आई हरियाली मेरी चूत में

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हैलो दोस्तों मेरा नाम अखिल है और मैं मध्य प्रदेश में बरेला नामक जगह में वास करता हूँ | बरेला एक गाँव है और यहाँ ज्यादातर लोग पुराने ख्यालों वाले और भूत प्रेत पे भरोसा करने वाले लोग है लेकिन अपन साइंस वाले लोग अपन नहीं मानते ये सब और अंधविश्वास तो अपन बिलकुल नहीं करते | वहां पर एक जगह है, जिसको वहां के लोग भूतिया बोलते थे लेकिन मैं खुद वहां गया हूँ वहां ऐसा कुछ नहीं था | ये कहानी है दो साल पहले की और वहां बाहर से एक लड़की आई थी मतलब उसकी पूरी फैमिली आई थी अपने घर | मैं आपको पूरी कहानी शुरू से बताता हूँ |

तो गर्मियों का समय था और मेरे घर से दो घर छोड़के धुर्वे लोग रहते है उनके यहाँ शहर से उनके रिश्तेदार आये थे | जब वो लोग आये थे तो मैं बाहर ही खड़ा था दो लड़कियाँ भी उनके साथ शायद उनके बेटी होंगी लेकिन जो भी थी दोनों मस्त एक नंबर आइटम थी | ज्यादा माल तो बड़ी वाली थी और थी भी वो बहुत ज्यादा चालू और अकड़ वाली लेकिन अपन भी कम कहा थे | हुआ कुछ ऐसा की अगले दिन जब मैं और मेरे दोस्त क्रिकेट खेल रहे थे और उनके घर में बॉल गई, तो मैं लेने के लिए गया | मैंने सोचा बॉल लेने जाऊंगा और जो लड़कियाँ आई है उनको भी ताड़ लूँगा | मैं अन्दर गया और देखा की बॉल उसके पैर के पास पड़ी है, मैं थोड़ी दूर खड़ा था इसलिए उससे कहा बॉल दे दीजिये प्लीज़ | उसने मुँह बनाकर कहा नौकर नहीं हूँ मैं तुम्हारी आओ और उठा ले जाओ | मैं भी चुपचाप गया और बॉल उठा के चला गया, जाते जाते उसने पीछे से इंग्लिश में कहा अनपढ़ लोग | मुझे बहुत बुरा लगा क्यूंकि एक तो मैं पढ़ा लिखा हूँ और ऊपर से पाने कॉलेज का टॉपर रहा, फिर मैं खून का घूंट पीकर वापस चला गया, ये सोच के कि मेरा भी मौका आएगा उस दिन देख लूँगा | तीन दिन हो चके थे और मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि उसकी कैसे लूं ? लेकिन कोई मौका मिल ही नहीं रहा था | मगर वो कहते है न कि ऊपर वाले के घर में देर है अँधेर नहीं |

एक दिन पहले गाँव में अफवाह उड़ रही थी कि सफ़ेद साड़ी में एक लड़की को देखा है रात को, मैंने सोचा भाई भूत जैसा तो कुछ होता नहीं है तो ये है कौन ? मैंने रात को सोया ही नहीं उसके बदले दिन में आराम कर लिया और रात को गश्त लगाके बैठा रहा | मैंने देखा रक लड़की साड़ी पहन के जा रही है हाँथ में मोमबत्ती लिए | मुझे एक पल के लिए अपनी सोच पे शक हुआ कहीं भूत सच में तो नहीं होते लेकिन फिर मैं गांड फटी में उसके पीछे देखा और जब मैं उसके तोधा पीछे गया तो मेरी नज़र उसके पैर पर पड़ी | उसने हाई हील वाले सेंडल पहन रखे थे तभी मेरे दिमाग में आया ये आजकल भूतों को भी फैशन सूझ रहा है क्या | मैंने थोड़ी देर तक उसका पीछा किया और जब मैंने उसका चेहरा देखा तो ये वही लड़की निकली जिसने मुझे अकड़ दिखाई थी वही धुर्वे | थोड़ी देर बाद वो घर चली गई और मैंने दिमाग दौड़ना शुरू कर दिया इसको फसाया कैसे जाये ? थोडा समय लगा लेकिन मैंने प्लान बना लिया और अपने दोस्तों को पूरी बात बताई और उनको जो करना था वो भी समझा दिया लेकिन जो मैं करने वाला था वो नहीं समझाया | अगले दिन फिर वो निकली और जब वो घर से गई तो मैंने देखा उसका छोटी भाई और बहन भी उसके साथ थे मतलब वो दोनों भी मिले थे इसमें लेकिन मुझे तो बड़ी वाली से मतलब था |

