दूसरे के साथ  बहुत ही ज्यादा खुश थे क्योंकि नंदनी और मैं अब एक दूसरे के दोस्त बन चुके थे हम दोनों की दोस्ती काफी अच्छी थी। जब हम लोगों का कॉलेज का पहला वर्ष खत्म हो गया तो नंदनी और मेरे बीच में प्यार भी होने लगा हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे थे और एक दूसरे के बिना हम लोग बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे।

मैं जब भी नंदनी के साथ होता तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगता और ऐसा लगता कि बस मैं नंदनी के साथ बस समय बिताता जाऊं। समय के साथ अब हम दोनों का कॉलेज भी पूरा हो गया था अब हम दोनों का कॉलेज पूरा हो जाने के बाद मेरी एक कंपनी में जॉब लग गई लेकिन नंदनी अभी जॉब नहीं कर रही थी। मेरी नंदनी से फोन पर बात होती रहती थी लेकिन मैं नंदनी से मिल नहीं पाता था काफी समय हो गया था जब मैं नंदनी को मिला भी नहीं था। मैंने एक दिन नंदनी को फोन किया मैंने जब उसे फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि हां शेखर कहो क्या काम था तो मैंने नंदनी को कहा कि मुझे आज तुमसे मिलना है इतने दिन हो गए हैं हम लोगों की मुलाकात भी तो नहीं हुई है। नंदनी ने मुझे कहा कि हां मैं तुमसे मिलने के लिए तैयार हूँ। हम दोनों ने मिलने का फैसला किया जब हम दोनों मिले तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था और नंदनी भी काफी ज्यादा खुश थी। मैंने नंदनी को कहा की हम लोग कितने दिनों बाद मिल रहे हैं नंदनी मुझे कहने लगी कि मुझे मालूम है और मैं तुम्हें बहुत ज्यादा मिस भी करती हूं।

मैंने नंदनी को कहा नंदनी मैं चाहता हूं कि हम दोनों एक दूसरे के परिवार वालों से बात करें, मैंने नंदनी को यह कहा तो नंदनी मुझे कहने लगी कि लेकिन शेखर किस लिए तो मैंने नंदनी को कहा मैं तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूं। नंदनी मुझे कहने लगी कि अभी मेरी शादी की उम्र नहीं हुई है और मैं अभी शादी नहीं करना चाहती हूं। मैंने यह फैसला नंदनी पर हीं छोड़ दिया था। नंदनी अभी शादी के लिए तैयार नहीं थी और वह शादी नहीं करना चाहती थी लेकिन मैंने भी अब सब उसके ऊपर ही छोड़ दिया था कि उसे क्या करना है। नंदनी और मैं एक दूसरे के साथ समय तो बिताते थे और एक दूसरे को मिला भी करते थे लेकिन नंदनी शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। नंदनी भी अब एक अच्छी कंपनी में जॉब करने लगी थी नंदनी की जॉब अच्छी कंपनी में लग चुकी थी और हम दोनों एक दूसरे से अब कम ही मिला करते थे लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि नंदनी मुझे अब धोखा देने वाली है। नंदिनी अब अपने ऑफिस में काम करने वाले किसी लड़के के साथ अफेयर में थी मुझे इस बारे में पता चला तो मैंने नंदनी से बात करने के बारे में सोचा।

मैंने जब उसे इस बारे में कहा तो नंदनी मुझे कहने लगी कि शेखर तुम मुझ पर शक कर रहे हो लेकिन ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं था मैं नंदनी पर शक नहीं कर रहा था बल्कि मुझे यह बात साफ पता थी कि नंदनी अपने ऑफिस में काम करने वाले उस लड़के के साथ रिलेशन में है। मैं पूरी तरीके से टूट चुका था और मैं बहुत ज्यादा दुखी था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था आखिर ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। मैंने नंदनी को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन उसे तो कोई फर्क ही नहीं पड़ता था। उसने मेरे साथ इतना बड़ा धोखा किया जिससे मैं बहुत ज्यादा दुखी हो गया था और फिर उसने मेरा साथ छोड़ दिया था। नंदनी अब मेरा साथ छोड़कर उसी लड़की के साथ रिलेशन में थी और उन लोगों ने शादी करने के बारे में भी सोच लिया था यह बात सुनकर मैं पूरी तरीके से टूट चुका था।

मैं जब भी अपने पुराने दिन याद करता तो मुझे बहुत ज्यादा बुरा लगता लेकिन समय के साथ अब मुझे आगे बढ़ना था और मैं अपनी पुरानी यादों को भूल कर आगे बढ़ चुका था। मुझे नहीं मालूम था कि मेरी जिंदगी में इतना बड़ा बदलाव आएगा, मेरी जिंदगी में जब लता आई तो लता के आने से मेरी जिंदगी में वापस वह खुशियां लौट आई थी। लता और मैं एक दूसरे को डेट करने लगे थे लता से मैं पहली बार एक पार्टी के दौरान मिला था। जब उससे मेरी मुलाकात उस पार्टी में हुई तो हम दोनों को एक दूसरे का साथ काफी अच्छा लगा और मैं लता को अपने बारे में सब कुछ बता चुका था। लता मेरे बारे में सब कुछ जान चुकी थी और वह मेरे साथ काफी ज्यादा खुश थी हम दोनों साथ में समय बताते तो हम दोनों को अच्छा लगता। लता को मेरे साथ समय बिताना बहुत ही अच्छा लगता था हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश थे। मैं अब नंदनी के बारे में भूल कर आगे बढ़ चुका था और मेरी जिंदगी मे लता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण थी क्योंकि लता के मेरी जिंदगी में आने से मेरी जिंदगी में सब कुछ सामान्य हो चुका था और मैं काफी ज्यादा खुश था।

