आज मुझे चोदकर अपना बना लो

Antarvasna, sex stories in hindi: मेरे कॉलेज का पहला दिन था मैं  जिस स्कूल में पढ़ता था उस स्कूल में अधिकतर लड़के ही पढ़ते थे और मैं एक छोटे शहर का रहने वाला हूं लेकिन पापा का ट्रांसफर हो जाने के बाद हम लोग चंडीगढ़ चले आए। जब मैं चंडीगढ़ आया तो मेरे लिए सब कुछ अलग था मैंने चंडीगढ़ के कॉलेज में एडमिशन ले लिया और मेरे लिए वहां पर हर चीज करना थोड़ा मुश्किल था लेकिन फिर भी मैंने कॉलेज में एडजस्ट करने की कोशिश की। कॉलेज में मेरी दोस्ती सुमित से हुई जब सुमित से मेरी दोस्ती हुई तो सुमित के साथ मुझे बहुत अच्छा लगता। कॉलेज के अभी कुछ दिन ही बीते थे और एक दिन मैं अपनी क्लास के बाहर खड़ा था तो मैंने देखा एक लड़की आगे से आ रही है मैं तो उसकी तरफ देखता ही रह गया उसके बाल खुले थे और वह बहुत ज्यादा सुंदर थी। जब वह हमारी क्लास में गई तो थोड़ी देर बाद वह क्लास के बाहर आई मैं क्लास के बाहर ही खड़ा था उसने मुझसे पूछा यह क्या तुम भी इसी क्लास में पढ़ते हो? मैंने उसे कहा हां। उसने मुझसे हाथ मिलाते हुए अपना नाम बताया और कहने लगी मेरा नाम काजल है मैंने भी उसे अपना परिचय दिया और मैंने उसे कहा मेरा नाम रोशन है।

मुझे नहीं पता था कि उसके पिताजी एक बड़े बिजनेसमैन है लेकिन पहली बार काजल से हाथ मिला कर मुझे अच्छा लगा और उससे बात करना भी मुझे अच्छा लगा उस दिन के बाद से तो काजल और मेरी बात होने लगी थी। मैंने सुमित से एक दिन काजल के बारे में कहा मैंने उससे कहा कि मैं काजल को प्यार करने लगा हूं तो सुमित मुझे कहने लगा लेकिन रोहन तुम्हें पता है काजल के पिताजी कितने बड़े बिजनेसमैन हैं और क्या काजल तुम्हें पसंद करती है। मैंने सुमित से कहा यह बात तो मुझे नहीं पता कि काजल मुझे पसंद करती है या नहीं लेकिन मैं तो काजल को प्यार करता हूं और मैंने उसे जब पहली बार देखा था तो पहली बार में ही मैंने उसे अपना दिल दे दिया था। यह बात सिर्फ सुमित और मुझे ही पता थी लेकिन मुझे इस बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था कि काजल का रिलेशन एक लड़के के साथ पहले से ही था और वह दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे। मैं इस बात से अनजान था लेकिन जब मैंने काजल को उस लड़के के साथ देखा तो काजल ने मुझे उस लड़के से मिलवाया।

