69 पोज का वह आनंद देने वाला पल

Antarvasal, hindi sex kahani: मां रसोई में खाना बना रही थी और मैं अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था कि तभी डोर बेल बजी, मैं दरवाजे की तरफ गया और मैंने दरवाजा खोला तो दरवाजे पर एक व्यक्ति खड़े थे उनकी बड़ी-बड़ी मूछें और उनके कद काठी से वह ऐसे प्रतीत हो रहे थे जैसे कि वह पुलिस में हो। मैंने उनसे पूछा आपको किससे मिलना है तो वह कहने लगे कि मुझे अनिल कुमार से मिलना है मैंने उनकी तरफ देखा और कहा कि पापा तो अभी घर पर नहीं है। मैंने उन्हें आने के लिए कहा तो वह घर में आ गए और काफी देर तक वह घर पर बैठे रहे मां ने उन्हें पानी का गिलास दिया। उन्होंने हमसे ज्यादा बात नहीं की लेकिन जैसे ही पिताजी घर पर आए तो वह पिताजी को देखकर खुश हो गए और कहने लगे कि मैं तुम्हारा इंतजार कब से कर रहा हूं। पिताजी ने उन्हें कहा कि मैं किसी काम से चला गया था जब पिताजी और वह आपस में बात कर रहे थे तो उनकी बातों से यह प्रतीत हो रहा था कि वह पिताजी के पुराने मित्र हैं। जब पिताजी ने हमारा परिचय उनसे करवाया तो उन्होंने मुझसे पूछा बेटा तुम क्या कर रहे हो तो मैंने उन्हें बताया कि मैं एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूं।

वह कहने लगे चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है पिताजी और अंकल साथ में बैठ कर बात कर रहे थे और मैं अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। मैं जब पढ़ाई कर रहा था तो उसी दौरान मेरे दोस्त का फोन आया और वह मुझे कहने लगा राहुल तुम क्या कर रहे हो तो मैंने उसे कहा कि मैं तो अभी पढ़ाई कर रहा हूं। वह मुझे कहने लगा कि क्या मैं तुमसे अभी मिल सकता हूं मैंने रजत को कहा मैं थोड़ी देर बाद तुमसे मिलने के लिए तुम्हारे घर पर आऊंगा और थोड़ी देर बाद मैं रजत से मिलने के लिए उसके घर पर चला गया। मैं जब रजत के घर पर गया तो रजत ने मुझसे कहा कि आज रोहन आने वाला है मैंने रजत को कहा रोहन कब आने वाला है तो वह कहने लगा कि थोड़ी देर बाद वह आता ही होगा। रोहन हमारे कॉलेज में सीनियर था लेकिन रोहन के साथ हमारी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी और जब रोहन थोड़ी देर बाद रजत के घर पर आया तो हम लोग साथ में बैठकर एक दूसरे से बात कर रहे थे। रजत के घर पर कोई भी नहीं था रजत के माता पिता अपने किसी रिश्तेदार से मिलने के लिए गए हुए थे और रोहन रजत के घर पर ही रुकने वाला था।