वहां पर एक खंडहर था जहाँ वो जाती थी और घूमती थी तो मैंने भी अपने दोस्तों के साथ उसके पीछे पीछे वहां पहुँच गया | मैंने अपने दोस्तों से कहा तुम दोनों पहले जाके ऊसके भाई बहन को अलग करो  और मेरे दोस्त कुछ करके उनको लेकर चले गए | वहां पे तीन लड़के थे तो मैंने कहा जब मैं कहूँ तो चिल्लाना कि आज उस भूतनी को मार कर ही दम लेंगे और एक लड़की में आग भी लगा लेना | मैं अन्दर गया और जैसे ही वो मेरे सामने आई तो उसने मुझे डराने की कोशिश की लेकिन मैं डरा नहीं और उससे कहा जानता हूँ तुम कुछ नहीं हो | फिर उसने मुँह खोला और मैंने देखा की उसके दांत बड़े बड़े थे, एक पल के लिए मेरी गांड फट गई लेकिन मुझे याद आया कि ऐसी चीज़ें मिलती है मार्केट, तो मैंने कहा निकली दांतों से मैं डरने वाला नहीं हूँ | फिर मैंने अपना मोबाइल निकाला और दोस्तों को मिस कॉल मार दी और उन्होंने ने चिल्लाना शुरू कर दिया | उसने बाहर देखा और वो डर गई तो मैंने कहा सिर्फ मैं ही तुम्हें बचा सकता हूँ | उसने कहा प्लीज़ मुझे बचा लो, तो मैंने कहा बचा लूँगा लेकिन मुझे क्या मिलेगा ? तो उसने कहा मेरे पास पैसे है मैं तुम्हें दे दूंगी | मैंने कहा नहीं पैसे नहीं चाहिए, तो उसने पूछा फिर क्या चाहिए ? तो मैंने कहा मज़ा और तुम समझ रही हो मैं क्या बोल रहा हूँ | वो सोचने लगी तो मैंने मैंने कहा जल्दी करो वरना अगर वो लोग अन्दर आ गए तो मैं कुछ नहीं कर पाउँगा | उसने कहा ठीक है और फिर मैंने दोस्त को मैसेज किया 15 मिनिट रुको आता हूँ मैं | पहले उसने अपना अपना सफ़ेद कपड़ा उतारा और खड़ी हो गई, तो मैंने उसके पास गया और उसका टॉप उठा दिया और उसकी ब्रा भी ऊपर कर दी और उसके दूध चूसने लग गया |

मैं उसके दूध दबा दबा कर चूस रहा था और चुपचाप खड़ी थी | वहाँ अँधेरा था लेकिन चाँद की रौशनी में ठीक ठीक दिख रहा था | उसके दूध ज्यादा बड़ी तो नहीं थे लेकिन एक दम सफ़ेद थे | मैं बड़े मज़े से उसके दूध चूस रहा था और निप्पल को पकड़ के खींच रहा था तभी उसने कहा जल्दी करो मुझे डर लग रहा है | मैंने कहा तुम क्यों डर रही हो लोग तुमसे डरते है और इतना बोलकर अपनी पैंट उतारने लगा और लंड बाहर निकाल दिया | फिर वो जल्दी से नीचे बैठी और लंड चूसने लगी और मैं ध्यान दिए रहा कहीं कोई आ न जाये | वैसे मैंने दोस्तों को कहा था कि जब तक मैं न बोलूं तब तक अन्दर मत आना | फिर वो हिला हिला के मेरा लंड चूसती रही और मैं आराम से खड़े होकर मज़े लेता रहा | फिर मैंने उससे कहा बस कर अब चूसकर ही झडवा देगी क्या और उसे खड़ा कर दिया और उसकी जीन्स उतारने लगा | मैंने उसकी जीन्स खोली और नीचे तक उतार दी और उसकी पैंटी भी लेकिन पूरी नहीं उतारी | फिर मैंने उसको झुकने को कहा और सामने एक टूटी दीवाल पे उसने हाँथ रखे और झुककर खड़ी हो गई | मैंने उसकी चूत को थोडा रगड़ा और जब वो थोड़ी गीली हो गई तो मैंने अपने लंड पे थूक लगाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया | फिर मैं धीरे धीरे आगे पीछे करके उसको चोदने लगा और वो बहुत धीरे धीरे सिसकियाँ लेने लगी अहह अहह हहह ह्ह्ह हाह्ह्ह अहहह अहह अह्ह्ह यहह य्ह्ह्ह यययय अह्ह्ह्ह अहह उम्म्हह्ह उम्ह्ह अह्ह्ह अहह |

मैंने उसी तरह उसको थोड़ी देर तक चोदता रहा और फिर मैंने उसकी गांड के छेद पर लंड रखा और उसकी गांड के छेद में दबाने लगा | जैसे ही मैंने ऐसा किया तो वो उठकर खड़ी हो गई और कहा नहीं वहां नहीं, तो मैंने कहा देखो ज्यादा समय नहीं है और तुम्हें बचना है तो मैं जो कर रहा हूँ वो मुझे करने दो | फिर वो वैसे ही झुककर खड़ी हो गई और मैंने उसकी गांड के छेद में थोडा सा थूक लगाया और उसमें लंड डाल दिया | फिर मैंने थोड़ी देर तक उसकी गांड मारी और वो अह्ह्ह ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ह्ह्ह अह्ह्ह आआअ आआअ अह्ह्ह अह्ह्ह आआ हहह अह्ह करती रही | फिर मेरा झड़ने को हुआ तो मैंने उसकी गांड की नाली में ही माल छोड़ दिया और फिर जैसे ही मैंने लंड बाहर निकाला, तो उसने जल्दी से अपनी जीन्स पहन ली और कपडे ठीक कर लिए | फिर मैंने कहा चलो और उसको दूसरे रास्ते से ले गया और आगे छोड़ आया और कहा यहाँ से चली जाओ | फिर मैं वापस गया और उसी रास्ते से अन्दर चला गया और बाहर गया तो वहां एक दो लोग और थे और उसके बहन भाई भी खड़े थे | मैं उनके पास गया और धीरे से कहा तुम्हारी बहन घर चली गई है जाओ और फिर लोगों से कहा कुछ था वहां मैंने सब जगह देखा | फिर मैंने अगले दिन अपने दोस्तों को पूरी बात बताई और वो कहने लगे कि भाई हमें बता देते तो हम भी मज़ा कर लेते |