मुझ में और उस लड़के में जमीन आसमान का अंतर था मैं ना तो उसके जैसा था और ना ही मैं घर से इतना संपन्न हूं मेरे पिताजी एक क्लर्क की नौकरी करते हैं और हम लोग मध्यम परिवार से आते हैं इसलिए मैंने काजल का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया। मुझे लगा कि काजल को मुझे भूल जाना चाहिए इसलिए मैं काजल से दूरी बनाने की कोशिश करने लगा लेकिन काजल को यह बात बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी। एक दिन उसने मुझसे कहा कि रोहन मैं देख रही हूं कि कुछ दिनों से तुम मुझ से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हो मैंने काजल से कहा काजल ऐसी तो कोई भी बात नहीं है तुम्हें मालूम है कि कुछ दिन बाद एग्जाम आने वाले हैं और मैं अपनी पढ़ाई कर रहा हूं इस वजह से तुम से बात नहीं हो पाती। काजल मुझे कहने लगी रोहन मुझे मालूम है कि कुछ और बात है जो तुम मुझसे छुपा रहे हो मैंने काजल को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया और मैंने सुमित को भी मना कर दिया था कि तुम काजल से कभी भी इस बारे में कुछ मत कहना। सुमित ने भी काजल से कभी इस बारे में कुछ नहीं कहा हम लोगों ने अब अपने एग्जाम दे दिए थे और कुछ समय बाद रिजल्ट आने वाला था रिजल्ट जब आया तो मैं पास हो चुका था। कुछ दिनों के लिए हम लोग अपने गांव जाने वाले थे पापा ने मुझे कहा कि रोहन बेटा हम लोग कुछ दिनों के लिए अपने गांव जाने वाले हैं मैंने पापा से कहा ठीक है पापा। उस दिन मेरी मां मेरे कपड़े भी पैक कर रही थी तो मैंने मां से कहा मां मैं आपकी मदद कर देता हूं मां मुझे कहने लगी कि नहीं रोहन बेटा तुम रहने दो। मेरी मां मुझे कहने लगी बेटा अब तो तुम पास हो चुके हो और कुछ दिनों के लिए हम लोग गांव भी जा रहे हैं मैंने मां से कहा हां मां मेरे इस बार अच्छे नंबर आए हैं लेकिन मुझे और मेहनत करने की जरूरत है। मां कहने लगी हां रोहन बेटा तुम अपनी पढ़ाई में पूरा ध्यान दो ताकि तुम एक बड़े अफसर बन सको। मां का हमेशा से ही यही सपना था कि मैं पढ़ लिख कर एक बड़ा आदमी बन सकूं इसलिए वह हमेशा ही मुझे इस बात को लेकर कहती रहती थी मैं भी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देता था।

अब हम लोग कुछ दिनों के लिए गांव चले गए और गांव में ही कुछ दिनों तक रहने के दौरान मैं यह सोचता रहा कि काफी दिनों से मेरी काजल से बात नहीं हुई है उसी वक्त मुझे सुमित का फोन आया और सुमित मुझे कहने लगा कि रोहन काजल तुमसे बात करना चाह रही थी लेकिन उसके पास तुम्हारा नया नंबर नहीं है। मैंने अपना नंबर भी बदल दिया था मैंने सुमित को कहा सुमित तुम काजल को मेरा नंबर मत देना सुमित ने कहा ठीक है मैं काजल को तुम्हारा नंबर नहीं दूंगा। उसके बाद जब मैं चंडीगढ़ वापस लौट आया तो मैं अपने कॉलेज जाने लगा और काजल जब उस दिन मुझे मिली तो वह मुझे कहने लगी कि रोहन मैं देख रही हूं कि तुम मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं कर रहे हो। मैंने उस वक्त काजल को कहा देखो काजल तुम में और मुझ में बहुत ज्यादा अंतर है तुम एक बड़े घराने की लड़की हो और मेरे पापा स्कूल में एक क्लर्क है और मुझे नहीं लगता कि हम दोनों दोस्ती कर सकते हैं। वह कहने लगी रोहन इसमें भला हमारी दोस्ती से क्या लेना देना मैंने काजल को कहा काजल मुझे तुमसे बात नहीं करनी है काजल मुझे कहने लगी ठीक है तुम्हें यदि मुझसे बात नहीं करनी तो तुम मुझसे बात मत करो। काजल गुस्से में चली गई और उसके बाद उसने मुझसे काफी समय तक बात नहीं की।