मैंने रजत को कहा रजत मैं तुम्हें शाम के वक्त मिलता हूं तो रोहन कहने लगा कि क्या तुम अभी थोड़ी देर हमारे साथ बैठ नहीं सकते मैंने उनको कहा चलो ठीक है मैं तुम्हारे साथ बैठ जाता हूं। मैंने रोहन से पूछा तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है तो रोहन ने बताया जॉब तो ठीक ही चल रही है रोहन हमसे दो वर्ष सीनियर था लेकिन रजत रोहन को पहले से ही जानता था इस वजह से हमारी दोस्ती रोहन से हुई। रजत और मैं एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं मैं अब थोड़ी देर बाद घर लौट चुका था जब मैं घर लौटा तो मैंने देखा वह अंकल जा चुके थे। मैंने पिताजी से कहा पिताजी वह कौन थे तो पिताजी ने मुझे अंकल के बारे में बताया और कहा कि बेटा हम लोग बचपन में साथ में पढ़ा करते थे और गोविंद का ट्रांसफर अब यहीं हो चुका है। मैंने उन्हें कहा गोविंद अंकल क्या करते हैं तो उन्होंने बताया कि वह पुलिस में है मैं पहली बार ही गोविंद अंकल से मिला था लेकिन उनकी कद काठी और उन्हें देखकर मुझे लगा था कि वह जरूर पुलिस में होंगे। एक दिन हम लोग जब गोविंद अंकल के घर पर गए तो उनकी बेटी नैना मुझे बहुत ही पसंद आई लेकिन मुझे नहीं पता था कि नैना का बॉयफ्रेंड है और मैंने नैना से जब इस बारे में बात की तो नैना ने मुझे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में सब कुछ बता दिया। मैंने भी उसके बाद उससे काफी समय तक बात नहीं की एक दिन मैंने नैना को फेसबुक के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी तो नैना ने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। अब नैना ने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली थी और हम लोगों की फेसबुक पर बात होने लगी थी मैंने नैना का नंबर ले लिया नैना ने मुझे अपना नंबर दे दिया था और हम लोग एक दूसरे से बात करने लगे थे। नैना से मैं अक्सर मिल जाया करता था जब भी नैना मुझे मिलती तो मुझे बहुत अच्छा लगता और नैना के साथ मैं काफी समय तक बात किया करता मेरे दिल में तो नैना के लिए प्यार था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि नैना के दिल में मेरे लिए प्यार होगा या नहीं क्योंकि नैना अपने बॉयफ्रेंड से बात करती थी।

मैंने जब एक दिन नैना से उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा तो नैना ने मुझे बताया कि आजकल उन दोनों के बीच में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है उन दोनों के बीच में झगड़े हो रहे थे इस वजह से शायद वह दोनों ही एक दूसरे के साथ अच्छे से समय नहीं बिता पा रहे थे और ना ही उन दोनों की बातें हो रही थी। मैंने भी इस बात का फायदा उठाया और नैना के साथ मैं मूवी देखने के लिए चला गया नैना के साथ मूवी देख कर मुझे अच्छा लगा और उसके साथ समय बिताना मुझे बहुत पसंद था। मैं नैना के साथ जब भी होता तो मैं बहुत खुश होता यह बात मैंने रजत को भी बताई थी मैंने जब रजत को यह बात बताई तो रजत कहने लगा कि मैं नैना से मिलना चाहता हूं। रजत ने मुझे जब यह बात कही कि वह नैना से मिलना चाहता है तो मैंने उसे नैना से मिलवाया जब रजत को मैंने नैना से मिलवाया तो वह कहने लगा तुम्हारी पसंद तो बहुत अच्छी है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह थी की अभी भी नैना ने अपने बॉयफ्रेंड को छोड़ा नहीं था और कहीं ना कहीं वह उसके दिल में अभी भी था। मैं भी समय का इंतजार कर रहा था और जब सही वक्त आया तो मैंने भी नैना से अपने दिल की बात कह दी। हालांकि नैना ने मुझे कोई भी जवाब नहीं दिया लेकिन नैना ने मुझे कहा कि राहुल तुम अच्छे लड़के हो लेकिन मैंने तुम्हारे बारे में कभी भी ऐसा सोचा नहीं है।

