आज भी चूत गुलाबी थी

Antarvasna, hindi sex story: मैं काफी समय से दीदी से नही मिला था तो मेरी मां ने मुझे कहा कि राजेश बेटा तुम अपनी दीदी से मिल आओ मैंने मां से कहा कि लेकिन मां आज मेरे पास समय नहीं है मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है मुझे अपनी एक जरूरी मीटिंग से ऑफिस जाना है। मां मुझे कहने लगी कि बेटा तुम आते हुए अपनी बहन से जरूर मिलकर आना मैंने मां से कहा कि हां मां मैं आते हुए दीदी से जरूर मिल आऊंगा। अब मैं अपने ऑफिस के लिए निकल चुका था मैं जब ऑफिस पहुंचा तो उस दिन हमारे ऑफिस में हमारे बॉस के साथ एक जरूरी मीटिंग थी मीटिंग खत्म होने के बाद सब लोगों के चेहरे उतरे हुए थे क्योंकि सब लोगों को बॉस ने जो टारगेट दिया था वह शायद असंभव सा लग रहा था लेकिन किसी तरीके से हम लोग अपना टारगेट को पूरा करना चाहते थे। शाम के वक्त मैं दीदी से मिलने के लिए उनके घर पर चला गया मैं जब दीदी से मिलने के लिए गया तो उस वक्त जीजाजी भी घर पर ही थे।

जीजा जी ने मुझे देखा तो वह कहने लगे कि राजेश तुम काफी दिनों बाद घर आ रहे हो और तुम्हारी नौकरी कैसी चल रही है मैंने उन्हें कहा कि मेरी नौकरी तो अच्छे से चल रही है मैंने सोचा कि काफी दिन हो गए दीदी से नहीं मिला हूं तो दीदी से मिल आता हूं। दीदी मेरे लिए पानी ले आई और वह मेरे साथ बैठी हुई थी उन्होंने मुझसे मां के बारे में पूछा और कहा कि मां कैसी हैं तो मैंने दीदी को बताया कि मां अच्छी है वह तुम्हें याद कर रही थी तो सोचा कि तुमसे मिलता हुआ चलूँ। दीदी ने मुझे कहा कि पापा कैसे हैं तो मैंने कहा कि पापा भी अच्छे हैं और वह हो तो ज्यादा किसी से मतलब रखते नहीं है दीदी कहने लगी हां पापा की आदत ही ऐसी है। पापा बहुत ही शांत मिजाज हैं और बहुत ज्यादा किसी से कोई मतलब नहीं रखते इसलिए वह सिर्फ घर पर ही ज्यादा समय बिताया करते हैं वह अपने ऑफिस से लौटने के बाद घर पर ही रहते हैं। मैंने दीदी को कहा कि दीदी मैं चलता हूं तो दीदी मुझे कहने लगी कि राजेश तुम आज खाना खा कर जाना मैंने दीदी को कहा नहीं दीदी मैं चलता हूं लेकिन जीजा जी के कहने पर मुझे रुकना पड़ा और मैंने उस दिन उन्ही लोगों के साथ डिनर किया।

