23 साल की सीधी साधी हाऊस वाइफ-1

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हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम सूरज है और मैं हरयाणा का रहने वाला हूँ |  मेरी उम्र 25 साल है और मैं कुंवारा हूँ अभी | लंड खड़ा होता है लेकिन चूत ही नही मिलती कोई चोदने को | हरयाणा में लड़कियों की सच में कमी है बहुत | खैर, अब कहानी पर आता हूँ |

एक बार मैं अपने चचेरे भाई के घर गया हुआ था . वो पानीपत में रहता है . उसकी नयी नयी शादी हुई है . वो मेरे दोस्त जैसा है . मैं उसके घर गया तो देखा की उसकी बीवी माल है . उसकी बीवी का नाम निशा है और वो लगभग 23 साल की औरत है . मस्त फिगर और छोटे छोटे बूब्स, चलती है तो पतली कमर कहर ढाती है सच में . मेरे चचेरे भाई यानि की निशा के पति का नाम राजू है . मैंने राजू से बोला – भाई, बुरा न माने तो एक बात बोलूं क्या ? वो बोला – बोल . मैंने कहा – पक्का न भाई बुरा नही मानेगा ? वो बोला – आज तक कभी माना है क्या ? मैंने कहा – भाई, भाभी मजे तो पुरे पुरे देती होगी . राजू बोला – हाँ लेकिन बहुत सीधी है निशा, जो जैसा कहता हूँ मान लेती है, मना नही करती कुछ भी . मैंने कहा – ये तो बढ़िया बात है भाई . वो बोला – हाँ, थोडा ये भी है .

अब मेरे मन में ये चलने लगा की कैसे मैं निशा भाभी की चुदाई कर पाऊँ . मैंने एक तरकीब लगाई . राजू को दारू का शौक था . मुझे पता था की रात में अगर दारू ख़त्म हो जाये तो वो उसको पाने के लिए कुछ भी कर सकता है . मैंने 2 बोतल एक्स्ट्रा खरीदकर छुपा दी और 1 अलग से बोतल लेकर रात में राजू के पास गया . चिकन वगैरह निशा ने बनाया . फिर मैंने जान बुझकर देर कर दी खाने में ताकि ठेका बंद हो जाये . अब मैंने पैग बनाने शुरू किये और 1 पैग के बाद जान बुझकर बोतल लुढका दी . उठाने पर बोतल में सिर्फ एक और पैग भर की दारू बची थी . राजू वो गटक गया और कहने लगा – भाई, और दारू ले कर आ . मैंने कहा – भाई, अब तो ठेका भी बंद हो गया होगा . वो बोला – भाई, कुछ भी कर, दारू लेकर आ . मैंने कहा – भाई, एक शर्त पर लेकर आऊंगा . वो बोला – क्या ? मैंने सीधा बोल दिया – निशा भाभी को किस करने देगा . वो गुस्सा हो गया . मैंने बोला – भाई गुस्सा न हो लेकिन वैसे नही जा रहा मैं इतनी रात को दारू लेने . वो पागल हो गया . बोला – चल भाई, लुगाई मेरी ही है, तू किस कर लेना, जो मर्जी कर लेना, जल्दी से दारू लेकर आ तू . मैं मान गया . फिर मैं चला गया और जान बुझकर थोडा टाइम लगाकर दौड़ते हुए आया . वो बोला – क्या हुआ ? मैं बोला – पी रहे थे कुछ लोग, उनके बीच से तेरे लिए लेकर भाग कर आया हूँ . वो बोला – वाह मेरे भाई, शाबाश . मैं बोला – भाई, अब वो करने दे जो तूने बोला था . उसने अपनी बीवी को बुलाया . निशा आ गयी . वो बोला – निशा, ये सूरज है, मेरा चचेरा भाई . ये जो भी कहे, मना मत करना . यूँ समझ लो की जैसे मैं वैसे ये .

निशा कुछ ज्यादा ही सीधी थी . वो कुछ नही बोली . मैं निशा को लेकर अन्दर गया और दरवाजा बंद कर लिया . मैंने निशा को अपनी बाँहों में लिया और कहा – दरो मत, मैं कोई जानवर या भुत नही हूँ, तुम्हारा देवर ही हूँ . अब वो थोडा खुलने लगी . मैंने बातें करनी शुरू की ताकि वो और नार्मल हो जाये . जब वो थोडा नार्मल हो गयी तो मैंने अपने होठ उसके होठों से सटा दिए . पहले तो उसने कोई रेस्पोंस नही दिया लेकिन जब मैं अपने हाथों से उसके बदन को सहलाने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लगी . अब मैंने उसे जोर जोर से किस करना शुरू कर दिया . वो बोली – आपके भईया अभी आ जाएँगे . मैंने कहा – उन्होंने तो खुद बोला है की जो मैं बोलूं, करने देना . वो मान गयी . अब मैंने उसको फिर से किस करना शुरू किया और फिर गर्दन पर किस करने लगा . वो अब आआ उम् म मम म मम्म मम म मम म म मम अह हह ह हह हह हह ह ह हह ह हह ह ऊऊ ऊ उ ऊऊ उ आह्ह ह हह ह ह हह ह हह हह मम्म म मम म उम् म मम म मम म मम म करने लगी .  मैंने उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके दूध दबाने शुरू कर दिए . वो अब मुझे रोकने लगी . मैंने किस करना और जोर से शुरू कर दिया .  अब उसने रोकना बंद कर दिया . मैं समझ गया की अब सिग्नल ग्रीन है .

अब मैंने उसके दूध को कपड़ों के ऊपर से मसलना शुरू कर दिया . वो फिर से आआ हह ह हह ह हह ह हह ह आराम से.. आह्ह्ह उ ऊ उ ऊ उ ऊ उ ऊ म म मम म मम म म ऊ उई ई इ ई इ इ इ इ इ ईई ई ई इ इ धीरे से.. आह्ह ह ह हह ह ह ह करके सिसकियाँ लेने लगी . मुझे जोश आ गया . मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया . उसके साथ मैंने कैसे अपनी अन्तर्वासना शांत की ये मैं आप लोगों को कहने के अगले भाग में बताऊंगा .