नैना ने जब मुझे यह बात कही तो मेरा दिल टूट चुका था मैंने सोचा कि शायद अब हम दोनों के रिश्ते का कोई भी भविष्य नहीं है इस वजह से मैंने भी नैना से कोई बात नहीं कि हम लोगों की काफी समय बात नहीं हो पाई और हम लोग मिल भी नहीं पाए। एक दिन नैना का परिवार हमारे घर पर आया था क्योंकि उसके परिवार और हमारे परिवार के बीच में काफी मिलना जुलना था पिताजी की दोस्ती तो गोविंद अंकल से थी ही और वह अक्सर हमारे घर पर आया करते थे। जब उस दिन नैना घर पर आई हुई थी तो नैना और मैं एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे। नैना जब मेरे साथ रूम में बैठे हुई थी हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे उस वक्त नैना को देखकर ना जाने मेरे अंदर एक अलग ही फीलिंग आई और मैंने नैना के होठों को चूम लिया नैना मुझसे कहने लगी तुमने यह क्या किया? मैंने उससे कहा अब तुम्हें जो भी लगे लेकिन मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने तुम्हारे होठों को चूम लिया। नैना अपने आपको रोक ना सकी सब लोग बाहर बैठक में बैठे हुए थे मैं और नैना रूम मे थे। नैना के अंदर की गर्मी को मैंने बढा दिया था अब नैना मेरी बाहों मे आने के लिए तैयार थी मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो नैना ने मेरे लंड को देखा और उसे देखते ही उसने अपने हाथों में लिया और हिलाना शुरू किया। अब नैना अपने आपको बिल्कुल रोक ना सकी उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू किया मैंने उसे अपनी बाहों में कस कर पकड़ लिया और उसके होंठों को चूमना शुरू किया मैं उसके होठों को चूम रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और उसके होंठों को चूमना मेरे लिए एक सुखद एहसास था।

मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया और उसने मुझे कहा कि मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेना है मैंने उसे 69 पोज में लेटा दिया मैं उसकी चूत को चाट रहा था और वह मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक उतार रही थी। ऊहम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे मैंने भी काफी देर तक उसकी चूत का रसपान किया अब हम दोनों अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सके और मैंने जैसे ही नैना की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी और उसके सील पैक चूत के अंदर मेरा लंड जा चुका था। उसकी चूत से मैंने खून निकाल दिया था जिस प्रकार से उसकी चूत से खून निकल रहा था उससे मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था और वह भी मेरा साथ बड़े ही अच्छे से दे रही थी। मैंने उसे इतनी तेज गति से चोदना शुरू किया कि वह अपने पैरों को खोलने लगी उसकी चूत से निकलता हुआ खून बिस्तर पर गिर रहा था मैं उसके स्तनों का रसपान कर रहा था। उसके स्तनों को मैं जब अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करता तो उसके अंदर की गर्मी बढ़ जाती है और मेरे अंदर की उत्तेजना पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे मेरे अंदर की गर्मी अब इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी मेरा वीर्य बाहर आने वाला था जैसे ही मैंने अपने वीर्य को नैना की चूत के अंदर गिराया तो वह मुझे कहने लगी मुझे डर लग रहा है कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी।

मैंने उसे कहा नैना तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है। अब मैंने उसकी चूत के अंदर दोबारा से लंड को घुसा दिया मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक घुस चुका था मैं बड़ी ही तेज गति से उसे धक्के मार रहा था मुझे उसे चोदने में इतना आनंद आ रहा था कि उसकी चूत मै जिस प्रकार से मार रहा था उससे मेरे अंदर दोबारा से गर्मी बढ़ने लगी और मेरा वीर्य बाहर आने लगा था। मेरा लंड उसकी चूत की दीवार से टकरा रहा था हम दोनों एक दूसरे का साथ बड़े ही अच्छे से दे रहे थे जिस गति से मैं उसे चोद रहा था उस गति से उसकी चूत मारने में मुझे इतना आनंद आया कि उसकी चूत को मैंने छिल कर रख दिया और मेरा लंड भी पूरी तरीके से छिल चुका था। हम दोनों ही अब ज्यादा देर तक एक दूसरे की गर्मी को बर्दाश्त ना कर सके और मेरा वीर्य बाहर की तरफ को जैसे ही गिरा तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया नैना भी बहुत खुश थी।