डिनर करने के बाद मैं घर लौट चुका था मैं जब घर लौटा तो मां मेरा इंतजार कर रही थी मां मुझे कहने लगी कि राजेश बेटा क्या तुम सुनिधि को मिल आए थे। मैंने मां से कहा हां मां मैं सुनिधि दीदी को मिल आया था। मैं मां के साथ ही कुछ देर बैठा रहा उसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया मैं जब अपने रूम में गया तो बाहर से काफी ज्यादा शोर शराबे की आवाज आ रही थी। मैं जब अपने हॉल में आया तो मैंने देखा मां अभी तक उठी हुई है मैंने मां से कहा कि मां जब से यह लोग यहां पड़ोस में रहने आए हैं तब से यहां हर रोज ही शोर शराबा होता रहता है। हमारे पड़ोस में ही एक परिवार रहता है और उनका रोज किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता ही रहता है जिससे कि हमारी कॉलोनी के सब लोग काफी परेशान हो चुके हैं लेकिन किसी की भी कुछ बोलने की हिम्मत नहीं होती। एक दिन मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले रमेश से इस बारे में बात की मैंने उन्हें कहा कि आप लोगों की वजह से पूरी कॉलोनी परेशान रहती है मैं रमेश से बात कर रहा था तो रमेश की पत्नी बाहर आई और वह कहने लगी कि यही मुझसे हर रोज झगड़ते रहते हैं। वह दोनों आपस में झगड़ने लगे थे उन दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं था मुझे लगा कि इस वक्त मुझे यहां से चले जाना चाहिए और फिर मैं वहां से अपने घर चला आया। मैंने मां से कहा कि मां रमेश और उसकी पत्नी के बीच बिल्कुल भी कुछ ठीक नहीं है रमेश के पापा जब तक जीवित थे तब तक तो उन लोगों के बीच में सब कुछ ठीक था लेकिन जब रमेश के पापा का देहांत हो गया तो उसके बाद उन दोनों के बीच झगड़े होने लगे। मेरी मां ने कहा कि रमेश के पापा बहुत ही सज्जन और अच्छे व्यक्ति थे रमेश के पापा और मां ही पहले वहां रहा करते थे रमेश और उसकी पत्नी विदेश में रहते थे लेकिन जब से वह लोग दिल्ली लौटे हैं तब से उन दोनों के बीच हर रोज झगड़े होते रहते हैं इस बात से पूरी कॉलोनी परेशान रहती है। उन्हें कई बार इस बारे में सब लोगों ने कहा भी है लेकिन वह लोग किसी की बात सुनते ही नहीं है रमेश के काम में भी इस वजह से काफी प्रभाव पड़ने लगा था। रमेश के पापा का एक कारोबार था उसे ही रमेश संभालता है लेकिन शायद उसके कारोबार में भी नुकसान होने लगा था जिस वजह से रमेश को शराब की लत लग चुकी थी और वह शराब का इतना आदी हो चुका था कि अपने परिवार की सारी जिम्मेदारी वह जैसे भूल ही चुका था। उसने अपनी पत्नी को डिवोर्स देने की बात की थी यह बात मुझे मेरी मां से पता चली थी। रमेश की पत्नी का नाम आकृति है।

आकृति दिखने मे बहुत ज्यादा सुंदर है और उसकी सुंदरता ऐसी है कि कोई भी उस पर मोहित हो सकता है लेकिन रमेश की बेवफाई ने उसे अंदर तक तोड़ दिया था। उन दोनों के झगड़े तो होते ही थे लेकिन अब शायद उन दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं था। एक दिन मैं अपने ऑफिस से लौट रहा था तो उस दिन मुझे आकृति दिखाई दी वह जब मुझे दिखाई दी तो मैंने उससे कहा आओ मैं आपको घर छोड़ देता हूं। मैंने उसे अपनी कार में बैठने के लिए कहा वह मेरे साथ बैठ गई। उस दिन उससे बात कर के मुझे लगा जिस प्रकार से वह रमेश के साथ झगड़ा करती है वह ऐसी बिल्कुल भी नहीं है। उन दोनों की शादी को हुए 5 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अभी तक उनका कोई भी बच्चा नहीं है। आकृति ने अभी अपने फिगर को पूरी तरीके से मेंटेन किया था वह बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट है।