लता के आने से मेरे जीवन में वही खुशियां दोबारा से लौट चुकी थी जो कि मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी। लता की वजह से ही मेरी जिंदगी में बदलाव आया हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते है। मैं काफी ज्यादा खुश था और लता भी मेरे साथ बहुत खुश थी। मैं चाहता था मैं लता के साथ शादी कर लूं। जब मैंने लता को इस बारे में कहा तो लता को भी कोई एतराज नहीं था और हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। हमारे परिवार वालों को भी हमारी शादी से कोई एतराज नहीं था और अब हम दोनों की शादी हो चुकी थी। अब हम दोनों की शादी हो गई। जब मेरे और लता की पहली सुहागरात थी तो मैं काफी खुश था और लता भी बहुत ज्यादा खुश थी। मेरे हाथों में लता का हाथ था मैं उसके होठों को चूमने लगा था मुझसे एक पल के लिए भी रहा नहीं जा रहा था और ना ही लता से रहा जा रहा था। मैंने लता को अपने नीचे लेटा दिया और लता के होठों को तब तक चूसता रहा जब तक वह पूरी तरीके से गरम नहीं हो गई।

अब वह इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी कि वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने लता से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है वह मुझे कहने लगी मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं जा रहा है। जैसे ही मैंने लता के सामने अपने लंड को किया तो लता ने उसे देखकर हिलाना शुरू कर दिया। वह मेरे लंड को हिलाना लगी थी उसे काफी ज्यादा मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। लता के अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी। मेरी गर्मी भी बहुत अधिक हो चुकी थी और हम दोनो एक पल के लिए भी रह नहीं पा रहे थे। मैने लता के स्तनों को चूसना शुरू कर दिया था। मै लता के स्तनो को तब तक चूसता रहा जब तक उसके अंदर की गर्मी बढ नहीं गई। अब लता के अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी और मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था। मैंने लता की चूत को चाटना शुरू किया और उसकी चूत को चाट कर मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था।

हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा लेना चाहते थे और अपनी सुहागरात को हम दोनों ही रंगीन बनाना चाहते थे इसलिए मैंने जब अपने लंड पर तेल लगाकर लता की चूत पर अपने लंड को लगाया तो मुझे गर्मी का एहसास होने लगा। लता की योनि से गर्मी बाहर निकलने लगी थी उसकी योनि से इतनी ज्यादा गर्मी निकल रही थी मैंने धीरे धीरे लता की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू कर दिया। मेरा लंड लता की योनि के अंदर तक चला गया यह पहली बार था जब मैं और लता एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे। मेरा लंड लता की चूत को चीरता हुआ अंदर जा चुका था। लता की योनि से खून बाहर की तरफ को निकालने लगा था और उसकी योनि से इतना अधिक खून निकलने लगा था कि मैं बिल्कुल भी रहा नहीं पा रहा था और मेरे अंदर से निकलती हुई गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैंने लता को कहा मेरे अंदर से निकलती हुई गर्मी काफी ज्यादा बढ़ने लगी है। वह मुझे कहने लगी मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा है तुम बस ऐसे ही मेरी चूत के मजे लेते रहो। मैं अपनी पूरी ताकत के साथ लता को धक्के दे रहा था।

जब मैं उसे धक्के मारता तो उसको काफी ज्यादा अच्छा लगता और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया है। मैंने लता को कहा तुम्हारी चूत बहुत ज्यादा टाइट महसूस हो रही है। वह कहने लगी तुम्हारा लंड भी कम मोटा नहीं है जब वह सिसकारियां ले रही थी और अपनी मादक आवाज से मेरी गर्मी को बढाती तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगता। मैंने लता को कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है वह मेरा साथ दे रही थी। जब वह ऐसा करती तो मुझे अच्छा लगता और मैं उसको तेजी से चोद रहा था। मेरा माल मेरे अंडकोष से बाहर की तरफ को आ चुका था जब मेरा माल लता की चूत के अंदर गिरा तो वह खुश हो गई। लता की चूत में मेरा वीर्य गिर चुका था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल तो लता की चूत से अभी भी मेरा वीर्य बाहर की तरफ को टपक रहा था। मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगा जिस प्रकार से मैंने और लता ने एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लिया। हम लोगों ने एक दूसरे के साथ जमकर संभोग का मजा लिया और हम दोनों ही काफी ज्यादा खुश थे।