आओ मैडम खेलते हैं

desi chudai ki kahani, antarvasna sex stories

मैं कोलकाता का रहने वाला एक 56 वर्ष का व्यक्ति हूं। मेरी शादी को काफी साल हो चुके हैं। मेरी पत्नी का मेरे से तलाक हो चुका है और मैं अकेले ही रहता हूं। मेरे बच्चे भी मेरी बीवी के साथ रहते हैं। वह भी मुझसे कभी कभी मिलने आ जाते हैं। जब उन्हें समय मिलता है नहीं तो वह कम ही आते हैं। मैं भी अपने काम में व्यस्त रहता हूं। मैं कभी कबार घूमने निकल जाता हूं लेकिन मुझे सेक्स की बड़ी कमी महसूस होती है। मैं ऐसे ही बिना सेक्स के अपना जीवन काट रहा हूं। किंतु इस बार क्या हुआ मेरे घर के बगल वाले घर में एक लेडीस रहने आई। जिसके बच्चे हैं लेकिन उसके पति नहीं है। मैं भी उसको हमेशा देखा करता था। उसकी उम्र तकरीबन 45 की होगी। वह सुबह घूमने निकलती तो मैं भी उसे देखता। क्योंकि सुबह मैं भी मॉर्निंग वॉक पर निकला करता था। ऐसे ही वह मुझे कभी शाम के टाइम मार्केट में दिख जाती। मैं तो घर में अकेला ही था इस वजह से मुझे कोई भी दिक्कत होती नहीं थी ना तो घर में मेरा कोई इंतजार करता था और ना ही मुझे कहीं जाना होता था। इसलिए मैं अपनी नौकरी से आता था और आराम से घर में खाना बनाकर कुछ देर टी वी  देख कर सो जाता था। मेरी जीवन ऐसे ही चल रहा था। लेकिन वह औरत मुझे काफी पसंद थी।

एक बार मैं बाजार घूमने के लिए निकला था। वह मुझे रास्ते में दिख गई और उसने मुझसे पूछ ही लिया क्या आप हमारे पड़ोस में रहते हैं। मैंने कहा हां मैं आपके पड़ोस में ही रहता हूं। तो फिर वह मुझे पूछने लगी तुम्हारे बच्चे पत्नी कहां रहती है। मैंने उसे बताया मेरा तलाक हो चुका है। मैं अब अकेले ही रहता हूं और मैं नौकरी जाता हूं। उसके बाद शाम को अपने घर पर लौट आता हूं यही मेरी दिनचर्या है। उसके बाद मैंने उसे भी पूछा वह भी कहने लगी मेरे पति का देहांत हो चुका है। मैं अपने बच्चों के साथ ही रहती हूं और मैं भी अकेली हूं। यह सुनकर मैं भी बहुत खुश हो गया। फिर वह मुझे रोज मिलने लगी। हम लोगों में बातचीत बढ़ने लगी अब हम दोनों काफी बातें करने लगे थे। उसको भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा था। इस वजह से वह भी शाम को उसी टाइम वहां आ जाती थी। जहां पर मैं अपने काम से वापस आता था। तो वह मुझे वहीं पर मिल जाती थी। उसके बाद हम लोग काफी बातें करते और अब बातें काफी आगे बढ़ चुकी थी। मैं हमेशा यही देखता रहता था कि वह वहां पर आई या नहीं लेकिन वह हमेशा मुझे वहीं पर मिल जाती थी। मैं भी काफी खुश हो जाता था उसे देखकर कभी कबार हम लोग वहां पर पानी पुरी खा लिया करते थे। क्योंकि वहां पर एक पानी पुरी वाला अपनी रेडी लगाता है। वह बहुत अच्छी पानीपुरी बनाता है। तो हम लोग वहीं पर पानी पुरी खा लिया करते थे।

ऐसे ही मेरी जीवन चल रहा था मेरा बर्थडे नजदीक आने वाला था। मेरा तो कोई था नहीं जिसको मैं बोलता कि मैं अपना बर्थडे सेलिब्रेट करूं। तो यह बात मैंने उसे बताइ और वह कहने लगी ठीक है। इस बार हम तुम्हारा बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे। उसने मेरे बर्थडे की पूरी तैयारी करी और हम लोगों ने बर्थडे सेलिब्रेट करा। मैं काफी खुश हो गया देख कर कि चलो कोई तो है जो मेरी परवाह करता है। नहीं तो मेरी पत्नी हमेशा ही मुझे ताने देती रहती थी कि तुम कुछ करते नहीं हो इसी वजह से हम दोनों का हमेशा झगड़ा रहते था।  वह मुझे छोड़ कर चली गई। पहले तो मुझे तकलीफ हुई। अब अकेले रहने की आदत सी पड़ गई है। अब अकेले भी रह लेता हूं मुझे कोई दिक्कत नहीं होती। अकेले रहने में यही वजह है कि मैं ऐसे ही अपने जिंदगी काटता जा रहा हूं। लेकिन मुझे अब लगने लगा था कि मुझे भी किसी का साथ चाहिए। मैं काफी अकेला सा हो गया था। यह मेरे लिए काफी दुख की बात थी कि मुझे अब अकेलापन महसूस होने लगा था इस वजह से मैं उस औरत की तरफ आकर्षित होता चला गया। जो मेरे पड़ोस में रहती थी। उसका नाम नीलम है। अब हम लोगों में काफी बातें होने लगी थी। तो हम लोग सुबह एक साथ मॉर्निंग वॉक पर जाया करते थे। हम लोगों की बॉन्डिंग काफी अच्छी बन गई थी।