मैं जब भी अपने ऑफिस के लिए जाता तो वह मुझसे बात कर लिया करती। अब उस से नजदीकया कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी जिस वजह से मैं आकृति के साथ संभोग करना चाहता था लेकिन हम लोगों की इस बारे में बात नही हुई थी। जब उस से मेरी बात इस बारे मे हुई तो वह बहुत खुश थी। जैसे उसे इस बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था वह अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी। उसने उसने मुझे अपने घर पर बुलाया तो मैं उससे मिलने के लिए घर पर गया वह नग्न अवस्था में बैठी हुई थी हम दोनों साथ में ही बैठ गए और बातें करने लगे। मैंने उससे कहा रमेश कहां है वह कहने लगी रमेश अभी तक लौटा नहीं है उसके नंगे बदन को देखकर मैं उसके बदन को महसूस करने लगा उसके साथ में चुम्मा चाटी करने लगा। जिस वजह से वह भी बहुत ज्यादा उत्तेजित और गर्म होने लगी उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मजा भी आने लगा था। वह मुझसे कहने लगी मै अपने आपको बिल्कुल नहीं रोक पाऊंगी जब उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया और उसे हिलाना शुरू किया तो मुझे भी अच्छा लगने लगा था काफी देर तक उसने ऐसा ही किया। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था उसने जैसे ही अपने मुंह को खोलकर मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समाया तो मैंने उसे कहा तुमने तो मेरा पूरा लंड ही अपने अंदर ले लिया है। वह कुछ नहीं बोली क्योंकि वह संकिग करने में इतनी खो चुकी थी कि उसे बहुत अच्छा लग रहा था। उसने काफी देर तक ऐसे ही सकिंग किया जब मुझे भी पूरी तरीके से मजा आने लगा तो मेरे लंड को उसने अपने मुंह से बाहर निकाला और कहा तुम मेरे स्तनो को चूसना शुरू करो। मैंने उसके निप्पल को अपने मुंह में ले लिया मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका अच्छे तरीके से रसपान किया तो वह पूरी तरीके से खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है।

उसे इतना ज्यादा आनंद आने लगा था उसकी योनि के अंदर मैने अपनी उंगली को डाला और जैसे ही मैंने अपनी उंगली को उसकी योनि के अंदर डाला तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब उसे इतना ज्यादा मजा आने लगा था कि उसकी चूत से निकलती हुई गर्मी भी बहुत बढने लगी थी मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाकर उसके पैरों को खोला तो वह मेरे लंड को लेने के लिए बेताब थी। मैंने अपने लंड कओ उसकी योनि पर लगाया तो मुझे मजा आने लगा मैंने जब उसकी चूत के अंदर धक्का देते हुए अपने लंड को उसकी चूत के अंदर तक प्रवेश करवाया तो वह मुझे कहने लगी कितने दिनों बाद मेरी इच्छा पूरी होने जा रही है तुम्हारे जैसा मोटा लंड मैंने आज तक पहले कभी अपनी चूत में नहीं लिया है। वह बहुत ही ज्यादा खुश थी और मेरा साथ बखूबी निभा रही थी उसने अपने पैरों को खोल लिया था जिस से कि मेरा लंड आसानी से उसकी योनि के अंदर बाहर हो सके।

अब हम दोनों ही इतने ज्यादा गर्म होने लगे थे कि मैंने उसे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वह मुझे कहने लगी मुझे भी बड़ा आनंद आ रहा है और आखिरकार जब मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो उसने मुझे कहा अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही हूं और दोबारा से तुम्हें मेरे साथ संभोग करना पड़ेगा। उसने अपनी योनि को साफ़ किया मेरे लंड को सकिंग करने के बाद उसने दोबारा से लंड खड़ा कर दिया। मैंने उसे डॉगीस्टाइल पोजीशन में मनाते हुए उसकी चूत के अंदर की तरह धक्का दिया तो उसकी योनि मे मेरा लंड प्रवेश हो गया अब वह मेरा साथ बड़े अच्छे से देने लगी। वह अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाए जा रही थी तो मुझे भी मज़ा आने लगा था और उसे भी बड़ा आनंद आने लगा था काफी देर तक ऐसा करने के बाद जब मैंने अपने माल को उसकी योनि के अंदर गिराया तो वह खुश हो गई और कहने लगी आज तो मजा ही आ गया।