काफी समय तक हम दोनों की कोई भी बात नहीं हुई लेकिन जब काजल और मैंने बात करनी शुरू की तो काजल ने मुझसे इस बारे में पूछा कि रोहन क्या तुम मुझसे प्यार करते हो? मैंने काजल को कहा नहीं। मैने काजल से कहा तुम्हें यह सब किसने कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूं। काजल ने मुझे कहा मुझे यह सब सुमित ने बताया है सुमित ने मुझे तुमसे यह सब कहने से मना किया था लेकिन मुझे लगा कि मुझे तुम्हें यह सब बता देना चाहिए। मैंने उस दिन काजल को कहा देखो काजल मैं तुमसे प्यार करता हूं लेकिन तुम्हें मालूम है हमारे प्यार का कोई भी भविष्य नहीं है इसलिए मैं तुमसे दूर जाने की कोशिश कर रहा था वैसे भी तुम किसी और लड़के से प्यार करती हो। काजल ने कहा रोहन तुमने मुझसे एक बार पूछ तो लिया होता। काजल मुझसे कहने लगी रोहन जितना ध्यान तुम मेरा रखते हो उतना ध्यान शायद ही कोई मेरा रखता होगा। काजल भी मुझसे प्यार करती थी लेकिन उसने मुझसे कभी यह बात नहीं कही थी। अब काजल और मैं एक दूसरे को अकेले मे मिलने लगे थे। हम दोनों के बीच प्यार तो हो ही चुका था, काजल और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय कॉलेज में बिताया करते। काजल मुझे अपने घर पर भी बुला लिया करती थी काजल के पापा से भी मैं मिल चुका था। काजल जब मुझे अपने घर पर बुलाती तो मुझे बहुत अच्छा लगता क्योंकि मैं काजल के साथ समय बिता पाता था। एक दिन काजल ने मुझे कहा रोहन मुझे तुम्हारे साथ बहुत ही अच्छा लगता है काजल ने मुझे कहा रोहन क्या तुमने कभी किसी लड़की को किस किया है? मैंने उसे कहा नहीं मैंने आज तक कभी किसी को किस नहीं किया है। काजल ने मेरे होठों को चूम लिया जब उसने मेरे होंठों को चूमा तो मुझे अच्छा महसूस होने लगा मैं काजल के होठों को चूमने लगा हम दोनों एक दूसरे के होठों से अपने होठों को मिला रहे थे तो बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था।

मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ चुकी थी कि मैंने काजल के कपड़े उतारने शुरू किए मैंने जब उसके गोरे स्तनों को देखा तो मैं अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक सका। मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेने लगा मैं जब काजल के स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था तो उसके निप्पलो को चूस कर मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था काफी देर तक मैंने उसके निप्पलो का रसपान किया। काजल मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने काजल की पैंटी को उतार दिया और उसकी चूत पर जब मैंने जीभ को लगाया तो काजल तड़प रही थी। मैंने काजल की चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया उसकी चूत के अंदर जैसे ही मेरा लंड गया तो काजल जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी रोहन मुझे तुम चोदते रहो। काजल ने अपने पैरों को खोल लिया था मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था मैं काजल को बड़ी तेज गति से धक्के दे रहा था।

काजल को मुझे चोदने में बहुत मजा आ रहा था और उसकी चूत के अंदर बाहर जब मेरा लंड हो रहा था तो मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी। काजल मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने मे बहुत मजा आ रहा है। मैंने काजल के साथ बहुत देर तक सेक्स किया और काजल की गर्मी को मैंने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था। काजल चाहती थी मैं डॉगी स्टाइल मे उसको चोदू काजल ने मुझे कहा तुम मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो। काजल ने अपनी चूतडो को मेरी तरफ किया जब उसने अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ किया तो मैंने उसकी चूतड़ों के अंदर अपने लंड को डाल दिया मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा चुका था। अब मैं उसकी चूत पर बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था उसकी चूत मारकर मुझे मजा आ रहा था और काफी देर तक मैंने उसकी चूत के मजे लिए। जब मेरा वीर्य मैंने काजल की चूतड़ों पर गिराया तो उसने मुझे किस कर लिया। उसके बाद हम दोनों के बीच ना जाने कितनी ही बार सेक्स संबंध बने।