एक दिन नीलम ने उससे पूछा क्या तुम कभी सेक्स के बारे में नहीं सोचते। मैंने उसे कहा मेरी उम्र भी हो चुकी है। वैसे भी अब मैं किसके साथ सेक्स करूं। अब तो खडा भी नही होता। अब अकेले रहने की आदत पड़ गई है। ऐसा कहते-कहते नीलम ने मुझे कहा क्या मैं तुम्हारे घर पर आ सकती हूं। मैंने उसे कहा हां  आ सकती तुम मेरे घर पर तुम आ जाना मेरे घर पर अब वह शाम को मेरे घर पर आ जाया करती और मेरे लिए वह हमेशा खाना बनाकर रख देती। जैसे ही मैं ऑफिस से आता और वह खाना खाकर सो जाता। मुझे भी नीलम का साथ काफी अच्छा लगने लगा था।

अगली सुबह मैंने नीलम को कहा कि मेरा भी मन होता है यार सेक्स करने का लेकिन मैं क्या करूं परेशान हो गया हूं। मुझे कहीं से कुछ नहीं हो पाता वह कहने लगी ठीक है मैं तुम्हारे घर आती हूं इस मामले में उस टाइम बात करेंगे।

अब वह अगले दिन मेरे घर आ गई क्योंकि अगले दिन मेरी छुट्टी थी। तो वह मेरे घर आ गई। हम लोग आराम से बैठे रहे काफी बातचीत करते रहे। मैंने उस दिन खाना बनाकर रखा हुआ था। वह भी खुश हो गई और कहने लगी तुम तो खाना भी बड़ा अच्छा बनाते हो। मैंने कहा हां बस आदत सी हो गई है। अकेले रहते हुए खाना बनाने की अब वो कहने लगी कि कल तुम सेक्स के बारे में बात कर रहे थे। अब हम दोनों सेक्स की बात करने लगे और बात करते-करते ना जाने कब हम दोनों ने एक दूसरे के इतने करीब आ गए मालूम ही नहीं पड़ा। जैसे ही वह मेरे करीब आई मैंने उसे पकड़ कर चूमना शुरू कर दिया और चूमते चूमते मैं उसके बालों को सहलाने लगा। अब वह भी काफी आनंदित हो उठी और मुझे कहने लगी यह क्या कर रहे हो मैंने कहा बस ऐसे ही मेरा बड़ा मन था। तो मैं तुम्हारे साथ कोशिश कर रहा हूं प्यार करने की उसने मुझे कुछ भी नहीं बोला। उसके बाद मैंने उसके होठों को अपने होठों मे लेते हुए किस करना शुरु कर दिया। जैसे मैं उसका होठों को अपने होठों में लेता तो मुझे काफी मजा आ रहा था। मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी और मुझे काफी आनंद आ रहा था। अब मैंने उसके स्तनों को पकड़ना शुरू किया जैसे ही मैं उसके स्तन को दबाता वह बड़े हो जाते। उसके स्तन काफी बड़े थे मैंने भी उसके स्तनों को अपने दांतों से काटना शुरु कर दिया। अब मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसको नंगा कर दिया। मैंने देखा उसमें अभी भी जवानी बची हुई है। मेरा काफी समय बाद ऐसा हुआ था कि सेक्स करने का मौका मिला हो।

मैंने भी बिल्कुल नहीं छोड़ा मैंने नीलम की चूत में उंगली डाली और उसे काफी देर तक अंदर-बाहर करता रहा। उसकी सिसकियां निकल रही थी। उसे भी काफी अच्छा लग रहा था। मैंने भी उसे लेटा कर अपने लंड को उसकी योनि में डाल दिया। बहुत तेज तेज शॉट मारने लगा। वह मुझे कहने लगी अभी तुममे जवानी बची हुई है। मैंने कहा मुझसे ज्यादा जवानी तुम्हारे अंदर है। यह कहते-कहते हम दोनों ने एक दूसरे को कसकर पकड़ लिया। मैं उसके स्तनों को काटने लगा। वह भी काफी मस्त हो गई थी। मेरा काफी जल्दी झड़ गया। अब मैंने नीलम को कहा यार मुझे गांड मारने में बहुत मजा आता है। नीलम ने एकदम से अपनी गांड मेरी तरफ कर ली। मैंने भी अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी गांड को पहले तो अच्छा से चाटा। वह कहने लगी मुझे भी मजा आ रहा है।

मैंने चाटते चाटते उसके छेद के अंदर भी अपना मुंह डाल लिया। अब मैंने अपने लंड को उसकी गांड के छेद में प्रवेश करवाया। उसकी बड़ी बड़ी चुतड़ मेरे लंड से टकरा रही थी। वह बहुत चिल्ला रही थी। मैं भी ऐसे ही काफी देर तक अंदर-बाहर करता रहा। कभी उसको थोड़ा झुकाता और उसकी बड़ी-बड़ी चूतड़ों को धक्का देकर उसे आगे की तरफ कर देता फिर दोबारा मैं ऐसा करता। अब वह अपनी चूतडो को भी मेरी तरफ धक्का दे रही थी। तो मुझे एहसास होने लगा इसको भी मजा आ रहा है। ऐसा करते-करते मेरा वीर्य निकल गया। मैंने उसकी गांड में माल डाल दिया। वह काफी खुश हुई वह भी कहने लगी मैं भी अकेली हूं और तुम भी अकेले हो हम दोनों एक दूसरे के साथ अब इसी तरीके से रहेंगे। तब से वह मेरे साथ मेरी बीवी की तरह ही रहती है। मैं अब हमेशा उसकी गांड मारता हूं। उसको काफी मजा आता है। यह सब करवाने में अब मैं काफी खुश रहने लगा हूं।